Categories: कविता

आचरण

हमारी स्वयं की राह यदि सही है,
तो किसी को सबूत क्यों देना है,
ख़ुद अपनी मंज़िल पर डटे रहना,
सबूत सभी को वक्त दे देता है।

अँधेरा हटाने में वक़्त बर्बाद होता है,
दीपक जलाने में एक पल लगता है,
दूसरों को नीचा दिखाना छोड़ खुद
को ऊँचा उठाना सार्थक होता है।

बुरे वक्त में जो सहारा देता है,
वह तो ईश्वर स्वरूप होता है,
सफल असफल होना अपने
अपने कर्म पर निर्भर होता है।

एक ओर जहाँ सफलता दुनिया
को हमारी पहचान करवाती है,
दूसरी ओर हमारी असफलता
हमें दुनिया को पहचनवाती है।

सफलता हेतु गुरु, सन्त दोनों हैं,
उनकी शिक्षा और उपदेश भी हैं,
आदित्य फिर भी हम दुःखी रहते हैं,
क्योंकि हममें वह आचरण नहीं हैं।

कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

होमगार्ड भर्ती परीक्षा: महराजगंज में 3 दिन ट्रैफिक अलर्ट, भारी वाहनों की एंट्री बंद

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स एनरोलमेंट-2025 परीक्षा को शांतिपूर्ण और जाममुक्त तरीके से…

5 hours ago

मन को हल्का बनाएं, अपेक्षाओं से दूरी बढ़ाएं

— नवनीत मिश्रमनुष्य का जीवन अपेक्षाओं के ताने-बाने से बुना हुआ है। हम हर दिन,…

5 hours ago

संतकबीरनगर में गैस सिलिंडरों से भरी DCM दुर्घटनाग्रस्त, चालक की जान बची

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में सोनी होटल के पास गैस सिलिंडरों से…

5 hours ago

नेपाल सड़क हादसे के घायलों से मिले डीएम-एसपी, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नेपाल में हुए सड़क हादसे में घायल लोगों का हाल-चाल लेने…

14 hours ago

पहली बार सैनिक कल्याण भवन में ‘सैनिक बन्धु’ बैठक, समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। नवनिर्मित सैनिक कल्याण भवन में पहली बार आयोजित ‘सैनिक…

14 hours ago

बीच चौराहे पर दबंगों का हमला, शादी का सामान लूटा, युवक गंभीर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेहदावल थाना क्षेत्र के नगर पंचायत मेहदावल…

14 hours ago