Wednesday, June 17, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

हर्ष फायरिंग बनी मासूम की मौत का कारण, शादी का जश्न मातम में बदला

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Ballia जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवपुर दियर स्थित पांडे का डेरा गांव में शुक्रवार रात एक शादी समारोह दर्दनाक हादसे में बदल गया। हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली लगने से 12 वर्षीय बालक की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

शादी समारोह में चली गोली, बालक की मौत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय यादव का 12 वर्षीय पुत्र वीर उर्फ पीयूष अपने परिजनों के साथ शादी समारोह में शामिल होने गया था। रात करीब 10:15 बजे बारात के दौरान कुछ लोग खुशी में फायरिंग कर रहे थे।

इसी दौरान चलाई गई एक गोली सीधे बालक को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

आरोपी रिश्तेदार, मौके से फरार

बताया जा रहा है कि फायरिंग करने वाला व्यक्ति मृतक का ही कोई रिश्तेदार है, जिससे घटना और भी संवेदनशील हो गई है। हादसे के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

पुलिस जांच में जुटी, साक्ष्य जुटाए गए

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्रित किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) Sanjay Verma ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हर्ष फायरिंग का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी के प्रयास तेज

परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

खुशियां बदली मातम में

शादी का जश्न अचानक चीख-पुकार और मातम में बदल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी गहरा शोक व्याप्त है।

हर्ष फायरिंग पर फिर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर हर्ष फायरिंग जैसी खतरनाक परंपरा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद लोग ऐसी लापरवाह हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि:

• हर्ष फायरिंग पूरी तरह गैरकानूनी है
• यह सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो सकती है
• सामाजिक जागरूकता और सख्त कार्रवाई ही इसका समाधान है

झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से बुझी किशोरी की जिंदगी, गांव में आक्रोश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Maharajganj जनपद में अवैध चिकित्सा प्रथा ने एक और मासूम की जान ले ली। कोतवाली क्षेत्र के कटहरा खास (टोला उसरहवा) में एक कथित झोला छाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन से 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मामूली फोड़े-फुंसी का इलाज बना जानलेवा

परिजनों के अनुसार, किशोरी के पैर में फोड़ा-फुंसी की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए उसे गांव के ही एक कथित डॉक्टर के पास ले जाया गया। आरोप है कि बिना किसी वैध चिकित्सकीय डिग्री के आरोपी ने इलाज शुरू किया और इंजेक्शन लगा दिया।

इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद किशोरी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गई। घबराए परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार में मातम, गांव में आक्रोश

किशोरी की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी।

आरोपी गिरफ्तार, चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी धर्मेन्द्र (40) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह महज छठवीं कक्षा तक पढ़ा है और लंबे समय से बिना किसी डिग्री के अवैध रूप से लोगों का इलाज कर रहा था।

इस कार्रवाई का नेतृत्व Nirbhay Kumar ने किया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक नागेंद्र बड़ी और आयुष कुमार सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।

केस दर्ज, जांच जारी

परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि:

• गलत इंजेक्शन
• दवा की प्रतिक्रिया
• या लापरवाही

में से किस कारण से किशोरी की मौत हुई।

झोलाछाप डॉक्टरों पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय अवैध चिकित्सकों के खतरनाक नेटवर्क को उजागर करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना डिग्री और प्रशिक्षण के इलाज करना गंभीर अपराध है, जो लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:

• झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाए
• नियमित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित हो
• ग्रामीण क्षेत्रों में वैध स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराई जाएं

सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी का राज, 24 घंटे में माल समेत दो शातिर गिरफ्तार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। थाना सिंदुरिया पुलिस ने चोरी की एक वारदात का त्वरित खुलासा करते हुए महज 24 घंटे के भीतर दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गया इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद कर लिया है, जिससे घटना का सफल अनावरण हो सका।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने तत्परता और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेते हुए मामले को सुलझाया। जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल 2026 को वादी संतोष शर्मा निवासी बरवां कला ने थाना सिंदुरिया में सूचना दी कि उनकी दुकान ‘महालक्ष्मी इंटर प्राइजेज’ (बलुवहीं धुस) से अज्ञात चोरों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर लिया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद सक्रियता दिखाते हुए पुलिस टीम ने शुक्रवार तड़के करीब 1:45 बजे एसएस इंटर कॉलेज चिंउटहा के पास से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रवि पाठक एवं आदित्य यादव निवासी लोहे पार, थाना कोठीभार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी गया एक बुफर एवं एक डिजिटल स्टेबलाइजर (टाटा वोल्टास) बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार दोनों अभियुक्त शातिर प्रवृत्ति के हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस प्रकरण में संबंधित धाराओं में वृद्धि करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस सफलता में थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह, उपनिरीक्षक मिथलेश कुमार, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार चौधरी, कांस्टेबल सत्य प्रकाश, इंद्रेश यादव, धर्मवीर सिंह एवं रिक्रूट कांस्टेबल सतीश प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आमजन का विश्वास और मजबूत हुआ है।

बुद्ध पूर्णिमा पर देवदह में उमड़ा आस्था का सैलाब, गूंजे बुद्धम् शरणम् गच्छामि के जयघोष

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर जनपद के बनर्सिहा कला स्थित देवदह—जिसे भगवान गौतम बुद्ध का ननिहाल माना जाता है—में शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहां स्थित प्राचीन राजमहल टीले पर बौद्ध भिक्षुओं एवं श्रद्धालुओं ने एकत्र होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूरे परिसर में बुद्धम् शरणम् गच्छामि के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत तथागत गौतम बुद्ध की वंदना, त्रिशरण एवं पंचशील के पाठ के साथ हुई। इसके बाद राजमहल टीले पर भव्य धम्मसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बौद्ध भिक्षुओं ने अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को ध्यान, ज्ञान और करुणा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म मानव जीवन को शांति, संतुलन और सद्भाव की ओर ले जाता है और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।
कार्यक्रम के आयोजक एवं देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण—तीनों का प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो मानवता को शांति, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म की मूल भावना अहिंसा और परोपकार है, जिसे अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सुखमय और संतुलित बना सकता है। धम्म सभा के दौरान श्रद्धालुओं ने ध्यान साधना और सामूहिक प्रार्थना में भाग लिया तथा दीप प्रज्वलित कर भगवान बुद्ध को नमन किया। इस अवसर पर महेंद्र जायसवाल, लक्ष्मीचंद पटेल, रोहित गौतम, राम बेलश प्रसाद, प्रहलाद गौतम, बब्लू तिवारी, अमरनाथ चौधरी, प्रहलाद बीडीसी, मंगल प्रसाद, रामलगन गौतम, शिवभुजा पाण्डेय, नन्दलाल गौतम, सुग्रीव कुमार बौद्ध सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल भी साबित हुआ।

फोटोग्राफी के जरिए संस्कृति और विरासत को समझने का मंच बना बौद्ध संग्रहालय

बुद्ध पूर्णिमा पर बौद्ध संग्रहालय में फोटोग्राफी राष्ट्रीय कार्यशाला व ‘धरोहर संग्रह’ प्रदर्शनी का शुभारंभ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में “फोटोग्राफी: पुरातत्व, इतिहास, कला एवं संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम” विषयक चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं “धरोहर संग्रह” एकल प्रदर्शनी का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर डॉ0 मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने उद्घाटन करते हुए कहा कि संग्रहालय में आयोजित शैक्षिक व रचनात्मक गतिविधियां समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और संवर्धन को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में विरासत को सहेजने की क्षमता है, जिसे सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है, और यह कार्य संग्रहालय अपने आयोजनों के माध्यम से कर रहा है।

