विकसित भारत@2047 के संकल्प के साथ गांव से शहर तक होंगे विविध आयोजन, विभागवार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संत कबीर नगर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान के तहत गांव, कस्बे और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के सहयोग से सेवा, जागरूकता, सांस्कृतिक और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई।
जिलाधिकारी ने अभियान के उद्देश्य और इसकी रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलावों को सामने लाया जाएगा। साथ ही नीतिगत सुधारों, जनकल्याणकारी कार्यों और महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के साथ उन्हें विकसित भारत@2047 के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाएगा।
बैठक में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों की विभागवार कार्ययोजना पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने जनपद मुख्यालय से लेकर शहरी क्षेत्रों, विकासखंडों और ग्राम स्तर तक कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को सेवा दिवस के अवसर पर विकसित भारत के सामूहिक संकल्प के प्रतीक के रूप में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित नागरिक अपने घरों में शाम सात बजे दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। इसके अलावा प्रमुख मंदिरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्मारकों पर भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
इसी दिन ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में रक्तदान शिविर तथा दिव्यांगजन कल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम में बच्चों की कल्पना के जरिए विकसित भारत की तस्वीर सामने लाई जाएगी। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग और कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित होगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में भाषण और डिबेट प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।
‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और बीते वर्षों में आए बदलावों को सरल, भावनात्मक और संगीतपूर्ण नाटकों के माध्यम से गांव-गांव तथा शहरों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा।
‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत 25 सितंबर से सात अक्टूबर तक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल और रील अभियान चलाकर ऐसे नागरिकों की वास्तविक कहानियां सामने लाई जाएंगी, जिनके जीवन में सरकारी योजनाओं से सकारात्मक बदलाव आया है। वहीं सात अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ कार्यक्रम के माध्यम से सामूहिक रूप से विकसित भारत@2047 का संकल्प लिया जाएगा।
‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक नागरिकों को किसी न किसी सेवा कार्य से जोड़कर समाज के प्रति अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड स्तर पर सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर और स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां एक ही स्थान पर लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जिला पंचायत राज अधिकारी, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथियों और अवधि में कार्यक्रमों का प्रभावी एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कन्नौजिया, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार डॉ. प्रभात द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी रूक्मिणी वर्मा, परियोजना निदेशक विजयन्त सिंह, डीसी एनआरएलएम प्रवीण कुमार शुक्ल, उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा, एसी उद्योग जितेन्द्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, पर्यटन अधिकारी विकास नारायण, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रवीश चन्द्र, जिला दिव्यांगजन अधिकारी प्रतिभा यादव, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल सहित खंड विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।