Tuesday, April 28, 2026
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सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम–एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, 150 में से 10 प्रार्थनापत्रों का मौके पर निस्तारण

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से शनिवार को तहसील बेल्थरारोड में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। इस दौरान भूमि विवाद, कब्जा, स्मार्ट मीटर, वरासत और विकास कार्यों से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। अधिकारियों ने हर शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान एक महिला शिकायतकर्ता जमुना देवी ने आरोप लगाया कि दबंगों द्वारा उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और उन्हें घर निर्माण से रोका जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित लेखपाल, कानूनगो एवं उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को मौके पर जाकर जांच करने तथा पीड़िता को न्याय दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में विकास खंड सीयर के ग्राम हल्दी रामपुर से चकनाली निर्माण से जुड़ी शिकायत भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि नाली निर्माण न होने से जलभराव की समस्या बनी रहती है। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को निर्देशित किया कि टीम गठित कर मौके पर निरीक्षण करें और शीघ्र नाली निर्माण सुनिश्चित कराएं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भूमि विवाद से संबंधित मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जांच करे और प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य ही जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना है, इसलिए किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 150 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने भी पुलिस से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर एसडीएम बेल्थरारोड, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाएगा।

तहसील दिवस में प्रशासन सख्त

डीएम-एसएसपी ने सुनीं 180 शिकायतें, मौके पर 18 का निस्तारण

जमीन कब्जा, धान भुगतान, वरासत और जनसमस्याओं पर कड़े निर्देश, लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
सदर तहसील सभागार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में इस बार प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित समाधान कराया गया।
तहसील दिवस में कुल 180 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें से 18 मामलों का तत्काल निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, एएसपी/सीओ कैंट अरुण कुमार, सीएमओ डॉ. राजेश झा, जिला विकास अधिकारी सतीश चंद्र सिंह, परियोजना निदेशक संदीप सिंह, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
भू-माफिया और अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
तहसील दिवस में सबसे अधिक शिकायतें जमीन कब्जा, बंटवारा, वरासत, चकबंदी और पारिवारिक विवादों से जुड़ी रहीं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने एक अधिवक्ता की जमीन पर भू-माफिया द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की, जिस पर डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तहसीलदार को तहसील दिवस समाप्त होते ही मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
डीएम ने दो टूक कहा कि सरकारी या निजी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

धान भुगतान में लापरवाही पर कड़ी फटकार

किसान अभिषेक उपाध्याय ने शिकायत की कि उन्होंने 250 कुंतल धान बेचा, लेकिन केवल 125 कुंतल का ही भुगतान मिला है। इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर शेष भुगतान कराने का निर्देश दिया।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान किसान ने बताया कि वह भुगतान के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है।
राजस्व मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय
तहसील दिवस में वरासत, नामांतरण और पैमाइश से जुड़े कई मामले सामने आए। डीएम ने निर्देश दिया कि—

एक ही प्रकरण में बार-बार जांच कर लोगों को परेशान न किया जाए

यदि जांच आवश्यक हो तो उसी लेखपाल को दोबारा जांच न सौंपी जाए
बिना ठोस आधार के एक जैसी रिपोर्ट लगाना अनुचित है
एक मामले में लेखपाल को मौके पर बुलाकर डीएम ने नाराजगी जताई और तुरंत सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
मंदिर की जमीन पर नामांतरण की कोशिश नाकाम
एक प्रकरण में मंदिर की जमीन को अपने नाम दर्ज कराने की कोशिश की जा रही थी। इस पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कहा कि मंदिर की जमीन मंदिर के नाम ही दर्ज रहेगी, उसमें किसी भी प्रकार का निजी नामांतरण नहीं किया जाएगा।

आईजीआरएस और ई-गवर्नेंस पर जोर

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब कोई भी फाइल मैन्युअल रूप में स्वीकार नहीं की जाएगी, सभी कार्य ई-फाइलिंग प्रणाली के तहत ही होंगे। यदि कोई अधिकारी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ वेतन कटौती जैसी कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर राहत शादी के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया

तहसील दिवस में एक फरियादी शादी के लिए गैस सिलेंडर की समस्या लेकर पहुंचा, जिस पर डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) द्वारा तत्काल व्यवस्था कराकर सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से फरियादी को तत्काल राहत मिली और उसने आभार जताया।
तहसील दिवस में आए पुलिस संबंधी प्रकरणों की सुनवाई एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।
विशेष मामलों में त्वरित निर्देश
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के बावजूद मकान खाली न कराने के मामले में पुलिस व राजस्व टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश
चकबंदी से जुड़े मामलों में सरकारी जमीन को अभिलेखों में दर्ज कराने का निर्देश
पैमाइश विवाद में राजस्व टीम बनाकर मौके पर माप कराने के निर्देश
रजिस्ट्री के बाद कब्जा न मिलने के मामलों में तत्काल समाधान के निर्देश
तहसील दिवस में डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तहसील दिवस में प्रशासन की सक्रियता, सख्ती और मौके पर समाधान की पहल से आम लोगों में भरोसा बढ़ा है और यह संदेश गया है कि समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा जौनपुर: वार्षिक महोत्सव बना आकर्षण का केंद्र

जौनपुर में शिक्षा और संस्कार का अनूठा संगम: कैलाश नाथ सिंह शिक्षण संस्थान का वार्षिक महोत्सव भव्यता के साथ सम्पन्न


जौनपुर (राष्ट्र की परम्परा) जौनपुर जनपद के गोधना स्थित कैलाश नाथ सिंह शिक्षण संस्थान में आयोजित वार्षिक महोत्सव ने शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों के अद्भुत संगम का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक समृद्धि से ओतप्रोत रहा, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में कृपाशंकर सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया। उनके साथ कई विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे, जिनमें उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह, वीरेंद्र सिंह, एडवोकेट श्यामराज सिंह, रत्नाकर सिंह, अजीत सिंह, वंशलोचन सिंह और डॉ. राजीव सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नृत्य, संगीत, नाटक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मन मोह लिया बल्कि तालियों की गूंज से पूरा परिसर उत्सवमय हो उठा।

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आयोजन समिति के प्रमुख छत्रधारी सिंह, मनोज कुमार सिंह, प्रदीप सिंह एवं रूपम सिंह ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। अतिथियों ने विद्यालय के अनुशासन, आधुनिक संरचना और विद्यार्थियों की प्रतिभा की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का जो समावेश कर रहा है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है।
मुख्य अतिथि कृपाशंकर सिंह ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति के जीवन को दिशा देती है और समाज को नई ऊर्जा प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और निरंतर परिश्रम करने की प्रेरणा दी। उनके विचारों ने उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने विद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि शिक्षा और संस्कारों के संतुलित विकास का प्रेरक उदाहरण भी बना।

दिव्यांग दम्पतियों को मिलेगा आर्थिक सहयोग, ऑनलाइन आवेदन शुरू

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांग शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को विवाह के लिए प्रोत्साहित करना और उनके सामाजिक व आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग दम्पतियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार यदि पुरुष दिव्यांग है तो ₹15,000, महिला दिव्यांग होने पर ₹20,000 तथा यदि पति-पत्नी दोनों दिव्यांग हैं तो ₹35,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

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उन्होंने बताया कि आवेदन के दौरान दम्पति का संयुक्त नवीनतम फोटो (जिसमें दिव्यांगता स्पष्ट दिखे), आयु प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र, अधिवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय एवं जाति प्रमाण पत्र तथा राष्ट्रीयकृत बैंक में संचालित संयुक्त खाते से संबंधित दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है।
इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://divyangjan.upsdc.gov.in⁠ � पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या होने पर अभ्यर्थी कार्यदिवसों में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, देवरिया में संपर्क

पंचायत चुनाव से पहले बड़ा अपडेट, जानिए कब जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट

पंचायत निर्वाचन 2026: देवरिया में 10 जून को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, पुनरीक्षण कार्य तेज