कार्यशाला के प्रथम दिवस पर विषय विशेषज्ञ डॉ0 तुलिका साहू (असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, रायबरेली) ने “संग्रहालय में फोटोग्राफी: फ्रेम से परे देखना” विषय पर व्याख्यान एवं प्रशिक्षण दिया। उन्होंने संग्रहालय में फोटोग्राफी के दौरान प्रकाश के कलात्मक उपयोग, कैमरा एंगल, तकनीक, फ्लैश रिफ्लेक्शन और नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया। साथ ही कलाकृतियों की गुणवत्ता और वास्तविकता बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया। करीब 18 वर्षों के अनुभव के साथ डॉ0 तुलिका साहू फोटोग्राफी में पीएचडी प्राप्त करने वाली उत्तर प्रदेश की पहली महिला हैं और उनका नाम लिम्का बुक व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
प्रदर्शनी के अंतर्गत इतिहास, भारतीय दर्शन और संस्कृति को अभिव्यक्त करने वाले विविध संग्रह प्रस्तुत किए गए हैं। देवरिया के संग्रहकर्ता हिमांशु कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रदर्शनी युवाओं को अपनी मूल संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बनेगी। वे पिछले 30 वर्षों से डाक टिकट एवं धरोहर संग्रह कर रहे हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं।

कार्यक्रम संयोजक डॉ0 यशवन्त सिंह राठौर (उप निदेशक) ने बताया कि प्रदर्शनी में तथागत बुद्ध, भगवान राम एवं रामायण, नारी सशक्तिकरण, विभिन्न देशों के ध्वज, रेडक्रॉस, आजादी के गुमनाम नायक और महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से संबंधित डाक टिकट, प्रथम दिवस आवरण, पोस्टकार्ड आदि प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न देशों की कागजी मुद्रा, सिक्के, चांदी के स्मारकीय सिक्के, प्राचीन ताले, कैमरे, पात्र, कैलकुलेटर और माचिस जैसे दुर्लभ संग्रह भी आकर्षण का केंद्र हैं। सुश्री आकृति गुप्ता द्वारा संग्रहित गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित डाक सामग्री को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है। यह प्रदर्शनी 04 मई 2026 तक निःशुल्क अवलोकन के लिए खुली रहेगी।
कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के वरिष्ठ शिक्षक सुरेन्द्र कुमार यादव द्वारा यशोधरा सभागार में पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक व्याख्यान एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गेहूं क्रय केंद्र शुरू होने से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ, MSP पर होगी खरीद

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में किसानों को राहत देने के उद्देश्य से राजकीय गेहूं क्रय केंद्र का शुभारंभ किया गया। राजेंद्र नगर (दरगाह) स्थित इस केंद्र का उद्घाटन ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा द्वारा किया गया। साथ ही लंबे समय से बंद पड़े दुवारी क्रय केंद्र को भी पुनः संचालित किया गया, जिससे क्षेत्र के किसानों में उत्साह देखा गया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गेहूं क्रय केंद्रों की स्थापना से किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए पारदर्शी और सरल व्यवस्था मिल रही है। इससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेच सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इन केंद्रों के संचालन से आसपास के गांवों के किसानों को समय और लागत की बचत होगी, साथ ही उनकी उपज का उचित मूल्य भी समय पर मिल सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
कार्यक्रम में सभापति कांति मिश्रा समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रशासन की ओर से क्रय केंद्रों के सुचारू संचालन और किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही गई।

