Sunday, February 8, 2026
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बरहज में निकली मतदाता जागरूकता रैली, छात्रों की रही ऐतिहासिक भागीदारी

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर शनिवार की सुबह बरहज नगर में भव्य मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोकतंत्र को मजबूत करने का संदेश दिया। रैली का उद्देश्य नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक करना और युवाओं में मताधिकार के महत्व को समझाना रहा।कार्यक्रम में बी.आर.डी. पीजी कॉलेज, श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज, बी.आर.डी. पीजी महिला डिग्री कॉलेज, श्रुति कीर्ति महाविद्यालय एवं जेनिथ स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। रैली का शुभारंभ बी.आर.डी. पीजी कॉलेज के ग्राउंड से हुआ, जिसे उपजिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी, तहसीलदार बरहज, नायब तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी एवं थानाध्यक्ष बरहज द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।मतदाता जागरूकता रैली बरहज नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अटल तिराहा, रुद्रपुर स्टैंड होते हुए तहसील प्रांगण में सम्पन्न हुई। रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने “पहले मतदान, फिर जलपान”, “लोकतंत्र की शान, मतदान” जैसे नारों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को सम्मानित किया गया।

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उपजिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी द्वारा सीमा सिंह, संतोष कुमार सिंह, ओम प्रकाश भारती, रजनिश, कुसुम सिंह, राम ध्यान सिंह सहित कई बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।अपने संबोधन में उपजिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता जागरूकता से ही लोकतंत्र सशक्त होता है और युवाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ है। कार्यक्रम के समापन के बाद राजस्व विभाग बनाम शिक्षा विभाग के बीच मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ, जिसमें बरहज तहसील की टीम विजेता रही।

मझौलीराज ट्रक दुर्घटना: समय रहते टली अनहोनी, चालक सुरक्षित

मझौलीराज में मक्का लदी ट्रक पलटी, बड़ा हादसा टला, चालक सुरक्षित

मझौलीराज/सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा)।मझौलीराज क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मक्का (मकई) से लदी एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। यह दुर्घटना बाबू बाहोंरन सिंह टोला, मझौलीराज के पास हुई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त सड़क पर कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना में ट्रक चालक को केवल हल्की चोटें आईं और समय रहते स्थानीय लोगों की मदद से उसकी जान बच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक सुरेश माली बिहार के गोपालगंज जनपद अंतर्गत थाना भोरे क्षेत्र के ग्राम दूसेपुर के निवासी हैं। वह भींगारी क्षेत्र से मक्का का दाना लोड कर उत्तर प्रदेश के लार स्थित एक मिल में पहुंचाने जा रहे थे। ट्रक में भारी मात्रा में मक्का लदा हुआ था, जिससे वाहन का संतुलन पहले से ही चुनौतीपूर्ण बना हुआ था।
कैसे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि मझौलीराज के पास सड़क की स्थिति और अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सके। ट्रक सड़क के किनारे जाकर पलट गई। पलटने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रक में फंसे चालक सुरेश माली को सुरक्षित बाहर निकाला।
चालक को आई हल्की चोटें
हादसे में चालक सुरेश माली को मामूली चोटें आईं। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार चालक पूरी तरह खतरे से बाहर हैं।
बड़ा हादसा टलने से लोगों ने ली राहत की सांस
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस समय मक्का लदी ट्रक पलटी, उस वक्त सड़क पर न तो कोई अन्य वाहन था और न ही पैदल यात्री। यदि यह हादसा व्यस्त समय में होता तो गंभीर जान-माल की क्षति हो सकती थी। इसी कारण इस घटना को एक बड़ी दुर्घटना टलने के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रक मालिक की जानकारी
ट्रक मालिक का नाम सुरेश शाह बताया जा रहा है, जो चालक के गांव दूसेपुर (थाना भोरे, जिला गोपालगंज, बिहार) के ही निवासी हैं। घटना की सूचना ट्रक मालिक को दे दी गई है। ट्रक में लदी मक्का को दूसरे वाहन की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
यातायात हुआ प्रभावित
ट्रक पलटने के कारण कुछ समय के लिए मझौलीराज मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। सड़क किनारे पलटी ट्रक और बिखरे मक्का के दानों के कारण वाहनों को निकलने में परेशानी हुई। बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासनिक सहयोग से स्थिति को सामान्य किया गया।
ग्रामीणों की तत्परता बनी मिसाल
इस घटना में स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता और मानवता की मिसाल देखने को मिली। बिना देर किए उन्होंने चालक को बचाने और इलाज तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुछ मिनट की भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं
मझौलीराज और आसपास के इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। मक्का, गेहूं और अन्य कृषि उत्पादों की ढुलाई के दौरान ओवरलोडिंग और सड़क की खराब स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और भारी वाहनों की नियमित जांच की मांग की है।
प्रशासन से सुरक्षा उपायों की मांग
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मार्गों पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। विशेषकर मक्का लदी ट्रक और अन्य भारी वाहनों के लिए गति सीमा और तकनीकी जांच को अनिवार्य किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