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2026 की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। जिले में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम की आधिकारिक समय-सारणी जारी कर दी गई है। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) प्रवीण मिश्र ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से संचालित की जाएगी, ताकि आगामी पंचायत चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकें।
निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तकनीकी और मैदानी दोनों स्तरों पर विशेष रणनीति अपनाई है। तय कार्यक्रम के अनुसार 21 अप्रैल से 28 मई 2026 तक मतदाताओं के नामों का सत्यापन, डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने तथा मतदाता सूची के कंप्यूटरीकरण का कार्य किया जाएगा। इस चरण को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की पूरी प्रक्रिया निर्भर करेगी।

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इसके बाद 29 मई से 9 जून 2026 के बीच मतदान केंद्रों का क्रम निर्धारण, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाताओं का क्रमांकन, एसवीएन (Serial Voter Number) आवंटन, मतदाता सूची डाउनलोडिंग और फोटोयुक्त प्रतियों को तैयार करने का कार्य संपन्न किया जाएगा। यह चरण तकनीकी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें प्रत्येक मतदाता को व्यवस्थित और सही पहचान के साथ सूची में शामिल किया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 10 जून 2026 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, जो आम जनता के अवलोकन के लिए उपलब्ध होगी। इस दिन के बाद सूची को अंतिम रूप माना जाएगा और उसी के आधार पर पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।
पुनरीक्षण कार्य की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि इस दौरान पड़ने वाले सभी सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्धारित समयसीमा में कोई बाधा न आए और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो सके।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें। यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है या उसमें कोई त्रुटि है, तो संबंधित अधिकारी से संपर्क कर समय रहते सुधार करा लें। यह पहल न केवल व्यक्तिगत अधिकार सुनिश्चित करेगी, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी मजबूत बनाएगी।

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विशेषज्ञों के अनुसार, मतदाता सूची का सटीक और पारदर्शी होना किसी भी चुनाव की निष्पक्षता का आधार होता है। देवरिया प्रशासन की यह पहल इस दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। इससे न केवल चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी।
आगामी पंचायत चुनावों को लेकर जिले में राजनीतिक हलचल भी तेज होती नजर आ रही है। ऐसे में मतदाता सूची का यह अंतिम प्रकाशन सभी संभावित प्रत्याशियों और मतदाताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का रास्ता, समेकित विद्यालय में शुरू हुए एडमिशन


औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी पहल को आगे बढ़ाते हुए समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, हीरानगर कंचौसी (औरैया) में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 से 9 तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यहां सामान्य और दिव्यांग दोनों श्रेणी के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

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विद्यालय के प्रधानाचार्य के अनुसार, शिक्षा के साथ-साथ यहां छात्रों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। दिव्यांग बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और सहयोगात्मक शिक्षण पद्धति अपनाई जाती है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। यह विद्यालय न केवल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने की दिशा में भी कार्य करता है।
प्रवेश के इच्छुक अभिभावक अपने बच्चों का पंजीकरण किसी भी कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक विद्यालय परिसर में जाकर करा सकते हैं। विद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय पर पंजीकरण कराने से छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों में दिव्यांग छात्रों के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड, छात्र एवं अभिभावकों का आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, माता या पिता के साथ छात्र का फोटो, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, मोबाइल एवं व्हाट्सएप नंबर, ब्लड ग्रुप, पूरा पता पिन कोड सहित, माता-पिता की शैक्षिक योग्यता, ईमेल आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, अंकपत्र की छायाप्रति और ट्रांसफर सर्टिफिकेट शामिल हैं।
विद्यालय प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए यह विद्यालय एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है, जहां उन्हें समान अवसर और बेहतर शिक्षा मिलती है।
अधिक जानकारी के लिए अभिभावक विद्यालय द्वारा जारी मोबाइल नंबर 9140288691 और 6388194318 पर संपर्क कर सकते हैं।
यह पहल शिक्षा के अधिकार को सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज में समानता और समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

दूसरी बार रडार पर आई फर्म, सेल टैक्स की कार्रवाई से व्यापारियों में दहशत

देवरिया में सेल टैक्स का बड़ा एक्शन: पान मसाला कारोबारी हिरासत में, गोदामों तक पहुंची जांच की आंच


