Wednesday, June 17, 2026
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हीटवेव से फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि विभाग ने जारी किए जरूरी दिशा-निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है। जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह ने बताया कि लू का प्रभाव फसलों पर पड़ सकता है, ऐसे में जल व नमी संरक्षण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेष न जलाएं और नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग व खरपतवार नियंत्रण अपनाएं। जैव उत्पादों व फसल अवशेषों को मल्च के रूप में उपयोग करना लाभकारी बताया गया है।
सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर और ड्रिप पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है। साथ ही खेतों में नियमित अंतराल पर सायंकाल हल्की सिंचाई करने से नमी बनी रहती है और पानी की बचत होती है। अंतःकर्षण क्रियाओं से तैयार मल्च वाष्पीकरण को कम करने में सहायक होगा।
जिला कृषि अधिकारी ने रासायनिक उर्वरकों के बजाय जैविक खाद के उपयोग पर जोर दिया और कहा कि अधिक तापमान में रासायनिक उर्वरकों का असर फसलों पर नकारात्मक पड़ सकता है। बुवाई पंक्तियों में करने तथा खेतों को समतल रखने से सिंचाई जल का समान वितरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
धान की नर्सरी में नमी बनाए रखने के लिए सायंकाल सिंचाई करने और अधिक जलभराव की स्थिति में तुरंत निकासी करने की सलाह भी दी गई है।

25 से 27 अप्रैल तक होगी होमगार्ड भर्ती परीक्षा, नकलविहीन कराने के सख्त निर्देश

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के 7 परीक्षा केंद्रों पर 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को होमगार्ड्स एनरोलमेंट-2025 की ऑफलाइन लिखित परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 10:00 से 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी। परीक्षा को नकलविहीन व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) जयप्रकाश एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक व प्रशिक्षण सत्र के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों को परीक्षा की शुचिता व सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस ऑब्जर्वर ए.के. वर्मा भी इस दौरान मौजूद रहे।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी सतत मॉनिटरिंग रखें और अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) अनिवार्य रूप से की जाए। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या प्रतिबंधित सामग्री को अंदर ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। साथ ही केंद्रों के बाहर भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों व केंद्र व्यवस्थापकों को समय से पूर्व ड्यूटी स्थल पर पहुंचने, सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट से समन्वय बनाए रखने तथा कंट्रोल रूम को नियमित सूचना भेजने को कहा।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करें, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष व सुरक्षित वातावरण मिल सके।
बैठक में उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, अपर उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार, क्षेत्राधिकारी यातायात प्रियम राजशेखर पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ, वरिष्ठ कोषाधिकारी त्रिभुवन लाल, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

घर से निकले युवक का शव रेलवे लाइन पर मिला, परिवार में मचा कोहराम

सलेमपुर रेलवे लाइन पर मिला बनकटा निवासी का शव, क्षेत्र में सनसनी


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बनकटा थाना क्षेत्र के भैसही गांव निवासी अवधेश चन्द्र जायसवाल का शव सलेमपुर रेलवे लाइन पर मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने सलेमपुर रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव देखा। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। शव की पहचान बाद में बनकटा थाना क्षेत्र के भैसही गांव निवासी अवधेश चन्द्र जायसवाल के रूप में हुई। पहचान होते ही परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय ट्रैक के किनारे शव पड़ा देखा गया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हादसा है या आत्महत्या अथवा किसी अन्य कारण से हुई मौत। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

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परिजनों के अनुसार, अवधेश चन्द्र जायसवाल अपने घर से कब और कैसे निकले, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। परिवार के लोगों ने बताया कि वह सामान्य रूप से घर पर ही रहते थे और किसी प्रकार की परेशानी की जानकारी उन्हें नहीं थी। अचानक इस तरह शव मिलने से परिवार पूरी तरह सदमे में है।
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे ट्रेन से कटकर हुई दुर्घटना मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत बता रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और रेलवे ट्रैक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

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इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर रेलवे लाइनों के पास इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिनमें कभी दुर्घटना तो कभी आत्महत्या के मामले सामने आते हैं। ऐसे में प्रशासन और रेलवे विभाग को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।

