कौड़ीराम/गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र अंतर्गत गजपुर गांव निवासी एक युवक की गुजरात में चलती ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक की पहचान अभिषेक त्रिपाठी (25) पुत्र संतोष त्रिपाठी के रूप में हुई है। वह गुजरात की एक निजी कंपनी में प्रोसेस इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। परिजनों के अनुसार, 2 मई को अभिषेक भरूच स्टेशन से ट्रेन द्वारा यात्रा कर रहा था। इसी दौरान पालेज स्टेशन के पास चलती ट्रेन से गिरने से उसकी मौत हो गई।
परिवार लगातार उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश करता रहा, लेकिन दुर्घटना में मोबाइल क्षतिग्रस्त होने के कारण फोन बंद बता रहा था। बाद में एक पुलिसकर्मी ने मोबाइल से सिम निकालकर अपने फोन में लगाया, तभी मृतक के पिता संतोष त्रिपाठी का कॉल आया और हादसे की जानकारी परिवार को मिली।
सूचना मिलने के बाद पिता गुजरात पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। जब युवक का शव गांव पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बुधवार को बड़हलगंज स्थित मुक्ति पथ पर युवक का अंतिम संस्कार किया गया, जहां पिता ने नम आंखों से अपने इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए।
परिजनों ने बताया कि अभिषेक अपनी मां से रोज दिन में दो बार फोन पर बात करता था। घटना वाले दिन उसका फोन न आने पर मां को अनहोनी की आशंका होने लगी थी। बताया जा रहा है कि 18 अप्रैल को ही उसकी सगाई हुई थी और अगले वर्ष फरवरी में शादी तय थी। युवक की अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में गमगीन माहौल बना हुआ है।
देवरिया मेडिकल कॉलेज में डीएम का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत; बिना एप्रन मिले दो डॉक्टरों को फटकार
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को जिलाधिकारी ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों का दौरा किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, साफ-सफाई, दवा वितरण, डॉक्टरों की उपस्थिति तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वार्डों, ओपीडी, इमरजेंसी तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों में पहुंचकर मरीजों और तीमारदारों से बातचीत भी की। उन्होंने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। औचक निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर मौजूद दो डॉक्टर बिना एप्रन के कार्य करते मिले। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए दोनों डॉक्टरों को फटकार लगाई और भविष्य में निर्धारित ड्रेस कोड तथा अनुशासन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मेडिकल संस्थानों में अनुशासन और पेशेवर व्यवहार मरीजों के भरोसे से जुड़ा विषय है, इसलिए सभी चिकित्सक और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रशासन को अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए। डीएम के औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में पूरे दिन हलचल बनी रही।
उद्घाटन हुआ, पानी नहीं आया; दो साल से कर रहे इंतजार दस हजार लोग
धीरेन्द्र त्रिपाठी
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद की कोपागंज नगर पंचायत में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पेयजल योजना लोगों के लिए राहत की जगह परेशानी का कारण बन गई है। नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल छह मुहल्लों और आसपास की करीब दस हजार आबादी आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए जूझ रही है। स्थिति यह है कि नलकूप बन गए, पाइपलाइन बिछ गई, उद्घाटन भी हो गया, लेकिन दो साल बाद भी घरों तक पानी नहीं पहुंच सका। विस्तारीकरण योजना के तहत वर्ष 2019 में कोपा कोहना, हिकमा, काछीकला, रजपुरा, भदसा मानोपुर और लाडनपुर को नगर पंचायत में शामिल किया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि शहरी सुविधाएं मिलेंगी और पेयजल संकट दूर होगा, लेकिन हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं। करीब पांच वर्ष बाद नगर पंचायत प्रशासन ने पेयजल योजना पर काम शुरू कराया। कोपा कोहना पूर्वी, रामलीला मैदान, राजभर बस्ती, कोपा कोहना दक्षिणी, जूनियर हाईस्कूल परिसर, अंबेडकर प्रतिमा स्थल, वार्ड संख्या 12, वार्ड संख्या 9 और वार्ड संख्या 3 काछीकला समेत नौ स्थानों पर एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नलकूप स्थापित किए गए। साथ ही घरों तक जलापूर्ति पहुंचाने के लिए पाइपलाइन भी बिछाई गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने और उद्घाटन के बाद भी नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं कराई गई। बीते 24 महीनों में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। गर्मी बढ़ने के साथ संकट और गहरा गया है। सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे लोग निजी समरसेबल लगाने को मजबूर हो रहे हैं। कई