Tuesday, June 16, 2026
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शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाने वाला युवक गिरफ्तार, किशोरी सकुशल बरामद

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। घुघली थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक नाबालिग किशोरी को बहला- फुसला कर भगा ले जाने के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। करीब एक माह से चल रही तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि किशोरी को सकुशल बरामद कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में घुघली थाना पुलिस ने मामले की लगातार निगरानी करते हुए आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
जानकारी के अनुसार 9 मई 2026 को थाना घुघली में मुकदमा संख्या 96/2026 दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम सिरसिया निवासी प्रदुम्न यादव उर्फ लालू पुत्र ध्रुव यादव एक नाबालिग किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया है। मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस आरोपी और किशोरी की तलाश में जुटी हुई थी।
थानाध्यक्ष सूरज के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर शनिवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही किशोरी को भी सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया तथा उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। गिरफ्तार आरोपी प्रदुम्न यादव उर्फ लालू की उम्र लगभग 21 वर्ष है और वह आठवीं तक शिक्षित है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए उसे महराजगंज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
घुघली पुलिस की इस कार्रवाई को नाबालिगों से जुड़े अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
गिरफ्तार करने वाली टीम मे उप-निरीक्षक शाहिद सिद्दीकी,महिला उप-निरीक्षक रुचि तथा कांस्टेबल सोनू कन्नौजिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी: विधायक गणेश चंद्र चौहान

सम्पूर्ण समाधान दिवस में आये 262 मामलों में 30 का मौके पर निस्तारण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना की उपस्थिति में धनघटा तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विधायक गणेश चंद्र चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतकर्ता का पक्ष सुनते हुए मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के प्रति शासन गंभीर है। किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
धनघटा तहसील में कुल 63 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 5 का मौके पर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद एवं अन्य मामलों में सभी पक्षों की उपस्थिति में स्थलीय निरीक्षण कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए थानाध्यक्षों को प्रत्येक मामले में मौके पर जाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ित पक्ष को त्वरित न्याय मिल सके।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के उपरांत विधायक, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने हैंसर विकासखंड परिसर में सिंदूर एवं रुद्राक्ष के पौधे रोपित कर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
मेहदावल तहसील में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में 82 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 13 का मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं 17 मामलों में स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई के लिए टीम भेजने के निर्देश दिए गए।
खलीलाबाद तहसील में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में 117 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 12 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया तथा 8 मामलों में स्थलीय जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए गए।
जनपद की तीनों तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 262 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 30 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। अधिकारियों ने शेष मामलों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं जनसमस्याएं चार अधिकारियों को नोटिस

मौके पर बने तीन राशन कार्ड, राजस्व व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भी कराई जाय

धारा 24 एवं 116 के मामलों में तत्परता के साथ करें कार्यवाही-डीएम

बरहज /देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार को बरहज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनसमस्याओं की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने समाधान दिवस में अनुपस्थित पाए जाने पर अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण एवं शहरी), अधिशासी अभियंता नलकूप तथा क्षेत्रीय विपणन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को समय से उपस्थित रहने और प्राप्त प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने की हिदायत दी।
जिलाधिकारी ने तहसील क्षेत्र में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) सत्रों तथा सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को चेकलिस्ट के साथ भेजते हुए सायं तक आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उन्होंने लेखपालों, कानूनगो एवं पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्विवाद वरासत के लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिए धारा 24 एवं धारा 116 के पुराने प्रकरणों की विशेष समीक्षा की और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
समाधान दिवस में ग्राम खुदिया बुजुर्ग निवासी रामदुलारे सिंह ने पोखरी पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पत्रावली तलब कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं बरहज निवासी जगदीश प्रसाद जायसवाल की विद्युत समस्या के निस्तारण के लिए अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया गया। ग्राम खोरी निवासी असमीना खातून ने पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने एवं आर्थिक तंगी की समस्या रखी। जिलाधिकारी ने उन्हें अंत्योदय राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं दिव्यांग पेंशन का लाभ दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
बरहज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 151 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 27 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक 76 प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित रहे, जिनमें से 21 का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग के 20, विकास विभाग के 8, खाद्य एवं रसद विभाग के 7 (जिनमें 6 का निस्तारण किया गया), समाज कल्याण विभाग के 3 तथा अन्य विभागों के 37 प्रकरण प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने की। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

