Thursday, April 30, 2026
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मंज़िल और गन्तव्य

जीवन में प्रतिपल धैर्य रखकर अपना
कर्तव्य पालन निरंतर करना होगा,
क्योंकि उचित समय आने पर ही
किसी भी कर्म का फल प्राप्त होगा।

माली प्रतिदिन पौधों को पानी देता है
मगर फल सिर्फ मौसम में ही आते हैं,
इसीलिए जीवन में धैर्य रखें और पूर्ण
विश्वास के साथ बेहतर काम करें।

हमको उसका फल समय आने पर
अवश्य ही मिलेगा, प्रयत्न यही हो,
हमारा हर पल अपनी तरफ से हर
किसी के साथ प्रेमपूर्वक व्यतीत हो।

सत्य है कि हमारा जीवन आज है
पर कल शायद रहेगा या नहीं रहेगा,
पर हमारा किया गया अच्छा काम
दुनिया भर में सदा याद रखा जाएगा।

हम जीवन में प्रसन्न रहना चाहते हैं
तो यश व श्रेय लेने की इच्छा न रखें,
संतुष्ट रहना चाहते हैं तो सत्य मार्ग
पर चलते रहने का ध्येय सदा रखें।

यदि मंज़िल सुहानी है तो हमें गंतव्य
की स्थिति अवश्य जान लेना चाहिये,
आदित्य अगर गंतव्य भी पसंदीदा है,
तो मंज़िल निर्भीक तय करना चाहिये।

डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

क्राइम इंस्पेक्टर राजेश कुमार का निधन पुलिस विभाग में शोक

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
पुवायां कोतवाली में तैनात क्राइम इंस्पेक्टर राजेश कुमार का अचानक निधन हो जाने से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की खबर मिलते ही सहकर्मियों में दुःख और स्तब्धता का माहौल बन गया।
मूल रूप से जनपद उन्नाव निवासी राजेश कुमार के निधन की सूचना जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिजन गहरे सदमे में हैं।
फिलहाल उनकी मौत के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

थाना समाधान दिवस में 119 शिकायतें प्राप्त, 25 का मौके पर निस्तारण

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद के सभी थानों पर थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जनता की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम का उद्देश्य जनसुनवाई को प्रभावी बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना रहा।थाना समाधान दिवस के दौरान प्रत्येक थाने पर राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।डेस्क सिस्टम के तहत हल्का प्रभारी और बीट पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की अलग-अलग डेस्क लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया।जिला स्तर पर कोतवाली थाना में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने स्वयं जनसुनवाई की। प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर दोनों विभागों की संयुक्त टीमें गठित कर संबंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।समाधान दिवस के दौरान जनपद भर में कुल 119 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 25 का तत्काल निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों के समाधान के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिकायतों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाई।

गौ सदन में अचानक पहुंचे डीएम-एसपी, व्यवस्थाओं की खुली पोल

मधवलियां गौ सदन का डीएम-एसपी ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को सुधारने के दिए सख्त निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जनपद के थाना निचलौल क्षेत्र अंतर्गत स्थित मधवलियां गौ सदन में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। अधिकारियों के अचानक आगमन से वहां तैनात कर्मचारियों में हलचल तेज हो गई और सभी व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त करने की कोशिशें शुरू हो गईं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने गौ सदन में संरक्षित गौवंश की स्थिति का गंभीरता से अवलोकन किया। उन्होंने साफ-सफाई, चारा, पानी और शेड की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से गौवंश की संख्या, उनकी देखभाल और दैनिक व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से गौवंश के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए वहां उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी बीमार या कमजोर गौवंश के इलाज में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के साथ ही चिकित्सकों की उपलब्धता और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

