आठ नवंबर दो हज़ार सोलहकी रात अचानक आठ बजे,राष्ट्र सम्बोधन में आदरणीयप्रधानमंत्री जी जनता से बोले। उस रात बारह बजे…
कैसे कैसे काण्ड और घोटाले होते हैं,अब सब कुछ ऑनलाइन भी होता है,अनैतिकता का चेहरा नहीं उजागर होइसलिए मिलना ज़ुलना…
हिसार(राष्ट्र की परम्परा)लगे ठिठुरने गात सब,निकले कम्बल शाल।सिकुड़ रहे हैं ठंड से,हाल हुआ बेहाल।। बाहर मत निकलो कहे,बहुत ठंड है…
ज्ञान समान पवित्र नहीं कुछ इसनश्वर संसार में कुछ भी होता है,नि:संदेह ज्ञान और कर्मयोग केद्वारा ही अंतःकरण शुद्ध होता…
सफलता की चाभी से ख़ुशी नहीं मिलती,परंतु ख़ुशियों की चाभी सफलता देती है,हम जो कुछ करते हैं, यदि दिल से…
सफलता की चाभी से ख़ुशी नहीं मिलती,परंतु ख़ुशियों की चाभी सफलता देती है,हम जो कुछ करते हैं, यदि दिल से…
ख़ुशियाँ तितली जैसी होती हैं,चाहने से तो बहुत दूर उड़ जाती हैं,जितना उनके पीछे भागेंगे वह,हमसे उतनी ही दूर चली…
मानवता का संदेश फैलाते,मस्जिद और शिवाले हो।नीर प्रेम का भरा हो सब में,ऐसे सब के प्याले हो।। होली जैसे रंग…
त्योहार परम पुण्य पुरुषार्थ यह,दीपावली शुभ दिव्यार्थ मय यह,द्वार द्वार दीप ज्योति जलती रहे,तिमिर नाशक द्वंद्व युद्ध चलता रहे। जीत…