Tuesday, April 21, 2026
HomeNewsbeatमाटी कला उद्यमियों को 10 लाख तक ऋण, रोजगार बढ़ाने की पहल

माटी कला उद्यमियों को 10 लाख तक ऋण, रोजगार बढ़ाने की पहल

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l माटी कला से जुड़े उद्यमियों और परम्परागत कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। जिला ग्राम उद्योग अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अंतर्गत माटीकला बोर्ड का गठन किया गया है और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपदों को लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक उत्पादों पर बढ़ती रोक के बीच पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और मिट्टी से बने उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत कुम्हारी और माटीकला से जुड़े कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण देकर उनके उद्योग को विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि वे बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन कर सकें।
योजना के अंतर्गत 18 से 55 वर्ष आयु के ऐसे कारीगर और उद्यमी आवेदन कर सकते हैं, जो माटीकला कार्य में पहले से संलग्न हैं। समूहों और समितियों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। ऋण में 95 प्रतिशत राशि बैंक द्वारा और 5 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी द्वारा दिया जाएगा। साथ ही पूंजीगत ऋण पर 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी अनुदान का प्रावधान है।
अधिकारियों के अनुसार 5 लाख रुपये से अधिक ऋण लेने के लिए अभ्यर्थी का कम से कम आठवीं पास होना अनिवार्य है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी कार्यदिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, संगीत पैलेश निजामुदीनपुरा मऊ में संपर्क कर सकते हैं या दिए गए मोबाइल नंबरों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस योजना के माध्यम से न केवल पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments