जगह जगह ठेके खुले,लगा रहे हैं जाम,पी पीकर गिरते फिरें,क्या सुबह क्या शाम,अंग्रेज़ी देशी पियेंपियें विस्की और रम,बियर बार हैं…
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)आइये आके महफिल जमा दीजिए,आप भी बेवजह मुस्कुरा दीजिए।पास उजड़े हुए इस चमन के कभी,बैठ के खुद ब…
कल तक प्रकृति नाराज़ थी,मानसून अब तक नासाज़ था,आज यहाँ भी अति वृष्टि है,बरसात का अब आगाज है। आधा सावन…
हम और आप दोनो महज यादबनकर के एक दिन रह जायेंगे,और दोनो कोशिश करके दुनियामें अच्छी यादें छोड़ कर भी…
इंदौर/मध्यप्रदेश(राष्ट्र की परम्परा)दैहिक रुप में मौजूदगी ,टिका रहता है मात्र कुछ ही सांसों परइतने विराट शरीर का अस्तित्व ।एक स्वप्न…
‘बीर भोग्या वसुंधरा’ का अबशायद विचार बदल चुका है,मेहनत का फल तो मिलता है,धरती से सब उसको मिलता है। मेहनत…
भावनायें पुलकित पुलकित,आशायें भी कम्पित कम्पित,तेरी धुंधली छाया से चित्रित,भूल गया तन रज मंजु मृदुल,तुम बिन जीवन सूना सूना है,नाथ…
प्राण का संचार करने,चेतना का राग भरने।सुप्त जीवन आश बनकर,सर ,नदी सैलाब बन कर।।दे रही सुख ,शांति,बूंद बारिश की।।1।। मलिन…
यह प्रतिक्रिया सुनी सुबह आज,घर कितना सूना सूना है अब यह,बच्चे चले गये फिर से विदेश को,बाय बाय टिल नेक्स्ट…
सत क़र्म करो, सत धर्म धरो,जग जीवन में उपकार करो।सत क़र्म करो, सत धर्म धरो,जन जीवन पर उपकार करो,युग निर्माण,…