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निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने कहा कि गौ सदन में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि गोबर और कचरे का समय से निस्तारण किया जाए तथा परिसर को साफ और व्यवस्थित रखा जाए, ताकि गौवंश को स्वस्थ वातावरण मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने चारे और पानी की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि गौवंश को समय पर पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए। किसी भी स्थिति में भोजन और पानी की कमी नहीं होनी चाहिए।जिलाधिकारी ने कहा कि गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी गौ सदनों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। मधवलियां गौ सदन को भी एक आदर्श गौ सदन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने भी निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौ सदन में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी को निर्देशित किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें और गौ सदन की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार करते रहें।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि यदि भविष्य में निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गौवंश की देखभाल में कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए।
इस औचक निरीक्षण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन गौ संरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।

गांव चलो अभियान: दोस्तपूरा शक्ति केंद्र पर स्वच्छता और जनसंपर्क से जागरूकता की नई पहल

स्वच्छता के साथ विकास का संदेश, दोस्तपूरा में भाजपा का विशेष अभियान


कोपागंज/मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे “गांव चलो अभियान” के अंतर्गत कोपागंज मंडल के दोस्तपूरा शक्ति केंद्र पर स्वच्छता एवं जनसंपर्क अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान ने न केवल गांव की साफ-सफाई को बढ़ावा दिया, बल्कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में भी एक सार्थक पहल साबित हुआ।
अभियान के दौरान मंडल उपाध्यक्ष ममता पांडे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की टीम ने गांव के विभिन्न हिस्सों में सफाई कार्य किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नालियों, रास्तों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई कर स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया। स्वच्छता के इस सामूहिक प्रयास ने ग्रामीणों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और उन्हें अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रेरित किया।

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कार्यक्रम में ममता पांडे ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को सुना और समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि “गांव चलो अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना और उन्हें सरकार की योजनाओं से जोड़ना है। स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।”
इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी। उन्होंने बताया कि कैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं। जनसंपर्क के इस प्रयास ने गांव के लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत किया।
शक्ति केंद्र संयोजक सौफी राजभर, मंत्री किशन कनौजिया सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर गांव में स्वच्छता बनाए रखने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को सम्मानित भी किया गया, जिससे सामाजिक जुड़ाव और आपसी सहयोग की भावना को बल मिला।
अभियान में संजय कुमार, शत्रुघ्न सिंह, विनय कुमार गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, दुर्गेश यादव, रितेश राजभर, प्रियंका तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर गांव के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस तरह “गांव चलो अभियान” के माध्यम से न केवल स्वच्छता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि गांवों में जनजागरूकता और विकास की नई राह भी प्रशस्त हो रही है। यह अभियान ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

रेलवे ट्रैक पर मिला 15 वर्षीय किशोर का शव, ट्रेन की चपेट में आकर दर्दनाक मौत


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जनपद के घुघली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। एक 15 वर्षीय किशोर की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम का माहौल पसरा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 10 अप्रैल की रात लगभग 11:35 बजे घुघली रेलवे स्टेशन से पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूचना दी गई। स्टेशन मास्टर ने दूरभाष के माध्यम से बताया कि घुघली से कप्तानगंज की ओर जा रही मालगाड़ी संख्या BNC 38878 के लोको पायलट रविन्द्र राम ने रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव पड़े होने की जानकारी दी है। यह शव खुशहाल नगर के पास रेलवे पोल संख्या 349/5-7 के बीच ट्रैक पर देखा गया।
सूचना मिलते ही घुघली थानाध्यक्ष कुवर गौरव सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। मौके पर पहुंचने के बाद जो दृश्य सामने आया, वह बेहद भयावह था। रेलवे ट्रैक पर एक किशोर का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा हुआ था। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो गया कि किशोर की मौत तेज रफ्तार ट्रेन की टक्कर से हुई है।
हादसा इतना भीषण था कि मृतक का बायां पैर पूरी तरह कट चुका था, जबकि सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई थीं। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव की पहचान करने का प्रयास किया।
तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसके आधार पर उसकी पहचान प्रिंस शर्मा (15 वर्ष) पुत्र गणेश शर्मा, निवासी करौता उर्फ नेबुईयां, थाना घुघली, जनपद महराजगंज के रूप में हुई। पहचान होते ही पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, जहां अपने बेटे की हालत देखकर वे बिलख पड़े। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर इकट्ठा हो गए और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