दिल हुए पत्थर (हिंदी कविता)

✍️ – संजय एम. तराणेकर

जहाँ दिल ‘पत्थर’ के हो जाते हैं,
वहाँ पे सोना भी पिघलता नहीं।
आँखों का पानी सूख जाता है,
दर्द फिर बाहर निकलता नहीं।

जब शब्दों में कड़वाहट भर जाए,
तब रिश्ते धीरे-धीरे टूटने लगते हैं।
जिस मन में जमा हो सन्नाटा,
वो आँसू बनकर भी छूटते नहीं।

सुनिए—थोड़ा प्रेम, थोड़ी करुणा,
जीवन को सहज बना देती है।
मीठी बोली, शांत विचार,
हर एक पीड़ा भुला देती है।

जो क्रोध, घृणा और अहंकार से,
मन का दीपक बुझ जाता है।
मौन, धैर्य और स्नेह से ही,
जीवन सच्चा होकर संवर जाता है।

बलिया में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर: 120 लोगों की जांच, 35 ने किया रक्तदान, जानिए ऐसे कैंप का लाभ कैसे लें

सुखपुरा/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। ए.एस.एम. कॉन्वेंट स्कूल के संस्थापक स्व. आनंद सिंह (पिंटू) की पांचवीं पुण्यतिथि पर विद्यालय परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. आनंद सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

शिविर में क्या-क्या सेवाएं मिलीं?

स्वास्थ्य शिविर में लोगों को विभिन्न प्रकार की मुफ्त जांच और उपचार की सुविधा दी गई:

• 70 लोगों की ब्लड प्रेशर जांच
• 75 लोगों की ब्लड शुगर जांच
• 13 महिलाओं की स्त्री रोग जांच
• 47 लोगों का एक्यूप्रेशर उपचार
• 120 लोगों की नेत्र जांच
• 32 लोगों की दंत जांच

साथ ही जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयां और चश्मे भी दिए गए।

रक्तदान शिविर में लोगों का उत्साह

इस कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा रक्तदान शिविर रहा, जिसमें 35 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया। लोगों ने “रक्तदान महादान है” की भावना के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ कैसे लें?

अगर आप भी ऐसे शिविर का लाभ लेना चाहते हैं:

• अपने क्षेत्र में लगने वाले सरकारी/NGO कैंप की जानकारी लें
• आधार कार्ड या पहचान पत्र साथ रखें
• समय पर पहुंचकर रजिस्ट्रेशन कराएं
• डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराएं

ऐसे शिविरों में मुफ्त इलाज और जांच का लाभ मिलता है।

रक्तदान क्यों है जरूरी?

• एक यूनिट रक्त कई लोगों की जान बचा सकता है
• शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज होती है
• स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है

कार्यक्रम में कौन-कौन रहे मौजूद?

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के कई सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने स्व. आनंद सिंह के समाजसेवी कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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अक्षय तृतीया पर जिला कारागार में सजी रचनात्मकता—महिला बंदियों की मेंहदी प्रतियोगिता ने बिखेरा उत्साह

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर जिला कारागार में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जब निरुद्ध महिला बंदियों के बीच मेंहदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल कारागार के वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया, बल्कि बंदियों के भीतर छिपी प्रतिभा और रचनात्मकता को भी एक नया मंच प्रदान किया।
प्रतियोगिता में शामिल महिला बंदियों ने अपने हाथों पर बेहद खूबसूरत और कलात्मक मेंहदी डिजाइनों को उकेरकर अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया। किसी ने पारंपरिक भारतीय डिजाइनों को जीवंत किया, तो किसी ने आधुनिक पैटर्न के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। हर प्रतिभागी के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उनके मानसिक एवं भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना था। कारागार प्रशासन का मानना है कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां बंदियों के जीवन में नई उम्मीद जगाने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

