राष्ट्रप्रेम का भाव भरा है हर इकभारतवासी तन के रोम रोम में,जहाँ तिरंगा ध्वज बन जाता है,सफ़ेद मूली, गाजर व…
पलकें झपकाती हैं साथ साथ,सब कुछ देखती हैं साथ साथ,रोती सोती भी हैं वे साथ साथ,दोनों आँखे रहती हैं साथ…
ईश्वर से आपकी ख़ुशी मागते हैं,दुवाओं में आपकी हँसी मागते हैं,उसकी जगह आपसे क्या माँगूं,यारों उम्रभर की चाहत माँगते हैं।…
आजकल उंगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते,पर जुबाँ से निभाने का अवसर कहाँ है,टच में व्यस्त सब, टच में है कोई…
क्षमा प्रार्थना का यह तात्पर्य नहीं है,कि हम गलत हैं और दूसरा सही है,हम रिश्ते का ह्रदय से सम्मान करते…
डाक्टर भगवान का रूप होते हैं,अब तक यह कहा जाता रहा है,पर अब ये क्लीनिक में देखते हैं,अपनी दुकान से…
सृजनकर्ता की संवेदना सृजन है,सृजनात्मक प्रक्रिया में संघर्ष है,दृश्यात्मकता स्पष्ट नहीं होती है,पर रचनात्मकता स्पष्ट होती है। लकड़ी में कील…
एक पत्थर को ख़ूब तराश करदेवता-मूर्ति का रूप दिया जाता है,दूसरे बदनसीब पत्थर पर नारियलफोड़ कर मूर्ति को चढ़ाया जाता…
नभ अच्छादित मेघों सेयह विनय मैं करता हूँ,भाग भाग कर थकते हो,ठहरो, बरसो, हल्के हो। माना कावंड ले चले सभी,शिव…