गो-तस्करी के आरोपी की गिरफ्तारी, बरियारपुर पुलिस को बड़ी सफलता

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे पुलिस अभियान के तहत देवरिया गो-तस्करी गिरफ्तारी का एक अहम मामला सामने आया है। थाना बरियारपुर पुलिस ने गो-तस्करी से जुड़े एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थाना बरियारपुर पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 273/2024, धारा 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम एवं 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत वांछित चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दिनांक 08 फरवरी 2026 को पड़री मल्ल तिराहे के पास से अभियुक्त जावेद कुरैसी पुत्र स्वर्गीय हारून कुरैसी, निवासी हसनपुर, थाना बन्धुवा कला, जनपद सुल्तानपुर को धर दबोचा। देवरिया गो-तस्करी गिरफ्तारी के इस मामले में अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष दीपक सिंह, उपनिरीक्षक दुर्गेश कुमार शुक्ल, हेड कांस्टेबल मनोज उपाध्याय, हेड कांस्टेबल अरविन्द सिंह तथा कांस्टेबल अखिलेश गुप्ता शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देवरिया गो-तस्करी गिरफ्तारी जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

केंद्रीय बजट जनकल्याण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम: विजयलक्ष्मी गौतम

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश सरकार की ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की राज्यमंत्री तथा जनपद की प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट 2026-27 के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह बजट देश और प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला है।
प्रभारी मंत्री श्रीमती गौतम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट कर्तव्य भवन से प्रस्तुत किया जाने वाला पहला बजट है, जो मोदी सरकार की उस स्पष्ट सोच को दर्शाता है जिसमें दुविधा के स्थान पर निर्णय, शब्दाडंबर के स्थान पर सुधार और लोकलुभावन के स्थान पर जनकल्याण को प्राथमिकता दी गई है। आत्मनिर्भर भारत को लक्ष्य मानते हुए इस बजट में संरचनात्मक सुधार, राजकोषीय अनुशासन और सतत लोक निवेश पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, परिवारों की क्रय-शक्ति और सार्वभौमिक सेवाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद 2026 से प्रेरित यह बजट युवा शक्ति पर केंद्रित है। बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है। उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक वृद्धि को तेज और सतत बनाना, जन-आकांक्षाओं के अनुरूप क्षमता निर्माण करना ताकि नागरिक भारत की समृद्धि यात्रा के सक्रिय सहभागी बन सकें, तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सुशासन को अधिक प्रभावी बनाना। इन कर्तव्यों के माध्यम से प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर तक संसाधन, सुविधाएं और अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
राज्यमंत्री ने बजट की विशेषताओं और सेक्टरवार उपयोगिता पर चर्चा करते हुए बताया कि इसमें ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के जरिए विकसित भारत@2047 का रोडमैप, निरंतर आर्थिक वृद्धि और राजकोषीय समेकन, मध्यम वर्ग का सशक्तिकरण, कुशल मानव संसाधन का निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से युवा शक्ति को मजबूती, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा, तेज गति से विनिर्माण विस्तार, आधारभूत संरचना आधारित दीर्घकालिक विकास, निर्यात को प्रोत्साहन, पूर्वोदय के माध्यम से पूर्वी भारत का सशक्तिकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का पुनर्जीवन, शहरी क्षेत्रों को वृद्धि-संयोजक के रूप में विकसित करना, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का सुदृढ़ीकरण, किसानों का समग्र कल्याण, महिला नेतृत्व को बढ़ावा, सामाजिक न्याय, जलवायु-अनुकूल नीतियां, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, विधायक खलीलाबाद अंकुर राज तिवारी, विधायक मेहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी, विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, एमएलसी प्रतिनिधि ई. सुधांशु सिंह, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी मौजूद रहे।

भागलपुर,पिंडी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा 5 लोग गंभीर

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर–पिंडी मार्ग पर जिरासों गांव के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप के पास रविवार को दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों बाइकों पर सवार कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक तेज रफ्तार में थीं, जिससे टक्कर काफी जोरदार हो गई। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे तथा घायलों को भागलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी की हालत को गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल देवरिया रेफर कर दिया।
सूचना मिलने पर भागलपुर पुलिस चौकी से चौकी इंचार्ज सुनील सिंह, हरि गोविंद सिंह, इजहार खान व सुनील पाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया और यातायात को सामान्य कराया।हादसे में घायल व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार की गई है—
विनय सनी (18) पुत्र राजकुमार साहनी,आकाश (18) पुत्र धुरंधर, निवासी तूर्तिपार (बलिया),
परमहंस विश्वकर्मा (20) पुत्र विश्वामित्र विश्वकर्मा, निवासी बाकूची मिश्रा, मगहरा (देवरिया),प्रेमचंद पांडे (50) पुत्र राम हजारी पांडे,दिनेश चंद्र पांडे (55) पुत्र राम हजारी पांडे, निवासी पौनरिया (देवरिया)।
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

सिसवा में भीषण सड़क हादसा: 18 चक्के वाले ट्रक की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।सिसवा -घुघली मार्ग पर बौरहवा बाबा मंदिर के समीप रविवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे सिसवा क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। कोठीभार थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार 18 चक्के वाले ट्रक और मोटरसाईकिल की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद सिसवा के अमर पुरवा मोहल्ला निवासी हरिश्चंद्र रौनियार (28 वर्ष) अपने पिता राजू रौनियार (58 वर्ष) के साथ मोटरसाईकिल से जा रहे थे। तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाईकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों सड़क पर दूर जा गिरे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हरिश्चंद्र रौनियार को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं राजू रौनियार ने सिसवा अस्पताल में अंतिम सांस ली।
घटना की सूचना मिलते ही कोठीभार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ समय तक जाम और तनाव की स्थिति बनी रही।
पुलिस ने ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
इस हृदयविदारक घटना से पूरे सिसवा क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृतकों के घर पर मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सिसवा-घुघली मार्ग पर तेज रफ्तार भारी वाहनों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए तथा सड़क सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फागुन महीना प्रेम का मधुमास है

काश! मेरी चाहत पूरी हो जाती,
मित्र संग एक कप चाय हो जाती,
आइये आपको चाय पिलाता हूँ,
या बुला लीजिये चाय पे आता हूँ।

हाथ कंगन को आरसी क्या,
पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या,
झिझक कयों, शर्माना क्यों,
चाय के लिए तकल्लुफ़ क्यों।

गुलाब का फूल ख़ुशबू दे जाता है,
गुज़रा हुआ वक्त यादें दे जाता है,
हर एक का अपना अंदाज़ होता है,
कोई ज़िंदगी, कोई प्रेम दे जाता है।

सात रोज दे था आठ प्रपोज़ दे था
नौ चाकलेट दे है, दस को टेडी दे है
ग्यारह प्रोमिज दे बारह को हग दे,
तेरह किस दे, चौदह वैलेंटाइन दे।

फागुन महीना प्रेम का मधुमास है,
वसंत बहार है, सुहानी हुई आस है,
आदित्य जाति पाँति सब छोड़ते हैं,
हम एक हैं, मिलकर देते संदेश हैं।