रेल प्रबंधक ने रेलवे स्टेशनो का गहन निरिक्षण किया

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)l मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन ने शुक्रवार 01 मई,2026 को मंडलीय रेल अधिकारियों के साथ वाराणसी सिटी-फेफना रेल खण्ड तथा फेफना व चितबड़ागांव रेलवे स्टेशनों का गहन निरीक्षण किया ।
मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन मंडल के वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ वाराणसी सिटी-फेफना रेलखण्ड के विन्डो ट्रेलिंग निरीक्षण करते हुए अपराह्न फेफना रेलवे स्टेशन पहुँचे । उन्होंने फेफना रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्मों ,पैदल उपरिगामी पुल, पार्सल कार्यालय,यात्री प्रतिक्षालय,टिकट काउंटरों,वाटर बूथ एवं यात्री सुख-सुविधाओं का निरीक्षण किया और सभी प्लेटफार्मों पर पर्याप्त यात्री शेड,पंखे और वॉटर कूलर लगाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने फेफना रेलवे स्टेशन पर चल रहे यात्री सुविधा विकास कार्यों का निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति समीक्षा की ।
यात्री सुविधाओं का निरीक्षण करने के पश्चात फेफना रेलवे स्टेशन पर परिचलनिक व्यवस्था, स्टेशन पैनल, रिले रूम, आई पी एस रूम, अग्निशमन यंत्रो,संरक्षा उपकरणों,सेफ्टी लॉक्स,पॉइंट्स एण्ड क्रासिंग रजिस्टर, केबल मैगरिंग रजिस्टर तथा अनुरक्षण व विफलता रजिस्टरों का गहन निरीक्षण किया और संबंधित को संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने का दिशा निर्देश दिया।
इस दौरान फेफना यार्ड में पॉइंट्स सं 202 A &204B का पॉइंट्स एण्ड क्रासिंग निरीक्षण किया और गेज परीक्षण,स्विच रेलों की प्रापर हाऊसिंग तथा फेल सेफ प्रणाली का परीक्षण किया तथा सम्बंधित को अनुरक्षण सम्बंधित दिशा निर्देश दिया। इसी क्रम में फेफना स्टेशन निरीक्षण के पश्चात मॉल यातायात को बढ़ावा देने की कार्य योजना के अंतर्गत गुड्स शेड की क्षमता वृद्धि एवं गुड्स शेडों के आधुनिकीकरण के लिए चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा हेतु फेफना गुड्स शेड का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने माल ढुलाई से जुड़ी व्यवस्थाओं, लोडिंग-अनलोडिंग ब्यौरा, साइडिंग की सुरक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन का जायजा लिया तथा सम्बंधित को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिया । मंडल रेल प्रबंधक ने फेफना गुड्स शेड की सुरक्षा पुख्ता करने, निर्बाध विद्युत सप्लाई व्यवस्था करने का निर्देश दिया ।
इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन ने चितबड़ागांव रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।
स्टेशन निरीक्षण के क्रम में मंडल रेल प्रबंधक ने चितबड़ागांव स्टेशन पैनल,ब्लॉक इंस्टूमेंट, क्रैंक हैण्डिल, वीडर काउंटर,विफलता,ऑपरेशन कैंसिलेशन एवं पोइंट्स एण्ड क्रॉसिंग रजिस्टर का निरीक्षण किया और स्टेशन अधीक्षक से स्टेशन पर परिचलनिक व्यवस्था का संज्ञान लिया। इसके उपरान्त मंडल रेल प्रबंधक स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुख सुविधाओं का संज्ञान लिया और यात्री सुविधाओं यथा यात्री शेड,बेंचेस,वाटर बूथ,प्लेटफॉर्म,शौचालय, पैदल उपरिगामी पुल, यात्रियों के लिए स्टेशन पर लगे पंखे और लाइट का निरीक्षण किया। स्टेशन निरीक्षण के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक ने चितबड़ागांव स्टेशन के सर्कुलेटिंग एवं प्लेटफार्मों पर व्यापक साफ-सफाई और रख रखाव के संबंध में निर्देश दिया।
निरीक्षण के क्रम में चितबड़ागांव-करीमुद्दीनपुर स्टेशनों के मध्य किमी संख्या 90/22 पर स्थित समपार संख्या 23-C का संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूम लॉक,हाइट गेज,संरक्षा उपकरण और सड़क की सरफेस की जांच की। इस क्रम में उन्होंने समपार पर कार्यरत रत गेट मैन श्री योगेन्द्र सिंह का सक्षमता प्रमाण पत्र,पी एम ई प्रमाण पत्र की जांच समेत संरक्षा ज्ञान परखा ।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान,वरिष्ठ मंडल इंजीनियर विनीत कुमार, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी एम.रमेश कुमार,वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर रजत प्रिय, मंडल विद्युत इंजीनियर दीपक यादव, मंडल परिचालन प्रबंधक रमेश पाण्डेय सहित वरिष्ठ पर्वेक्षक उपस्थित थे।

