संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के रामजानकी मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया।
मिली जानकारी के अनुसार धनघटा थाना क्षेत्र के दूल्हापार चौराहे के पास एक ऑटो रिक्शा धनघटा से पौली की ओर जा रहा था, जिसमें कुल छह लोग सवार थे। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पलट गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान परसहर गांव निवासी कमरुन्निशा, पत्नी मोहम्मद रईस के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने मायके से घर लौट रही थीं। घायलों में दूल्हापार चकिया निवासी राजन, विश्वनाथपुर निवासी रागिनी, उसके दो छोटे बच्चे तथा महसो बस्ती निवासी सुशीला शामिल हैं।
सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
रामजानकी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, महिला की मौत; दो बच्चों समेत पांच घायल
पुराने तालाब से मिला संदिग्ध मोर्टार, इलाके में मचा हड़कंप
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
मनियर थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक पुराने तालाब की खुदाई के दौरान संदिग्ध मोर्टार मिलने की सूचना सामने आई। ईंट भट्ठे के निर्माण के लिए चल रही खुदाई के बीच मिले इस विस्फोटक जैसी वस्तु ने पूरे इलाके में भय और कौतूहल का माहौल पैदा कर दिया है।जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार दोपहर लगभग 3 बजे की है। गंगापुर गांव में एक पुराने तालाब से पानी निकालकर उसे समतल किया जा रहा था, ताकि वहां निर्माण कार्य किया जा सके। इसी दौरान कुछ बच्चे मछली पकड़ने के उद्देश्य से तालाब में उतर गए। खेल-खेल में उन्हें एक भारी धातु का गोला जैसी वस्तु दिखाई दी, जिसे वे कबाड़ समझकर बाहर ले आए।बताया जा रहा है कि बच्चों ने उसे कबाड़ में बेचने के इरादे से ग्राइंडर मशीन से काटने की कोशिश भी की। हालांकि, मौके पर मौजूद कुछ बड़े लड़कों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने तुरंत बच्चों को ऐसा करने से रोक दिया। यदि समय रहते उन्हें नहीं रोका जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।मोर्टार पर बने निशान और लिखावट ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है। उस पर ‘ODR 11.06’, ‘204A’ तथा ‘51 MM M ILLG’ जैसे शब्द अंकित हैं। इसके अलावा उस पर चांद-सितारे जैसा प्रतीक भी देखा गया, जिसे ग्रामीण पाकिस्तान से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इस तरह के चिन्ह मिलने से लोगों में दहशत व्याप्त है।घटना की सूचना मिलते ही मनियर थाना प्रभारी अजय कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। सुरक्षा के मद्देनजर मोर्टार को सुरक्षित स्थान पर रखवाया गया है और आसपास के क्षेत्र को सतर्क कर दिया गया है।पुलिस के अनुसार, फोरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है, जो इस मोर्टार की वास्तविकता और उसके स्रोत का पता लगाएगी। प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि यह कोई पुराना सैन्य अवशेष हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर यह मोर्टार तालाब में कैसे पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
दिशा बैठक में योजनाओं की समीक्षा, जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक कार्यों की सराहना की
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में विकास कार्यों को गति देने और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद शशांक मणि ने की, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर संतोष जताते हुए सराहना भी की।
बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, समग्र शिक्षा और डिजिटल इंडिया पब्लिक इंटरनेट एक्सेस प्रोग्राम (सीएससी) सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही हाईवे और रेलवे परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
गर्मी के मौसम को देखते हुए बैठक में बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विद्युत विभाग को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं गेहूं खरीद की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि जनपद में 107 क्रय केंद्रों के माध्यम से अब तक लगभग 6 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। भंडारण के लिए पर्याप्त बोरा उपलब्ध कराते हुए कुल 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए पशुओं के लिए पेयजल, चारा, तिरपाल और पंखों की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि गर्मी में पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में सांसद सलेमपुर, कृषि मंत्री, विधायकगण, जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जेईई मेन 2026 में मोमेंटम के छात्रों का दमदार प्रदर्शन, 93 हुए एडवांस के लिए क्वालिफाई
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जेईई मेन 2026 के घोषित परिणामों में मोमेंटम छात्रसंघ के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता का परिचय दिया है। इस वर्ष संस्थान के 93 छात्र जेईई एडवांस के लिए पात्र बने हैं।
