मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की कार्यशाला में 250 से अधिक लाभार्थियों ने लिया प्रशिक्षण, बैंकर्स को भी दिए गए ऋण आवेदनों के त्वरित निस्तारण के टिप्स
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय युवा खुद का रोजगार खड़ा करें और दूसरों को भी रोजगार दें, इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत विकास भवन सभागार में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 250 से अधिक युवा लाभार्थियों को उद्यम स्थापना,ऋण प्रक्रिया और व्यवसाय प्रबंधन की बारीकियां समझाई गईं। वहीं, बैंकों के शाखा प्रबंधकों और प्रतिनिधियों को पात्र युवाओं के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला में लाभार्थियों और बैंक प्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद से ऋण प्रक्रिया की अड़चनें दूर करने पर विशेष जोर रहा।
मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में समाधान समिति एवं उद्योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला को दो सत्रों में संपन्न कराया गया। पहले सत्र में 250 से अधिक पंजीकृत युवा लाभार्थियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की जानकारी दी गई। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने युवाओं को योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, बैंक ऋण के लिए आवेदन तथा उद्यम संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं ने ऋण प्राप्त करने, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज और व्यवसाय शुरू करने से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक जानकारी दी। अधिकारियों ने युवाओं को बताया कि बेहतर योजना और सही प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ उद्यम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यशाला में लाभार्थियों और बैंक प्रतिनिधियों के बीच संवाद कराया गया। इससे ऋण आवेदन प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं को सीधे समझने और उनके समाधान की पहल की गई। योजना के तहत ऋण प्राप्त कर सफलता पूर्वक उद्यम संचालित कर रहे लाभार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और अन्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया।कार्यशाला के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तीन लाभार्थियों को चेक वितरित किए। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
दूसरे सत्र में जिले के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों एवं प्रतिनिधियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। पूर्व बैंकर एवं विशेषज्ञ मुकेश वार्ष्णेय ने पीपीटी के माध्यम से लाभार्थियों के ऋण आवेदनों के त्वरित निस्तारण, पोर्टल की तकनीकी प्रक्रिया तथा ऋण स्वीकृति के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की जानकारी दी।
बाह्य विशेषज्ञ रनवीर सिंह चौहान की मौजूदगी में जिला उद्योग केंद्र, समाधान समिति और बैंकों के बीच समन्वय मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि बैंक और विभाग के बीच बेहतर तालमेल होने से पात्र युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान और समयबद्ध होगी।
डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्रीज नीरज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य लाभार्थियों और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे पात्र युवाओं को सुगमता से ऋण मिल सके। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के साथ जिले में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
समाधान समिति के रीजनल कोऑर्डिनेटर अमन कुमार ने उद्यम स्थापना, वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग प्रक्रिया और व्यवसाय संचालन के संबंध में युवाओं को उपयोगी जानकारी दी।
इस अवसर पर कार्यशाला में डिप्टी कमिश्नर नीरज कुमार सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक भूपेंद्र मिश्रा, असिस्टेंट कमिश्नर राकेश कुमार जायसवाल, असिस्टेंट कमिश्नर गुलाब चंद गोंड़,सहायक प्रबंधक अविनाश कुमार पाण्डेय, सीनियर असिस्टेंट दिनेश कुमार वरुणा, सीएम युवा फेलो रंजीत कुमार व गुड़िया जायसवाल सहित अन्य अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और लाभार्थी मौजूद रहें।