केला, धान और गन्ने की खड़ी फसलें गिरीं, खपरैल मकान व टिन शेड क्षतिग्रस्त

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। ब्लाक नवाबगंज क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच शुक्रवार रात और शनिवार को चली तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा। वहीं बिजली के पोल और तार टूटने से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो गई। कई जगह मोबाइल नेटवर्क भी बाधित होने की जानकारी सामने आई है।नवाबगंज-नानपारा, बाबागंज-मल्हीपुर और नवाबगंज-शंकरपुर समेत ग्रामीण क्षेत्र के कई मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। खेतों में खड़ी धान, गन्ना और केले की फसलें भी तेज हवा और बारिश के कारण गिर गईं। इससे किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है।क्षेत्र के बीजे गांव, नंदा गांव, रिक्खी गांव, अवधूत, चौगोई बिलासपुर, रामनगर गुलरिया और धन्नी गांव समेत कई गांवों में खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलें गिर गईं। लगातार बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण फसलों के गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि मौसम इसी तरह बना रहा तो फसलों को और नुकसान हो सकता है।वहीं ढोड़े गांव में लगातार बारिश के कारण नमी बढ़ने से पप्पू का खपरैल मकान प्रभावित हुआ। इसके अलावा संतोष होटल की दुकान का टिन शेड भी तेज हवा के झोंकों में उड़ गया। इससे दुकान संचालक को नुकसान उठाना पड़ा।शुक्रवार रात बारिश के साथ चली तेज पछुआ हवा के दौरान नवाबगंज-नानपारा मार्ग पर रिक्खी गांव के पास सद्धू गांव मोड़ पर एक विशाल आम का पेड़ सड़क के बीच गिर गया। इससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।शनिवार सुबह तेज हवा के कारण बीजे गांव के पास मार्ग पर करीब दस यूकेलिप्टस के पेड़ भी गिर गए। एक के बाद एक पेड़ गिरने से नवाबगंज-नानपारा मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी।सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मार्ग पर गिरे पेड़ों की शाखाओं को काटकर हटाने का कार्य शुरू किया। अब्दुल्लागंज रेंज के वनरक्षक देव कुमार वर्मा ने बताया कि मार्ग पर गिरे आम के पेड़ की शाखाओं को काटकर हटाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द आवागमन सुचारू कराया जा सके।लगातार बारिश और तेज हवा से क्षेत्र में फसलों के साथ ग्रामीण इलाकों के आवागमन और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए ग्रामीणों में आगे भी नुकसान की आशंका बनी हुई है।