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )। शहर के व्यस्त स्टेशन रोड इलाके में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वाणिज्य कर (सेल टैक्स) विभाग की टीम ने प्रसिद्ध पान मसाला फर्म ‘कल्पनाथ चौरसिया एंड संस’ पर अचानक छापेमारी कर दी। इस कार्रवाई ने न सिर्फ संबंधित कारोबारी को जांच के दायरे में ला दिया, बल्कि पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग की टीम पहले सीधे दुकान पर पहुंची और वहां मौजूद स्टॉक, बिक्री से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए। जांच के दौरान टीम ने फर्म के संचालक/विक्रेता को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू की। इसके बाद टीम उन्हें साथ लेकर फर्म के मुख्य गोदाम की ओर रवाना हो गई, जहां स्टॉक और लेनदेन का मिलान किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टीम के पहुंचते ही आसपास के दुकानदारों में घबराहट फैल गई। कई दुकानों के शटर तुरंत गिरा दिए गए, जबकि कुछ व्यापारी मौके से हटते नजर आए। खासतौर पर पान मसाला कारोबार से जुड़े दुकानदारों में ज्यादा बेचैनी देखी गई। कई लोग अपने दस्तावेजों को सुरक्षित करने या छिपाने में जुटे रहे।

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गौरतलब है कि इसी फर्म पर पिछले वर्ष भी विभाग ने कार्रवाई की थी। लगातार दूसरे साल एक ही प्रतिष्ठान का निशाने पर आना इस बात की ओर संकेत करता है कि विभाग को कारोबार में किसी अनियमितता की आशंका है। सूत्रों का कहना है कि इस बार की छापेमारी किसी बड़ी कर चोरी की सूचना के आधार पर की गई हो सकती है। हालांकि, अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान या जब्ती के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
जांच टीम फिलहाल गोदाम में मौजूद माल और दस्तावेजों का मिलान कर रही है। स्टॉक रजिस्टर, बिक्री के आंकड़े और कर भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि इनमें किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित फर्म पर भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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इस कार्रवाई का असर पूरे स्टेशन रोड बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। दिनभर बाजार में तनावपूर्ण शांति बनी रही और व्यापारियों के बीच चर्चा का माहौल गर्म रहा। कई छोटे व्यापारियों ने अनौपचारिक रूप से स्वीकार किया कि इस तरह की अचानक कार्रवाई से व्यापारिक माहौल प्रभावित होता है और डर का माहौल बनता है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कर व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयां जरूरी हैं।
स्थानीय व्यापार मंडल से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि किसी भी व्यापारी द्वारा कर चोरी की जाती है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जांच की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। इससे ईमानदार व्यापारियों का भरोसा बना रहता है और बाजार में संतुलन कायम रहता है।
फिलहाल सभी की निगाहें वाणिज्य कर विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। गोदाम में चल रही जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला कितना गंभीर है और इसमें किस स्तर तक अनियमितता सामने आती है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विश्वविद्यालय की भव्य स्कूटी रैली, जागरूकता का दिया संदेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुक्रवार प्रातःकाल विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से भव्य स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। रैली उत्साह और अनुशासन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
यह रैली पूर्व में आयोजित मानव श्रृंखला एवं पदयात्रा की कड़ी के रूप में निकाली गई, जिससे अभियान को निरंतरता मिली। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ शहर के आमजन तक अधिनियम के महत्व को पहुंचाना रहा।
रैली में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्कूटी और मोटरसाइकिल के साथ सहभागिता की। कई प्रतिभागियों ने केसरिया साफा पहनकर उत्साह और एकजुटता का परिचय दिया। ढोल-नगाड़ों और नारों से वातावरण ऊर्जावान बना रहा।
रैली विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः वहीं समाप्त हुई। “नारी शक्ति राष्ट्र शक्ति” और “सशक्त नारी, समृद्ध भारत” जैसे नारों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग में भी महिलाओं के लिए आरक्षण, सीटों का रोटेशन तथा जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा।
कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के साथ राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को सशक्त करेगा।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. दिव्या रानी सिंह ने प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और समानता की भावना को मजबूत करते हैं।
रैली के दौरान प्रतिभागियों को हेल्पलाइन नंबर 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. संध्या त्रिपाठी, डॉ. सुधा मोदी, डॉ. के. सुनीता, डॉ. सुषमा पांडेय, डॉ. सुषमा श्रीवास्तव, डॉ. संध्या श्रीवास्तव, डॉ. सारिका जायसवाल, डॉ. अनीता सिंह, डॉ. स्नेहलता सिंह और डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव सहित कई शिक्षकों व अधिकारियों की उपस्थिति रही।

