Category: अन्य खबरे

एक ज़रूरी बचाव लेकिन क्या लोग ऊब गए हैं

1930 की चेतावनी और पकते कान साइबर सतर्कता या शोरगुल? साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और ऑनलाइन ठगी से बचाव की चेतावनियाँ इतनी बार सुनाई देने लगी हैं कि लोग अब…

दोहरे मापदंड कर्मचारी परेशान सांसद मालामाल

महंगाई में पिसते कर्मचारी, राहत में नहाते सांसद: 2% बनाम 24% का गणित सरकार ने जहां सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में मात्र 2% की वृद्धि की, वहीं सांसदों…

जीवन का आधार

भाई अगर निभा रहा, फर्ज सभी हर बार।समझो उसकी संगिनी, पूजन की हकदार॥ जो नारी ससुराल को, देती मान अपार।उसका गौरव गूँजता, फैले सुख संसार॥ संबल पति का जो बने,…

क्या सचमुच सिमट रही है दामन की प्रतिष्ठा?

समय के साथ परिधान और समाज की सोच में बदलाव आया है। पहले “दामन” केवल वस्त्र का टुकड़ा नहीं, बल्कि मर्यादा और संस्कृति का प्रतीक माना जाता था। पारंपरिक वस्त्रों—साड़ी,…

अस्पतालों में बिना ज़रूरत के बढ़ते सीज़ेरियन

यह सच है कि कुछ निजी अस्पताल अधिक मुनाफे के लिए अनावश्यक सीज़ेरियन कर रहे हैं, लेकिन सभी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। समाधान के लिए महिलाओं की जागरूकता,…

पद्मपुराण में महादेव द्वारा वर्णित तुलसी का महत्व

विशेष——– महादेव कहते हैं : हे नारद ! सुनो। मैं तुम्हें तुलसी का माहात्म्य बताता हूँ , जिसे सुनकर मनुष्य जन्म से लेकर मृत्युपर्यन्त पाप से मुक्त हो जाता है।…

“शादी के बाद करियर: उड़ान या उलझन?”

परिवारों को यह समझना होगा कि शादी का मतलब महिलाओं के करियर का अंत नहीं होता। पुरुषों को घर और बच्चों की जिम्मेदारी में बराबर भागीदारी निभानी चाहिए। कंपनियों को…

तलाक की भेंट चढ़ते तेरे मेरे सपने

जब सपने बिखरते हैं, प्रेम विवाह में तलाक बढ़ते हैं आजकल तलाक के बढ़ते मामलों ने समाज में एक नई चिंता को जन्म दिया है। चाहे अरेंज मैरिज हो या…

क्या महिला किसानों तक पहुँच रही है तकनीक?

विशेष: भारत की कृषि-खाद्य प्रणालियाँ, जिनमें कृषि, पशुधन, कृषि वानिकी और मत्स्य पालन शामिल हैं, महिलाओं के भुगतान और अवैतनिक श्रम दोनों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। महिलाएँ भारतीय कृषि…

नवनाथ : नाथ परम्परा के मूल प्रवर्तक

राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में बन रहे हैं नवनाथ एवं नाथ परम्परा पर आधारित चित्र नवनाथ और नाथ परम्परा हिंदू धर्म की एक प्रमुख और प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परम्परा…

गोबर पीने तक का ज्ञान दे रहे हैं नेता लोग?

नेता तोड़ रहे भाषा की मर्यादा, असली मुद्दे गायब गुड़’गोबर’ हुई राजनीति चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की बयानबाजी अक्सर चरम पर पहुंच जाती है। पार्टी नेता अपनी बात…

बिखर रहे चूल्हे सभी सिमटे आँगन रोजनई सदी ये कर रही जाने कैसी खोज

हिसार (राष्ट्र की परम्परा)। पिछले कुछ समय में पारिवारिक ढांचे में काफ़ी बदलाव हुआ है। मगर परिवारों की नींव का इस तरह से कमजोर पड़ना कई चीजों पर निर्भर हो…

जातक कथाओं में प्रबन्ध शास्त्रीय तत्व विषयक व्याख्यान संपन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा बृहस्पतिवार को भारतीय संस्कृति अभिरूचि पाठ्यक्रम के अन्तर्गत सप्त दिवसीय राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के द्वितीय दिवस…