कविता

आत्म संतोष

मंदिर प्रांगण में जेठ के पहले बड़ेमंगल का भंडारा हो रहा था,पंक्ति बद्ध होकर स्त्री, पुरुष,बच्चे, बुजुर्ग आते जा रहे…

2 years ago

दर्शनशास्त्र: युवाओं से दूर होती विरासत

मैं भारत की बात करूँ, जो मेरा गौरवशाली देश,दर्शन की परम्परा में, रहा अद्वितीय विशेष।ज्ञान-विज्ञान के जनक, दर्शन ने दिए…

2 years ago

जीने की राह : जीने की कला

मुश्किलों का आना जीवनका एक पहलू कहलाता है,इनसे लड़कर बाहर आ जानाजीने की कला कहलाता है। लिप्सायें हमें जीने नहीं…

2 years ago

पत्थर में बीज पड़े, न उगता पेंड़

इच्छाएं वह अच्छी हैं जिनके लिएस्वाभिमान गिरवी नहीं रखना पड़ता है,मुश्किलों को अपनों के बीच रख दो,तभी तो कौन अपना…

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हिंदी दिवस और राजभाषा हिंदी

अपनी प्यारी मातृभाषा हिंदी केआलिंगन से हम दूर चले आये हैं।इसके मूल रूप से बहकते हुये,अंग्रेज़ी के प्रभाव में भरमाये…

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कोविड : शिक्षा पर प्रभाव

मेरा भारत देश है गाँवों का,ऐसा पहले से माना जाता है,आधी से ज़्यादा आबादी कागाँवों में ही रहना सहना है।…

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क़र्म योग एवं आत्म-दर्शन

छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति…

2 years ago

अनपढ़ व पढ़ी लिखी पीढ़ी

क्या वह पीढ़ी ही अनपढ़ थी याहम पढ़ लिख कर भी अनपढ़ हैं,एबीसीडी क्या पढ़ ली, उनकीआस्था को कहते हम…

2 years ago

हम रिटायर्ड हैं, टायर्ड नहीं

भाई देखो “लातों के भूत,बातों से नही मानते”,यह एक कहावत सुनतेआये हैं हम बचपन से। द्वापर में जब काम न…

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हम हमारे जीवन मूल्य एवं हमारा ” मैं ” ।

मैं क्या हूं यह मैं जानता हूं ।रहूं महलों में तनिक चाह नहीं हम में हैं।।रहूं पड़ा चाहे सड़कों परया…

2 years ago