देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और कमियों पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलजा मिश्रा ने केंद्र पर मौजूद पीड़ित महिलाओं से सीधे संवाद किया और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीड़िताओं की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य है और समाज के साथ-साथ संस्थाओं को भी इस दिशा में पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी।
जांच के दौरान केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में खामियां सामने आईं। फ्रंट और साइड कैमरे काम नहीं कर रहे थे, जिस पर सचिव ने नाराजगी जताते हुए केंद्र प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा केंद्र प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि जिन महिलाओं को विधिक सहायता की आवश्यकता है, उनके मामलों को चिन्हित कर अधिक से अधिक संख्या में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को संदर्भित किया जाए, ताकि उन्हें समय पर न्याय और सहायता मिल सके।
इस निरीक्षण का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना रहा। प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण, सुरक्षा में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी
मऊ कोषागार में वित्तीय वर्ष का शानदार समापन, 37.45 करोड़ का भुगतान कर हासिल की ‘जीरो पेंडेंसी’
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम कार्यदिवस पर मऊ कोषागार ने रिकॉर्ड भुगतान करते हुए ऐतिहासिक समापन दर्ज किया। विकास कार्यों और जनहित योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से कोषागार की टीम ने दिनभर युद्धस्तर पर काम कर सभी वैध बिलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया। डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी और तेज प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई।
कोषागार प्रशासन के अनुसार, 31 मार्च को विभिन्न आहरण-वितरण अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत कुल 354 बिलों का परीक्षण कर उन्हें ई-पेमेंट पोर्टल के जरिए सीधे लाभार्थियों, फर्मों और संस्थाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता दोनों सुनिश्चित हुई।
इस दौरान नगर निकायों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। नगर पालिका और नगर पंचायतों ने मिलकर 16.22 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से शहरी विकास, स्वच्छता व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार में किया गया।
पूरे दिन में कुल 37.45 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का ऑनलाइन निस्तारण किया गया। इसमें अवस्थापना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा क्षेत्र और लंबित देयकों को प्राथमिकता दी गई। पोर्टल पर दबाव के बावजूद कोषागार कर्मियों ने सभी वैध बिलों का निस्तारण कर ‘जीरो पेंडेंसी’ का लक्ष्य प्राप्त किया।
कोषागार प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी विभाग का स्वीकृत बजट लैप्स न हो, इसके लिए देर रात तक कार्य जारी रखा गया। इस उपलब्धि में लेखाकारों, कंप्यूटर सहायकों और बैंक अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही, जिनके समन्वय से पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई।
अधिकारियों के अनुसार, 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिसमें भी पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाएगी।
हत्या के मामले में फरार अभियुक्त पर कोर्ट की सख्ती, धारा 82 के तहत मुनादी और उद्घोषणा
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत भटनी पुलिस ने हत्या के एक मामले में फरार चल रहे अभियुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 82 सीआरपीसी के तहत उद्घोषणा और मुनादी की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चल रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) और क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी के पर्यवेक्षण में थाना भटनी पुलिस ने यह कार्रवाई की। थाना भटनी में दर्ज मुकदमा संख्या 67/2023 में नामजद अभियुक्त सुनील प्रसाद लंबे समय से फरार चल रहा था। मामला आईपीसी की गंभीर धाराओं 498ए, 306 और 302 से संबंधित है।
न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुपालन में पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची और विधिक प्रक्रिया के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई की। इस दौरान गांव में डुग्गी पिटवाकर मुनादी कराई गई, जिससे स्थानीय लोगों को आरोपी के फरार होने की जानकारी दी जा सके। साथ ही आरोपी के घर और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस भी चस्पा किए गए।
पुलिस के अनुसार, उद्घोषणा के बाद भी यदि अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है, तो आगे की विधिक कार्रवाई और सख्त की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
