कविता

डाक्टर भगवान का रूप होते हैं

डाक्टर भगवान का रूप होते हैं,अब तक यह कहा जाता रहा है,पर अब ये क्लीनिक में देखते हैं,अपनी दुकान से…

2 years ago

सृजनकर्ता की संवेदना सृजन है

सृजनकर्ता की संवेदना सृजन है,सृजनात्मक प्रक्रिया में संघर्ष है,दृश्यात्मकता स्पष्ट नहीं होती है,पर रचनात्मकता स्पष्ट होती है। लकड़ी में कील…

2 years ago

मनुष्य के गुण चीनी से होने चाहिए

एक पत्थर को ख़ूब तराश करदेवता-मूर्ति का रूप दिया जाता है,दूसरे बदनसीब पत्थर पर नारियलफोड़ कर मूर्ति को चढ़ाया जाता…

2 years ago

सावन की महिमा न्यारी है

नभ अच्छादित मेघों सेयह विनय मैं करता हूँ,भाग भाग कर थकते हो,ठहरो, बरसो, हल्के हो। माना कावंड ले चले सभी,शिव…

2 years ago

सुनो भाई पीने वालो

जगह जगह ठेके खुले,लगा रहे हैं जाम,पी पीकर गिरते फिरें,क्या सुबह क्या शाम,अंग्रेज़ी देशी पियेंपियें विस्की और रम,बियर बार हैं…

2 years ago

आप भी बेवजह मुस्कुरा दीजिए-बिंदु चौहान

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)आइये आके महफिल जमा दीजिए,आप भी बेवजह मुस्कुरा दीजिए।पास उजड़े हुए इस चमन के कभी,बैठ के खुद ब…

2 years ago

कल तक प्रकृति नाराज़ थी

कल तक प्रकृति नाराज़ थी,मानसून अब तक नासाज़ था,आज यहाँ भी अति वृष्टि है,बरसात का अब आगाज है। आधा सावन…

2 years ago

अकेले ही मंज़िल तय करनी होती है

हम और आप दोनो महज यादबनकर के एक दिन रह जायेंगे,और दोनो कोशिश करके दुनियामें अच्छी यादें छोड़ कर भी…

2 years ago

अस्तित्व क्या है

इंदौर/मध्यप्रदेश(राष्ट्र की परम्परा)दैहिक रुप में मौजूदगी ,टिका रहता है मात्र कुछ ही सांसों परइतने विराट शरीर का अस्तित्व ।एक स्वप्न…

2 years ago

मेहनत का फल

‘बीर भोग्या वसुंधरा’ का अबशायद विचार बदल चुका है,मेहनत का फल तो मिलता है,धरती से सब उसको मिलता है। मेहनत…

2 years ago