जननीजन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयशी
जो भी कहूँ जितना भी कहूँ,बेहतर से बेहतर शब्द चुनू,महिला शक्ति की महिमा में,श्रद्धारूपिणी की गरिमा में। जन्म के समय वो महिला थी,जिसने थाम लिया था हाथों में,डाक्टर, नर्स, दाई…
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जो भी कहूँ जितना भी कहूँ,बेहतर से बेहतर शब्द चुनू,महिला शक्ति की महिमा में,श्रद्धारूपिणी की गरिमा में। जन्म के समय वो महिला थी,जिसने थाम लिया था हाथों में,डाक्टर, नर्स, दाई…