  • डा० कर्नल
    आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

खड़ी डीसीएम में बस ने मारी ठोकर 5 यात्री घायल,मौके पर पहुंची पुलिस

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल चौराहे पर शनिवार देर रात एक सड़क हादसा हुआ। महराजगंज रोड स्थित हीरो एजेंसी के पास एक यात्री बस सड़क किनारे खड़ी डीसीएम से टकरा गई। इस दुर्घटना में बस में सवार पांच यात्री घायल हो गए।
यह घटना देर रात लगभग 1:30 बजे हुई। बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे, जो गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के सेक्टर-5 बारवां चौराहे से नेपाल के मदरिया पहाड़ स्थित मेले में शामिल होने जा रहे थे। यात्रियों के अनुसार, उस समय क्षेत्र में घना कुहासा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता काफी कम थी।
यात्रियों ने बताया कि बस चालक बोतल से पानी पी रहा था, जिससे उसका ध्यान भटक गया और बस डीसीएम में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में आलोक (22), आकाश (21), ओमप्रकाश (55), मीना देवी (40) और तारा देवी (45) घायल हो गए। सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही परतावल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल भेजा गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। चौकी प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि सभी घायलों का इलाज कर दिया गया है और वे अब खतरे से बाहर हैं।

पुलिस का मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान, 18 स्थानों पर सघन जांच, 376 लोग व 215 वाहन चेक

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में आमजन की सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देवरिया पुलिस द्वारा रविवार सुबह मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में यह विशेष अभियान जनपद में संचालित किया गया।अभियान के तहत सभी थाना प्रभारी व थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधे संवाद करते नजर आए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना, मित्र पुलिसिंग की भावना विकसित करना और जनमानस में विश्वास की भावना मजबूत करना रहा।पुलिस टीमों द्वारा अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान तीन सवारी चलने वालों के खिलाफ कार्रवाई, मोडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों का चालान, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर कार्रवाई, साथ ही चोरी की गाड़ियों, अवैध हथियारों और मादक पदार्थों पर विशेष नजर रखी गई।देवरिया पुलिस ने अभियान के दौरान आम लोगों को मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की खुले दिल से सराहना की और सुबह के समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया।पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद में इस तरह के अभियानों को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा ताकि आमजन को सुरक्षित माहौल मिल सके। अभियान के दौरान कुल 18 स्थानों पर चेकिंग करते हुए 376 व्यक्तियों और 215 वाहनों की जांच की गई।

नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को लाभ, जिला पंचायत राज विभाग पर उठे सवाल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में कुछ सरकारी विभागों द्वारा नियमों की अनदेखी कर अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला पंचायत राज विभाग भी इसी तरह के एक प्रकरण को लेकर चर्चा में है। विभाग द्वारा एक चार पहिया वाहन यूपी 58 जेड 2367 को लगभग पचास हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उपयोग में लिया जा रहा है, जबकि उस वाहन का विभाग से कोई अधिकृत अनुबंध नहीं बताया जा रहा है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी विभाग को वाहन किराये पर लेने से पूर्व विधिवत टेंडर प्रक्रिया अपनानी होती है और केवल टैक्सी परमिट प्राप्त वाहन ही अनुबंध के लिए मान्य होते हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग में तय नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जिला पंचायत राज विभाग जिले के प्रभावशाली विभागों में गिना जाता है, जहां कार्यरत अधिकारियों पर किसी प्रकार का दबाव असर नहीं डाल पाता। इससे पहले लोकायुक्त का एक आदेश भी इस विभाग के संबंध में जारी हुआ था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बाद में जब लोकायुक्त की ओर से स्मरण पत्र भेजा गया, तो प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ी और जिलाधिकारी की जिम्मेदारी भी सवालों के दायरे में आ गई।
अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिला पंचायत राज अधिकारी के खिलाफ कब कार्रवाई होती है और नियमों के उल्लंघन के इस मामले में जिम्मेदारों पर कब सख्ती की जाएगी।