पार्लर में युवती का शव मिलने से सनसनी, मौत के कारणों पर उठे सवाल

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के बरदहिया बाजार स्थित मुस्तफा मार्केट में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक ब्यूटी पार्लर संचालिका का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता मिला। मृतका की पहचान 23 वर्षीय रानी साहिबा के रूप में हुई है, जो “एंजल ब्यूटी पार्लर” के नाम से अपना पार्लर संचालित करती थीं।
परिजनों के अनुसार रानी साहिबा रोज की तरह सुबह करीब 10 बजे पार्लर खोलने के लिए बरदहिया बाजार स्थित मुस्तफा मार्केट पहुंची थीं। शाम करीब 7:00 बजे जब परिजनों ने फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो कॉल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे तो पार्लर का दरवाजा अंदर से बंद मिला।
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने पर तीसरी मंजिल की सीढ़ियों के पास रानी साहिबा का शव फंदे से लटकता मिला। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल खलीलाबाद ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

बारिश भी नहीं बुझा सकी बाइक की आग, घुसवा चौराहे पर मचा हड़कंप

घुसवा चौराहे के पास चलते-चलते धधकी बाइक, मूसलाधार बारिश में जलती रही मोटरसाइकिल, लोग बने तमाशबीन


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जनपद के घुसवा चौराहे के निकट उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सड़क पर चल रही एक मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक से तेज लपटें निकलने लगीं। हैरानी की बात यह रही कि उस समय इलाके में भारी बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद आग लगातार धधकती रही।
घटना के दौरान सड़क पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद राहगीरों और दुकानदारों ने सुरक्षित दूरी बनाकर घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन बाइक पूरी तरह आग की चपेट में आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मोटरसाइकिल अचानक धुआं छोड़ने लगी और कुछ ही सेकेंड में उसमें आग भड़क उठी। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या पेट्रोल लीकेज की जताई जा रही है। हालांकि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
बारिश के बीच सड़क पर जलती बाइक का दृश्य लोगों के लिए चर्चा का विषय बना रहा। घटना के कारण कुछ देर तक सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने समय रहते आसपास खड़े लोगों को दूर हटाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कराया। घटना की जांच की जा रही है।

ममता की वापसी या बीजेपी का कमल? बंगाल के नतीजों पर टिकी दुनिया की नजर

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 : लोकतंत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश
पश्चिम बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान केवल एक चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की गहरी भागीदारी और राजनीतिक जागरूकता का बड़ा संकेत माना जा रहा है। इस चुनाव ने पूरे देश ही नहीं बल्कि वैश्विक राजनीतिक विश्लेषकों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।


