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समाज सुधार से राष्ट्र चेतना तक: स्वामी श्रद्धानंद का युगद्रष्टा जीवन

पुनीत मिश्र भारतीय नवजागरण और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में स्वामी श्रद्धानंद जी एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में स्थापित हैं, जिन्होंने संन्यास को आत्मकल्याण तक सीमित न रखकर समाज…

नरसिम्हा राव की नीतियों से भारत बना आर्थिक महाशक्ति

भारत के आर्थिक इतिहास में 1991 का वर्ष एक युगांतकारी मोड़ है। यह वही दौर था जब देश गहरे वित्तीय संकट से गुजर रहा था। विदेशी मुद्रा भंडार समाप्ति की…

महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती: प्रतिभा, साधना और राष्ट्रीय गणित दिवस

नवनीत मिश्र भारतीय गणित परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाले महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती केवल एक स्मृति-दिवस नहीं, बल्कि उस असाधारण प्रतिभा को नमन करने का अवसर है,…

आयुष सेवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की तैयारी, मरीजों को मिलेगी ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आयुष चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में आयुष विभाग अब डिजिटल माध्यम…

भारतीय परमाणु विज्ञान के शिल्पकार डॉ. पी.के. अयंगर

पुनीत मिश्र भारतीय विज्ञान और विशेषकर परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में जिन व्यक्तित्वों ने बिना किसी दिखावे के राष्ट्र की वैज्ञानिक नींव को सुदृढ़ किया, उनमें डॉ. प्रमोद कालीकर अयंगर…

यू. आर. अनंतमूर्ति : समाज, संस्कृति और संवेदना के आलोचक

नवनीत मिश्र यू. आर. अनंतमूर्ति कन्नड़ साहित्य की उन विशिष्ट हस्तियों में हैं, जिन्होंने साहित्य को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और आत्मा के गहन आत्ममंथन का उपकरण…

“मैं मर नहीं रहा हूँ, बल्कि स्वतंत्र भारत में पुनर्जन्म लेने जा रहा हूँ”: राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी का अमर संदेश

काकोरी ट्रेन एक्शन अमर शहीद राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी को स्मरण करते हुए नवनीत मिश्र का आलेख भारतीय स्वाधीनता संग्राम का इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का क्रम नहीं है, वह उन…

अंकों की दौड़ से आगे- शिक्षा में संस्कारों की कमी और समाज पर उसका असर

आज के भारत में शिक्षा को सफलता की कुंजी माना जाता है, जहाँ अच्छे अंक, नामी संस्थान और ऊँचा वेतन ही उपलब्धि का पैमाना बन चुके हैं। स्कूल से लेकर…

विजय दिवस: शौर्य, संकल्प और राष्ट्रगौरव का अमर अध्याय

नवनीत मिश्र 16 दिसंबर भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है, जब पराक्रम ने अत्याचार को परास्त किया और न्याय ने इतिहास की धारा मोड़ दी। 1971 में ढाका के…

नितिन नबीन बने भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष

संगठनात्मक भरोसे से शीर्ष भूमिका तक का सफर त्वरित टिप्पणी: नवनीत मिश्र भारतीय जनता पार्टी ने अहम फैसला लेते हुए बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का कार्यकारी…

शब्दों की चकाचौंध बनाम जनहित का सच

डॉ. सतीश पाण्डेय महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज का लोकतंत्र शब्दों की ऐसी चमक में उलझता जा रहा है, जहां सच्चाई की रोशनी धीरे-धीरे फीकी पड़ रही है। मंचों से…

क्या शिक्षा केवल नौकरी का साधन बन चुकी है?

ज्ञान, संस्कार और सोच के पतन पर एक गंभीर मंथन आज के भारत में शिक्षा को लेकर सबसे बड़ा और चिंताजनक सवाल यही है—क्या शिक्षा केवल नौकरी का साधन बन…

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस: ऊर्जा बचत से ही सुरक्षित होगा भविष्य

नवनीत मिश्र भारत में प्रत्येक वर्ष 14 दिसम्बर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य देशवासियों को ऊर्जा की सीमित उपलब्धता, उसके विवेकपूर्ण उपयोग और…

बाबा राघव दास: जनसेवा और करुणा के शिखर पुरुष ‘पूर्वांचल के गांधी’

जयन्ती पर विशेष नवनीत मिश्र बाबा राघव दास आधुनिक भारत के उन दुर्लभ महापुरुषों में शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने साधु जीवन को केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित न रखकर…

बाल कृष्ण शर्मा ‘नवीन’ : राष्ट्रीय चेतना के प्रखर कवि और बहुआयामी साहित्यकार

हिंदी साहित्य के स्वर्णिम इतिहास में बाल कृष्ण शर्मा ‘नवीन’ उन रचनाकारों में प्रमुख हैं, जिन्होंने अपनी कविता, पत्रकारिता और चिंतन के माध्यम से स्वाधीनता आंदोलन को वैचारिक धार प्रदान…