वसन्त पंचमी की नवपूजा होगी,माँ सरस्वती तव अर्चना होगी,वीणावादिनि की आरती होगी,माँ शारदे श्वेतवस्त्रालंकृता होंगी। वीणा के तार सरगम झंकृत…
अपनी माँ की ममता का सागरबेटी सबकी आँखों का तारा है,मैं बतलाऊँ कैसे हमने कितने,लाड़, प्यार, नाज़ों से पाला है।…
दर्पण नहीं मुखौटे बदलते रहते हैं,लोकतंत्र में संविधान नहीं साँसद,विधायक व मंत्री बदलते रहते हैं,संत्री से लेकर सचिव वही रहते…
भाषाई शब्द ऐसे परिधान होते हैंजिन्हें शालीनता से पहना जाता है,शालीनता त्याग देते ही इंसान कासारा व्यक्तित्व निर्वस्त्र हो जाता…
हमारे माता-पिता, पति-पत्नी,पुत्र-पुत्री, मित्र, सगे सम्बन्धी,क्या वास्तव में ये जीवनसाथी हैं,नहीं, जीवनसाथी तो शरीर है । शरीर साँसे लेना बंद…
सुनिए एक मेहनतकश की कहानी,अब तक की उसकी ही ज़ुबानी,जब मैं छोटा था, हम केवल एककमरे वाले छोटे से घर…
आया बसन्त आया बसन्त,दिवदिगन्त में छाया बसन्त।तरु पल्लव किसलय झूम रहे,खेतों में सरसों फूल रहे,नवकलिका आँखे खोल रहीं,वासंती छटा निहार…
मैंने बाल धूप में नहीं सफ़ेद किए हैं,बुजुर्गों के अनुभव अनमोल होते हैं,यह अनुभव उनकी उम्र के बितायेहुए बेशक़ीमती वक्त…
रद्दा देखत रइहौंव तोर, गियां रे मंझनिया के पहाती।आबे मोर खेत म मयारू, टोरे ल तिवरा, चना भाजी।। केंवची-केंवची पाना…
अम्बर से उड़ उड़कर भँवराजब धरती पर आता है,देख देख सुनहरे बाग को,भ्रमर वहीं मँडराता है,कुसुमित पुष्पों की सुरभित,कलियों पर…