इनमें शिवांश रंजन ने 99.77 परसेंटाइल प्राप्त कर संस्थान में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। वहीं आदित्य विक्रम सिंह ने 99.71, आकाश पटेल ने 99.52, अक्षत पांडेय ने 99.36, आयुष कुमार यादव ने 99.14 तथा शिवम मणि त्रिपाठी ने 99.10 परसेंटाइल स्कोर कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
संस्थान के कुल 58 छात्रों ने 95 परसेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त कर सफलता का परचम लहराया। बस्ती शाखा के दो छात्रों ने 99 परसेंटाइल से अधिक तथा तीन छात्रों ने 97 परसेंटाइल से अधिक अंक हासिल किए हैं। इसके अलावा 14 छात्र जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई हुए हैं। वहीं देवरिया शाखा के सात छात्र जेईई एडवांस के लिए सफल रहे।
संस्थान के निदेशक इं. संजीव कुमार ने कहा कि यह परिणाम केवल अंकों की उपलब्धि नहीं है, बल्कि छात्रों के अनुशासन, निरंतरता और सही दिशा में किए गए प्रयासों का प्रमाण है। निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि मोमेंटम का उद्देश्य केवल टॉपर बनाना नहीं, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो किसी भी स्तर की प्रतिस्पर्धा में आत्मविश्वास के साथ खड़े हो सकें। निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि 93 छात्रों का जेईई एडवांस के लिए पात्र होना संस्थान के लिए गर्व की बात है और उन्हें विश्वास है कि विद्यार्थी आगामी परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।
मईल पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, बाल अपचारी गिरफ्तार, बाइक बरामद
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत मईल थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने चोरी की घटना का अनावरण करते हुए एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है और उसके पास से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर बरेजी पुल के पास की गई।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए बाल अपचारी के कब्जे से हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट) बरामद हुई, जिसका वास्तविक नंबर UP 52BM 2179 है। यह वाहन पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मामले से संबंधित पाया गया। इस संबंध में मईल थाने में नया मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि इस मामले में पहले ही दो अन्य अभियुक्तों को 10 अप्रैल 2026 को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की लगातार कार्रवाई से चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है।
गिरफ्तार बाल अपचारी का आपराधिक इतिहास भी लंबा बताया जा रहा है। उसके खिलाफ मईल थाने में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता है कि वह पहले से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक महेंद्र मोहन मिश्रा, उपनिरीक्षक अरविंद कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
माटी कला उद्यमियों को 10 लाख तक ऋण, रोजगार बढ़ाने की पहल
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l माटी कला से जुड़े उद्यमियों और परम्परागत कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। जिला ग्राम उद्योग अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अंतर्गत माटीकला बोर्ड का गठन किया गया है और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपदों को लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक उत्पादों पर बढ़ती रोक के बीच पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और मिट्टी से बने उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत कुम्हारी और माटीकला से जुड़े कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण देकर उनके उद्योग को विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि वे बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन कर सकें।
योजना के अंतर्गत 18 से 55 वर्ष आयु के ऐसे कारीगर और उद्यमी आवेदन कर सकते हैं, जो माटीकला कार्य में पहले से संलग्न हैं। समूहों और समितियों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। ऋण में 95 प्रतिशत राशि बैंक द्वारा और 5 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी द्वारा दिया जाएगा। साथ ही पूंजीगत ऋण पर 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी अनुदान का प्रावधान है।
अधिकारियों के अनुसार 5 लाख रुपये से अधिक ऋण लेने के लिए अभ्यर्थी का कम से कम आठवीं पास होना अनिवार्य है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी कार्यदिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, संगीत पैलेश निजामुदीनपुरा मऊ में संपर्क कर सकते हैं या दिए गए मोबाइल नंबरों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस योजना के माध्यम से न केवल पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।
स्मार्ट मीटर मे ज्यादा बिल आने को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l मंगलवार की दोपहर पूर्वी नगरपालिका के पटेल नगर की दर्जनों महिलाओं ने स्वामीनाथ यादव के नेतृत्व में तहसील परिसर में विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए महिलाओं ने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने को मीटर लगाने की मांग की।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद हर महीने वास्तविक खपत से अधिक बिल आ रहा है। कई उपभोक्ताओं ने कहा कि एकमुश्त समाधान योजना में पूरा बकाया राशि जमा कर दिया गया है, फिर भी बिल में अधिभार और बकाया दिख रहा है जिससे कि उपभोक्ता परेशान हैं।