कार्रवाई में थाना भटनी के थानाध्यक्ष मृत्युन्जय राय के साथ पुलिस टीम के अन्य सदस्य भी शामिल रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराया।
स्कूली वाहनों की सुरक्षा के लिए 1 से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान, ऑनलाइन पोर्टल शुरू
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)l स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शासन ने स्कूली वाहनों के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप की शुरुआत की है। इसके तहत 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक जनपद में स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्कूली वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और बच्चों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।
परिवहन विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से पोर्टल पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और सभी विद्यालयों को इसका लिंक उपलब्ध करा दिया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन को अपने सभी वाहनों का विवरण अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करना होगा। वाहन संख्या दर्ज करते ही VAHAN-4.0 से संबंधित दस्तावेज जैसे फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और परमिट की जानकारी स्वतः प्रदर्शित होगी। वहीं चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालने पर सारथी पोर्टल से उसका विवरण प्राप्त हो सकेगा।
विद्यालयों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सभी चालकों का चरित्र सत्यापन संबंधित थाने से कराया जाए और उसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाए। इसके अलावा वाहनों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट-एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा और स्पीड गवर्नर जैसी सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी भी दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था विद्यालय के स्वयं के वाहनों के साथ-साथ अनुबंधित और अभिभावकों द्वारा संचालित वाहनों पर भी लागू होगी।
प्रबंधन को एक शपथपत्र भी अपलोड करना होगा कि उनके सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। जिन विद्यालयों में कोई वाहन संचालित नहीं है, उन्हें भी इसकी सूचना पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभिभावकों के लिए ‘Know Your Bus’ सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे अपने बच्चों को ले जाने वाले वाहन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और किसी भी प्रकार की शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर पाएंगे।
इस पोर्टल की निगरानी शासन स्तर से लेकर जिला स्तर तक की जाएगी। प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, परिवहन अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने-अपने लॉगिन के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। किसी वाहन में कमी पाए जाने पर पोर्टल पर रेड फ्लैग के जरिए चेतावनी दी जाएगी।
इसके अलावा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर वाहनों का भौतिक और तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे स्कूली परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
परिवहन विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर पोर्टल पर सभी आवश्यक सूचनाएं समय से अपलोड कर अभियान को सफल बनाएं।
नम आंखें, भारी मन से मानवेंद्र पाण्डेय ‘मन्नू’ को अंतिम विदाई, उमड़ा जन सैलाब
पूर्व विधायक शीतल पांडेय को पुत्र शोक
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सहजनवा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता शीतल पांडेय के सबसे छोटे सुपुत्र मानवेन्द्र पाण्डेय ‘मन्नू’ के आकस्मिक निधन से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। उनके असमय चले जाने की खबर ने परिवार ही नहीं, बल्कि राजनीतिक, सामाजिक और आम जनमानस को भी गहरे सदमे में डाल दिया।
मंगलवार शाम राजघाट, राप्ती तट, गोरखपुर पर नम आंखों और भारी मन के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान वातावरण बेहद भावुक रहा और हर चेहरा शोक में डूबा नजर आया। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे और मौन भाव से श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजघाट पर पूर्वांचल के अनेक भाजपा नेता, व्यापारी, समाजसेवी सहित विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढाढ़स बंधाया और इस कठिन समय में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
स्व. मन्नू के निधन पर नगर पंचायत घघसरा के अध्यक्ष प्रभाकर दूबे, अवनीश मिश्रा, पूर्व विधायक जीएम सिंह, अरुणेश शाही, आदित्य प्रताप सिंह आगू, मायाशंकर शुक्ल आदि ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मानवेन्द्र ‘मन्नू’ अपने सरल स्वभाव, सहज व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण हर किसी के प्रिय थे। उनके असमय निधन ने एक ऐसी रिक्तता छोड़ दी है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। उपस्थित लोगों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका स्नेह और अपनापन हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।
