Low Energy और थकान से राहत के लिए आजमाएं ये 3 देसी ड्रिंक्स, घर पर मिनटों में करें तैयार

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। रोजमर्रा की भागदौड़, काम का दबाव और अनियमित खान-पान के बीच थकान और लो-एनर्जी महसूस होना आम बात है। ऐसे में कई लोग तुरंत पैकेज्ड जूस या मीठे एनर्जी ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, घर में उपलब्ध सामान्य सामग्री से तैयार किए जाने वाले कुछ पारंपरिक पेय भी रोजाना की डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।
भिंडी का पेय, खजूर-काली किशमिश का ड्रिंक और पुदीना-जीरा वाली पतली छाछ ऐसे ही विकल्प हैं। इन्हें तैयार करना आसान है और इनसे शरीर को पानी, कुछ पोषक तत्व और ऊर्जा देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, लगातार रहने वाली थकान को केवल खान-पान की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • भिंडी का पेय
    भिंडी का इस्तेमाल आमतौर पर सब्जी बनाने में किया जाता है, लेकिन इससे पेय भी तैयार किया जाता है। इसके लिए भिंडी को साफ करके पानी में भिगोया जा सकता है या उपलब्ध भिंडी पाउडर को पानी में मिलाकर लिया जा सकता है। स्वाद के अनुसार इसे ठंडा करके भी पी सकते हैं।
    ध्यान रखें कि इसे किसी बीमारी का इलाज या तत्काल ऊर्जा देने वाला ‘चमत्कारी’ पेय न समझें। यह सामान्य डाइट का हिस्सा हो सकता है।
  • खजूर-काली किशमिश का ड्रिंक
    खजूर और काली किशमिश प्राकृतिक रूप से मीठे और ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ हैं। इन्हें पानी के साथ ब्लेंड करके पेय बनाया जा सकता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें कुछ पुदीने की पत्तियां भी डाली जा सकती हैं।
    चूंकि खजूर और किशमिश दोनों में प्राकृतिक शर्करा होती है, इसलिए इसमें अलग से चीनी या अन्य स्वीटनर डालने की जरूरत नहीं है। जिन लोगों को ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या है, उन्हें मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए।
  • पुदीना-जीरा वाली छाछ
    गर्म मौसम या दिनभर की व्यस्तता के बाद हल्की छाछ एक आसान विकल्प हो सकती है। एक हिस्से दही में पर्याप्त पानी मिलाकर इसे पतला करें। इसके बाद थोड़ा पुदीना, भुना जीरा और स्वादानुसार नमक मिलाएं।
    छाछ शरीर में तरल पदार्थ पहुंचाने में मदद करती है और दही से प्रोटीन व कैल्शियम भी मिल सकता है। हालांकि, इसे मीठी या बहुत गाढ़ी लस्सी की तरह बनाने के बजाय हल्का रखना बेहतर है।
    रोजाना कैसे करें शामिल?
    इन पेय को अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार डाइट में शामिल किया जा सकता है। किसी दिन पुदीना-जीरा वाली छाछ, तो किसी दिन खजूर-किशमिश का पेय लिया जा सकता है। भिंडी का पेय भी कभी-कभार विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
    जरूरी बात: लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना या अन्य लक्षण बने रहें तो केवल घरेलू ड्रिंक्स पर निर्भर न रहें। एनीमिया, नींद की कमी, थायरॉयड, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थकान की वजह हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं खान-पान संबंधी जानकारी के लिए है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी बीमारी, एलर्जी, गर्भावस्था या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में इन पेय को डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लें।