जीवन का तिमिर मिटाना है तो,
स्वयं का ही दीप जलाना होगा,
जलती मोमबत्ती कब बुझ जाये,
हवा के रुख़ को पहचानना होगा।

मोमबत्ती की क्षणिक रोशनी से,
जिंदगी रोशन कहाँ हुआ करती है,
अपने खून पसीने की चिकनाई से
ज़िंदगी ख़ुद सम्भालनी पड़ती है।

शिष्टाचार चाहे कम से कम हो,
हर व्यक्ति को अच्छा लगता है,
शिष्टता का कोई मोल नहीं होता,
पर हर किसी को खुश कर देता है।

चाय काफ़ी तो अपनी जगह पर है,
जब तलब हो दिल खोल पीजिए,
जमाना कितना बदल रहा है अब,
चाय काफ़ी ह्वाट्सऐप पे लीजिये।

अशिष्टता, उद्दण्डता की श्रेणी है,
आदित्य ख़ामियाज़ा ख़ुद को नहीं,
पूरे समाज को ही भुगतना पड़ता है,
अशिष्टता का असर सब पर पड़ता है।

•कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

निजी सेंटरों के भरोसे राष्ट्रीय परीक्षाएं, पुराने वादों पर फिर उठे सवाल

NTA के गठन के 9 साल बाद भी निजी परीक्षा केंद्रों पर निर्भर व्यवस्था, कैबिनेट…

5 hours ago

बीबीएयू में गूंजा नशामुक्त भारत का संकल्प, छात्रों ने ली शपथ

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी…

18 hours ago

नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ जिले के शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा…

18 hours ago

दो वर्षों से बिजली को तरस रही पोखरभीडा चौहान टोले की जनता-विजय रावत

भलुअनी(राष्ट्र की परम्परा)l बरहज विधानसभा के भलुअनी ब्लॉक के पोखरभीडा गाँव में चौहान टोले पर…

18 hours ago

नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित भारत की मजबूत नींव: सिंहपाल सिंह

नशामुक्त भारत के लिए युवाओं से जुड़े प्रधानमंत्री, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में सुना गया वर्चुअल…

19 hours ago

जीआरपी का ऑपरेशन सफल, स्टेशन से मोबाइल लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार

देवरिया रेलवे स्टेशन पर लूट की वारदात का आरोपी गिरफ्तार, जीआरपी की कार्रवाई से यात्रियों…

21 hours ago