
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जेल में निरुद्ध बंदियों के अधिकारों और उनके मामलों के प्रभावी निस्तारण को लेकर सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ में अधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ संजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में हुई।
बैठक में अधिकार प्राप्त समिति से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ, प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जेल अधीक्षक जिला कारागार मऊ, जिलाधिकारी के प्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक के प्रतिनिधि, जिला प्रोवेशन अधिकारी के प्रतिनिधि तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विधिक सहायता बचाव अधिवक्तागण मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्री-ट्रायल बैठक वहीं, आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्री-ट्रायल बैठक भी आयोजित की गई। इसमें आर्बिट्रेशन, एनआई एक्ट, शमनीय आपराधिक वादों और सिविल मामलों के निस्तारण को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में संबंधित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों ने सहभागिता की। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम बाकर शमीम रिजवी ने अधिकारियों और अधिवक्ताओं से लंबित मामलों में पक्षकारों से संपर्क स्थापित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आर्बिट्रेशन, एनआई एक्ट, शमनीय आपराधिक तथा सिविल मामलों में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और सुलह की संभावनाओं को तलाशते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की गई, ताकि लंबित मामलों का त्वरित एवं सरल तरीके से समाधान कराया जा सके।