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जंगलों से पहाड़ों तक: मानव और पर्यावरण का बढ़ता टकराव

सुनीता कुमारी, बिहार इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है कि मनुष्य ने पहले जंगल काटकर जानवरों का विनाश किया और अब पर्वत–पहाड़ काटकर पर्यावरण को नष्ट कर रहा है। जिस…

निंदा से डरे बिना काम करते रहना चाहिए: सावित्रीबाई फुले

मराठी कवयित्री, भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन की नायिका, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, शोषितों-वंचितों एवं पिछड़ गए लोगों की सशक्त आवाज, नारी शिक्षा को समर्पित सावित्रीबाई फुले जी की…

श्रीलाल शुक्ला: ‘रागदरबारी’ के जरिए भारतीय व्यवस्था की तीखी पड़ताल

नवनीत मिश्र हिन्दी साहित्य में श्रीलाल शुक्ला ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्होंने कल्पना के आवरण में नहीं, बल्कि यथार्थ की कठोर ज़मीन पर खड़े होकर लेखन किया। उनका चर्चित उपन्यास रागदरबारी…

डॉ. विक्रम साराभाई: भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक और वैज्ञानिक दृष्टि के अग्रदूत

पुनीत मिश्र डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई भारत के उन महान वैज्ञानिकों में हैं, जिन्होंने देश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए विश्वस्तरीय पहचान दिलाई। एक प्रख्यात फिजिसिस्ट…

रामानंद सागर: टेलीविजन पर संस्कृति और संस्कारों के अमिट हस्ताक्षर

पुनीत मिश्र भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामानंद सागर का नाम उस सृजनात्मक क्रांति का प्रतीक है, जिसने छोटे परदे को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक…

प्रकृति के सुकुमार महाकवि सुमित्रानंदन पंत: शब्दों में बसी संवेदना की अमर यात्रा

पुनीत मिश्र हिंदी साहित्य की वह उजली धारा, जिसमें प्रकृति, मानवता और सौंदर्य एक साथ प्रवाहित होते हैं। उसका नाम सुमित्रानंदन पंत है। उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए यह…

छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध: पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ‘मास्टरजी’ की साहित्यिक विरासत

डॉ. संदीप मिश्र छत्तीसगढ़ की धरती केवल खनिज, वन और नदियों के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यह ऐसी विभूतियों की जन्मस्थली भी रही है जिन्होंने अपने साहित्य से…

1971 के रण में अदम्य पराक्रम की मिसाल: परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का

जयन्ती पर विशेष- पुनीत मिश्र भारत के सैन्य इतिहास में 1971 का भारत–पाकिस्तान युद्ध अद्वितीय शौर्य, रणनीतिक कुशलता और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। इसी युद्ध में भारतीय सेना के…

मानवता का सर्वोच्च धर्म: बाबा आमटे का सेवा-संकल्प

डॉ. संदीप पाण्डेय नर सेवा ही नारायण सेवा है, यह कथन बाबा आमटे के जीवन में केवल विचार नहीं, बल्कि उनका संपूर्ण आचरण था। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण…

कार्टून की रेखाओं में सजी संस्कृति: केशव शंकर पिल्लई का रचनात्मक संसार

पुण्यतिथि पर विशेष – जितेन्द्र कुमार पाण्डेय भारतीय कार्टून कला को जन-जन तक पहुँचाने वाले केशव शंकर पिल्लई, जिन्हें के. शंकर पिल्लई के नाम से अधिक जाना जाता है, केवल…

जलियांवाला बाग से लंदन तक: स्वाभिमान का अमर प्रतीक क्रांतिवीर उधम सिंह

जलियांवाला बाग से लंदन तक: स्वाभिमान का अमर प्रतीक क्रांतिवीर उधम सिंहअदम्य साहस, अटूट संकल्प और राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए सर्वस्व अर्पित कर देने का नाम है- क्रांतिवीर उधम…

भारतीय राजनीति के अजातशत्रु भारत रत्न पंडित अटल बिहारी वाजपेयी

नवनीत मिश्र भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ ऐसे नेता आए हैं, जिनका व्यक्तित्व और विचारधारा केवल उनके समय तक सीमित नहीं रहे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी…

सुविधाओं की चकाचौंध में घिरता समाज, बढ़ती असुरक्षा बनी गंभीर चुनौती

कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।आज का समाज सुविधाओं के मामले में अपने इतिहास के सबसे उन्नत दौर में खड़ा है। तकनीक, संचार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में हुई…

मन और साहित्य के अन्वेषक: पद्म भूषण जैनेन्द्र कुमार

पुनीत मिश्र हिन्दी साहित्य के इतिहास में जैनेन्द्र कुमार का नाम उन रचनाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने कथ्य से अधिक मनुष्य के अंतर्मन को साहित्य का केंद्र बनाया। वे…