मोहल्लों में पानी के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों को जगह-जगह खोद दिया गया, लेकिन मरम्मत अधूरी छोड़ दी गई। इससे जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। स्थानीय निवासी परवेश पटवा का कहना है कि गांव को नगर पंचायत में शामिल किए जाने के बाद भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर होता कि गांव ग्रामीण क्षेत्र में ही रहता। वहीं अजय शर्मा ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को पानी न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रूद्रदत्त त्रिपाठी ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दो साल से तैयार नलकूपों के बावजूद जलापूर्ति शुरू न होना गंभीर लापरवाही है और जल्द समाधान होना चाहिए। मामले पर अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे प्रकरण की जांच कराकर संबंधित क्षेत्रों में पेयजल समस्या का समाधान कराया जाएगा।
अमेरिका-ईरान तनाव में ऐतिहासिक मोड़: युद्धविराम से समझौते की दहलीज तक बदलती वैश्विक भू-राजनीति का नया अध्याय
होर्मुज से व्हाइट हाउस तक: अमेरिका-ईरान एमओयू से बदल सकता है वैश्विक शक्ति संतुलन
✍️एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया महाराष्ट्र
पश्चिम एशिया की भू-राजनीति इस समय एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों से चला आ रहा तनाव अब संभावित कूटनीतिक समाधान की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। पिछले लगभग 40 दिनों तक चले सैन्य संघर्ष ने केवल मध्य पूर्व को ही नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया। ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाएँ बाधित हुईं, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर खतरा बढ़ा और तेल की कीमतों में अस्थिरता ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को झकझोर दिया। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य इस संघर्ष का सबसे संवेदनशील केंद्र बनकर उभरा। विश्व के समुद्री तेल परिवहन का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बन गया। भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए यह संकट और अधिक गंभीर साबित हुआ, क्योंकि तेल कीमतों में उछाल का सीधा असर महंगाई, व्यापार संतुलन और आर्थिक विकास पर पड़ता है। इसी पृष्ठभूमि में 8 अप्रैल 2026 को लागू किया गया दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक हस्तक्षेप के रूप में सामने आया। इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता से शुरू हुई बातचीत ने यह संकेत दिया कि अब दोनों देश युद्ध की बजाय संवाद को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसके बाद 21 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने का निर्णय वैश्विक कूटनीति के लिए सकारात्मक संकेत माना गया। अब 6 मई 2026 की रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और ईरान एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के बेहद करीब पहुँच चुके हैं। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो यह केवल युद्धविराम नहीं होगा, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे अविश्वास, प्रतिबंधों और सैन्य टकराव के दौर को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। इस प्रस्तावित समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें केवल तत्काल संघर्ष विराम ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक स्थिरता के संकेत भी मौजूद हैं। दोनों देश मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य अभियानों को समाप्त करने की दिशा में सहमत होते दिखाई दे रहे हैं। पिछले दो महीनों में ड्रोन हमले, समुद्री मार्गों पर हमले और रणनीतिक ठिकानों पर कार्रवाई जैसी घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया था। ऐसे में युद्धविराम की संभावना अपने आप में वैश्विक राहत का संदेश है। समझौते का दूसरा बड़ा पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा हुआ है। संघर्ष के दौरान इस समुद्री मार्ग पर हमलों और संभावित नाकाबंदी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भय और अनिश्चितता पैदा कर दी थी। अब दोनों देशों के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और चरणबद्ध तरीके से समुद्री मार्गों को सामान्य बनाने पर सहमति बनने की खबरें वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं। सबसे संवेदनशील मुद्दा ईरान के परमाणु कार्यक्रम का है। रिपोर्टों के अनुसार ईरान 15 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन सीमित रखने और परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जताने के लिए तैयार दिखाई दे रहा है। यह प्रस्ताव 2015 के परमाणु समझौते की याद दिलाता है, जिसे बाद में अमेरिका ने छोड़ दिया था। हालांकि इस बार दोनों पक्ष अधिक सतर्कता और संतुलन के साथ आगे बढ़ते दिख रहे हैं। अमेरिका