4 मई 2026 को आने वाले चुनाव परिणाम केवल यह तय नहीं करेंगे कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी, बल्कि यह भी स्पष्ट करेंगे कि भारतीय राजनीति में क्षेत्रीय दलों की पकड़ मजबूत रहेगी या राष्ट्रीय दलों का प्रभाव और व्यापक होगा।
पश्चिम बंगाल का चुनाव अब केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है। यह राष्ट्रीय नेतृत्व बनाम क्षेत्रीय पहचान, कल्याणकारी राजनीति बनाम वैचारिक राष्ट्रवाद और “खेला होबे” बनाम “परिवर्तन होबे” के बीच सीधी लड़ाई बन चुका है।
92 प्रतिशत मतदान : असंतोष या समर्थन?
इतिहास बताता है कि अत्यधिक मतदान प्रतिशत अक्सर दो संकेत देता है—
सत्ता के खिलाफ मजबूत नाराजगी
या सत्ता के पक्ष में व्यापक लामबंदी
बंगाल में इस बार दोनों ही संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
एक ओर तृणमूल कांग्रेस ने महिला वोट बैंक, ग्रामीण नेटवर्क और कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर मजबूत पकड़ बनाए रखने की कोशिश की है। दूसरी ओर बीजेपी ने हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और संगठनात्मक विस्तार के सहारे युवाओं और शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास किया है।
यही कारण है कि एग्जिट पोल्स ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया है। कुछ सर्वे बीजेपी को बढ़त देते दिख रहे हैं, जबकि कई विश्लेषण टीएमसी की मजबूत वापसी की संभावना जता रहे हैं।
“खेला होबे” बनाम “परिवर्तन होबे” : दो राजनीतिक विचारधाराओं की लड़ाई
बंगाल चुनाव में सबसे अधिक चर्चित नारे केवल राजनीतिक स्लोगन नहीं रहे, बल्कि वे दो अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोणों का प्रतीक बन गए हैं।
“खेला होबे” जहां ममता बनर्जी के संघर्ष, क्षेत्रीय पहचान और राजनीतिक आक्रामकता का प्रतीक बना, वहीं “परिवर्तन होबे” बीजेपी के सत्ता परिवर्तन और नई राजनीतिक दिशा के संदेश के रूप में सामने आया।
यह चुनाव इस बात की भी परीक्षा बन गया कि क्या बंगाल की जनता क्षेत्रीय नेतृत्व पर भरोसा कायम रखेगी या राष्ट्रीय राजनीति को प्राथमिकता देगी।
बदला नहीं बदलाव?
पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय से राजनीतिक हिंसा और प्रतिशोध के आरोपों से जुड़ी रही है। लेकिन इस बार अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण मतदान ने नई उम्मीद पैदा की है।
केंद्रीय बलों की तैनाती और चुनाव आयोग की सख्ती के कारण मतदान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक नियंत्रित और व्यवस्थित दिखाई दी। इससे मतदाताओं के बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई।
यह बदलाव केवल चुनावी व्यवस्था में नहीं बल्कि मतदाताओं की सोच में भी दिखाई देता है। अब मतदाता विकास, स्थिरता और प्रशासनिक क्षमता को प्राथमिकता देने लगे हैं।
भ्रष्टाचार के आरोप और चुनावी असर
इस चुनाव में भ्रष्टाचार के मुद्दे भी प्रमुख रहे। विशेष रूप से कोयला घोटाले और अन्य आरोपों ने राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि चुनाव परिणाम में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है तो भ्रष्टाचार के आरोप उसकी एक बड़ी वजह बन सकते हैं।
साथ ही आधुनिक चुनावी रणनीतियों, डेटा आधारित प्रबंधन और पेशेवर राजनीतिक संस्थाओं की भूमिका ने भी चुनाव को नई दिशा दी है।
क्यों टिकी है पूरी दुनिया की नजर?
बंगाल चुनाव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गहरी रुचि के साथ देखा जा रहा है। कारण स्पष्ट है—
यह चुनाव तय करेगा कि भारत में क्षेत्रीय राजनीति का प्रभाव कितना मजबूत है और राष्ट्रीय दल किस हद तक राज्यों में अपनी पकड़ बना पा रहे हैं।
लोकतांत्रिक देशों में “लोकल बनाम नेशनल नैरेटिव” की जो बहस चल रही है, बंगाल उसका भारतीय संस्करण बनकर उभरा है।
क्या एग्जिट पोल सही साबित होंगे?
भारतीय चुनावी इतिहास में एग्जिट पोल कई बार गलत साबित हुए हैं। इसलिए इन्हें अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
फिर भी मौजूदा माहौल संकेत देता है कि मुकाबला बेहद करीबी हो सकता है।
यदि भारी मतदान एंटी-इंकंबेंसी का परिणाम है तो बीजेपी को लाभ मिल सकता है। लेकिन यदि यह टीएमसी समर्थकों की व्यापक लामबंदी है तो ममता बनर्जी सत्ता बचाने में सफल हो सकती हैं।
स्थानीय उम्मीदवारों की लोकप्रियता, क्षेत्रीय मुद्दे और अंतिम समय का मतदान रुझान भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
4 मई 2026 : केवल नतीजे नहीं, राजनीतिक संदेश
4 मई का दिन केवल सरकार बनाने या बदलने का दिन नहीं होगा। यह भारतीय राजनीति की नई दिशा का संकेत भी देगा।
क्या ममता बनर्जी अपनी राजनीतिक पकड़ बरकरार रखेंगी?
क्या बीजेपी पहली बार बंगाल की सत्ता तक पहुंचेगी?
क्या क्षेत्रीय दल राष्ट्रीय विस्तार को रोक पाएंगे?
इन सभी सवालों का जवाब बंगाल की जनता अपने मतों से देगी।
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यही है कि अंतिम निर्णय जनता के हाथ में होता है, और पश्चिम बंगाल का यह चुनाव उसी जीवंत लोकतांत्रिक परंपरा का बड़ा उदाहरण बन चुका है।

