चिराग के ‘शर्मिंदगी’ वाले बयान पर NDA में घमासान! मांझी बोले- इतनी चिंता है तो आगे कार्रवाई करें, मंत्री लखेंद्र ने भी दी नसीहत

पटना/प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में महिलाओं और लड़कियों से जुड़ी हालिया घटनाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के बीच अब सत्तारूढ़ एनडीए के भीतर से भी अलग-अलग सुर सामने आने लगे हैं। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा था कि सरकार का हिस्सा होने के नाते उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। उनके इस बयान पर अब एनडीए के ही नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें सरकार के साथ संवाद कर समाधान निकालने की सलाह दी है।
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने चिराग पासवान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई सरकार के कामकाज को लेकर शर्मिंदगी महसूस कर रहा है तो उसे आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। मांझी ने इसके विपरीत बिहार सरकार का हिस्सा होने पर खुद को गौरवान्वित बताया और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था तथा विकास के क्षेत्र में काम होने की बात कही।
मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को युवा और मजबूत मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि सरकार अपराध की घटनाओं पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने पिछली सरकारों के कामकाज पर भी टिप्पणी की और दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में अपराध होने पर कार्रवाई की जा रही है। यह बयान ऐसे समय आया है जब चिराग पासवान के कानून-व्यवस्था संबंधी बयानों को लेकर एनडीए के भीतर राजनीतिक चर्चा तेज है।
इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने भी चिराग पासवान को सीधे तौर पर सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन से शिकायत या असंतोष रखने वाले नेताओं को मीडिया के माध्यम से बात रखने के बजाय सरकार के साथ बैठकर समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने चिराग पासवान को बड़ा नेता बताते हुए बिहार आकर परिस्थितियों पर ध्यान देने की बात कही और कहा कि सरकार उनकी राय सुनने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है।
चिराग पासवान ने हाल में बिहार में महिलाओं और लड़कियों से जुड़ी घटनाओं पर कड़ी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि आज की स्थिति में लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता है और सरकार का सहभागी होने के नाते वह इस सवाल से बच नहीं सकते। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी घटनाओं के बीच सरकार का हिस्सा होने पर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। इससे पहले समस्तीपुर की घटना को लेकर उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए थे।
अब इस बयान पर एनडीए के घटक दलों के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने से बिहार की सियासत में चर्चा बढ़ गई है। एक ओर चिराग पासवान कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाबदेही की अपेक्षा जता रहे हैं, वहीं एनडीए के अन्य नेता सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए आपसी संवाद के जरिए मुद्दे सुलझाने की बात कह रहे हैं।
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चिराग पासवान की नजर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी है। 28 सितंबर को प्रयागराज में आयोजित ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी पार्टी की तैयारियों का संकेत दिया। रिपोर्टों के मुताबिक लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सभी 403 विधानसभा सीटों के लिए तैयारी कर रही है। चिराग ने यह भी कहा कि चुनाव में पार्टी गठबंधन के साथ उतरेगी या अकेले, इस पर फैसला आगे किया जाएगा।
प्रयागराज के कार्यक्रम में चिराग पासवान ने युवाओं से संवाद किया और प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान तलाशने पर भी जोर दिया।
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर चिराग पासवान के बयान और उस पर जीतन राम मांझी तथा लखेंद्र पासवान की प्रतिक्रियाओं ने एनडीए के भीतर मतभिन्नता को सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर गठबंधन के अन्य नेता क्या रुख अपनाते हैं और चिराग पासवान इन प्रतिक्रियाओं पर क्या जवाब देते हैं।