गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
सहजनवा थाना क्षेत्र के ग्राम भरपही में पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक की गला दबाकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, वहीं पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान संजय दत्त के रूप में हुई है। उनकी पत्नी वंदना ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि गांव के ही संदीप गौड़ ने पारिवारिक विवाद के चलते उनके पति की गला दबाकर हत्या कर दी।
घटना 9 मई की रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है, जबकि मामले की सूचना 11 मई को पुलिस को दी गई। तहरीर के आधार पर सहजनवा थाना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम पहले ही कराया जा चुका है। आरोपी संदीप गौड़ को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
घटना के बाद मौके पर पुलिस बल तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
पारिवारिक विवाद में युवक की गला दबाकर हत्या आरोपी हिरासत मे
फर्जी दुष्कर्म मुकदमे में फंसाने और अवैध वसूली करने वाली युवती गिरफ्त
झूठे केस में जेल भेजने के बाद दोबारा मांगे जा रहे थे लाखों रुपये, पुलिस ने किया खुलासा
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद की थाना सिंदुरिया पुलिस ने बलात्कार के फर्जी मुकदमे में लोगों को फंसाकर अवैध धन उगाही करने के गंभीर मामले का पर्दाफाश करते हुए एक युवती को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। मामले को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा बनी हुई है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तथा क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम के पर्यवेक्षण में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिंदुरिया पुलिस को यह सफलता मिली।
जानकारी के अनुसार अनुसार 10 मई 2026 को ग्राम पड़री उर्फ मीरगंज निवासी सत्यदेव चौहान ने थाना सिंदुरिया में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि जानकी पुत्री राम आशीष ने उसके भाई सूरज चौहान से प्रेम विवाह किया था। विवाह के कुछ समय बाद विवाद उत्पन्न होने पर जानकी ने सूरज चौहान और उनके रिश्तेदार अनिल चौहान के खिलाफ अपनी नाबालिग बहन से दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर दोनों को जेल भिजवा दिया।
आरोप है कि इसके बाद जानकी ने सत्यदेव चौहान तथा उनके बहनोई राम केवल चौहान को भी फर्जी दुष्कर्म मुकदमे में फंसाने की धमकी देनी शुरू कर दी। पीड़ित पक्ष से जेल से बचाने और मुकदमा न लिखवाने के नाम पर पहले 40 हजार रुपये वसूले गए, जबकि बाद में एक-एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर लगातार धमकाया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिंदुरिया में मु.अ.सं. 106/2026, धारा 308(6) एवं 317(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने 11 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्ता की पहचान जानकी पुत्री राम आशीष, निवासी ग्राम अहिरौली टोला विशुनपुर घाट (मदरहा), थाना घुघली, जनपद महराजगंज के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 24 वर्ष बताई जा रही है तथा वह बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा है।
पुलिस ने अभियुक्ता के पास से 5,200 रुपये नकद, पीली धातु की एक जोड़ी कान की बाली तथा एक वीवो Y 21 स्मार्टफोन बरामद किया है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उप-निरीक्षक अमित रंजन सिंह, महिला उप-निरीक्षक प्रियंका मौर्य, कांस्टेबल इंद्रेश यादव, राम जनम यादव, महिला कांस्टेबल श्रुति, रुनिंया, सोनम एवं सुस्मिता शामिल रहीं।
हरे माधव सत्संग 2026 : भारत की आध्यात्मिक चेतना का विश्वव्यापी संदेश
भारत : चेतना, अध्यात्म और मानवता की वैश्विक भूमि

भारत केवल एक भौगोलिक राष्ट्र नहीं, बल्कि चेतना, अनुभूति और आत्मज्ञान की वह दिव्य ऊर्जा है जिसने सदियों से विश्व को आध्यात्मिक प्रकाश प्रदान किया है। यह वही भूमि है जहाँ ऋषियों ने तप किया, वेदों की ऋचाएँ गूँजीं, भगवान बुद्ध ने करुणा का संदेश दिया, भगवान महावीर ने अहिंसा को धर्म का सर्वोच्च स्वरूप बताया और संत कबीर ने मानवता को जाति-पंथ से ऊपर रखा।
भारत की आध्यात्मिक परंपरा सदैव यह संदेश देती रही है कि मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति बाहरी संसार में नहीं, बल्कि उसके भीतर स्थित चेतना में निहित है। जीवन मुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी के परम सत्य वचनों का सार भी यही है कि आत्मज्ञान ही मानव जीवन का वास्तविक प्रकाश है।
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया महाराष्ट्र का मानना है कि आधुनिक विज्ञान आज मानव मस्तिष्क की क्षमताओं पर शोध कर रहा है, जबकि भारतीय अध्यात्म हजारों वर्षों पहले यह सिद्ध कर चुका था कि ध्यान, साधना और सकारात्मक चेतना से मनुष्य अपने भीतर अद्भुत शक्ति का अनुभव कर सकता है।
ध्यान और योग : मानसिक संतुलन का वैश्विक मार्ग
भारतीय ध्यान परंपरा के अनुसार जब व्यक्ति मन और हृदय से ध्यान करता है, तब उसका मस्तिष्क अधिक संतुलित और सक्रिय हो जाता है। ध्यान केवल आँखें बंद करना नहीं, बल्कि अपने भीतर उतरने की प्रक्रिया है।