की ओर से संकेत मिले हैं कि यदि समझौता सफल होता है तो ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है और उसकी फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्तियों को वापस करने पर भी विचार संभव है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से प्रतिबंधों के दबाव में संघर्ष कर रही है। हालांकि समझौते की राह अभी पूरी तरह आसान नहीं है। जानकारी के अनुसार दोनों देशों के बीच लगभग 14 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा जारी है, जिनमें से केवल कुछ पर ही सहमति बन पाई है। मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव, निरीक्षण प्रणाली और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दे अभी भी जटिल बने हुए हैं। यही कारण है कि प्रारंभिक समझौते के बावजूद स्थायी शांति की राह अभी लंबी मानी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। एक ओर उन्होंने ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक और सैन्य दबाव बनाए रखा, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक समाधान के लिए वार्ता का रास्ता भी खुला रखा। प्रोजेक्ट फ्रीडम जैसे नौसैनिक अभियानों को अस्थायी रूप से रोकना इसी रणनीतिक संतुलन का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर ईरान भी आर्थिक संकट और लंबे संघर्ष से बचना चाहता है। प्रतिबंधों ने उसकी अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इसलिए वह कुछ शर्तों पर लचीलापन दिखाने के लिए तैयार दिखाई देता है, हालांकि अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय प्रभाव को बनाए रखना उसके लिए अब भी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि यह समझौता सफल होता है तो इसका वैश्विक प्रभाव अत्यंत व्यापक होगा। सबसे पहले ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लौट सकती है और तेल-गैस की कीमतों में कमी संभव है। इससे भारत, जापान और यूरोपीय देशों जैसे ऊर्जा आयातक देशों को राहत मिलेगी। वैश्विक शेयर बाजारों में भी सकारात्मक माहौल बन सकता है, क्योंकि युद्ध की अनिश्चितता निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम मानी जाती है। भारत के लिए यह संभावित समझौता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से प्राप्त करता है। इसके अलावा लाखों भारतीय प्रवासी इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसलिए क्षेत्रीय स्थिरता भारत की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है। हालांकि इतिहास यह भी सिखाता है कि ऐसे समझौते बेहद नाजुक होते हैं। 2015 का परमाणु समझौता भी उम्मीदों के साथ शुरू हुआ था, लेकिन राजनीतिक बदलाव और आपसी अविश्वास के कारण वह टिक नहीं पाया। इस बार भी समझौते की सफलता दोनों पक्षों की पारदर्शिता, राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी। यह कहा जा सकता है कि मई 2026 का यह दौर केवल अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते का नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और नई भू-राजनीतिक व्यवस्था के निर्माण का अवसर भी है। यदि दोनों देश इस अवसर का सही उपयोग करते हैं, तो यह पूरे विश्व के लिए स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन का नया अध्याय साबित हो सकता है। लेकिन यदि यह अवसर चूक गया, तो इसके परिणाम केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को गंभीर अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। आने वाले 48 घंटे इसलिए वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
कोलकाता/पश्चिम बंगाल (राष्ट्र की परम्परा)। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में बुधवार देर रात भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और राजनीतिक माहौल गरमा गया।
जानकारी के अनुसार, घटना मध्यमग्राम के डोहरिया मोड़ इलाके में हुई, जब चंद्रनाथ रथ अपनी कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद नजदीक से कई राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से कई गोलियां उनके सीने में लगीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
STORY | Bengal BJP leader Suvendu Adhikari's personal assistant shot dead
BJP leader Suvendu Adhikari's personal assistant was shot dead by unidentified assailants in West Bengal's North 24 Parganas district, party sources said. The incident took place at Doharia in Madhyamgram… pic.twitter.com/oMET6SQm8w
घटना में उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
चंद्रनाथ रथ पिछले करीब पांच वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और भाजपा के चुनावी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। राजनीतिक हलकों में इस हत्या को गंभीरता से देखा जा रहा है और मामले की जांच राजनीतिक एंगल से भी की जा रही है।
इस घटना के बाद भाजपा ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने भी घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ नेताओं ने मामले की सीबीआई जांच की मांग भी उठाई है।
फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है और हत्या के पीछे की वजहों का पता लगाने के लिए कई पहलुओं पर जांच जारी है।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनगणना-2027 को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि 07 मई से 21 मई 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे लोग घर बैठे ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण में 09 से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या एवं जातिगत गणना कराई जाएगी। पत्रकारों को जानकारी देते हुए एडीएम ने बताया कि स्व-गणना के लिए नागरिक http://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप के माध्यम से 33 बिंदुओं पर जानकारी भर सकेंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या (SEID) जारी होगी, जिसे बाद में प्रगणक द्वारा सत्यापन के लिए उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार जनगणना में जियो मैपिंग, मोबाइल एप, जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी। साथ ही आजादी के बाद पहली बार विस्तृत जातिगत आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (09 मई 2026) को लेकर बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह और प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नासिर अहमद मौजूद रहे। बैठक में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई। प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि सभी न्यायालयों से नोटिसों की तामीला कराई जा रही है और तैयारियां तेज़ी से पूरी की जा रही हैं। प्रधान न्यायाधीश ने आम जनमानस से अपील की कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेकर इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे पारिवारिक विवाद जो न्यायालय में लंबित नहीं हैं, उन्हें प्री-लिटिगेशन स्तर पर आपसी सुलह-समझौते के जरिए निस्तारित कराया जा सकता है। इसके लिए संबंधित पक्ष को केवल एक प्रार्थना पत्र में विवाद का विवरण देना होगा। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों का आदेश न्यायालय की डिक्री के समान मान्य होगा।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रियंवदा सिंह ने बताया कि जनपद में प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान 6 स्कूली वाहन फिटनेस फेल एवं परमिट फेल पाए जाने पर अभियोग दर्ज करते हुए पुलिस चौकी कांटे व बखिरा थाने में निरुद्ध किए गए। उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2026 से स्कूल प्रबंधकों को लगातार अभिलेख सही कराने के निर्देश दिए जा रहे थे, लेकिन एक माह की मोहलत के बाद भी 143 स्कूली वाहन बिना वैध अभिलेख के संचालित होते पाए गए। इस प्रवर्तन कार्यवाही में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) बस्ती सुरेश कुमार मौर्य, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी संत कबीर नगर प्रियंवदा सिंह व प्रवर्तन स्टाफ शामिल रहा।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में नवागत जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कार्यभार संभालते ही अपने मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण की मिसाल पेश की। उनके इस कदम से स्पष्ट हो गया कि उनके नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था केवल औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसमें मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता मिलेगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान जब अधिकारी पारंपरिक तरीके से जिलाधिकारी का स्वागत कर रहे थे, तभी एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सभी को भावुक कर दिया। जिलाधिकारी ने मंच से कलेक्ट्रेट में वर्षों से सेवाएं दे रहे नज़ारत चपरासी समीम को अपने पास बुलाकर पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दूर खड़े होकर व्यवस्थाएं संभालते नजर आते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर अलग थी। मंच पर बुलाकर सम्मान देने की इस पहल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को आश्चर्यचकित कर दिया। कुछ क्षणों के लिए सभागार में सन्नाटा छा गया, फिर तालियों की गूंज ने माहौल को भावुक बना दिया।
जिलाधिकारी ने समीम से आत्मीय बातचीत करते हुए कहा कि वे उन्हें अपने पूर्व कार्यकाल से ही मेहनत और लगन के साथ कार्य करते हुए देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में छोटे से छोटे कर्मचारी की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, जितनी किसी बड़े अधिकारी की। प्रशासन की रीढ़ कर्मचारी हैं और हर व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है।