उपेक्षा की भेंट चढ़ा पिपरा गांव का सार्वजनिक कुआं, हादसे का बना खतरा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के साथा ब्लॉक के राजस्व गांव पिपरा में स्थित पुराना सार्वजनिक कुआं लापरवाही और उदासीनता का प्रतीक बनता जा रहा है। वर्षों से गांव की प्यास बुझाने वाला यह कुआं आज खुद मदद का मोहताज है। कुएं की मुंडेर टूट चुकी है, भीतर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कुआं न सिर्फ ऐतिहासिक और उपयोगी धरोहर है, बल्कि गर्मी के दिनों में पानी का अहम स्रोत भी रहा है। लेकिन लंबे समय से साफ-सफाई और मरम्मत के अभाव में यह पूरी तरह उपेक्षित पड़ा है। बच्चों और मवेशियों के लिए यह स्थान खतरनाक बन चुका है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। गांववासियों की मांग है कि कुएं की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, गिरे पेड़ को हटाया जाए और मुंडेर की मरम्मत कर सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी अनहोनी से पहले इस सार्वजनिक संपत्ति को बचाया जा सके।
अब सवाल यह है कि पिपरा गांव के इस उपेक्षित कुएं पर कब पड़ेगी जिम्मेदार लोगों की निगाहें?

Russian Indian Student Attack: रूस में मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में चाकूबाजी, चार भारतीय छात्र घायल

Russian Indian Student Attack: रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में स्थित एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकू से हमला होने की गंभीर घटना सामने आई है। इस हमले में चार भारतीय छात्रों समेत कई लोग घायल हो गए हैं। भारतीय दूतावास ने शनिवार, 7 फरवरी 2026 की रात इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी घायल भारतीय छात्रों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी साझा की। दूतावास ने कहा कि उफा में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चार भारतीय छात्र घायल हुए हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि दूतावास रूस के स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और कज़ान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी उफा के लिए रवाना हो चुके हैं, ताकि घायल छात्रों को हर संभव सहायता दी जा सके।

कैसे हुआ हमला?

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह घटना शनिवार 7 फरवरी 2026 को हुई। एक 15 वर्षीय किशोर उफा स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के परिसर में दाखिल हुआ। आरोपी सीधे यूनिवर्सिटी के छात्रावास, जिसे डॉर्मिट्री कहा जाता है, में पहुंच गया। वहां उसने अचानक मौजूद छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और हिंसक था कि छात्र संभल तक नहीं पाए।

रूस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, आरोपी ने कई छात्रों पर चाकू से वार किया। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ने की कोशिश की, तो आरोपी ने दो पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया। गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उसने खुद को भी नुकसान पहुंचाया। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि आरोपी को काबू में करने के दौरान पुलिसकर्मी घायल हुए और हमलावर भी जख्मी हो गया।

घायलों की हालत कैसी है?

रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस चाकूबाजी की घटना में घायल चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, हमलावर किशोर को भी बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।

भारतीय छात्रों को लेकर दूतावास की प्रतिक्रिया

भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। दूतावास ने कहा कि भारतीय छात्रों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कज़ान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी उफा पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात करेंगे और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे। दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ भी लगातार संपर्क में बना हुआ है।

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जांच में सामने आई अहम जानकारी

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी किशोर एक प्रतिबंधित नियो-नाजी संगठन से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान वह राष्ट्रवादी नारे भी लगा रहा था। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं और आधिकारिक तौर पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और छात्रावासों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बढ़ती चिंता और सुरक्षा पर सवाल

उफा की इस घटना ने रूस में पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों, खासकर भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए बड़ी संख्या में भारतीय छात्र रूस का रुख करते हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर इस तरह की हिंसक घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

भारतीय दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपी के मकसद, उसके नेटवर्क और हमले की पृष्ठभूमि की जांच में जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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कोपागंज नाला निर्माण पर सवाल: 1 करोड़ 62 लाख खर्च, छह महीने बाद भी समस्या जस की तस

