बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर क्षेत्र के भीमहर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब आग की चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया। बताया जा रहा है कि पास के डुबोली गांव में गेहूं की पराली जलाने के दौरान उठी चिंगारी तेज हवा के कारण फैलते हुए भीमहर गांव तक पहुंच गई।
देखते ही देखते आग ने कई झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया और ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
कितने लोगों को हुआ नुकसान?
इस हादसे में कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिनमें शामिल हैं:
अक्षय लाल, लक्ष्मण राम, जगलाल, संतोष राम, देवेन्द्र राम, वीरेन्द्र राम, आजाद राम, चन्द्रशेखर राम, नन्दलाल और परमेश्वर राम।
इनके घर, अनाज, कपड़े, जेवर और नगदी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।
कुछ परिवारों के शादी के लिए रखे गए सामान भी आग में जल गए।
कितना नुकसान हुआ?
• 4 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख
• लगभग 40 मन भूसा नष्ट
• बड़ी मात्रा में अनाज जल गया
कई परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन की क्या कार्रवाई?
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू कराया। पीड़ितों को जल्द सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

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आग पीड़ितों को सरकार से कैसे मिलता है मुआवजा?
ऐसे मामलों में सरकार द्वारा ये मदद दी जाती है:
• आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता
• अस्थायी रहने की व्यवस्था
• राशन और जरूरी सामान
• घर के नुकसान पर मुआवजा
पीड़ित व्यक्ति लेखपाल/तहसील कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
मुआवजा पाने के लिए जरूरी दस्तावेज
• आधार कार्ड
• निवास प्रमाण पत्र
• बैंक खाता
• घटना की रिपोर्ट (पुलिस/राजस्व विभाग)
आग से बचने के लिए क्या करें?
• खेतों में पराली जलाते समय सावधानी रखें
• तेज हवा में आग न जलाएं
• पास में पानी या रेत रखें
• बच्चों को आग से दूर रखें
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