इस सम्मान से अभिभूत समीम की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर वे कार्यक्रमों में किनारे खड़े होकर सब कुछ देखते हैं, लेकिन आज पहली बार जिले के प्रमुख ने उन्हें मंच पर बुलाकर सम्मान दिया। यह उनके जीवन का एक यादगार क्षण बन गया।
जिलाधिकारी की इस पहल ने न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो हर स्तर पर काम करने वाले लोगों के योगदान को पहचानता और सम्मान देता है। कलेक्ट्रेट में दिन भर इस पहल की सराहना होती रही और कर्मचारियों के बीच नई ऊर्जा देखने को मिली।
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ के नवनियुक्त जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने कार्यभार संभालने के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ परिचयात्मक बैठक और प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने जिले में पारदर्शी, संवेदनशील और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का संकल्प दोहराया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं को “पायदान के अंतिम व्यक्ति” तक पहुंचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने विशेष रूप से आयुष्मान कार्ड, राशन वितरण और पेंशन योजनाओं में शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
शिकायत निस्तारण प्रणाली को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि IGRS और तहसील दिवस पर मिलने वाली शिकायतों का समाधान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही, ताकि आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और शिक्षा संस्थानों में पठन-पाठन का माहौल सुधारना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
मीडिया से संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता प्रशासन के लिए दर्पण का कार्य करती है। उन्होंने मीडिया से अपेक्षा की कि वे जनसमस्याओं के साथ-साथ सकारात्मक सुझाव भी साझा करें, जिससे जिले का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
अंत में जिलाधिकारी ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया कि प्रशासन जनहित में हर संभव कदम उठाएगा और आवश्यक होने पर सख्त निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा।
बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा ) बिहार के छपरा जनपद में बुधवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के ऑर्केस्ट्रा दल के 10 कलाकारों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘मुस्कान ऑर्केस्ट्रा’ के कलाकार एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पिकअप वाहन से छपरा जा रहे थे। बताया जाता है कि सुबह के समय एनएच-19 (हाजीपुर-गाजीपुर मार्ग) पर पीएन सिंह कॉलेज के पास स्पीड ब्रेकर से गुजरते समय पिकअप को जोरदार झटका लगा। इससे वाहन के पिछले हिस्से में बैठे कलाकार अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहा एक ट्रक सड़क पर गिरे कलाकारों को रौंदते हुए निकल गया। हादसा इतना भयावह था घटनास्थल पर ही तीन महिला डांसर्स समेत चार लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और सड़क पर मांस के टुकड़े बिखर गए। मृतकों की पहचान राहुल (बलिया), अवधेश व सोनी (हरदोई) तथा प्रीति (उन्नाव) के रूप में हुई है। वहीं घायलों में बलिया के दिलीप, हरदोई के शिवम यादव, एटा के श्यामवीर व संगीता तथा उन्नाव के मनोज कुमार शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।घायलों ने बताया कि वे सभी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने जा रहे थे और पिकअप के पिछले हिस्से में बैठे थे। अचानक झटका लगने से वे सड़क पर गिर गए, जिसके बाद पीछे से आए ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। उनका कहना है कि यदि ट्रक चालक समय रहते वाहन रोक देता, तो कई जानें बच सकती थीं।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। छपरा पुलिस के अनुसार, ट्रक चालक घटना के बाद फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है।पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण पिकअप का संतुलन बिगड़ना और ट्रक की तेज रफ्तार है। मामले की जांच जारी है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।
नया गोरखपुर’ योजना, मास्टर प्लान के क्रियान्वयन व अवैध निर्माण पर सख्ती होगी प्राथमिकता