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पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल महराजगंज भेज दिया। साथ ही मामले में आवश्यक विधिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किशोर की मौत महज एक हादसा है, आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और कारण है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास के सभी संभावित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और सतर्कता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में अक्सर लोग रेलवे ट्रैक के पास से गुजरते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
प्रशासन और रेलवे विभाग के लिए यह जरूरी हो गया है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
इस बीच, गांव में मातम का माहौल है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इस मासूम किशोर की जान किस कारण गई। पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद ही इस घटना के पीछे की असल सच्चाई सामने आ सकेगी।

CCTV में कैद मौत का लाइव मंजर, वकील पर बरसी गोलियां

मिर्जापुर में फिल्मी अंदाज में वकील की हत्या

मिर्जापुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटरा कोतवाली थाना क्षेत्र के सद्भावना नगर इलाके में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी। यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जो अब पुलिस जांच का अहम आधार बन चुकी है।
मृतक की पहचान अधिवक्ता राजीव सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर या कार्यालय के बाहर मौजूद थे, तभी अचानक बाइक सवार दो से तीन बदमाश वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर बेहद आत्मविश्वास के साथ बाइक से उतरे और सीधे राजीव सिंह के पास पहुंच गए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उन्होंने बेहद करीब से पिस्तौल सटाकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
गोली लगते ही राजीव सिंह मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद उसी तेजी से फरार हो गए, जैसे आए थे। इस पूरी घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। आसपास के लोग सहम गए और कुछ समय तक कोई भी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह हत्या पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई है।
सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हमलावर बिना किसी डर के वारदात को अंजाम दे रहे हैं। उनके हावभाव से यह भी प्रतीत होता है कि उन्हें किसी प्रकार का भय नहीं था। पुलिस अब फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना ने पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में डर का माहौल है और वे पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अधिवक्ताओं में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीमें मिलकर आरोपियों की तलाश कर रही हैं। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्राथमिक जांच में पुरानी रंजिश, पेशेगत विवाद या अन्य आपराधिक एंगल से भी मामले की जांच की जा रही है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं और कानून व्यवस्था को और सख्त करने की आवश्यकता है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर कब तक इन हमलावरों को पकड़कर न्याय दिलाया जाएगा।

राजस्थान ने लगाया जीत का चौका, RCB को 6 विकेट से हराया

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गुवाहाटी (राष्ट्र की परम्परा)। Rajasthan Royals (RR) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Royal Challengers Bengaluru (RCB) को 6 विकेट से हराकर IPL 2026 में लगातार चौथी जीत दर्ज कर ली। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में राजस्थान ने 202 रनों का लक्ष्य 18 ओवर में ही हासिल कर लिया।

RCB की पारी: पाटीदार ने संभाला मोर्चा

पहले बल्लेबाजी करते हुए RCB की शुरुआत अच्छी नहीं रही।

• Virat Kohli: 32 रन
• टीम 94 रन पर 6 विकेट खो चुकी थी

इसके बाद कप्तान Rajat Patidar ने शानदार 63 रनों की पारी खेलकर टीम को 201 रन तक पहुंचाया।

वैभव सूर्यवंशी का तूफान

लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान को शुरुआत में झटका लगा जब
Yashasvi Jaiswal 13 रन बनाकर आउट हो गए।
लेकिन इसके बाद Vaibhav Suryavanshi ने मैदान पर तूफान ला दिया:

• सिर्फ 15 गेंद में फिफ्टी
• 26 गेंद में 78 रन की विस्फोटक पारी
• पावरप्ले में ही टीम का स्कोर 97 रन

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जुरेल के साथ मैच जिताऊ साझेदारी