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज कस्बे में जलनिकासी की पुरानी समस्या के समाधान के लिए एक करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से बनाए गए नाले पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। मोहल्ला दोस्तपुरा से जूनियर हाई स्कूल कोपागंज तक निर्मित इस बड़े नाले का उद्देश्य नगरवासियों को जलजमाव से राहत दिलाना था, लेकिन निर्माण के छह महीने बाद भी यह नाला नगर के मुख्य नालों से नहीं जुड़ सका है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से हुए इस निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

कोपागंज नगर पंचायत क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। बरसात के दिनों में समुचित व्यवस्था न होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों, गलियों, घरों और दुकानों में घुस जाता था। इससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता था, बल्कि घरों और दुकानों में रखा सामान भी खराब हो जाता था। इस गंभीर समस्या को लेकर नगरवासियों ने समय-समय पर आवाज उठाई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

बरसात के मौसम में हालात इतने बदतर हो जाते थे कि नगर पंचायत की अधिकांश सड़कें और गलियां तालाब का रूप ले लेती थीं। स्थिति को देखते हुए नगर पंचायत ने कस्बे की जलनिकासी समस्या को शासन के संज्ञान में लाते हुए एक प्रस्ताव भेजा। शासन ने समस्या की गंभीरता को समझते हुए मोहल्ला दोस्तपुरा से जूनियर हाई स्कूल स्थित नहर तक लगभग एक किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए नवंबर 2022 में एक करोड़ 62 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत की गई।

टेंडर प्रक्रिया के बाद करीब डेढ़ वर्ष की देरी से मार्च 2024 में सीएनडीएस विभाग द्वारा नाला निर्माण कार्य किसी तरह शुरू किया गया। यह निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 में पूर्ण हुआ। हालांकि, नाला बनकर तैयार होने के बावजूद इसे नगर के किसी भी मुख्य नाले से नहीं जोड़ा गया, जिससे इसका उद्देश्य अधूरा रह गया है। परिणामस्वरूप नगरवासियों को जलजमाव की समस्या से अभी तक कोई राहत नहीं मिल पाई है।

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स्थानीय नागरिकों दयानंद, राजू, राजेश, कल्पू, संजीव सहित अन्य लोगों ने नाला निर्माण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बना यह नाला फिलहाल बेकार साबित हो रहा है। नगर के जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए बनाए गए इस नाले का संपर्क यदि मुख्य नालों से नहीं कराया गया, तो इसका कोई लाभ नहीं होगा।

इस पूरे मामले में जब नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी डॉ. छोटे लाल तिवारी से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि इस नाले का निर्माण सीएनडीएस विभाग द्वारा कराया गया है और अभी तक नगर पंचायत ने इसका हैंडओवर नहीं लिया है। ऐसे में जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

कुल मिलाकर, कोपागंज में जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए किया गया यह नाला निर्माण फिलहाल अपने उद्देश्य को पूरा करता नजर नहीं आ रहा है। मुख्य नालों से कनेक्शन न होने के कारण करोड़ों की लागत से तैयार संरचना पर सवाल उठ रहे हैं और नगरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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महराजगंज: देने की संस्कृति ही सभ्यता की शक्ति: दान से ही जीवित है मानवता

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मानव इतिहास के प्रत्येक युग में यदि किसी एक मूल्य ने समाज को जोड़कर रखा है, तो वह है—दान। दान केवल किसी को वस्तु या धन देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर निहित करुणा, संवेदना और त्याग का सजीव रूप है। जब आदिम मानव ने समूह में रहना आरंभ किया, तब उसने यह समझ लिया था कि अकेले अस्तित्व संभव नहीं है। साझा करने की इसी समझ ने आगे चलकर दान की संस्कृति को जन्म दिया, जो सभ्यता की नींव बन गई।

धार्मिक ग्रंथों में दान को सर्वोच्च पुण्य माना गया है, लेकिन इसकी सार्थकता केवल धार्मिक दायरे तक सीमित नहीं है। सामाजिक दृष्टि से दान असमानताओं को कम करने का एक सशक्त माध्यम है। जब समाज का सक्षम वर्ग जरूरतमंद की सहायता करता है, तो इससे विश्वास और सहयोग की भावना विकसित होती है। दान सामाजिक ताने-बाने को मजबूती देता है और मानवीय संबंधों को टूटने से बचाता है।

