दोहे : आयुर्वेदिक संकलन
दही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय,होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय।बहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल,यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल।अजवाइन को पीसिये, गाढ़ा लेप…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
दही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय,होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय।बहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल,यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल।अजवाइन को पीसिये, गाढ़ा लेप…
प्रक्षेपास्त्र जैसे दुश्मन के निशानेपर तीब्रतम प्रहार मर्दि-गर्द करता है,भीष्म प्रतिज्ञा सा निश्चित लक्ष्य,त्वरित गति से लक्ष्य भेद करता है। वैसे ही कविता का मूलतत्व शान्तिव संतोष से जीना भी…
जीवन के तीन प्रहर बीते, बस एक प्रहर ही बाकी है,तीन आश्रम बीत चुके, अब सन्यासी जीवन बाक़ी है।बृह्मचर्य, गृहस्थ रहकर ही वानप्रस्थ भी भोग चुके,यूँ तो पुरुषार्थ किये होंगे,…
प्रेम, स्नेह, मर्यादा, धैर्य, त्याग, क्षमा,कठोर परिश्रम एवं निरन्तर सीख वअभ्यास से इसे सुंदर बनाना पड़ता है,जीवन यूँ ही नहीं सुंदर हो जाता है। आओ सनातन को पूर्ण मज़बूत करो,सब…
संसार में सत्य तो उस शारीरिकशल्य चिकित्सा की तरह होता है,जिससे घाव तो बनता है पर सदाकेलिए मर्ज़ का उपचार कर देता है। असत्य कष्टनिवारक औषधि साहोता है जो क्षणिक…
महत्वकांक्षा कर्तव्यशीलता परही जब भारी पड़ने लग जाती है,महत्वाकांक्षा तभी जीवन हताशाऔर निराशा में बदल जाती है । कर्तव्यपरायणता जब जीवन कीमहत्वाकांक्षा से ऊपर उठ जाती है,जीवन में सफलता का…
कोई नाराज़ होता है होने दो,वह भारत के मेहमान नहीं हैं,सारे संसार से वह लड़ते हैं,इनके कोई सिद्धांत नहीं हैं। राम कृष्ण की जन्मभूमि है,इसका मान तो करना होगा;यह भारत…
योगा, प्राणायाम और व्यायाम सेध्यान मनन चिंतन और स्मरण से,तन की मन की सुस्ती मिट जाती है,तन मन की सक्षमता बढ़ जाती है। मन के भ्रम संदेह दूर हो जाते…
आज इंसान लक्ष्य से भटक रहा है,यही भटकाव सबको थका रहा है,इस भटकाव की कथा लिख रहा हूँ,मालिक व श्वान का हाल बता रहा हूँ। मालिक किसान और उसका श्वानएक…
मुंबई/ महाराष्ट्र(राष्ट्र की परम्परा)मै पहचान हूं भारत की।मैं शान हूं भारत माता की ।। छंद हूं रस हूं सोरठा हूं ।रामायण की चौपाई हूं।। क्यों हिंदी को बोलने में,अपना अपमान…
मौत शब्द सबको डराने वाला होता है,जिसे सुनकर हर जीव काँप जाता है,पर सत्य यह है कि जीतेजी जो कष्ट,मिलता है, मृत्यु के बाद भूल जाता है। अक्सर रिश्तों व…
जैसे ईश्वर सबको प्रसन्न रखता है,इसलिए सबपर दया भाव रखता है,वैसे ही मनुष्य से सब ख़ुश रहते हैं तोउसे भी सबसे समन्वय रखना होता है। वह रोटी खाने में स्वादिष्ट…
आख़िर देर से ही सही आयी तो,झमाझम बादल आज यूँ बरसे,चिपचिपाती गर्मी की यह उमस,बादल बरसे और जमकर बरसे। कड़कती बिजली बादलों के मध्य,सारे शहर गाँव वन तर-बतर भीगे,मानसून आ…
मानव जीवन में मित्र हमेशामिलते और बिछुड़ते रहते हैं,वैसे ही वक्त सदा इस जीवन में,उतार चढ़ाव ले बदलते रहते हैं। वे अति भाग्यवान होते हैं जिनकेमित्र जीवन भर नहीं बदलते…
क्या दूसरों की कहानी में मैंखुद के किरदार ढूँढ रहा हूँ,क्या मैं नि:शब्द हो गया हूँ,इसलिए कुछ शब्द ढूंढ़ रहा हूँ। पर मेरी कहानी दूसरे से ज़्यादास्वयं मेरे ऊपर ही…