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कार्यक्रम के दौरान कारागार परिसर का माहौल पूरी तरह बदल गया। जहां आम दिनों में सन्नाटा पसरा रहता है, वहीं इस विशेष अवसर पर हंसी, उत्साह और रचनात्मकता का रंग देखने को मिला। महिला बंदियों ने एक-दूसरे की कला की सराहना करते हुए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का परिचय दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कारागार अधीक्षक कुलदीप सिंह ने सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि “ऐसी गतिविधियां बंदियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें सकारात्मक सोच की ओर भी अग्रसर करती हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन लगातार किया जाएगा, जिससे बंदियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिल सकें।
इस पहल को कारागार प्रशासन के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा भी सराहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुधारात्मक गतिविधियों के माध्यम से बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन लाना संभव है और यह आयोजन उसी दिशा में एक सार्थक कदम है।
कुल मिलाकर, यह मेंहदी प्रतियोगिता केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह एक प्रयास था बंदियों के जीवन में रंग भरने का, उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का। ऐसे आयोजन निश्चित रूप से समाज में सुधारात्मक न्याय प्रणाली को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।

बलिया में आग पीड़ितों को मिली राहत: समाजसेवी अमित वर्मा ने बांटी सामग्री, जानिए सरकार से कैसे मिलेगी मदद

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। हल्दी रामपुर क्षेत्र में हाल ही में लगी भीषण आग से प्रभावित परिवारों के लिए राहत कार्य शुरू हो गए हैं। समाजसेवी अमित कुमार वर्मा ने पीड़ितों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री का वितरण किया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

बताया जा रहा है कि आग की इस घटना में कई परिवारों के घर और जरूरी सामान जलकर खाक हो गए, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।

क्या-क्या मिला राहत में?

समाजसेवी द्वारा वितरित सामग्री में शामिल हैं:

• खाद्यान्न सामग्री
• कपड़े
• बर्तन
• अन्य जरूरी घरेलू सामान

इससे पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत मिली।

समाजसेवी ने क्या कहा?

अमित कुमार वर्मा ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और संकट के समय एक-दूसरे की मदद करना जरूरी है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उनकी संस्था आगे भी जरूरतमंदों की सहायता करती रहेगी।

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आग पीड़ितों को सरकार से कैसे मिलती है मदद?

ऐसे मामलों में सरकार द्वारा ये सहायता दी जाती है:

• प्रधानमंत्री राहत कोष / राज्य राहत कोष से आर्थिक मदद
• राशन और अस्थायी आवास
• घर के नुकसान पर मुआवजा
• आपदा राहत योजना के तहत सहायता

पीड़ित व्यक्ति अपने तहसील या जिला कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

मुआवजा पाने के लिए जरूरी दस्तावेज

• आधार कार्ड
• निवास प्रमाण पत्र
• बैंक खाता विवरण
• घटना की रिपोर्ट (पुलिस/लेखपाल)

प्रशासन से क्या अपील?

समाजसेवी ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने जीवन को फिर से सामान्य बना सकें।

लोगों ने क्या कहा?

स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की और बताया कि राहत सामग्री मिलने से उन्हें काफी मदद मिली है। ग्रामीणों ने इसे सराहनीय कदम बताया।

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पराली जलाने पर सख्ती, 15 हजार तक जुर्माने की चेतावनी

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में फसल अवशेष (पराली) जलाने पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाने पर 2500 रुपये से लेकर 15000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और पुनरावृत्ति की स्थिति में एफआईआर सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से 19 अप्रैल 2026 के बीच जिले में 723 पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनकी जांच कृषि व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है। दोषी किसानों से पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली की तैयारी भी चल रही है।
डॉ. सिंह ने कहा कि कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का उपयोग अनिवार्य है। नियमों का पालन न करने पर हार्वेस्टर जब्त कर स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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उन्होंने किसानों से अपील की कि पराली जलाने के बजाय उसका वैज्ञानिक प्रबंधन करें। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा 50 से 80 प्रतिशत अनुदान पर सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर, मल्चर, रोटरी स्लेशर, स्ट्रा रेक व बेलर जैसे यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पराली को मल्च बनाकर खेत में उपयोग करने या गौशाला, सीबीजी प्लांट एवं औद्योगिक इकाइयों को देने की भी व्यवस्था है।
उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है, लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट होते हैं और पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