विश्व धरोहर दिवस पर काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र गोरखपुर एवं गोरखपुर लिटरेरी सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 18 अप्रैल 2026 को “एक शाम भारतीय सांस्कृतिक धरोहर एवं संविधान के शिल्पकार के नाम” विषयक काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी करेंगी, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम का संचालन मिन्नत गोरखपुरी द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर अवधेश निगम “राजू” (देवरिया), सुभाष चंद्र यादव (सिवान), प्रमोद चोखानी, कुंवर सचिन सिंह (चौरी-चौरा), एकता उपाध्याय, गौतम गोरखपुरी एवं आसिया गोरखपुरी काव्य पाठ प्रस्तुत करेंगे। साथ ही सामाजिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा।
कार्यक्रम यशोधरा सभागार (राजकीय बौद्ध संग्रहालय), गोरखपुर में शाम 4:30 बजे से आयोजित होगा। इसकी जानकारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र गोरखपुर के प्रभारी डॉ. यशवंत सिंह राठौड़ ने दी।

मंडल में राजस्व व्यवस्था को मिली नई तकनीक

खेतों की नापजोख अब होगी हाईटेक

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l गोरखपुर मंडल में राजस्व कार्यों को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अपर आयुक्त (न्यायिक) अजय राय द्वारा मंडल की सभी तहसीलों के तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को ज़ी एन एस एस आधारित आधुनिक खेत नाप उपकरण (ट्रिम्बल कैटालिस्ट DA2) वितरित किए गए। इन उपकरणों की कुल लागत पांच लाख रुपये से अधिक है।
इस पहल का उद्देश्य खेतों की नापजोख में सटीकता लाना, भूमि विवादों को कम करना और राजस्व कार्यों को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाना है।
मंडल की इन तहसीलों को मिला लाभ
गोरखपुर मंडल के चारों जनपदों की तहसीलों को यह उपकरण उपलब्ध कराए गए—
गोरखपुर: सदर, बांसगांव, गोला, खजनी, सहजनवा, कैंपियरगंज
देवरिया: देवरिया सदर, बरहज, सलेमपुर, रुद्रपुर, भाटपार रानी
कुशीनगर: पडरौना, कसया, हाटा, तमकुहीराज, खड्डा
महाराजगंज: सदर, नौतनवा, फरेंदा (आनंदनगर), निचलौल
कैसे काम करेगी नई व्यवस्था
GNSS तकनीक उपग्रह के माध्यम से जमीन की लोकेशन को बेहद सटीक तरीके से निर्धारित करती है। इसके जरिए खेतों की नापजोख अब डिजिटल माध्यम से और वास्तविक समय (रीयल टाइम) में की जा सकेगी। इससे पारंपरिक माप प्रणाली की कमियों को दूर किया जा सकेगा।
राजस्व विभाग के इन कार्यों में होगा उपयोग
खेतों और प्लॉट की सटीक पैमाइश
जमीन की सीमा निर्धारण (डिमार्केशन)
भूमि विवादों के समाधान में तेजी
राजस्व अभिलेखों का मिलान और अपडेट
सरकारी योजनाओं के लिए भूमि चिन्हांकन
अवैध कब्जों की पहचान
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
नई तकनीक से किसानों को अब—
कम समय में सही माप उपलब्ध होगा
विवादों में कमी आएगी
बार-बार नाप कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
अपर आयुक्त (न्यायिक) ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपकरणों का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। साथ ही उनके रखरखाव और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि यह तकनीक राजस्व विभाग को आधुनिक, जवाबदेह और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रशासन को बेहतर परिणाम की उम्मीद
अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से गोरखपुर मंडल में राजस्व कार्यों की गति बढ़ेगी, पारदर्शिता आएगी और भूमि संबंधी विवादों के निपटारे में उल्लेखनीय सुधार होगा।

