पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को अलग-अलग मांगों को लेकर हुए प्रदर्शनों से सड़कों पर हलचल तेज हो गई। गांधी मैदान से निकले आक्रोश मार्च में छात्र, किसान, मजदूर और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के जेपी गोलंबर से आगे बढ़कर डाकबंगला चौराहे की ओर पहुंचने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से निकले मार्च में किसानों के साथ AISF, CPI, AIKF और अन्य वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने बाढ़-सूखा की समस्या के स्थायी समाधान, बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत, वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग को लेकर तनातनी
प्रदर्शनकारी जब जेपी गोलंबर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति बनी। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान रोजगार, स्कीम वर्कर्स को स्थायी करने, मजदूरों के लिए न्यूनतम मानदेय तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे समेत कई मांगें उठाई गईं। पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस की भी जानकारी सामने आई है।
डाकबंगला चौराहे पर पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों के डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और लोहे के बैरिकेड लगाए गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी कुछ महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों को मौके से ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
मौके पर पटना SSP कार्तिकेय शर्मा, सिटी SP पश्चिम संकेत कुमार, सिटी SP पूर्व शैलजा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कील लगे बांस को लेकर महिला के आरोप से मचा हड़कंप
प्रदर्शन के दौरान एक महिला हाथ में कील लगा बांस लेकर घूमती दिखाई दी। महिला ने दावा किया कि उसने यह बांस पुलिसकर्मियों के पास से लिया है। उसका आरोप था कि बांस में कई कीलें लगी हुई थीं और यदि यह किसी व्यक्ति को लग जाती तो गंभीर चोट लग सकती थी।
महिला ने कहा कि वह इस बांस को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने ले जाकर पूरे मामले की जानकारी देगी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से तत्काल कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
हेल्थ यूनिवर्सिटी के छात्रों का भी प्रदर्शन
पटना में बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्र भी परीक्षा परिणाम को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को असफल घोषित किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया कि करीब 95 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हुए हैं।
छात्रों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों के असफल होने से उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। वे परीक्षा परिणाम की समीक्षा कराने और अपनी शिकायतों का समाधान करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, 95 प्रतिशत विद्यार्थियों के फेल होने के दावे की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
पटना में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर असर
एक ही दिन में विभिन्न संगठनों और छात्रों के प्रदर्शन के कारण पटना के कई प्रमुख इलाकों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। डाकबंगला चौराहे समेत संवेदनशील मार्गों पर बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
प्रदर्शन के बीच सांसद पप्पू यादव के भी पहुंचने की बात सामने आई है, हालांकि उनके कार्यक्रम में शामिल होने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के आधार पर नहीं की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बताई जा रही है।