सबसे बेहतर रंग की तलाश में,
काले, सफ़ेद कोट हमने पहना,
जय होवे अधिवक्ता साहब की,
जय होवे चिकित्सक साहब की।
उसके जजबात की कोई कद्र नहीं,
उस सैनिक को तो होता है मरना,
जिसने थी ओजी, चितक़बरी वर्दी,
युवापन से पूरी जवानी भर पहना।
देश की आन बान शान होती है,
सैनिक के जीने मरने का कारण,
सीमा की रक्षा में आहुति देता है,
देशवासियों को देता अभयारण्य।
उस जवान सैनिक के घर परिवार
से पूछ सको तो पूछो आप साहब,
चैन की नींद आप सोते होंगे घर में,
सावधान सिपाही तैनात है सीमा में।
सीमा का प्रहरी, वह सबका रक्षक,
आदित्य जब तिरंगे में लिपटा होकर,
माँ-बाप, पत्नी-बच्चों को मिलता है,
क्या शहादत उसकी नहीं सर्वोपरि है।
कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के आचार्य प्रो. अजय…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के तहत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला…
घर के बाहर निकलते समय बिगड़ा संतुलन- सड़क पर गिरने के बाद ट्रैक्टर से हुए…
लीलकर गांव में घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस महिला को सुरक्षित उतारने में जुटी सिकंदरपुर…
सगी बड़ी भाभी ने ही रची थी साजिशपुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा,जेवर और नकदी बरामद…
योजना के छह वर्ष पूरे होने पर लोक कल्याण मेला आयोजित,उत्कृष्ट पथ विक्रेताओं को मिला…