डाक्टर भगवान का रूप होते हैं,
अब तक यह कहा जाता रहा है,
पर अब ये क्लीनिक में देखते हैं,
अपनी दुकान से दवा दिलाते हैं।
फिर शैतान बन कर दवा का मूल्य
आठ-दस गुना मरीज़ से वसूलते हैं,
भगवान तो भगवान अब भारत में
डाक्टर इन्सान भी नहीं रह गये हैं।
रोग कितना भी जटिल क्यों न हो,
चिकित्सा पेशेवर बनकर करते हैं,
दुकानदारी व्यापारी जैसी करते हैं,
अब डाक्टर ख़ुद दलाली करते हैं।
नियंत्रण इन पर न सरकार का है,
नियंत्रण इन पर न अदालत का है,
भगवान के स्वरूप स्वयंभू होते हैं,
उस ऊपर वाले से भी नहीं डरते हैं।
आदित्य रोगी का आधा रोग तो,
डाक्टर के मीठे बोल से दूर होता है,
पर मीठा बोलने वाले डाक्टर तो अब
बहुत मुश्किल से ही कहीं मिलते हैं।
पीड़ित परिवार से मिल दिलाया न्याय का भरोसा देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)अमेरिकी हमले में मारे गए…
ओमान के निकट अमेरिकी हमले में मारे गए शिवानंद चौरसिया के शव को लाने का…
तहसील सभागार में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और व्यापारियों के साथ हुई चर्चा, नगर विकास से जुड़े…
गरीब कल्याण, आयुष्मान योजना और बुनियादी ढांचे के विकास को बताया सरकार की बड़ी उपलब्धि…
सीसीटीवी, एलईडी स्क्रीन और वातानुकूलित व्यवस्था से सुसज्जित सभागार प्रशासनिक कार्यों को देगा नई गति…
श्यामदेउरवां पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। वाहन…