बिजली विभाग में संविदा कर्मियों का सत्याग्रह, भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

देवरिया में संविदा बिजली कर्मचारियों का सत्याग्रह, निगम में शामिल करने की जोरदार मांग


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को जोरदार आवाज उठाई। विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर विद्युत वितरण मंडल देवरिया परिसर में सैकड़ों कर्मचारियों ने एक दिवसीय सत्याग्रह किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए नवगठित संविदा निगम में शामिल किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
सत्याग्रह में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाए जा रहे नए संविदा निगम में बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों को शामिल न करना उनके साथ अन्याय है। संगठन के जोन प्रभारी बिपिन विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है, जिससे हजारों कर्मचारियों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस पर निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नवगठित निगम में शामिल किया जाए। उनका कहना था कि इससे कर्मचारियों को स्थायित्व, बेहतर वेतनमान, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सकेगा।

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पूर्वांचल महामंत्री राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विभाग के कुछ अधिकारी संविदा कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाकर उनका शोषण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कई कर्मचारी हादसों का शिकार हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए।
जिला अध्यक्ष आनंद सिंह ने कहा कि संविदा कर्मचारी वर्षों से विभाग की रीढ़ बनकर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न तो स्थायी दर्जा मिला और न ही पर्याप्त सुविधाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों की मेहनत और योगदान को देखते हुए उनके हित में सकारात्मक निर्णय ले।
कार्यक्रम में अजय यादव, धनंजय पांडे, रवि प्रकाश यादव, सुधीर पटेल, सुनील सिंह, मिराज शेख, प्रभुनाथ सिंह, विकास, गुलाबचंद गौड़, बासुकीनाथ राय, जयराम यादव, वीरबहादुर और हरदेव सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
इस सत्याग्रह ने एक बार फिर संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को सामने ला दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और विभागीय अधिकारी इस पर क्या कदम उठाते हैं और कर्मचारियों को राहत मिलती है या नहीं।

30 अप्रैल से पहले लक्ष्य पूरा करने की तैयारी, किसानों के लिए अलर्ट जारी

सुबह 6 बजे से शुरू हुआ फॉर्मर रजिस्ट्री महाअभियान, दोपहर तक बनीं 900 नई आईडी — प्रशासन ने तेज किया जनसंपर्क अभियान


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा )। जनपद में किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से फॉर्मर रजिस्ट्री महाअभियान की शुरुआत सुबह 6 बजे से ही जोर-शोर के साथ की गई। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के नेतृत्व में चल रहे इस विशेष अभियान में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय नजर आई। गांव-गांव जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने का कार्य तेज गति से शुरू किया, जिसका असर भी तुरंत देखने को मिला।
अभियान के तहत जिले के सभी तहसीलों और विकास खंडों में प्रशासनिक अमले को फील्ड में उतारा गया। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, लेखपाल, ग्राम सचिव समेत ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारी घर-घर जाकर किसानों की जानकारी जुटाने और मौके पर ही उनकी फॉर्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने में लगे रहे। इस व्यापक अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर रजिस्ट्री से जोड़ना है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने इस महाअभियान की खुद निगरानी की। उन्होंने कैंप कार्यालय से ऑनलाइन लाइव मॉनिटरिंग करते हुए विभिन्न गांवों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने किसानों, ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया और उन्हें जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।

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नौतनवा तहसील के कोल्हुई गांव में जिलाधिकारी ने किसान उमेश राय से बातचीत कर उन्हें अन्य किसानों को भी रजिस्ट्री के लिए प्रेरित करने को कहा। वहीं परतावल ब्लॉक के पिपरिया गांव में अनीशुर्रहमान, कमाल और प्रधान प्रतिनिधि वसीम से चर्चा कर 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत फॉर्मर रजिस्ट्री पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 30 अप्रैल के बाद किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ केवल फॉर्मर आईडी के माध्यम से ही मिलेगा। ऐसे में सभी पात्र किसानों के लिए समय रहते रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है।
भीषण गर्मी और लू को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सुबह और शाम के समय अभियान को अधिक सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा हर ग्राम पंचायत में टीम बनाकर घर-घर जाकर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम भी सामने आया। विशेष अभियान के पहले ही दिन दोपहर तक 900 नई फॉर्मर आईडी बनाई गईं। इसके साथ ही जिले में अब तक कुल 3,81,940 किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जो इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंत में जिलाधिकारी ने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और जल्द से जल्द अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और आसान तरीके से मिल सके।