तीन पात्र व्यक्तियों का मौके पर बना राशन कार्ड

समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड मौके पर ही बनाए गए। ग्राम बड़कागांव निवासी मनीषा देवी, बेलडार निवासी ब्यूटी सिंह तथा ग्राम खोरी निवासी असमीना खातून को तत्काल राशन कार्ड उपलब्ध कराए गए। लाभार्थियों ने इसके लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।
आयोजित तहसील दिवस में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एके गुप्त, उप जिलाधिकारी बरहज हरिशंकर लाल, तहसीलदार, डीएसओ संजय कुमार पांडेय, जिला विकास अधिकारी, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी, थानाध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

समाधान दिवस में डीएम सख्त, दो कानूनगो व दो लेखपालों से मांगा स्पष्टीकरण

45 शिकायतों में चार का मौके पर निस्तारण, भूमि विवादों और आईजीआरएस मामलों के गुणवत्तापूर्ण निपटारे के निर्देश

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। तहसील सदर सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोंगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। जन सुनवाई के दौरान कुल 45 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से चार मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देशों के साथ भेजा गया।
सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व अधिकारियों को त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि दर न्यूनतम 75 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए प्रभावी और तथ्यपरक निस्तारण किया जाए। उन्होंने तहसीलदार सदर को धारा- 24 एवं धारा-116 के मामलों में न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और गलत रिपोर्टिंग पर जिलाधिकारी का रुख काफी सख्त नजर आया। उन्होंने दो कानूनगो और दो लेखपालों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों को संतोषजनक न पाते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों में अस्पष्ट अथवा भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की जिला-स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से कराई गई रैंडम फीडबैक जांच में चार शिकायतकर्ताओं ने असंतोष व्यक्त किया है। इस पर संबंधित अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक 22 मामले राजस्व विभाग से संबंधित रहे, जबकि पुलिस विभाग के 13 और विकास विभाग के दो मामलों सहित अन्य विभागों के प्रकरण भी प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.एन. प्रसाद, एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सदर पंकज शाही, जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।

महाराजगंज में खुरपका-मुंहपका की चपेट में आई गाय, टीकाकरण अभियान पर उठे सवाल

मंगलपुर टोले में एफएमडी संक्रमित गाय मिलने से पशुपालकों में दहशत, ग्रामीणों ने विशेष टीकाकरण अभियान की मांग की

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा) सरकार द्वारा पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सदर विकास खंड के ग्राम रुदौली के मंगलपुर टोले में सामने आए एक मामले ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक गाय के खुरपका-मुंहपका रोग से संक्रमित पाए जाने के बाद पशुपालकों में चिंता का माहौल है।

जानकारी के अनुसार गांव निवासी एवं पशुपालक कौशलेश दुबे की गाय में खुरपका-मुंहपका रोग के लक्षण दिखाई दिए हैं। पशु के मुंह में छाले पड़ गए हैं, जबकि खुरों में सूजन और घाव की समस्या देखी जा रही है। बीमारी के चलते गाय ने चारा खाना भी कम कर दिया है, जिससे उसकी स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

पीड़ित पशुपालक का आरोप है कि उनके पशु का पिछले कई वर्षों से खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण नहीं किया गया। उनका कहना है कि विभागीय अभिलेखों में भले ही टीकाकरण अभियान पूरा दिखाया जाता हो, लेकिन गांव में न तो कोई टीम पहुंची और न ही पशुओं का टीकाकरण कराया गया।

ग्रामीणों ने भी पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बताया कि क्षेत्र में पशु चिकित्सकों और टीकाकरण कर्मियों की उपस्थिति बेहद कम रहती है। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर टीकाकरण कराया जाता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