गोद में वान्या, दिल में लक्ष्य: सुषमा ने PCS में 13वीं रैंक से लिखी सफलता की कहानी
पूर्व विधायक स्व० कपिलदेव की पौत्रवधू हैं सुषमा, घर आगमन पर फूल-मालाओं से हुआ जोरदार स्वागत
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l सुषमा यादवटैग – मऊ, पीसीएस 2024, सफलता, महिला सशक्तिकरण, प्रेरणा, एसडीएम
पूर्व विधायक स्व० कपिलदेव यादव की पौत्रवधू और पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमित्रा यादव, डॉ० राम बिलास यादव की बहू सुषमा यादव की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनके घर पहुंचते ही ग्रामीणों, शुभचिंतकों और परिजनों ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया।
मूल रूप से गोरखपुर के दिव्य नगर की रहने वाली सुषमा यादव के पिता गोपाल यादव व्यवसायी हैं। वर्ष 2022 में उनकी शादी पंकज यादव से हुई, जो एक शिक्षण संस्थान का संचालन करते हैं। सुषमा ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से एमएससी और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 2021 से उन्होंने यूपी पीसीएस की तैयारी शुरू की।
सुषमा बताती हैं कि छात्र जीवन में एक कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी से मुलाकात ने उनके जीवन की दिशा तय कर दी। उसी समय उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का संकल्प लिया। शादी और मातृत्व के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और समय प्रबंधन के जरिए तैयारी को संतुलित किया।
तैयारी के दौरान उन्होंने सीमित संसाधनों में भी निरंतर अध्ययन, नोट्स बनाना, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना और नियमित मॉक इंटरव्यू पर विशेष ध्यान दिया। साक्षात्कार के दिन भी वह अपनी सात माह की बेटी वान्या को साथ लेकर पहुंचीं, जो उनकी दृढ़ता और समर्पण का प्रतीक बन गया।
सुषमा का कहना है कि परिवार का सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। उनके पति, सास-ससुर और पूरे परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। वह अपनी सफलता का श्रेय अपनी बेटी वान्या को भी देती हैं, जिन्हें वह अपना “सौभाग्य” मानती हैं।
सुषमा यादव अब उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर कार्य करते हुए समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए काम करना चाहती हैं। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज और विशेष रूप से महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। यह कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसले बुलंद हों, तो जिम्मेदारियों के साथ भी सफलता हासिल की जा सकती है।
वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) सलेमपुर विकास खंड क्षेत्र के घुसरी मिश्र, कोल्हुआ पड़री बाजार स्थित चिल्ड्रेंस केयर एकेडमी में मंगलवार को विभिन्न कक्षाओं का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।परिणाम घोषणा के साथ ही विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
घोषित परिणाम के अनुसार कक्षा एक में आराध्य मिश्रा ने प्रथम, निक्की ने द्वितीय तथा अंशिका कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा दो में खुशबू प्रथम, श्रेया द्वितीय और मधु तृतीय रहीं। कक्षा तीन में लक्ष्य पांडेय प्रथम, राधिका जायसवाल द्वितीय तथा अंशिका यादव तृतीय स्थान पर रहीं।
कक्षा चार में पार्थ सिंह ने प्रथम, अंश यादव ने द्वितीय और अनन्या ने तृतीय स्थान हासिल किया। कक्षा पाँच में आराध्य मिश्रा प्रथम, विवेक कुमार द्वितीय और प्रिय तृतीय रहे। कक्षा छह में करण जायसवाल प्रथम, अमीषा द्वितीय और प्रिया तृतीय स्थान पर रहीं।
कक्षा सात में अपराजिता ने प्रथम, रिया ने द्वितीय तथा सलोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा आठ में पूजा राजभर प्रथम, आराधना द्वितीय और आरुषि यादव तृतीय स्थान पर रहीं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। जो विद्यार्थी नियमित अध्ययन और अनुशासन का पालन करते हैं, वही जीवन में आगे बढ़ते हैं। आज के परिणाम बच्चों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण का प्रतिफल हैं। हमें विश्वास है कि ये छात्र-छात्राएं भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।” कार्यक्रम के दौरान सौम्या मिश्र, शिल्पी पांडेय, सुनीता पांडेय सहित अन्य अभिभावक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
सेना के जवान रणजीत यादव का निधन, पूरे गांव में शोक की लहर
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