सहायक आचार्य पुनर्परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में, व्यवस्थाओं की समीक्षा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी 18 व 19 अप्रैल को आयोजित होने वाली सहायक आचार्य पुनर्परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को एसीएम द्वितीय राजू कुमार ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में एसीएम द्वितीय ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए।

जनपद में कुल 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 18,600 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा 18 और 19 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित की जाएगी।

एसीएम द्वितीय ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग, बायोमेट्रिक सत्यापन (आइरिस स्कैन) और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य रूप से लागू की जाए। साथ ही पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट को नियमित रूप से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराने को कहा। प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि परीक्षा के दिन सभी अधिकारी और कार्मिक समय से रिपोर्टिंग करें और समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां पूर्ण हैं और परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

कौटिल्य परिषद आयोजित करेगा परशुराम जयंती पर भव्य कार्यक्रम

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)l कौटिल्य परिषद, गोरखपुर द्वारा भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी परिषद की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई।

परिषद के अनुसार 19 अप्रैल 2026 (रविवार) को पूर्वाह्न 11 बजे से दीवानी कचहरी परिसर में भगवान परशुराम जी की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग भाग लेंगे।

प्रेस वार्ता में राणा पाठक, अश्वनी दुबे और राजेश दुबे ने बताया कि कौटिल्य परिषद एक सामाजिक संगठन है, जो समाज हित में कार्य करते हुए आपसी समन्वय और सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रयास करता है। परिषद का उद्देश्य विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना और समाज में सकारात्मक सोच का प्रसार करना है।

आयोजन के दौरान भगवान परशुराम जी के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।

परिषद के पदाधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर भगवान परशुराम जी के विचारों को आत्मसात करें और कार्यक्रम को सफल बनाएं।

जन समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के लिए सौंपे। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान किया जाए।
कार्यक्रम में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंदों के इलाज का इस्टीमेट शीघ्र तैयार कर उपलब्ध कराया जाए, ताकि सरकार समय पर आर्थिक सहायता दे सके।
इसके अलावा कुछ महिलाओं ने आवास की समस्या रखी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि पात्र लोगों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी पात्र लोग अब तक वंचित हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

अवैध तमंचा और कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई तेज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में अपराध और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बरहज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत की गई.पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रगड़गंज से पैना जाने वाले मार्ग पर स्थित एक खाली झोपड़ी में संदिग्ध व्यक्ति मौजूद है। सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस टीम ने मौके से अभिषेक यादव उर्फ सचिन (32 वर्ष), निवासी बरठा लाला थाना मईल को गिरफ्तार कर लिया।तलाशी के दौरान अभियुक्त के पास से एक अवैध देशी कट्टा 315 बोर और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इस संबंध में थाना बरहज में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामलक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल दीपक यादव और कांस्टेबल विश्वजीत यादव की टीम शामिल रही। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वालों में हड़कंप है।

साइकिल पाकर खिल उठीं बेटियां, शिक्षा की राह हुई आसान

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)l समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित अनुसूचित जनजाति यूनिफार्म एवं साइकिल योजना के तहत नगर पंचायत रामकोला स्थित सामुदायिक भवन में बालिकाओं को साइकिल वितरित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं की विद्यालय तक पहुंच को आसान बनाना और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में कक्षा 6 की 2, कक्षा 9 की 4 और कक्षा 11 की 2 छात्राओं सहित कुल 8 बालिकाओं को साइकिल प्रदान की गई। साइकिल मिलने से छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई में सुधार की उम्मीद है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक विनय प्रकाश गोंड ने कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र बालिकाएं इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे और सभी को समान अवसर मिल सके।इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, छात्राओं के अभिभावक, संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य तथा अन्य जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशासन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।