एक पशु में संक्रमण मिलने के बाद अन्य पशुओं में बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। खुरपका-मुंहपका रोग पशुओं में तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है, जिससे दुग्ध उत्पादन प्रभावित होता है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय नियमित टीकाकरण है।

मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से गांव में तत्काल स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने, संक्रमित पशु का समुचित उपचार कराने तथा सभी पशुओं के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि सरकारी टीकाकरण अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ वास्तव में पशुपालकों तक पहुंचे।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बीमारी पूरे क्षेत्र में फैल सकती है, जिससे पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को नुकसान होगा।

राप्ती नदी में रील बनाना पड़ा भारी, दो युवकों की डूबने से मौत

गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र में हुआ दर्दनाक हादसा, कई घंटों के सर्च ऑपरेशन के बाद मिले शव

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सोशल मीडिया के लिए रील बनाना दो युवकों को भारी पड़ गया। पीपीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम करतहरी के पास राप्ती नदी में शनिवार को नहाने और रील बनाने गए सात युवकों में से दो युवक गहरे पानी में डूब गए। कई घंटों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद दोनों के शव बरामद कर लिए गए।

रील बनाते समय गहरे पानी में पहुंचे युवक

जानकारी के अनुसार सात युवक राप्ती नदी में नहाने के दौरान मोबाइल से रील बना रहे थे। इसी बीच दो युवक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ मौजूद अन्य युवकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

एक शव तुरंत मिला, दूसरे के लिए चला लंबा सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही पीपीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया। कुछ समय बाद पहले युवक शिवम कुमार, पुत्र संजीव कुमार, निवासी ग्राम जगदीशपुर गाही, थाना सहजनवा का शव बरामद कर लिया गया।

दूसरे युवक गोलू कुमार (19 वर्ष), पुत्र रामदीन, निवासी ग्राम जगदीशपुर गाही की तलाश के लिए पीएसी की 26वीं वाहिनी के गोताखोरों को बुलाया गया। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद उसका भी शव नदी से बरामद कर लिया गया।

प्रशासन और पुलिस रही मौके पर मौजूद

राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सदर तहसील प्रशासन, पुलिस और पीएसी की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बचाव कार्यों की निगरानी की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

परिजनों में मचा कोहराम

दोनों युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया। गांव में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रशासन ने जारी की चेतावनी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नदी में पानी का बहाव तेज होने और गहराई अधिक होने के कारण यह हादसा हुआ। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, तालाब या अन्य जलाशयों में नहाते समय सावधानी बरतें और सोशल मीडिया के लिए जोखिम भरे स्टंट या रील बनाने से बचें।

यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है।

ग्राम पंचायत आय में अनियमितता पर प्रशासन सख्त, पंचायत सहायकों को 12 जून तक जमा करनी होगी बकाया राशि

12 लाख रुपये से अधिक की धनराशि पंचायत खातों में जमा न होने पर जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। ग्राम पंचायतों की आय से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि जनसेवा केंद्रों से प्राप्त लाखों रुपये की आय संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में जमा नहीं कराई गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पंचायत खातों में जमा नहीं हुई लाखों की राशि

जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 की लगभग 11.31 लाख रुपये तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की 74 हजार रुपये की धनराशि संबंधित पंचायत सहायकों द्वारा ग्राम पंचायतों के ओएसआर (Own Source Revenue) खातों में जमा नहीं कराई गई।

बताया गया कि यह राशि विभिन्न प्रमाणपत्रों और सेवाओं के माध्यम से प्राप्त हुई थी, जिसे नियमानुसार ग्राम पंचायतों के खातों में जमा किया जाना अनिवार्य था।

जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए जिलाधिकारी ने सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संबंधित पंचायत सहायकों से 12 जून तक पूरी बकाया राशि जमा कराई जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धनराशि का व्यक्तिगत उपयोग या उसका निर्धारित खाते में जमा न किया जाना गबन की श्रेणी में माना जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सेवा समाप्ति तक की हो सकती है कार्रवाई

