माता पिता बच्चे का तुतलानाभी कैसे पूरी तरह समझ लेते हैं,बच्चा माँगे तोतली बोली में जो,माता-पिता वह सब लाकर देते…
यथार्थ बोध के बिना,यथार्थ ज्ञान नहीं मिले,यथार्थ ज्ञान के बिना,विनीत भाव नहीं मिले। विनीत भाव के बिना,प्रेम-प्रीति नहीं मिले,प्रेम- प्रीति…
खामोशी से सभी काम होते हैं,किसान खेत में काम करते हैं,जैसे पेंड़ और पौधे छाया देते हैं,किसान हम सबको अनाज…
कविता की रचना जब कोई कविअपनी कल्पना में जाकर करता है,यदि पाठक रचना में गलती खोजे,समालोचना उसका हक़ होता है।…
सच बोलना मूलभूत प्रकृति वसंवेदनशील सहज प्रवृत्ति है,झूठ सुनकर यदि हमें दुख होता है,ऐसे झूठ से ग़ैर को भी दुख…
अंबर से धरती तक तीनों लोकों में,चमक रहे सूर्यदेव उनको प्रणाम है।जगत प्रकाशित जिनसे होता है,भुवन भास्कर तुमको प्रणाम है।…
हे भोलेनाथ कृपालु हरे,शिव शम्भू हे औढरदानी।दयालु हृदय हे करुणाकर,महादेव की अकथ कहानी॥ निमिषमात्र, नवनिधि दाता हैं,दयानिधि भोले हैं महा…
बड़े बड़े महलों को ढहते देखा है,उन महलों में रहने वालों को देखा है,भूखे प्यासे दर दर भटकते देखा है,उनकी…
परंपरा व आस्था पर प्रहार,सरेआम आधुनिक भारत में,अपने ही लोगों के द्वारा देखा,वो रौंद गये एक लक्ष्मण रेखा। होली के…
वादा करो कि बेलन का उपयोगचपाती बनाने के लिये ही करोगी,वादा दिवस, पति देव की कहानीसुनिये कहानी, उनकी ही ज़ुबानी।…