
शक ने पार कराई इंसानियत की हद! युवक को पेड़ से बांधा, आधा सिर मुंडा और चेहरे पर पोती कालिख
अलीगढ़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। अकराबाद थाना क्षेत्र के दुभिया बंजारा गांव में एक युवक के साथ कथित संबंधों के शक में बेहद अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप है। आरोप है कि कुछ लोगों ने युवक को जंगल में पकड़कर उसके सिर के आधे बाल और दाढ़ी-मूंछ के हिस्से को मुंडवा दिया, चेहरे पर कालिख पोती और फिर पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सात नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, युवक पर अपनी बहन की देवरानी से कथित संबंध होने का शक था। बताया गया है कि 24 सितंबर को युवक अपनी बहन के घर आया था। इसी दौरान वह संबंधित महिला से मिलने जंगल की ओर गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने दोनों को वहां देख लिया और युवक को घेरकर पकड़ लिया।
इसके बाद युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि कैंची और रेजर मंगवाकर उसके सिर के आधे बाल तथा दाढ़ी-मूंछ का कुछ हिस्सा मुंडवा दिया गया। इसके बाद उसके चेहरे पर कालिख पोत दी गई। मामला यहीं नहीं रुका। पीड़ित के मुताबिक, उसे पेड़ से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा गया और पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया।
पेशाब पिलाने का भी आरोप
पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि घटना के दौरान एक महिला से बोतल में पेशाब करवाया गया और उसे जबरन पिलाया गया। हालांकि, सामने आए कुछ विवरणों में इसे पेशाब पिलाने के प्रयास के रूप में भी बताया गया है। पुलिस जांच में इस आरोप से जुड़े तथ्य भी स्पष्ट किए जाएंगे। घटना में संबंधित महिला के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर अकराबाद थाने में सात नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। नामजद आरोपियों की पहचान उमेश, जोगेन्द्र, रिशीपाल, अनीता, शकुन्तला देवी, फूदी और अंजली के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी दुभिया बंजारा गांव के रहने वाले हैं।
अकराबाद पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मामले में नामजद सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस टीम ने आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
शक या आरोप कानून हाथ में लेने की वजह नहीं
मामले में युवक पर लगाए गए कथित संबंधों के आरोप भी पुलिस जांच का विषय हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति पर शक या आरोप लगाए जाने के बावजूद कानून अपने हाथ में लेकर उसके साथ मारपीट करना अथवा उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करना कानूनी रूप से उचित नहीं है। पुलिस अब वायरल वीडियो, पीड़ित की शिकायत और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