• सूर्यवंशी ने Dhruv Jurel के साथ
• 37 गेंद में 108 रन की साझेदारी की
सूर्यवंशी के आउट होने के बाद भी जुरेल ने मोर्चा संभाले रखा।

ध्रुव जुरेल की फिनिशिंग पारी

• 43 गेंद में नाबाद 81 रन
• अंत तक टिककर टीम को जीत दिलाई

उन्हें Ravindra Jadeja का अच्छा साथ मिला, दोनों ने मिलकर 68 रन जोड़कर मैच खत्म किया।

मैच का टर्निंग पॉइंट

• तेज शुरुआत (पावरप्ले में 97 रन)
• सूर्यवंशी-जुरेल की 100+ साझेदारी
• जुरेल की मैच फिनिशिंग

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भारत-नेपाल सीमा पर बड़ी कार्रवाई: 5700 नशीले इंजेक्शन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना पुरन्दरपुर पुलिस और एसओजी स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने रानीपुर चौराहे से दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नशे के लिए दुरुपयोग किए जाने वाले 5700 इंजेक्शन बरामद किए हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।

यह कार्रवाई एडीजी गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और डीआईजी गोरखपुर रेंज एस. चनप्पा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी फरेंदा अनुरुद्ध कुमार के पर्यवेक्षण में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

मुखबिर से सूचना मिलने पर थाना पुरन्दरपुर क्षेत्र के रानीपुर चौराहे पर घेराबंदी की गई। सुबह करीब 5 बजे यूपी 53 एफएन 8304 नंबर की कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राजेन्द्र धरिकार उर्फ इलू निवासी जुगौंली, सोनौली और आदित्य कुमार मिश्र निवासी कम्हरिंया बुजुर्ग, कोल्हुई के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 1900 एम्पुल डायजेपाम, 1900 बुप्रेनॉर्फिन और 1900 प्रोमेथाजीन हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन बरामद किए गए। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, 9000 रुपये नकद और कार भी जब्त की गई।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इन इंजेक्शनों को नेपाल ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचते थे और पिछले करीब छह महीने से इस तस्करी में सक्रिय थे। पुलिस के अनुसार बरामद दवाएं सामान्यतः चिकित्सीय उपयोग में आती हैं, लेकिन इनका अवैध रूप से नशे के लिए उपयोग किया जाता है। इनका मिश्रण कर कॉकटेल ड्रग तैयार किया जाता है, जो युवाओं में तेजी से फैल रहा है और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।

इस मामले में थाना पुरन्दरपुर में मु.अ.सं. 96/2026 के तहत धारा 8/21/23 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क की सप्लाई चेन की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा करने की बात कही जा रही है।

इस कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा पूरी टीम को 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

लंबे इंतजार के बाद शिक्षामित्रों को राहत, मानदेय में भारी इजाफा

उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों को बड़ी राहत, मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात देते हुए उनके मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि का निर्णय लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग से जारी शासनादेश के अनुसार अब परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को 10,000 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
यह निर्णय अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के तहत लिया गया है, जिसे बेसिक शिक्षा अनुभाग-5, लखनऊ से जारी किया गया। शासन के इस कदम को शिक्षामित्रों के लंबे समय से चल रहे मांगों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जो प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षामित्र योजना की शुरुआत वर्ष 1999 में इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात को संतुलित रखा जा सके और प्राथमिक शिक्षा का सार्वभौमिकरण सुनिश्चित हो।
सरकार के इस फैसले के अनुसार शिक्षामित्रों को वर्ष में 11 माह तक 18,000 रुपये प्रतिमाह की दर से मानदेय दिया जाएगा। पहले यह राशि मात्र 10,000 रुपये थी, जिसे अब लगभग 80 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। इस बढ़ोतरी से शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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शासनादेश में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि संबंधित विभाग इस आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके लिए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा सहित विभिन्न अधिकारियों को आदेश की प्रतिलिपि भेजी गई है ताकि समयबद्ध तरीके से इसका क्रियान्वयन किया जा सके।
इस फैसले के बाद प्रदेश के शिक्षामित्रों में खुशी की लहर देखी जा रही है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन और ज्ञापन दिए जा रहे थे। ऐसे में सरकार का यह निर्णय उनके लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले से न केवल शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा। बेहतर आर्थिक स्थिति के चलते शिक्षामित्र अपने कार्य को और अधिक समर्पण के साथ कर सकेंगे, जिसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा।