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक बकाया धनराशि जमा नहीं कराई गई तो संबंधित पंचायत सहायकों के खिलाफ सेवा समाप्ति सहित विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद पंचायतीराज विभाग में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करें और पूरी रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।

वित्तीय पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर

जिला प्रशासन का कहना है कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए प्राप्त धनराशि का पारदर्शी और नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की इस कार्रवाई को पंचायतों में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खन्नौत घाट सौंदर्यीकरण परियोजना का भूमिपूजन, शाहजहांपुर को मिलेगी नई पहचान: सुरेश खन्ना

लोधीपुर स्थित खन्नौत नदी घाट के विकास कार्य का शुभारंभ, नागरिकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। लोधीपुर स्थित खन्नौत नदी पर प्रस्तावित घाट सौंदर्यीकरण परियोजना का शनिवार को विधिवत भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ वार्ड-3 लोधीपुर के पार्षद रूपेश कुमार वर्मा ‘अन्नू’ ने भूमि पूजन संपन्न कराया।

शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा

भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश सरकार नगरों के समग्र विकास, जनसुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खन्नौत घाट सौंदर्यीकरण परियोजना के पूरा होने के बाद शाहजहांपुर को एक नई पहचान मिलेगी और नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं आधुनिक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की विकास परियोजनाएं न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाती हैं बल्कि पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करती हैं।

क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी

वार्ड-3 लोधीपुर के पार्षद रूपेश कुमार वर्मा ‘अन्नू’ ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से खन्नौत घाट के विकास की मांग थी। यह परियोजना उस मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने विश्वास जताया कि घाट सौंदर्यीकरण से क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, जनसुविधाएं बेहतर होंगी और शहर के विकास को नई गति मिलेगी।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अलावा नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, संयुक्त नगर आयुक्त तथा नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

शहर का प्रमुख आकर्षण बनेगा खन्नौत घाट

स्थानीय लोगों ने परियोजना के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पार्षद रूपेश कुमार वर्मा का आभार व्यक्त किया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि खन्नौत घाट सौंदर्यीकरण परियोजना भविष्य में शाहजहांपुर के प्रमुख आकर्षण केंद्रों में शामिल होगी और शहर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

परियोजना के माध्यम से खन्नौत नदी तट को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।

गोरखपुर में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन, पुतला दहन की कोशिश नाकाम

इंदिरा बाल विहार परिसर में नारेबाजी, पुलिस ने तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। कैंट थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा बाल विहार परिसर में शुक्रवार को एक राजनीतिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुतला दहन का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी इंदिरा बाल विहार परिसर में एकत्र हुए और बैनर-पोस्टर के साथ विरोध जताने लगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई और पुतला जलाने की तैयारी शुरू कर दी गई, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया।

पुलिस ने तुरंत संभाला मोर्चा

मौके पर मौजूद कैंट थाना पुलिस ने स्थिति को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पुतले को अपने कब्जे में ले लिया और पुतला दहन की कोशिश को नाकाम कर दिया।

तीन कार्यकर्ता हिरासत में

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने मौके से तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। अन्य प्रदर्शनकारी बाद में वहां से हट गए, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

बिना अनुमति प्रदर्शन पर कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन और पुतला दहन करना नियमों के विरुद्ध है। इसी के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम

पुलिस प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में पूरी तरह शांति व्यवस्था बनी हुई है। साथ ही अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध प्रदर्शन या गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से भी शांति बनाए रखने और किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।

जिला सैनिक बंधु की बैठक आयोजित, पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया गया जोर

पेंशन, चिकित्सा, आवास और रोजगार से जुड़े मामलों पर अधिकारियों ने दिए आवश्यक निर्देश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों, दिवंगत सैनिकों के आश्रितों एवं उनके परिवारों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से जिला सैनिक बंधु की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय, सैनिक भवन सिविल लाइंस गोरखपुर के सभाकक्ष में किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।

बैठक की अध्यक्षता एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने की, जबकि सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल अनिल कुमार सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठे

बैठक में पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं, भूमि विवाद, आवास, रोजगार तथा अन्य प्रशासनिक समस्याओं से जुड़े कई मामले सामने आए। पूर्व सैनिकों ने पेंशन मामलों में हो रही देरी और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा हुई।

प्राथमिकता के आधार पर होगा निस्तारण

एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने आश्वासन दिया कि सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सैनिकों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता

सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल अनिल कुमार सिंह ने कहा कि देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा एवं सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

नियमित रूप से होंगी बैठकें

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला सैनिक बंधु की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि पूर्व सैनिकों की समस्याओं को समय-समय पर सुना और उनका समाधान किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी समस्या की स्थिति में पूर्व सैनिक सीधे जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया और अपने विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रशासन ने पूर्व सैनिकों को आश्वस्त किया कि उनके हितों और कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।

एडीएम सिटी ने कहा कि पूर्व सैनिक देश की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान एवं कल्याण के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा 2026: निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार

डीएम और एसपी ने अधिकारियों व पुलिस बल को दिए सख्त निर्देश, 8 से 10 जून तक होगी परीक्षा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने रिजर्व पुलिस लाइन्स परेड ग्राउंड में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि जनपद में पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का आयोजन 8 जून, 9 जून और 10 जून 2026 को किया जाएगा। परीक्षा के सफल संचालन के लिए सुरक्षा और निगरानी की व्यापक व्यवस्था की गई है।

परीक्षा केंद्रों पर होगी सघन जांच

जिलाधिकारी आलोक कुमार ने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली जाए। किसी भी अभ्यर्थी को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

उन्होंने सभी ड्यूटी कर्मियों को समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने और अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ न लगने देने और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया।

नकल माफियाओं और संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी नजर

डीएम ने नकल कराने वाले गिरोहों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों को कंट्रोल रूम से लगातार संपर्क बनाए रखने तथा समय-समय पर स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

सीसीटीवी और कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बताया कि परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, स्वाट टीम, साइबर सेल, सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य पुलिस बल को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जनपदीय कंट्रोल रूम और डायल-112 को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सघन निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

अभ्यर्थियों से सहयोग की अपील

पुलिस अधीक्षक ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने और परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

बैठक में सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट सहित पुलिस एवं प्रशासनिक विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

बरसात से पहले प्रशासन की सक्रियता, कटहरा में वर्षों पुरानी जल निकासी समस्या दूर

ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार, निरीक्षण कर खुलवाया पानी निकासी का रास्ता

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। मानसून की दस्तक से पहले प्रशासन ने सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा कटहरा खास में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या का समाधान कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। बरसात के दौरान जल-भराव की आशंका को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर विवाद का निस्तारण कराया और निकासी मार्ग को सुचारु कराया।
गांव में जल निकासी अवरुद्ध होने के कारण वर्षों से समस्या बनी हुई थी। ग्रामीणों का कहना था कि बारिश होने पर पानी का बहाव रुक जाता था, जिससे गांव के कई हिस्सों में जल-भराव की स्थिति पैदा हो जाती थी। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत कर समाधान की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद नायब तहसीलदार देशदीपक त्रिपाठी राजस्व टीम के साथ शुक्रवार को गांव पहुंचे। उन्होंने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया तथा संबंधित पक्षों से वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी ली। राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद जलनिकासी में आ रही बाधा को दूर करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में निकासी मार्ग को बहाल कराया गया, जिससे लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया।
समाधान के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से आगामी बरसात में होने वाली संभावित परेशानियों से बचाव हो सकेगा।
नायब तहसीलदार देशदीपक त्रिपाठी ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिकायत मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मिथिलेश सिंह, हल्का लेखपाल सुनील यादव, राजेश वर्मा, सुरेंद्र यादव, संतोष राय, बृजेश गौतम, गोलू साँवरिया, सुभाष सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहें।

नाबालिग चालकों व मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ चला अभियान, तीन वाहन सीज