यूपी में सनसनी: नाबालिग से दुष्कर्म केस में राजनीतिक चेहरा पुलिस गिरफ्त में

मनियर कांड: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, स्थानीय नेता हिरासत में—इलाके में उबाल


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। मनियर थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। इस मामले में एक स्थानीय राजनीतिक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना ने न केवल सामाजिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी नेता ने पढ़ाई में मदद और बेहतर संस्थान में दाखिला दिलाने का लालच देकर नाबालिग को अपने प्रभाव में लिया। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने कथित रूप से कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। बताया जा रहा है कि यह घटनाक्रम काफी समय से चल रहा था, लेकिन आरोपी की धमकियों और सामाजिक दबाव के चलते पीड़िता चुप रही।
परिजनों का कहना है कि आरोपी हर बार घटना के बाद गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था, जिससे नाबालिग मानसिक रूप से टूट चुकी थी। हालात असहनीय होने पर पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार ने तत्काल पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बिना देरी किए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पॉक्सो एक्ट के तहत भी सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है।

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थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषी को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी रोष है। स्थानीय नागरिकों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, आरोपी के राजनीतिक संबंधों के चलते मामला और भी संवेदनशील हो गया है, जिससे प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पीड़ित परिवार को सामाजिक और कानूनी दोनों स्तर पर समर्थन मिलना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़िता बिना किसी डर के न्याय प्रक्रिया में भाग ले सके। यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और किसी भी प्रभाव या दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस केस पर टिकी हुई है और सभी को न्यायिक प्रक्रिया के अगले कदम का इंतजार है।

फर्जी आधार से लोन दिलाने वाला 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, तकनीकी ज्ञान का कर रहा था दुरुपयोग


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अपराध और धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुरन्दरपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, जिसे आखिरकार कुशीनगर जनपद से धर दबोचा गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में की गई। वहीं अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर रेंज एस. चनप्पा के निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुरन्दरपुर थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए इस महत्वपूर्ण सफलता को हासिल किया।
मामले के अनुसार, 15 अक्टूबर 2024 को थाना पुरन्दरपुर में फर्जी आधार कार्ड बनाकर लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लोगों के दस्तावेजों में हेरफेर कर उन्हें बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर गुमराह करता था और अवैध तरीके से लोन पास कराने का झांसा देता था। इस तरह वह कई लोगों को अपना शिकार बना चुका था।
पुलिस की जांच में आरोपी की पहचान विश्व दमन पुत्र ब्रह्मदेव निवासी भैसहवां ढोंढरा, थाना खोराबार, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए न्यायालय द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। साथ ही पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
लगातार प्रयासों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को आरोपी की लोकेशन की जानकारी मिली। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को कुशीनगर जनपद के हाटा बाजार में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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गौरतलब है कि गिरफ्तार अभियुक्त विश्व दमन (26 वर्ष) पॉलीटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स का छात्र रह चुका है। उसने अपनी तकनीकी जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी डिजिटल और तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करता था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप-निरीक्षक सर्वदेव खरवार और कांस्टेबल इमरान अहमद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सतर्कता और तकनीकी दक्षता बेहद जरूरी है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। आमजन से भी अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के लोन या वित्तीय लेनदेन के मामले में सावधानी बरतें और किसी अनजान व्यक्ति या एजेंट के झांसे में न आएं। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि कानून से बचकर कोई भी अपराधी ज्यादा दिन तक फरार नहीं रह सकता। पुलिस की सख्ती और सक्रियता के चलते अब ऐसे ठगों के लिए जिले में जगह नहीं बची है।