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हालांकि, कुछ संगठनों का कहना है कि यह वृद्धि स्वागतयोग्य है, लेकिन अभी भी स्थायी समाधान की आवश्यकता है। शिक्षामित्र लंबे समय से स्थायी नियुक्ति की मांग भी करते रहे हैं, जिस पर सरकार को आगे विचार करना होगा।
फिलहाल, मानदेय में यह वृद्धि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखी जा रही है, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होगा।

प्रदर्शनी में झलकी विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कौशल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में आयोजित 10 दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का समापन भव्य प्रदर्शनी एवं प्रमाणपत्र वितरण समारोह के साथ हुआ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा टाई-एंड-डाई, बाटिक, ब्लॉक प्रिंटिंग, स्क्रीन प्रिंटिंग, डिजिटल एम्ब्रॉयडरी, मैक्रमे एवं स्टेंसिल आर्ट जैसे हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, गुणवत्ता और नवाचार की सराहना की गई।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाते हैं और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा अनुप्रिया यादव को सर्वोत्तम प्रशिक्षु के रूप में सम्मानित करते हुए डिजिटल सिलाई मशीन प्रदान की गई। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर दिव्या रानी सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. नीता सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। यह कार्यशाला Usha International Limited के सहयोग से आयोजित की गई।
समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए तथा प्रदर्शनी में उत्पादों की बिक्री से विद्यार्थियों में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की भावना को बल मिला।

वनस्पति विज्ञान विभाग में मेमोरियल लेक्चर सीरीज, विशेषज्ञों ने विज्ञान और शोध पर रखे विचार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में 10 अप्रैल को प्रो. के.एस. भार्गव मेमोरियल लेक्चर, प्रो. ए.के. श्रीवास्तव मेमोरियल लेक्चर तथा प्रो. कमल रिसर्च फाउंडेशन लेक्चर की एक दिवसीय श्रृंखला का भव्य आयोजन हुआ।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर जितेंद्र पांडे (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय), प्रोफेसर एस.एन. पाण्डेय (लखनऊ विश्वविद्यालय) तथा प्रोफेसर ए.एन. राय (डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे। प्रो. ए.एन. राय इस विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र भी हैं।
कार्यक्रम की संरक्षक कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. के.एस. भार्गव एवं प्रो. कमल के योगदान को याद करते हुए विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार द्विवेदी ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ. दीपा श्रीवास्तव एवं डॉ. राजवीर सिंह चौहान की सक्रिय भूमिका से कार्यक्रम सफल रहा।
द्वितीय सत्र में व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ हुआ। प्रथम व्याख्यान में प्रो. जितेंद्र पांडे ने “गीता और विज्ञान” विषय पर विचार रखे, जबकि द्वितीय व्याख्यान में प्रो. एस.एन. पाण्डेय ने “माइक्रोन्यूट्रिएंट मैनेजमेंट एंड क्रॉप प्रोडक्शन अंडर एनवायरमेंटल स्ट्रेस” विषय पर व्याख्यान दिया।
लंच के उपरांत प्रो. कमल रिसर्च फाउंडेशन लेक्चर आयोजित हुआ, जिसमें विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर कमल अस्वस्थता के बावजूद उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रो. ए.एन. राय ने “प्रो. कमल: व्यक्तित्व एवं कृतित्व” विषय पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम में विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर अजय सिंह सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन डॉ. दीपा श्रीवास्तव ने किया।