अक्सर दान को केवल धन से जोड़कर देखा जाता है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यापक है। ज्ञान दान से समाज में जागरूकता आती है, समय दान से किसी के जीवन की दिशा बदल सकती है। रक्तदान और अंगदान किसी को नया जीवन देने का माध्यम बनते हैं। एक शिक्षक का निःस्वार्थ समर्पण, एक चिकित्सक की सेवा भावना या किसी युवा का समाजसेवा में योगदान—ये सभी दान के ही विभिन्न स्वरूप हैं।

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मनोवैज्ञानिक अध्ययनों से भी यह स्पष्ट होता है कि देने से व्यक्ति को आत्मसंतोष और मानसिक शांति प्राप्त होती है। प्रकृति ने मनुष्य को इस प्रकार गढ़ा है कि वह केवल लेने में नहीं, बल्कि देने में भी आनंद अनुभव करता है। यही कारण है कि दान केवल प्राप्तकर्ता के लिए नहीं, बल्कि दाता के लिए भी कल्याणकारी होता है।

वर्तमान समय में भौतिक प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के बीच दान की भावना कहीं न कहीं कमजोर पड़ती दिखाई देती है। फिर भी इतिहास इस बात का साक्षी है कि जिन समाजों में त्याग, सहयोग और साझा करने की परंपरा मजबूत रही, वे अधिक स्थायी और समृद्ध बने। दान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय चेतना का प्रतीक है।

मानव सृष्टि भावनाओं और रिश्तों का एक विस्तृत जाल है। इस जाल को मजबूती देने वाली सबसे सशक्त कड़ी दान ही है। जब तक देने की संस्कृति जीवित है, तब तक मानवता सुरक्षित है और सभ्यता सशक्त बनी रहती है।

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महराजगंज: सांसद आदर्श ग्राम हरिहरपुर में प्रशासन की चौपाल: डीएम ने गांव में बैठकर सुनी जनता की आवाज़

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सांसद आदर्श ग्राम हरिहरपुर शनिवार को प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में भव्य ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। चौपाल का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं के प्रति जागरूक रहने और पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर वीबी-जी राम जी योजना लागू की जा रही है, जिसके तहत ग्रामीणों को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना अस्थायी रोजगार के साथ-साथ स्थायी आजीविका सृजन और ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना के विकास पर केंद्रित है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा की जानकारी दी गई। किसानों से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने का आह्वान किया गया, ताकि कृषि योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके।

पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 1.08 लाख रुपये तक अनुदान की जानकारी दी गई, जिससे बिजली बिल में कमी के साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित की जा सकती है। मतदाताओं से फार्म-06 भरकर निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने की अपील भी की गई।

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चौपाल में 225 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर दवाओं का वितरण किया गया। 16 आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 64 लोगों की विभिन्न जांचें हुईं और 80 पशुओं को कृमिनाशक दवा दी गई। पीएम सूर्य घर योजना के 13 आवेदन किए गए। पूर्ति विभाग द्वारा 25 नए यूनिट जोड़े गए। अन्नप्राशन और गोदभराई संस्कार भी संपन्न कराए गए, जिससे कार्यक्रम सामाजिक उत्सव का रूप लेता दिखा।

कार्यक्रम का संचालन परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी ने किया। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद, एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी मिठौरा राहुल सागर सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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कार्रवाई के आश्वासन के बाद उठी अर्थी: आदित्य चौरसिया अंतिम संस्कार से पहले न्याय की मांग पर अड़े परिजन



महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।फरेंदा क्षेत्र के बैकुंठपुर गांव निवासी 17 वर्षीय आदित्य चौरसिया की संदिग्ध मौत के बाद शनिवार को पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। बीते 6 फरवरी की सुबह लेजार महदेवा क्षेत्र में एक बगीचे के पास गेहूं के खेत से पुलिस ने आदित्य का शव बरामद किया था।
पोस्टमार्टम के बाद जब आदित्य चौरसिया का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और स्थानीय लोग जुट गए।