✍️ लेखक :
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
कर विशेषज्ञ, स्तंभकार, साहित्यकार, अंतरराष्ट्रीय लेखक, चिंतक, कवि एवं संगीत प्रेमी
गोंदिया, महाराष्ट्र

फुटबॉल स्टेडियम के लिए बरहज की छात्रा की पहल बनी चर्चा का विषय

बरहज की बेटी पल्लवी ने उठाई फुटबॉल स्टेडियम की मांग, बोलीं- “सपनों को चाहिए मैदान

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा खेल डेस्क)। खेल प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में बरहज की एक छात्रा ने भावुक अपील करते हुए नगर पालिका प्रशासन से फुटबॉल स्टेडियम बनवाने की मांग की है। छात्रा पल्लवी पाठक ने नगर पालिका अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि बरहज में फुटबॉल खेलने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं और उचित मैदान के अभाव में कई प्रतिभाएं अपने सपनों को अधूरा छोड़ने को मजबूर हैं।
पल्लवी ने अपने पत्र में बताया कि वह स्वयं फुटबॉल खिलाड़ी बनने का सपना देखती हैं। उन्होंने लिखा कि बरहज में यदि एक छोटा सा फुटबॉल स्टेडियम बन जाए तो यह केवल खेल का मैदान नहीं होगा, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाला केंद्र बनेगा। यहां से निकलने वाले खिलाड़ी भविष्य में जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष से अनुरोध करते हुए कहा कि बच्चों की खेल प्रतिभा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए बरहज में फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण की पहल की जाए। पल्लवी की इस मांग को लेकर क्षेत्र के खेल प्रेमियों और युवाओं में भी सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि खेल मैदान बनने से बच्चों को बेहतर वातावरण मिलेगा और वे नशे व अन्य गलत गतिविधियों से दूर रहकर खेलों की ओर आकर्षित होंगे।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि बरहज जैसे कस्बे में खेल सुविधाओं का विकास समय की जरूरत है। फुटबॉल स्टेडियम बनने से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास का अवसर मिलेगा, बल्कि भविष्य में प्रतियोगिताओं और खेल आयोजनों का रास्ता भी खुलेगा।
पल्लवी पाठक की यह पहल अब क्षेत्र में खेल जागरूकता और युवाओं के सपनों की आवाज बनती नजर आ रही है।

क्लिनिकल शिक्षा की ओर बढ़ते कदम: व्यक्तित्व विकास पर विशेष व्याख्यान आयोजित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में द्वितीय व्यावसायिक बीएएमएस के विद्यार्थियों के अभिमुखीकरण सप्ताह के अंतर्गत “व्यक्तित्व विकास” विषय पर विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रघु राम आचार, डीन (IQAC एवं छात्र कल्याण) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रथम वर्ष की आधारभूत शिक्षा से क्लिनिकल अध्ययन की ओर संक्रमण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग, नैदानिक सोच तथा रोगी-केन्द्रित दृष्टिकोण के विकास पर बल देते हुए आयुर्वेद के सिद्धांत—शरीर, मन एवं सत्व—को एक संवेदनशील एवं नैतिक चिकित्सक की आधारशिला बताया। व्याख्यान के दौरान चिकित्सक-रोगी संवाद, व्यावसायिक नैतिकता, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, डिजिटल आचरण तथा आजीवन अधिगम जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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डॉ. आचार ने विद्यार्थियों को दैनिक क्लिनिकल जर्नल लेखन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अपने अनुभवों, अवलोकनों और सीख को नियमित रूप से दर्ज करना भविष्य में केस स्टडी, शोध एवं पेशेवर विकास के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। उन्होंने सहानुभूति, स्पष्ट संवाद और अनुशासन को चिकित्सा क्षेत्र में सफलता का मूल मंत्र बताया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. गिरिधर वेदांतम, प्राचार्य एवं डीन, जीजीआईएमएस द्वारा किया गया, जिसमें उन्होंने अभिमुखीकरण कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला। अंत में डॉ. अर्पित वालिया, सहायक आचार्य, अगद तंत्र ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए व्याख्यान की उपयोगिता को रेखांकित किया।

