कविता

आत्म- निर्भरता

लाख टके की बात कहूँगा,मैं बिलकुल बेबाक़ कहूँगा,कोई किसी का नहीं है अपना,यह जीवन बस सुंदर सपना। मुट्ठी बंद आये…

2 years ago

तन मन निर्मल रख पाऊँ

हे मातु दया कर दे, वर दे, तनस्वस्थ सुखी रखिए रखिये।रोटी, कपड़ा, रहने को घर, वैभवसुख से भूषित रखिए रखिये।…

2 years ago

सांस्कृतिक पुनर्जागरण

वे हिंदू हिंदू करते रहते हैं,पर हिंदी लिखना भूल गये,गाँधी को भी गाली देते हैं,जो दुनिया के सम्मानित हैं। खादी…

2 years ago

झूठे बोल अमीर के हाँजी हाँजी होत

कही जो बात गरीब ने सत्य न माने कोय।झूठे बोल अमीर के जी हाँ, जी हाँ होय॥ मान नहीं इंसान…

2 years ago

घर में मेरा नाम नहीं

दिन का उजाला सपने देखने में बीता,रात का अँधेरा बेटे को सुलाने में बीता,पूरा जीवन उस को सजाने में बीता,जिस…

2 years ago

सच्चाई कड़वी होती है

सच्चाई कड़वी होती है,सोच समझ कर लिखना होगा।बुरा न माने लोग कहीं,कदम फूंक कर रखना होगा। श्रीराम सरीखी मर्यादा में,रहकर…

2 years ago

फिराक गोरखपुरी की जयंती के पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l नटराज संगीत सदन गोरखपुर के द्वारा उर्दू के सुप्रसिद्ध शायर फिराक गोरखपुरी की जयंती के पूर्व संध्या…

2 years ago

जीवन दर्शन और सुख-दुःख

सुख-दुःख का होना जीवन,में एक सरस एहसास बना,सुख आता है दुःख जाता है,ये क्रम ही अविरल आस बना। जब जीवन…

2 years ago

लुटती जाए द्रौपदी

(देश मे हो रहे महिलाओं के साथ कांड विशेष) चीरहरण को देख कर, दरबारी सब मौन।प्रश्न करे अँधराज पर, विदुर…

2 years ago

श्रीराम – श्रीकृष्ण का आदर्श

श्रीराम का घर छोड़ना, षडयंत्र से घिरे,एक भावी राजा की भावुक कथा है,परंतु श्रीकृष्ण का घर छोड़ना एकगूढ़तम कूटनीति के…

2 years ago