रसड़ा क्षेत्र के प्रधानपुर गांव निवासी भारतीय सेना के जवान रणजीत यादव (32 वर्ष) का सोमवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।सोमवार की देर रात्रि जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव का माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम दिखी। उनकी पत्नी पूजा यादव, जो बिहार के वैशाली स्थित एक कॉलेज में प्रवक्ता हैं, और चार वर्षीय पुत्र राजवीर यादव का रो-रोकर हाल बेहाल था।इस दुखद अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ रिटायर सेना के जवान भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वाराणसी से आए सेना के जवानों ने दिवंगत सैनिक को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। प्रधानपुर स्थित टोंस नदी के तट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।बताया जाता है कि रणजीत यादव वर्ष 2012 में कुमायूं रेजीमेंट में भर्ती हुए थे और वर्तमान में उनकी तैनाती लखनऊ में थी। वर्ष 2019 में उनका विवाह गड़वार थाना क्षेत्र के असनवार गांव निवासी पूजा यादव के साथ हुआ था। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।मृतक के छोटे भाई अजीत यादव इलाहाबाद में सिविल पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हैं। सूचना मिलते ही वह भी लखनऊ पहुंच गए थे।सेना के जवान के निधन पर गांव के पूर्व प्रधान राधेश्याम यादव, सुरेश तिवारी, कृष्णानंद पांडे, सियाराम यादव, सूर्यकांत यादव सहित कई लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
अवैध गांजा के साथ युवक गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस की कार्रवाई
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने एक अभियुक्त को गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस टीम ने बीती रात रामनाथ देवरिया से कतरारी मार्ग पर चेकिंग के दौरान रामप्रवेश कुमार निवासी रामनाथ देवरिया पश्चिम मोहल्ला को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 1 किलोग्राम 165 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर थाना कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई जनपद में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। लगातार निगरानी और चेकिंग के जरिए ऐसे मामलों में सख्ती बरती जा रही है।
गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक अनित कुमार राय के साथ कांस्टेबल आदेश गौरव कौशिक, प्रवीण पाण्डेय, पंकज शुक्ला और राहुल यादव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 136 वाहनों का चालान, 2 सीज
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में यह अभियान शहर के प्रमुख स्थानों पर चलाया गया।
अभियान के तहत रुद्रपुर मोड़, बस स्टैंड और कसया ओवरब्रिज पर सड़क किनारे खड़े होकर सवारी भरने वाले बस, ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों की जांच की गई। इसके अलावा बिना ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन चलाने, बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने और अवैध हूटर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
चेकिंग के दौरान कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की गई और सही कागजात पाए जाने पर उनकी नंबरिंग की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अभियान के दौरान कुल 136 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 2 वाहनों को सीज किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और वाहन चालकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 136 वाहनों का चालान, 2 सीज
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में यह अभियान शहर के प्रमुख स्थानों पर चलाया गया।
अभियान के तहत रुद्रपुर मोड़, बस स्टैंड और कसया ओवरब्रिज पर सड़क किनारे खड़े होकर सवारी भरने वाले बस, ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों की जांच की गई। इसके अलावा बिना ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन चलाने, बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने और अवैध हूटर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
चेकिंग के दौरान कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की गई और सही कागजात पाए जाने पर उनकी नंबरिंग की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अभियान के दौरान कुल 136 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 2 वाहनों को सीज किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और वाहन चालकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पाण्डेय हत्याकांड को लेकर थाने पर हंगामा, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
पुलीस रेवती कस्बा निवासी श्रीराम पाण्डेय हत्याकांड को लेकर मंगलवार को थाना परिसर में उस समय माहौल गरमा गया, जब मृतक के परिजन बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस पर कथित रूप से दो आरोपियों को थाने से छोड़ने का आरोप लगाया और जमकर नाराजगी जताई।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने संक्षिप्त बातचीत के बाद जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और वहां से चले गए। इससे परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया।मृतक के बेटे अर्जुन, बेटी ममता और भतीजे योगेश सहित आधा दर्जन से अधिक लोग सपा नेता अमित पाण्डेय और अंगद मिश्र फौजी के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले भृगुनाथ और उसके दो बेटों को गिरफ्तार किया था, जिसकी पुष्टि पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के बयान में भी हुई थी। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव में आकर पुलिस ने दो आरोपियों को छोड़ दिया और केवल एक को जेल भेजा।
