पत्तों की भाषा में जीवन का मंत्र, वनस्पतियों और मानव का सनातन रिश्ता
डॉ. सतीश पाण्डेय महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जब शब्द थक जाते हैं और सभ्यता मौन हो जाती है, तब प्रकृति बोलती है। उसकी यह भाषा न किसी लिपि में बंधी…
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डॉ. सतीश पाण्डेय महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जब शब्द थक जाते हैं और सभ्यता मौन हो जाती है, तब प्रकृति बोलती है। उसकी यह भाषा न किसी लिपि में बंधी…