बिना अनुमति जुलूस: निषाद पार्टी के कार्यक्रम से यातायात बाधित प्रशासन पर उठे सवाल

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के मेहदावल थाना क्षेत्र में बिना प्रशासनिक अनुमति के निकाले गए एक जुलूस/कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। निषाद पार्टी से जुड़े नेताओं और युवाओं द्वारा निकाले गए इस जुलूस के दौरान यातायात नियमों की खुलकर अनदेखी की गई, जिससे क्षेत्र में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार यह जुलूस नगर पंचायत मेहदावल के मुहल्ला अव्वल केवटलिया स्थित गंगासागर से शुरू होकर सई लंगड़ी तक निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बाइक सवार युवक स्टंट करते नजर आए, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज से मुख्य बाजार अंजहिया की ओर जाने वाले मार्ग पर लंबे समय तक जाम लगा रहा।

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मामले में थानाध्यक्ष मेहदावल सुरेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कोई औपचारिक जुलूस नहीं, बल्कि एक कार्यक्रम था, जिसमें पीड़ित से मिलने जाने की बात कही गई। उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
वहीं भाजपा नेता शेषप्रताप सिंह ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किसके दबाव में ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जनगणना 2027 के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू, सैकड़ों प्रगणक हुए शामिल

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औरैया (राष्ट्र की परम्परा)भारत की जनगणना 2027 को सफल और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जनपद में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का द्वितीय चरण 20 अप्रैल से शुरू हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि फील्ड स्तर पर किसी प्रकार की समस्या न आए।
जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी अविनाश चन्द्र मौर्य ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता और पूरी लगन से लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही और सटीक जनगणना के लिए प्रशिक्षण बेहद अहम है, जिससे कार्य के दौरान त्रुटियों से बचा जा सके।

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प्रशिक्षण के प्रथम दिन विभिन्न केंद्रों पर बड़ी संख्या में प्रगणक और सुपरवाइजर शामिल हुए। सुदिती ग्लोबल एकेडमी में तहसील औरैया के 238 में से 9, नगर पंचायत फफूंद के 44 में से 2 और नगर पालिका परिषद औरैया के 84 में से 4 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं रैपिड ग्लोबल एकेडमी बिधूना में तहसील बिधूना के 438 में से केवल 2 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि आरजीएस कॉलेज बिधूना में नगर पंचायत बिधूना के सभी 45 प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अजीतमल में तहसील अजीतमल के 189 में से 2 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि नगर पंचायत अजीतमल बाबरपुर के सभी 35 प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति भी रही, जिससे प्रशिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकी।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।

दिशा बैठक में गूंजे जनसमस्याओं के मुद्दे, वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने दिए कड़े निर्देश


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनहित से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई, जिसमें सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत औपचारिक स्वागत से हुई, जहां जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। इसके बाद जैसे ही समीक्षा शुरू हुई, जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आने लगे।
सबसे पहले नौतनवां क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत का मामला उठा, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता को समय पर गैस उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तारों का मुद्दा भी बैठक में जोरदार तरीके से उठा। इस पर मंत्री ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

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ग्राम पंचायत सदस्यों के बैठक भत्तों के भुगतान में हो रही देरी पर भी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि लंबित भुगतान को मिशन मोड में जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी बैठकों और आयोजनों में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांगजनों के लिए यूडीआईडी कार्ड जैसी योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित सभी आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मनरेगा के तहत लाखों मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
कृषि क्षेत्र में भी प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाखों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। इससे किसानों को खेती-किसानी में काफी सहूलियत मिली है।
इसके अलावा मिशन सक्षम आंगनबाड़ी के अंतर्गत पोषण वाटिका, बाला वॉल पेंटिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आभा आईडी के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इलाज की प्रक्रिया और अधिक आसान होगी।
बैठक के दौरान जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शहरी आवास योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम जैसी योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें और जनता की समस्याओं का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना ही प्रशासन की पहचान होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भरोसा दिलाया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।