Category: अन्य खबरे

दो पंक्तियों में जीवन का सार कहने की कला में पारंगत संत कबीर दास

भारतीय संत परंपरा में संत कबीर दास जी एक प्रमुख नाम हैं। उनकी सखी-सबद-रमैनी की त्रिवेणी से निकली पंक्तियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। संत कबीर दास जी…

युवाओं के प्रेरणा स्रोत: युग पुरुष स्वामी विवेकानंद

जयंती पर विशेष ✍️नवनीत मिश्र युग पुरुष स्वामी विवेकानंद जी का जन्म जिस समय हुआ, उस समय भारत की सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियां विषमताओं व उथल-पुथल से भरी थी।…

नहीं हुआ सेमीफाइनल खराब मौसम ने कोलकाता और झारखंड को बराबरी पर रोका

स्व. फूलमती देवी राष्ट्रीय महिला फुटबाल प्रतियोगिता बैतालपुर, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) स्व. फूलमती देवी राष्ट्रीय महिला फुटबाल प्रतियोगिता के छठवे दिन मंगलवार को कोलकाता और झारखण्ड (धनबाद )के बीच…

वैश्विक अनिश्चितता के बीच विज़न 2047 के लिए विकास की गति को बनाए रखना बज़ट 2025-26 में चुनौती पूर्ण 

बजट 2025 में कौशलता, एंप्लॉयमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट टैक्स सुधार के माध्यम से लोगों के हाथ में पैसा आए जैसे सुधारो पर फोकस की संभावना- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र…

आधी दुनिया 

विरासत में मिले साहित्य प्रेम और माहौल से बनी लेखिका प्रियंका ‘सौरभ कहते है न कि बच्चों को जैसा माहौल घर में मिलता है, उनके भविष्य में उसकी छाप ज़रूर…

विश्व ध्यान दिवस : मानसिक शांति और स्वास्थ्य की ओर एक कदम

✒️नवनीत मिश्र आज से प्रत्येक वर्ष 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्व भर में शांति, एकता और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। यह दिन…

अब कौन बताए-प्रियंका सौरभ

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)चेहरे है सब क्यों मुरझाए,अब कौन बताए।क्यों फैले दहशतगर्दी के साये,अब कौन बताए॥कभी होकर देश पर कुर्बान,जो अमर हुए थे,सपूत वही आज क्यों घबराये,अब कौन बताए।कौन है कातिल…

अभियान,सामुदायिक कार्यक्रम व चर्चाएं आयोजित कर पीड़ितों में जागरूकता लाएं 

राष्ट्रीय मिर्गी दिवस 17 नवंबर 2024 पर विशेष-शैक्षिक गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनियाँ का हर देश इस आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी युगमें भी अनेक प्रकार की बीमारियों रोगों से ग्रस्त है,…

समय की समझ

समयनिष्ठा का पालन मानव केश्रेष्ठ गुणों में सर्वश्रेष्ठ होता है,यह ऐसा स्वभाव है जो हमें सफलबनाने में बहुत सहायक होता है। समय पर सभी कार्य पूरे करने वालासमय निकलने पर…

दीयों से मने दीवाली, मिट्टी के दीये जलाएँ !

✒️प्रियंका सौरभ आज की भागती दौड़ती ज़िन्दगी में लोग अपनी परंपरा को भूलते जा रहे हैं। इसका परिणाम है कि आज देश में पर्यावरण संकट के साथ-साथ कई तरह की…

परंपरा भी जीवंत बनायें रखे मिट्टी के दीये जलाएँ, प्रदूषण को दूर भगाएँ

आधुनिकता के दौर में दीपोत्सव पर मिट्टी की दीये जलाने की परंपरा विलुप्त हो रही है। इससे सामाजिक रूप से व पर्यावरण पर ग़लत प्रभाव पड़ने की आशंका को नकारा…

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष व विश्व बैंक की वार्षिक बैठक वाशिंगटन में भारत का आगाज़

विश्व बैंक उच्च प्राथमिकता वाले कौशल क्षेत्र की पहचान कर रोज़गार कौशल प्लान व श्रम बनाए रखने में देशों के साथ सहयोग की सलाह दी हरित नौकरियों व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस…

भूल गए वो मित्र हमारे

भूल गए वो मित्र हमारे,जो रोज़ खबर ले लेते थे,ऐसी याद बिसारी मेरी जैसेकान्हा गोकुल छोड़ गए थे। कहना ऊधव जाकर उनसेगोकुल की गलियाँ सूनी हैं,अब तो वापस आ भी…

चाहत और मंज़िलें

स्वप्न देखना अच्छा होता है, उस परअमल करना और भी अच्छा होता है,आस्था बलशाली होती है, उसकोफलीभूत करना और प्रबल होता है। जीवन में चाहत जिसको भी होती है,हमेशा उसकी…

राजनीति सबकी चाहत

रेस्टौरेंट होटल हैं खुल गये,जगह जगह हैं माल बन रहे,अस्पतालों की लाइन लगी है,कुकुरमुत्ते की भाँति बढ़ रहे । नहीं कहीं पार्किंग की व्यवस्था,नहीं कहीं अग्निशमन की सुरक्षा,कोई नहीं नियम…