विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर निःशुल्क शिविर में विशेषज्ञों ने मरीजों को दिए परामर्श

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण कमर, गर्दन और जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ रही है। ऐसे में हर दर्द के लिए दवा या इंजेक्शन पर निर्भर रहने के बजाय सही व्यायाम, उचित पोस्चर और विशेषज्ञ की सलाह से फिजियोथेरेपी को अपनाना उपयोगी हो सकता है।विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर सिसवां कस्बे स्थित अंचला फिजियोथेरेपी क्लिनिक में निःशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न शारीरिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों की जांच कर उन्हें उपचार, व्यायाम और पुनर्वास संबंधी परामर्श दिया गया।शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पंकज तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समस्या होने पर समय से विशेषज्ञ की सलाह लेने पर जोर दिया।क्लिनिक की चीफ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहा ने मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। शिविर में जोड़ों एवं मांसपेशियों के दर्द, कमर और गर्दन के दर्द, गठिया, खेल के दौरान लगी चोट, स्ट्रोक, लकवा और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से संबंधित मरीजों को फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास की जानकारी दी गई।उन्होंने बताया कि आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीकों और नियमित व्यायाम के माध्यम से कई शारीरिक समस्याओं में मरीजों की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा दैनिक जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।फिजियोथेरेपी चिकित्सक डॉ. राहुल ने लोगों को सही पोस्चर अपनाने, नियमित व्यायाम करने और शरीर को सक्रिय रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठना, मोबाइल व कंप्यूटर का अधिक इस्तेमाल तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी गर्दन और कमर दर्द की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। उन्होंने दर्द प्रबंधन के साथ सही व्यायाम और नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।शिविर का उद्देश्य आमजन को फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। विशेषज्ञों ने लोगों से किसी भी प्रकार के लगातार बने रहने वाले दर्द या शारीरिक समस्या में स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने की अपील की।