‘छोड़ो यार’ कितने सुंदर लफ़्ज़ हैं,इन लफ़्ज़ों का महत्व समझ ले जोजीवन में कभी न कोई दुःख होगा,और नही कभी…
गाँव की गलियाँ चुप हैं क्यों, ये सवाल मन में आया,देखा है वर्षों से मैंने, फिर कुछ बात समझ में…
मंदिर प्रांगण में जेठ के पहले बड़ेमंगल का भंडारा हो रहा था,पंक्ति बद्ध होकर स्त्री, पुरुष,बच्चे, बुजुर्ग आते जा रहे…
मैं भारत की बात करूँ, जो मेरा गौरवशाली देश,दर्शन की परम्परा में, रहा अद्वितीय विशेष।ज्ञान-विज्ञान के जनक, दर्शन ने दिए…
मुश्किलों का आना जीवनका एक पहलू कहलाता है,इनसे लड़कर बाहर आ जानाजीने की कला कहलाता है। लिप्सायें हमें जीने नहीं…
इच्छाएं वह अच्छी हैं जिनके लिएस्वाभिमान गिरवी नहीं रखना पड़ता है,मुश्किलों को अपनों के बीच रख दो,तभी तो कौन अपना…
अपनी प्यारी मातृभाषा हिंदी केआलिंगन से हम दूर चले आये हैं।इसके मूल रूप से बहकते हुये,अंग्रेज़ी के प्रभाव में भरमाये…
मेरा भारत देश है गाँवों का,ऐसा पहले से माना जाता है,आधी से ज़्यादा आबादी कागाँवों में ही रहना सहना है।…
छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति…
क्या वह पीढ़ी ही अनपढ़ थी याहम पढ़ लिख कर भी अनपढ़ हैं,एबीसीडी क्या पढ़ ली, उनकीआस्था को कहते हम…