वोटरों की बढ़ी ताकत: अंतिम सूची में 84 लाख से ज्यादा नए नाम जुड़े

अंतिम निर्वाचक नामावली 2026 जारी—मतदाताओं में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, कई जिलों में बड़ा उछाल


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम निर्वाचक नामावली ने प्रदेश की चुनावी तस्वीर को नई दिशा दे दी है। जारी आंकड़ों के अनुसार मतदाताओं की कुल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो लोकतंत्र की मजबूती और बढ़ती जनभागीदारी का स्पष्ट संकेत है। खासतौर पर युवा और महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी ने इस सूची को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पुरुष मतदाताओं की संख्या 13,39,84,792 दर्ज की गई है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 7,30,71,061 है, जो कुल का 54.54 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या 6,09,09,525 (45.46 प्रतिशत) दर्ज की गई है। यह आंकड़े समाज के हर वर्ग की चुनावी प्रक्रिया में बढ़ती भागीदारी को दर्शाते हैं।
युवा मतदाताओं की बात करें तो 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या में भी वृद्धि देखी गई है। हालांकि कुल प्रतिशत में यह अभी कम है, लेकिन संख्या में लगातार बढ़ोतरी भविष्य के चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जेण्डर रेशियो 834 दर्ज किया गया है, जो संतुलन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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मसौदा मतदाता सूची के मुकाबले अंतिम सूची में कुल 84,28,767 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या में 42,27,902 और महिला मतदाताओं में 42,00,778 की वृद्धि दर्ज की गई है। तृतीय लिंग के मतदाताओं में 87 की वृद्धि हुई है, जबकि 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं में 14,29,379 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जेण्डर रेशियो में भी 10 अंकों की वृद्धि देखी गई है, जो सामाजिक संतुलन की ओर इशारा करता है।
जनपद स्तर पर देखें तो प्रयागराज में सबसे अधिक 3,29,421 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बाद लखनऊ में 2,85,961, बरेली में 2,57,920, गाजियाबाद में 2,43,666 और जौनपुर में 2,37,590 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। यह आंकड़े बताते हैं कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मतदाता संख्या तेजी से बढ़ रही है।

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विधानसभा क्षेत्रों में भी कई जगहों पर उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 82,898 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। इसके बाद जौनपुर में 56,118, लखनऊ पश्चिम में 54,822, लोनी में 53,679 और फिरोजाबाद में 47,757 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि न केवल जनसंख्या के विस्तार का परिणाम है, बल्कि जागरूकता अभियानों और चुनाव आयोग के प्रयासों का भी असर है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और सुलभ हो गई है, जिससे अधिक लोग इसमें शामिल हो पा रहे हैं।
कुल मिलाकर, अंतिम निर्वाचक नामावली 2026 प्रदेश में लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। आने वाले चुनावों में यह बढ़ी हुई मतदाता संख्या निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

युवा उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन सख्त, एक सप्ताह में ऋण निस्तारण के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
बैठक में उपायुक्त उद्योग/सदस्य सचिव राजकुमार शर्मा ने योजना की अद्यतन प्रगति की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मिशन कार्यालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु जनपद का लक्ष्य 1600 निर्धारित किया गया है, जिसे सभी बैंकों को प्रेषित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी श्री कुमार ने बैठक में उपस्थित सभी बैंकर्स, क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं जिला समन्वयकों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंक शाखाओं में लंबित ऋण पत्रावलियों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक एसबीआई लीड बैंक पवन कुमार सिन्हा को निर्देश दिया कि उद्योग विभाग की योजनाओं में लंबित आवेदन पत्रों का सतत फॉलोअप कर प्रगति सुनिश्चित कराएं तथा स्वीकृति एवं वितरण से संबंधित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करें।
मुख्य विकास अधिकारी श्री त्रिपाठी ने भी सभी जिला बैंक समन्वयकों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनांतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। साथ ही उपायुक्त उद्योग एवं अग्रणी जिला प्रबंधक को योजना की नियमित समीक्षा करते हुए लक्ष्यानुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रगति करने वाले जिला बैंक समन्वयकों, बैंक शाखा प्रबंधकों, अग्रणी जिला प्रबंधक पवन कुमार सिन्हा तथा उ0प्र0 ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विजय प्रसाद को प्रशस्ति-पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। साथ ही योजना के अंतर्गत चयनित युवा उद्यमियों को भी प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
बैठक में उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, जितेंद्र कुमार गौतम, सहायक आयुक्त उद्योग सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक एवं जिला बैंक समन्वयक उपस्थित रहे।