महिलाओं ने बताया कि एसडीएम ने समाधान के लिए मंगलवार को तहसील बुलाया था, लेकिन मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। इससे आक्रोशित महिलाओं ने तहसील में नारेबाजी की और ज्ञापन देने के लिए अधिकारियों का इंतजार किया।
प्रदर्शन में शिवम तिवारी, छगुरी देवी, रीता देवी, तारा देवी, शकुंतला, राजमती, किरण, उषा, रिंकू, पुष्पा, सुशीला, संध्या, संगीता समेत दर्जनों महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के छात्र आदर्श गिरी ने JEE में लहराया परचम
आदर्श की सफलता से विद्यालय में हर्ष का माहौल
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के मेधावी छात्र आदर्श गिरी ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Main) 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय और अपने परिवार का नाम रोशन किया है। आदर्श ने 99.4337132 परसेंटाइल अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
आदर्श गिरी विद्यालय के एक नियमित छात्र हैं और अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। आदर्श की सफलता का सफर उनकी कड़ी मेहनत और निरंतर लगन का परिणाम है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले आदर्श के पिता सुशील गिरी एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। अपनी सीमित संसाधनों के बावजूद, आदर्श ने विद्यालय की कक्षाओं के साथ-साथ स्वयं के आत्म-अध्ययन को प्राथमिकता दी और इस प्रतिष्ठित मुकाम को हासिल किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार सिंह ने आदर्श की इस शानदार सफलता पर उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा, आदर्श की यह उपलब्धि हम सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उसने साबित कर दिया है कि विद्यालय में मिलने वाली शिक्षा और दृढ़ संकल्प के मेल से किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है। मैं उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ और आशा करता हूँ कि वह आगे भी इसी प्रकार अपनी मेहनत और लगन से नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने भी आदर्श की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शिक्षकों का कहना है कि आदर्श न केवल पढ़ाई में अनुशासित है, बल्कि वह अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
आदर्श गिरी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल विद्यालय का मान बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी सफलता के नए द्वार खोले हैं।
लखनऊ में एमपी-यूपी समन्वय पर चर्चा, सम्पतिया उइके और राजो मालवीय से बीटीएसएस के आनंद सिंह की मुलाकात
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस (साकेत) में मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री सम्पतिया उइके तथा मध्य प्रदेश भाजपा की प्रदेश मंत्री राजो मालवीय से भारत तिब्बत समन्वय संघ (बीटीएसएस) पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष (युवा) आनंद सिंह की मुलाकात हुई। इस दौरान मध्य प्रदेश सरकार के कार्यों, भाजपा संगठन और बीटीएसएस की गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण तथ्यात्मक जानकारियां साझा की गईं।
बैठक में उत्तर प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य, संगठन विस्तार, युवाओं की भागीदारी और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर गंभीर मंथन किया गया। साथ ही दोनों राज्यों में संचालित विकास योजनाओं, विशेषकर पेयजल आपूर्ति और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ।
सम्पतिया उइके के पास लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्रालय का दायित्व है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और जल प्रबंधन से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। उत्तर प्रदेश में इसी विभाग की जिम्मेदारी स्वतंत्र देव सिंह के पास है। मंडला की मूल निवासी उइके वर्तमान में आलीराजपुर और सिंगरौली जिलों की प्रभारी मंत्री भी हैं और आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
वहीं नर्मदापुरम की निवासी राजो मालवीय भारत तिब्बत समन्वय संघ की राष्ट्रीय महामंत्री हैं। संगठन के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सीमावर्ती क्षेत्रों के मुद्दों और सामाजिक जागरूकता को लेकर उनके प्रयासों की भी चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान आपसी समन्वय को मजबूत करने, संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने तथा भविष्य में संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं के सुलझे और सकारात्मक विचारों की सराहना करते हुए इस मुलाकात को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया गया।
इस अवसर पर उन्हें उत्तर प्रदेश की सूचना निदर्शिनी, मथुरा का तिलक और बीटीएसएस की चाभी के गुच्छे भेंट किए गए।
रामुडीह में गेहूं के डंठल में लगी आग से पांच बच्चे झुलसे
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे, तत्काल इलाज की व्यवस्था