मृतक के भतीजे योगेश, जो इस मामले के वादी भी हैं, ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने घायल श्रीराम पाण्डेय से बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने भृगुनाथ, मारकण्डेय और ओमप्रकाश का नाम लिया था। उसी आधार पर नामजद तहरीर दी गई। योगेश ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने रविवार को उनसे जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
परिजनों का कहना है कि आरोपी पक्ष का घर मृतक के घर के पास ही है और वे लगातार धमकी दे रहे हैं, जिससे परिवार में भय का माहौल है। सपा नेता अमित पाण्डेय और अंगद मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे थाने पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।घटना के संबंध में बताया जा रहा कि मक्का के पौधे तोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि भृगुनाथ ने पहले मृतक की भाभी रेखा को धमकी दी थी। इसके बाद शुक्रवार रात श्रीराम पाण्डेय को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। शनिवार सुबह कराहने की आवाज सुनकर लोग पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उनकी मृत्यु हो गई।
इस मामले में क्षेत्राधिकारी बैरिया फहीम कुरैशी ने बताया कि जांच में एक आरोपी दोषी पाया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ जांच जारी है। यदि वे भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
जनगणना-2027 होगी पूरी तरह डिजिटल, पहली बार नागरिकों को मिलेगा स्व-गणना का विकल्प
औरैया (राष्ट्र की परम्परा)
जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ स्व-गणना के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में बताया गया कि जनगणना-2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। यह देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जिसे गांव, शहर और वार्ड स्तर पर सबसे विश्वसनीय आंकड़ों का स्रोत माना जाता है। जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य 22 मई से 20 जून 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ कराया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार पहली बार नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प दिया गया है। इसके तहत 7 से 21 मई 2026 के बीच लोग सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जनगणना के लिए जीआईएस आधारित मानचित्र और डिजिटल ऐप का उपयोग किया जाएगा, जिससे सभी क्षेत्रों का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिला जनगणना अधिकारी अविनाश चन्द्र मौर्य ने जनगणना की प्रक्रिया और समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान भवनों के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, शौचालय की उपलब्धता, ऊर्जा के स्रोत, इंटरनेट सुविधा, वाहन और अन्य परिसंपत्तियों सहित कुल 33 प्रकार की सूचनाएं एकत्र की जाएंगी। सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे और इनका उपयोग विकास योजनाओं और नीति निर्माण में किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, उप जिलाधिकारी कमल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र कुमार, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर विपिन पाल सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
पॉक्सो एक्ट में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, रुद्रपुर पुलिस की कार्रवाई
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में अपराध और अपराधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना रुद्रपुर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार थाना रुद्रपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 452/25, धारा 137(2), 64(1), 87 बीएनएस तथा 5J(2)/6 पॉक्सो एक्ट से संबंधित अभियुक्त अमरजीत, निवासी थाना क्षेत्र रुद्रपुर, को 31 मार्च 2026 को ग्राम छितही पोखरे के पास कटरैन के समीप से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि संबंधित पीड़िता को थाना रुद्रपुर पुलिस ने 20 मार्च 2026 को सकुशल बरामद कर लिया था, जिसके बाद अभियुक्त की तलाश तेज कर दी गई थी। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम को सफलता मिली।
गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक सौरभ सिंह और कांस्टेबल कन्हैया लाल चौधरी की टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई को अभियान के तहत बड़ी सफलता माना है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