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संत कबीर नगर: नगर में 24 घंटे से बत्ती गुल, जिम्मेदार लापरवाह!

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में बुधवार शाम आई तेज आंधी और बारिश के बाद मगहर क्षेत्र में गिरे पेड़ों और टूटे बिजली के तारों के कारण ठप हुई विद्युत आपूर्ति 24 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी के बीच अंधेरे में रह रहे लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है।

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि बिजली विभाग के जेई रवि यादव और उनके अधीन कार्यरत कर्मचारी हालात सुधारने के बजाय फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। यहां तक कि कई लोगों के नंबर ब्लॉक कर दिए जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

नगर में बीते एक दिन से बिजली गुल रहने के कारण पानी की आपूर्ति, व्यापारिक गतिविधियां और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों का कहना है कि विभाग की सुस्त कार्यशैली के चलते समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है।

नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली व्यवस्था बहाल कराने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

समाजवादी जिलाध्यक्ष सहित कई नेता हाउस गिरफ्तार, बरहज तहसील घेराव विफल

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Deoria जनपद में गुरुवार को समाजवादी पार्टी द्वारा प्रस्तावित बरहज तहसील घेराव को प्रशासन ने सख्ती के साथ विफल कर दिया। पुलिस ने Samajwadi Party के जिलाध्यक्ष व्यास यादव समेत कई नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर लिया।

लक्ष्मीपुर कांड को लेकर था प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, 5 अप्रैल को ग्राम लक्ष्मीपुर में चकनाली पर सड़क निर्माण को लेकर हुए विवाद में अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में लक्ष्मीपुर प्रधान राजेश यादव, दुबौली प्रधान गामा यादव सहित पांच नामजद और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

घटना के बाद तत्कालीन उपजिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित किया जा चुका है, जबकि अधिवक्ता समुदाय लगातार न्याय की मांग को लेकर आंदोलनरत है।

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प्रशासन ने नहीं दी अनुमति

सपा ने इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बरहज तहसील घेराव की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इसके मद्देनजर पूरे तहसील परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।

हर प्रमुख चौराहे और मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

कई बड़े नेता किए गए हाउस अरेस्ट

पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कई प्रमुख नेताओं को उनके घरों में ही रोक दिया। इनमें शामिल हैं:

• जिलाध्यक्ष व्यास यादव
• पूर्व राज्यसभा सांसद कनकलता सिंह
• पूर्व जिलाध्यक्ष गेना लाल यादव
• विजय रावत
• बेचू लाल यादव
• वीरेंद्र चौधरी
• संतोष यादव
• मनोज यादव
• रणवीर यादव

भारी पुलिस बल की तैनाती

अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी Sunil Kumar Singh और क्षेत्राधिकारी Rajesh Chaturvedi के नेतृत्व में जिले के कई थानों—बरहज, भलुअनी, सलेमपुर, मदनपुर, भाटपाररानी, मइल, गौरीबाजार, खुखुंदू—की पुलिस के साथ दो प्लाटून पीएसी भी तैनात की गई।

राजनीतिक माहौल गरमाया

इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सपा कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बता रहा है।

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