यथार्थ बोध के बिना,
यथार्थ ज्ञान नहीं मिले,
यथार्थ ज्ञान के बिना,
विनीत भाव नहीं मिले।
विनीत भाव के बिना,
प्रेम-प्रीति नहीं मिले,
प्रेम- प्रीति के बिना,
अपनत्व भी नहीं मिले।
अपनत्व यदि नहीं मिले,
जीवन में सुख नहीं मिले,
जीवन में सुख के बिना,
जीवन को शांति नहीं मिले।
जीवन में शांति के बिना,
भक्ति भाव भी नहीं मिले,
भक्ति भावना के बिना,
प्रभु से लगाव नहीं मिले।
प्रभु से लगाव के बिना,
संकल्प भ्रमित हो रहे,
संकल्प हीनता तहत,
कार्य सिद्धि नहीं मिले।
कार्य सिद्धि के बिना,
जीवन असफल हो रहे,
आदित्य यथार्थ बोध के
लिये सत्य मार्ग पर चलें।
कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कथित चुनावी अनियमितताओं, मतदाता सूची में गड़बड़ी और विशेष…
पेंशनरों के हक पर नहीं चलेगी कैंची! आठवें वेतन आयोग में भेदभाव के खिलाफ देवरिया…
1,796 विद्यार्थियों में अव्वल रहीं मीरा ठक्कर, अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में गुजरात में पहला…
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में तीन विजेता सम्मानित, सोलर चार्जर और ईवी मॉडल ने खींचा…
फोटो प्रेस विज्ञप्ति आगरा में एक्शन मोड में DM मनीष बंसल: बाजरे की पैदावार से…
वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में यात्रियों और रेल कर्मचारियों को…