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l रामुडीह गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब खेत में पड़े गेहूं के सूखे डंठलों में लगी आग की चपेट में आकर रास्ते से गुजर रहे पांच बच्चे झुलस गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।
जानकारी के अनुसार, गेहूं की कटाई के बाद खेत में सूखे डंठल पड़े हुए थे, जिनमें अचानक आग लग गई। उसी दौरान पास के रास्ते से गुजर रहे पांच बच्चे आग की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग पर काबू पाकर उन्हें बाहर निकाला।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर दीपक गुप्ता तत्काल मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बिना देरी किए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए और एम्बुलेंस की व्यवस्था कराकर बच्चों को इलाज के लिए भेजा।
प्रशासन की तत्परता से चार बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है, जबकि एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डॉक्टरों की टीम सभी घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
एसडीएम दीपक गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर भी बच्चों का हाल जाना और चिकित्सकों को समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि आशंका जताई जा रही है कि सूखे डंठलों में किसी चिंगारी या लापरवाही के चलते आग लगी होगी। प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि फसल कटाई के बाद खेतों में पड़े सूखे अवशेषों में अक्सर आग लग जाती है, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सतर्कता और जागरूकता बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
गोरखपुर में 1592 प्रगणकों का प्रशिक्षण शुरू, अधिकारियों ने किया निरीक्षण
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील अंतर्गत बड़े स्तर पर होने वाले सर्वेक्षण/गणना कार्य को सफल बनाने के लिए मंगलवार से त्रिस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण गोरखपुर शहर के राजकीय जुबली इंटर कॉलेज और अयोध्या प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित किया जा रहा है, जहां सात-सात कक्षाओं में प्रशिक्षण सत्र संचालित हो रहे हैं।
इस कार्यक्रम के तहत कुल 1592 प्रगणकों, 261 सुपरवाइजर और 26 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण को तीन चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें पहला चरण शुरू हो चुका है और 23 अप्रैल तक चलेगा।
अधिकारियों ने लिया जायजा
प्रशिक्षण की व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए एसडीएम सदर दीपक गुप्ता और तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह दोनों केंद्रों पर पहुंचे। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे प्रगणकों, सुपरवाइजरों और प्रशिक्षकों से संवाद कर व्यवस्थाओं और प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लिया।
अधिकारियों ने प्रतिभागियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और प्रशिक्षकों को निर्देश दिए कि सभी विषयों को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाया जाए।
क्या बोले अधिकारी?
एसडीएम दीपक गुप्ता ने कहा कि यह प्रशिक्षण आगामी कार्यों की सफलता की नींव है, इसलिए सभी प्रतिभागी इसे गंभीरता से लें और हर पहलू को अच्छे से समझें।
वहीं तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह ने कहा कि प्रगणकों और सुपरवाइजरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी समय पर उपस्थित रहें और निर्देशों का पालन करें।
आगे कब होंगे प्रशिक्षण के चरण?
• दूसरा चरण: 28, 29 और 30 अप्रैल
• तीसरा चरण: 4, 5 और 6 मई
इन चरणों में भी बड़ी संख्या में कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण का उद्देश्य
प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी संबंधित कर्मचारियों को पूरी तरह प्रशिक्षित कर फील्ड में किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने दी जाए। इसके लिए प्रशिक्षण को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
प्रगणकों की भूमिका क्या होती है?
• घर-घर सर्वे करना
• सही डेटा एकत्र करना
• सरकारी योजनाओं के लिए जानकारी देना
SSC GD Exam 2026: 500 किमी दूर मिले परीक्षा केंद्र से नाराज़ अभ्यर्थी, जानिए क्या है पूरा मामला और कैसे बदलें एग्जाम सेंटर
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। SSC GD कांस्टेबल परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का आरोप है कि उन्होंने आवेदन के दौरान अपने नजदीकी परीक्षा केंद्रों का चयन किया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगभग 500 किलोमीटर दूर केंद्र आवंटित कर दिया गया।
क्या है अभ्यर्थियों की समस्या?
अभ्यर्थियों का कहना है कि:
• उन्होंने 3 नजदीकी शहरों को प्राथमिकता दी थी
• फिर भी दूर के केंद्र दिए गए
• इससे यात्रा और खर्च बढ़ गया
कई छात्रों को रहने और आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
छात्रों ने क्या कहा?
एक अभ्यर्थी ने नाराजगी जताते हुए कहा:
“हमने पास का केंद्र चुना था, फिर भी 500 किमी दूर भेज दिया गया, यह गलत है।”
सोशल मीडिया पर बढ़ा विरोध
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी विरोध तेज हो गया है। छात्र SSC से पारदर्शिता और सुधार की मांग कर रहे हैं।

एग्जाम सेंटर कैसे बदलें?
