डॉ. शशि बाला सिंह ने किया शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का मूल्यांकन
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन मुख्यालय, नई दिल्ली की विशिष्ट वैज्ञानिक एवं पूर्व महानिदेशक (जीवन विज्ञान) तथा राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद की पूर्व निदेशक डॉ. शशि बाला सिंह ने 7 एवं 8 मई 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर का शैक्षणिक एवं शोध संबंधी रणनीतिक विचार-विमर्श हेतु भ्रमण किया।
डॉ. शशि बाला सिंह के संस्थापक-निदेशक कार्यकाल में NIPER हैदराबाद ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2023 में फार्मेसी श्रेणी में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उनके व्यापक अनुभव को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाताओं, प्राचार्यों एवं संकाय सदस्यों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध पारिस्थितिकी तंत्र, नवाचार संस्कृति तथा संस्थागत विकास को सुदृढ़ करने के लिए आमंत्रित किया गया।
7 मई को डॉ. सिंह ने कुलपति डॉ. सुरिन्दर सिंह के साथ प्रारंभिक बैठक की तथा विश्वविद्यालय परिसर के शैक्षणिक एवं अधोसंरचनात्मक संसाधनों का निरीक्षण किया। उन्होंने शैक्षणिक भवनों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, चिकित्सालय सुविधाओं एवं पंचकर्म केंद्र का अवलोकन किया।
8 मई को कुलपति डॉ. सुरिन्दर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. शशि बाला सिंह विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल हुईं। बैठक में विभिन्न संकायों की प्रगति, गतिविधियों और संभावनाओं की समीक्षा की गई। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, आयुर्वेद, स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान, फार्मास्यूटिकल साइंसेज़, कृषि तथा वाणिज्य संकायों के प्रतिनिधियों ने अपने प्रतिवेदन प्रस्तुत किए और भावी योजनाओं पर चर्चा की।
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अधोसंरचना एवं सुविधाओं की सराहना करते हुए डॉ. सिंह ने शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक पहल, अंतर्विषयी सहयोग, उद्योग-अकादमिक सहभागिता तथा वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने के सुझाव दिए।
इस अवसर पर डॉ. वर्षा मोकासी, डॉ. डी.एस. अजैथा, रोहित कुमार श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. गिरिधर वेदांतम, डॉ. शशि कांत सिंह, डॉ. विमल कुमार दुबे, डॉ. तरुण श्याम, डॉ. प्रशांत एस., डॉ. हरि ओम शरण, डॉ. रघु राम आचार सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
