
SIR के बाद Form-6 में बड़ा बदलाव: कई राज्यों में हटाई गई अतिरिक्त घोषणा, झारखंड में अभी जारी रहेगी प्रक्रिया
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग ने नए मतदाताओं के लिए ऑनलाइन Form-6 की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां Form-6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को हटा दिया गया है। हालांकि, झारखंड में SIR अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए वहां यह व्यवस्था फिलहाल लागू रहेगी।
SIR पूरी कर चुके क्षेत्रों में अब नए मतदाताओं को सामान्य मतदाता पंजीकरण के लिए निर्धारित वैधानिक Form-6 ही भरना होगा। इस प्रक्रिया में SIR के दौरान जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा के तहत आवेदक से उसके या माता-पिता अथवा दादा-दादी के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगने की व्यवस्था अब गैर-SIR अवधि में नहीं रहेगी।
पहले ऑनलाइन Form-6 में SIR से जुड़ा एक अतिरिक्त हिस्सा जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से यह जानकारी मांगी जा सकती थी कि वह स्वयं अथवा उसके माता-पिता या दादा-दादी पिछली SIR के दौरान तैयार मतदाता सूची में दर्ज थे या नहीं। पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर उससे संबंधित विवरण देने का विकल्प भी शामिल था। अब SIR पूरी कर चुके राज्यों में इस अतिरिक्त हिस्से को हटा दिया गया है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह अतिरिक्त घोषणा SIR की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यकता थी। SIR समाप्त होने के बाद सामान्य अवधि में मतदाता पंजीकरण के लिए निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित Form-6 का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग ने इसी आधार पर SIR पूरा कर चुके राज्यों में ऑनलाइन व्यवस्था को सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप किया है।
यह बदलाव ECINET ऐप और पोर्टल के साथ संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पोर्टल पर भी किया गया है। वहीं जिन राज्यों में SIR अभी चल रहा है, वहां SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा उपलब्ध रहेगी। यानी पूरे देश में Form-6 की ऑनलाइन व्यवस्था एक जैसी नहीं है, बल्कि संबंधित राज्य में SIR की स्थिति के अनुसार इसमें अंतर रखा गया है।
झारखंड के मतदाताओं के लिए क्या है स्थिति?
झारखंड को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। निर्वाचन आयोग के प्रकाशित कार्यक्रम के अनुसार झारखंड में SIR के तहत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 नवंबर 2026 को निर्धारित है। इसलिए 30 सितंबर को झारखंड को उन राज्यों की सूची में शामिल करना, जहां SIR पूरा हो चुका है, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।
Form-6 में SIR संबंधी अतिरिक्त घोषणा को लेकर हाल के दिनों में निर्वाचन आयोग के भीतर भी सवाल उठे थे। रिपोर्टों के अनुसार, निर्वाचन आयुक्तों की ओर से इस अतिरिक्त हिस्से की वैधानिक प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। दूसरी ओर आयोग की ओर से कहा गया था कि यह मूल वैधानिक Form-6 में स्थायी संशोधन नहीं, बल्कि SIR के दौरान लागू की गई अतिरिक्त आवश्यकता थी।
26 सितंबर की पूर्ण आयोग की बैठक के बाद यह व्यवस्था स्पष्ट की गई कि SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा पुनरीक्षण प्रक्रिया तक सीमित रहेगी। इसके बाद SIR पूरा कर चुके राज्यों में इसे Form-6 की ऑनलाइन प्रक्रिया से हटा दिया गया।
इस बदलाव का सीधा असर उन राज्यों में नए मतदाताओं के पंजीकरण पर पड़ेगा जहां SIR पूरा हो चुका है। ऐसे आवेदकों को सामान्य वैधानिक Form-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। दूसरी तरफ झारखंड समेत उन क्षेत्रों में जहां SIR अभी जारी है, वहां संबंधित SIR नियमों के अनुसार प्रक्रिया चलती रहेगी।