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न्याय की मांग पर अड़े रहे परिजन
शनिवार सुबह आदित्य चौरसिया मौत मामले में परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। उनका कहना था कि जब तक मुकदमे में नामजद आरोपियों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती और ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा।
परिजनों के विरोध के चलते कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी सिद्धार्थ, सीओ अनिरुद्ध कुमार, फरेंदा तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा, फरेंदा कोतवाल योगेंद्र कुमार राय, पुरंदरपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार राय और बृजमनगंज थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे।
वरिष्ठ नेता श्याम सुंदर दास भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
शाम 4 बजे निकली अंतिम यात्रा
लगातार समझाने-बुझाने और प्रशासनिक आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद शाम करीब 4 बजे आदित्य चौरसिया की अंतिम यात्रा बैकुंठपुर गांव से त्रिमुहानी घाट के लिए निकाली गई। पुलिस की मौजूदगी में विधि-विधान से अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।

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प्रशासन का स्पष्ट संदेश
प्रशासन की ओर से साफ कहा गया है कि आदित्य चौरसिया संदिग्ध मौत मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि गांव में अब भी मातम पसरा हुआ है और लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

जब दुनिया ने कई महान हस्तियों को खो दिया

8 फ़रवरी को हुए निधन: देश और दुनिया के लिए ऐतिहासिक दिन
इतिहास के पन्नों में 8 फरवरी को हुए निधन एक विशेष स्थान रखते हैं। इस दिन राजनीति, साहित्य, स्वतंत्रता संग्राम और विश्व इतिहास से जुड़े कई महान व्यक्तित्वों ने दुनिया को अलविदा कहा। उनका जीवन और योगदान आज भी लोगों को प्रेरणा देता है।

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🏛️ हुलेगु ख़ान (निधन: 8 फ़रवरी 1265)
8 फरवरी को हुए निधन में सबसे प्राचीन नामों में हुलेगु ख़ान शामिल हैं। वे मंगोल शासक और इलख़ानी साम्राज्य के संस्थापक थे। पश्चिम एशिया में मंगोल सत्ता की स्थापना में उनकी निर्णायक भूमिका रही। उनका शासनकाल मध्यकालीन इतिहास में गहरे प्रभाव के लिए जाना जाता है।
📚 कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी (निधन: 8 फ़रवरी 1971)
महान लेखक, शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी के.एम. मुंशी का नाम 8 फरवरी को हुए निधन में अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। वे भारतीय संविधान सभा के सदस्य रहे और भारतीय साहित्य व सांस्कृतिक पुनर्जागरण में उनका योगदान अतुलनीय रहा। ‘कृष्णावतार’ जैसे ग्रंथ आज भी लोकप्रिय हैं।

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🚩 कल्पना दत्त (निधन: 8 फ़रवरी 1995)
8 फरवरी निधन की सूची में कल्पना दत्त का नाम भारतीय महिला क्रांतिकारियों में विशेष स्थान रखता है। वे चिटगांव शस्त्रागार आंदोलन से जुड़ी रहीं और आज़ादी की लड़ाई में साहस व समर्पण की मिसाल बनीं।
🏛️ टीका राम पालीवाल (निधन: 8 फ़रवरी 1995)
राजस्थान की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले टीका राम पालीवाल, राज्य के पूर्व चौथे मुख्यमंत्री रहे। 8 फरवरी को हुए निधन के साथ राजस्थान ने एक अनुभवी और सादगीपूर्ण नेता को खो दिया, जिन्होंने जनसेवा को प्राथमिकता दी।

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🔎 8 फरवरी का इतिहास क्यों है खास
हर वर्ष 8 फरवरी को हुए निधन हमें यह याद दिलाते हैं कि व्यक्तित्व भले ही समय के साथ चले जाएं, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और योगदान हमेशा जीवित रहते हैं। यह दिन इतिहास, साहित्य और स्वतंत्रता संग्राम को नमन करने का अवसर है।