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा) 2020 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी अभिनव गोपाल ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष का पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने शहर के सुनियोजित विकास, ‘नया गोरखपुर’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया। अभिनव गोपाल मूल रूप से प्रयागराज के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल में हुई, जबकि स्नातक की पढ़ाई प्रयागराज से पूरी करने के बाद उन्होंने आईआईटी मद्रास से बी.टेक/एम.टेक की डिग्री प्राप्त की। वे एक ‘आयरन मैन’ ट्रायथलॉन चैंपियन भी हैं, जो उनके अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। गोरखपुर आने से पूर्व वह गाजियाबाद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर तैनात थे, जहां उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि गोरखपुर के समग्र और योजनाबद्ध विकास के लिए मास्टर प्लान को सख्ती से लागू किया जाएगा। शहर में अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा और सभी विकास कार्य नियमानुसार सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने ‘नया गोरखपुर’ योजना को तेजी से धरातल पर उतारने पर जोर देते हुए कहा कि इस योजना के तहत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। अभिनव गोपाल ने यह भी कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उनके पदभार ग्रहण करने से जीडीए की योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जनपद में नए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
पदभार ग्रहण करते ही जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं की डिलीवरी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘लखपति दीदी’ योजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। साथ ही नगर विकास से जुड़े कार्यों में जनपद के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण को गंभीरता से लागू करने और इसमें जनसहभागिता बढ़ाने की बात कही। जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने पर भी बल दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए और कहा कि जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे फरियादियों को समय पर न्याय मिल सके।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने स्मार्ट मीटर को लेकर जागरूकता बढ़ाने और संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। स्वगणना कार्य को भी समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया गया।
गौरव सिंह सोगरवाल इससे पूर्व महराजगंज में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा गोरखपुर में ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त रहते हुए उन्होंने स्वच्छता और अतिक्रमण हटाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए, जिनके लिए गोरखपुर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी मिला।
जिलाधिकारी के सख्त और स्पष्ट निर्देशों से संकेत मिल रहा है कि जनपद में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता दी जाएगी।
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कहाँव में जर्जर विद्युत पोल और लटकते 11 हजार वोल्ट के तार से बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। यह मामला स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
राष्ट्रीय समानता दल, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि ग्राम कहाँव में एक विद्युत पोल पूरी तरह एक ओर झुक चुका है। इसके कारण 11,000 वोल्ट का तार नीचे खेतों में खतरनाक स्थिति में लटक रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह तार इतनी नीचे आ गया है कि वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। किसानों के खेतों के पास होने के कारण जोखिम और भी बढ़ गया है।
संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर जन-जीवन की सुरक्षा से जुड़ा है और प्रशासन की लापरवाही के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता से तत्काल हस्तक्षेप कर जर्जर पोल को ठीक कराने और लटकते तार को सुरक्षित करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जिले के बरहज नगर क्षेत्र में आयोजित गौ रक्षा यात्रा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सभा को संबोधित करते हुए गौ संरक्षण को लेकर लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे लोगों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए, जो गौ हत्या में संलिप्त हैं।
बुधवार को जयनगर स्थित विंध्यवासिनी माता मंदिर परिसर में शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर शिक्षक प्रिंस तिवारी, वंदना तिवारी तथा सैकड़ों भक्तों ने माल्यार्पण और पूजन-अर्चन कर उनका अभिनंदन किया।
सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करें और समाजहित के मुद्दों को प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय जयनगर के प्रधानाध्यापक एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नगर अध्यक्ष प्रिंस त्रिपाठी, वंदना त्रिपाठी और अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
इस दौरान शंकराचार्य को अंगवस्त्र और मिष्ठान भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुरली मनोहर उपाध्याय, अवधेश मालवीय, अभयानंद तिवारी, आशुतोष तिवारी, संजय वर्मा, राजेंद्र सिंह, रत्नेश मणि त्रिपाठी, राकेश श्रीवास्तव, मिथुन कुमार, परमहंस चौरसिया, विनय तिवारी, अर्चना त्रिपाठी, वंदना सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।