यातायात पुलिस की सख्तीः 86 हजार रुपये का जुर्माना वसूला, अभिभावकों को दी चेतावनी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने शुक्रवार को जनपद के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों पर सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान नाबालिगों द्वारा संचालित मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा।
चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस ने कई वाहनों की जांच की। इसी दौरान दो मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली ऐसे पाए गए जिन्हें नाबालिग चालक चला रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने इसे सड़क सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की। जांच में यह भी सामने आया कि नाबालिग चालकों के पास वाहन चलाने का वैध लाइसेंस नहीं था, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
अभियान के दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल भी पकड़ी गई, जिसमें अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया गया था। इस प्रकार के साइलेंसर से अत्यधिक तेज आवाज निकलती है, जिससे ध्वनि प्रदूषण फैलता है और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस ने मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की।
यातायात पुलिस ने बताया कि सड़क सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान के दौरान कुल तीन वाहनों को सीज किया गया तथा वाहन स्वामियों एवं चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 86 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए देना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उनके जीवन और अन्य राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। ऐसे मामलों में वाहन स्वामियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। वहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर वाहन चलाने वालों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
यातायात विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न सौंपें। साथ ही वाहन स्वामी अपने वाहनों में अवैध संशोधन कराने से बचें। विभाग ने चेतावनी दी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यातायात पुलिस की इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन कर ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

48 घंटे में पुलिस की सफलता दो नाबालिग बालक सकुशल बरामद

गोरखपुर रेलवे स्टेशन से मिली दोनों की लोकेशन, परिजनों को किया गया सुपुर्द

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l सहजनवां थाना क्षेत्र में गुम हुए दो नाबालिग बालकों को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। बरामदगी के बाद दोनों बच्चों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को एक व्यक्ति ने थाने पर सूचना दी थी कि उसका 13 वर्षीय पुत्र गांव के ही 16 वर्षीय बालक के साथ कहीं चला गया है। सूचना के आधार पर थाना सहजनवां में मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस टीम ने संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की और जांच के दौरान दोनों नाबालिग बालकों को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
इस कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस की तत्परता की सराहना की। पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।

पशु तस्करों से मुठभेड़ फायरिंग-पथराव के बीच एक गिरफ्तार

पिकअप पलटने से गोवंश की मौत

पुलिस की घेराबंदी में तस्कर फरार, दो बाइक व मोबाइल बरामद कई धाराओं में केस दर्ज

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l पिपराइच थाना क्षेत्र में बीती रात पशु तस्करों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। एसओजी/स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मौके से एक पिकअप, दो मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 4/5 मई 2026 की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि पशु तस्कर गोवंश को पिकअप में लादकर गोरखपुर से ले जाने की फिराक में हैं। सूचना पर सक्रिय हुई एसओजी/स्वाट टीम और थाना पिपराइच पुलिस ने सर्विलांस के जरिए ग्राम इस्लामपुर के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस को देख तस्करों ने भागने की कोशिश की और इस दौरान दो राउंड फायरिंग व पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की।
भागने के दौरान तस्करों की पिकअप पलट गई। पिकअप में चार गोवंश लदे थे, जिनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई, एक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो गोवंश सुरक्षित मिले। बताया जा रहा है कि पिकअप बिहार नंबर की है।
घटना के बाद चलाए गए कांबिंग ऑपरेशन में पुलिस ने जनार्दन कनौजिया (लगभग 40 वर्ष), निवासी ग्राम मोहनपुर, थाना पिपराइच को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में मु0अ0सं0 226/2026 के तहत धारा 109 बीएनएस, गोवध अधिनियम की धारा 3, 5(क), 8 तथा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 में मुकदमा दर्ज किया है। अभियुक्तों में साहब अंसारी, राजित अंसारी, जनार्दन समेत 5-6 अज्ञात लोग शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि सर्विलांस, एसओजी, स्वाट और थाना पिपराइच की टीमें मिलकर फरार तस्करों की तलाश में जुटी हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।