“जनगणना 2027: विकास, राजनीति और समाज का नया ब्लूप्रिंट”

भारत की जनगणना 2027: सुप्रीम कोर्ट की मुहर के साथ डेटा क्रांति की ओर बढ़ता देश, सामाजिक न्याय और नीतिगत बदलाव का नया अध्याय

भारत में प्रस्तावित जनगणना 2027 केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संरचना को नए सिरे से परिभाषित करने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होने जा रही है। लगभग 146 करोड़ से अधिक आबादी वाले इस विशाल देश में अंतिम जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी, जबकि नियमानुसार यह प्रक्रिया 2021 में पूरी होनी थी। लेकिन वैश्विक महामारी कोविड-19 और प्रशासनिक चुनौतियों के चलते यह टलती रही। अब 2027 में होने वाली जनगणना को भारत के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच 10 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने जातिगत जनगणना को रोकने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता ठोस आधार प्रस्तुत नहीं कर पाया और नीतिगत मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप उचित नहीं है। इससे सरकार को इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का स्पष्ट रास्ता मिल गया है।
2027 की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है। पहली बार मोबाइल ऐप, ऑनलाइन पोर्टल, जियो-टैगिंग और रियल टाइम डेटा संग्रहण जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे डेटा अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी होगा। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से सरकार को योजनाएं बनाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

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इस जनगणना का एक और महत्वपूर्ण पहलू जातिगत डेटा संग्रह है। वर्ष 1931 के बाद पहली बार सभी जातियों का व्यापक डेटा एकत्र किया जाएगा। अब तक केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आंकड़े ही लिए जाते रहे हैं। यह पहल सामाजिक न्याय, संसाधनों के समान वितरण और नीतिगत सुधारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इसके साथ यह बहस भी जुड़ी है कि इससे सामाजिक विभाजन बढ़ सकता है, जबकि समर्थक इसे सटीक नीति निर्माण का आधार मानते हैं।
जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 2026 में हाउस लिस्टिंग और आवास गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का होगा। इसमें नागरिकों की आयु, शिक्षा, रोजगार, जीवन स्तर और जाति से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
इस बार जनगणना में 33 प्रश्न शामिल किए गए हैं, जो केवल जनसंख्या तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवनशैली, तकनीकी पहुंच और आर्थिक स्थिति का भी आकलन करेंगे। पानी, बिजली, शौचालय, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन और उपभोग से जुड़े प्रश्न सरकार को जमीनी हकीकत समझने में मदद करेंगे।

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आर्थिक दृष्टि से यह जनगणना अगले एक दशक की विकास योजनाओं का आधार बनेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और डिजिटल ढांचे से जुड़ी नीतियां इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तय होंगी। वहीं सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर यह प्रतिनिधित्व, आरक्षण और अधिकारों की बहस को भी प्रभावित कर सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की यह डिजिटल जनगणना एक उदाहरण बन सकती है। यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है, तो अन्य विकासशील देशों के लिए यह एक मॉडल के रूप में उभरेगी कि कैसे तकनीक के माध्यम से बड़े पैमाने पर डेटा संग्रहण और नीति निर्माण किया जा सकता है।
स्पष्ट है कि जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक व्यापक दस्तावेज होगी। यदि इसे पारदर्शिता और संतुलन के साथ लागू किया गया, तो यह देश को अधिक समावेशी और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


संकलनकर्ता: एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया (महाराष्ट्र)