अपनी प्यारी मातृभाषा हिंदी केआलिंगन से हम दूर चले आये हैं।इसके मूल रूप से बहकते हुये,अंग्रेज़ी के प्रभाव में भरमाये…
मेरा भारत देश है गाँवों का,ऐसा पहले से माना जाता है,आधी से ज़्यादा आबादी कागाँवों में ही रहना सहना है।…
छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति…
क्या वह पीढ़ी ही अनपढ़ थी याहम पढ़ लिख कर भी अनपढ़ हैं,एबीसीडी क्या पढ़ ली, उनकीआस्था को कहते हम…
भाई देखो “लातों के भूत,बातों से नही मानते”,यह एक कहावत सुनतेआये हैं हम बचपन से। द्वापर में जब काम न…
मैं क्या हूं यह मैं जानता हूं ।रहूं महलों में तनिक चाह नहीं हम में हैं।।रहूं पड़ा चाहे सड़कों परया…
अनुभव यही है कि जो व्यक्ति दूसरोंको सहारा देता है, उसे अपने स्वयंके लिए सहारा माँगना नहीं पड़ता है,उसे परमात्मा…
मेरी रचना कितनी प्रिय हैमित्रों को कैसी लगती हैं,समालोचना खुलके करिये,आदित्य को अच्छी लगती है। कहा किसी ने खाद, सिंचाई,विधिवत…
झारखण्ड व हरियाणा में महिलापुलिस की खबर है किअराजक तत्वों ने चेकिंग केदौरान हत्या कर डाली,समाचारों में स्त्रियों व छोटीछोटी…
आशा की ज्योति जलाये रखने सेनिराशा और अंधकार मिट जाते हैं,प्रयास व अभ्यास निरंतर करने से,सफलता व ख़ुशी दोनो मिल…