अगर आपको भी दूर सेंटर मिला है, तो ये उपाय करें:
• SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें
• “Correction Window” (यदि उपलब्ध हो) चेक करें
• SSC हेल्पलाइन या ईमेल पर संपर्क करें
• एडमिट कार्ड आने के बाद nearest center request भेजें
नोट: हर बार center change संभव नहीं होता, लेकिन request जरूर करें।
परीक्षा के लिए तैयारी कैसे करें?
• यात्रा की पहले से योजना बनाएं
• परीक्षा से 1 दिन पहले पहुंच जाएं
• जरूरी documents साथ रखें
• समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करें
छात्रों की क्या मांग है?
• नजदीकी परीक्षा केंद्र दिए जाएं
• center allotment में transparency हो
• दूर केंद्र वाले छात्रों को राहत मिले
बलिया में भीषण आग: कई घर जलकर राख, पीड़ितों को भारी नुकसान, जानिए सरकार से कैसे मिलेगा मुआवजा
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर क्षेत्र के भीमहर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब आग की चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया। बताया जा रहा है कि पास के डुबोली गांव में गेहूं की पराली जलाने के दौरान उठी चिंगारी तेज हवा के कारण फैलते हुए भीमहर गांव तक पहुंच गई।
देखते ही देखते आग ने कई झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया और ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
कितने लोगों को हुआ नुकसान?
इस हादसे में कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिनमें शामिल हैं:
अक्षय लाल, लक्ष्मण राम, जगलाल, संतोष राम, देवेन्द्र राम, वीरेन्द्र राम, आजाद राम, चन्द्रशेखर राम, नन्दलाल और परमेश्वर राम।
इनके घर, अनाज, कपड़े, जेवर और नगदी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।
कुछ परिवारों के शादी के लिए रखे गए सामान भी आग में जल गए।
कितना नुकसान हुआ?
• 4 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख
• लगभग 40 मन भूसा नष्ट
• बड़ी मात्रा में अनाज जल गया
कई परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन की क्या कार्रवाई?
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू कराया। पीड़ितों को जल्द सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

ये भी पढ़े- बलिया में आग पीड़ितों को मिली राहत: समाजसेवी अमित वर्मा ने बांटी सामग्री, जानिए सरकार से कैसे मिलेगी मदद
आग पीड़ितों को सरकार से कैसे मिलता है मुआवजा?
ऐसे मामलों में सरकार द्वारा ये मदद दी जाती है:
• आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता
• अस्थायी रहने की व्यवस्था
• राशन और जरूरी सामान
• घर के नुकसान पर मुआवजा
पीड़ित व्यक्ति लेखपाल/तहसील कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
मुआवजा पाने के लिए जरूरी दस्तावेज
• आधार कार्ड
• निवास प्रमाण पत्र
• बैंक खाता
• घटना की रिपोर्ट (पुलिस/राजस्व विभाग)
आग से बचने के लिए क्या करें?
• खेतों में पराली जलाते समय सावधानी रखें
• तेज हवा में आग न जलाएं
• पास में पानी या रेत रखें
• बच्चों को आग से दूर रखें
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जमाना गया
इक्कीसवीं शताब्दी का
छब्बीसवाँ साल आ चुका है,
आध्यात्मिकता का स्थान,
भौतिकता ने ले लिया है,
भारतीय सभ्यता और
हमारी सनातन संस्कृति में
पाश्चात्य की आधुनिकता
का मुलम्मा चढ़ चुका है।
आदित्य की बात सही है,
जमाना बहुत बदल चुका है।
सारा सिस्टम भ्रष्टाचार
की भेंट चढ़ चुका है,
केवल और केवल पैसे के
लालच में जुटा है,
जमाने से अब इंसानियत
खत्म हो चुकी है,
स्वार्थ में इन्सान इन्सान
का शत्रु बन चुका है।
आदित्य की बात सही है,
जमाना बहुत बदल चुका है।
शहर हो या देहात हो, बस
पैसे का बोलबाला है,
प्रेम, दया, क्षमा, सौहार्द,
स्वार्थ की भेंट चढ़ चुके हैं,
पराये तो पराये, अपने भी
सब पराये हो चुके हैं,
सभी सगे और दूर के रिश्ते
पैसे के साथी बन चुके हैं।
आदित्य की बात सही है,
जमाना बहुत बदल चुका है।
डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