आज विश्व के बड़े कॉर्पोरेट संस्थान, वैज्ञानिक और चिकित्सक भी योग और मेडिटेशन को मानसिक स्वास्थ्य तथा कार्यक्षमता के लिए आवश्यक मान रहे हैं। भारतीय योग परंपरा अब वैश्विक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
सत्संग : सकारात्मक चेतना और आत्मिक शांति का माध्यम
आध्यात्मिकता मनुष्य को जोड़ती है, तोड़ती नहीं। सत्संग का वास्तविक अर्थ है — सत्य के साथ संगति। जब व्यक्ति संतों के वचनों, भजनों, ध्यान और सेवा से जुड़ता है, तब उसका मन धीरे-धीरे विकारों से मुक्त होने लगता है।
भारतीय संत परंपरा सदैव प्रेम, सेवा, करुणा और परमार्थ को मानव जीवन का सर्वोच्च मार्ग मानती रही है।
बाबा माधवशाह-बाबा नारायणशाह दरबार बना आध्यात्मिक चेतना का केंद्र
कटनी स्थित बाबा Madhavshah-बाबा नारायणशाह दरबार आज आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहाँ लाखों श्रद्धालु आत्मिक शांति, जीवन की दिशा और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने पहुँचते हैं।
इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाले जीवन मुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी देश-विदेश में सत्संगों के माध्यम से मानवता को प्रेम, शांति, सेवा और आत्मज्ञान का संदेश दे रहे हैं। उनके सत्संगों में किसी धर्म, जाति या वर्ग का भेद नहीं होता, बल्कि संपूर्ण मानवता का स्वागत किया जाता है।
नागपुर में 16 और 17 मई 2026 का हरे माधव सत्संग बना आस्था का केंद्र
लगभग 12 वर्षों बाद नागपुर में जीवन मुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी का आगमन होने जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान सहित अनेक राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के नागपुर पहुँचने की संभावना व्यक्त की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्थानकों से सत्संग स्थल तक विशेष वाहनों की व्यवस्था की गई है।
रहने, विश्राम, नाश्ता, ब्रह्मभोज और अन्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था भारतीय सेवा संस्कृति का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
भव्य शोभायात्रा बनेगी आकर्षण का केंद्र
16 मई 2026 को बाबा ईश्वरशाह साहिब जी के नागपुर आगमन पर हनुमान मंदिर, हेमू कलानी चौक, जरीपटका से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
ढोल-ताशों की गूँज, शंखध्वनि, आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ, बाल संस्कार बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्केटिंग शो वातावरण को भक्तिमय बना देंगे। यह आयोजन भारतीय संस्कृति की नई पीढ़ी से गहरी जुड़ाव भावना को भी दर्शाएगा।
17 मई का सत्संग : श्रद्धा, सेवा और आत्मज्ञान का महासंगम
17 मई 2026 को आयोजित होने वाला हरे माधव सत्संग आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एलईडी माध्यम से श्री कलश की महिमा और सतगुरु बाबा नारायणशाह साहिब जी से जुड़े दिव्य प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे।
सत्संग में बाबा ईश्वरशाह साहिब जी के अमृत वचनों की वर्षा होगी, जो मानव जीवन को प्रेम, सेवा, त्याग और आत्मज्ञान की दिशा प्रदान करेंगे।
ब्रह्मभोज : समानता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक
हरे माधव ब्रह्मभोज केवल भोजन नहीं, बल्कि प्रेम, समानता और सामूहिक चेतना का प्रतीक है। जब हजारों लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं, तब जाति, पंथ और ऊँच-नीच की दीवारें स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
भारतीय संस्कृति सदियों से यही संदेश देती आई है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।
भारत : विश्व को शांति और आध्यात्मिक दिशा देने वाला राष्ट्र
आज जब विश्व युद्ध, तनाव, मानसिक अवसाद और भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, तब भारत की आध्यात्मिक विरासत पूरी मानवता के लिए आशा की किरण बनकर उभर रही है।
कोई वाराणसी के घाटों पर शांति खोजता है, कोई हर की पौड़ी में आस्था का अनुभव करता है, तो कोई हिमालय की गुफाओं में ध्यान का आनंद प्राप्त करता है। यही विशेषता भारत को विश्व का आध्यात्मिक ध्रुव बनाती है।
भारत सदैव यह संदेश देता आया है कि सभी धर्मों का मूल प्रेम, शांति और मानव कल्याण है। मंदिर की घंटियाँ, मस्जिद की अज़ान, गुरुद्वारे का कीर्तन और चर्च की प्रार्थना — सभी मानवता को जोड़ने का कार्य करते हैं।
नागपुर और जालना में आयोजित हरे माधव सत्संग 2026 इसी भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत उत्सव है, जो विश्व को यह संदेश देगा कि सच्चा सुख बाहरी भौतिकता में नहीं, बल्कि अपने भीतर और परमार्थमय जीवन में छिपा हुआ है।

✒️एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
कर विशेषज्ञ, स्तंभकार, साहित्यकार, अंतरराष्ट्रीय लेखक, चिंतक, कवि एवं संगीत माध्यमा
गोंदिया, महाराष्ट्र
डीसीएम से गिरकर मजदूर की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम
भूसा लादने जा रही गाड़ी के पहिए के नीचे आने से मौके पर गई जान
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। घुघली थाना क्षेत्र अंतर्गत बल्लो धाम गेट के सामने सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में डीसीएम पर सवार एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा- तफरी मच गई, जबकि मृतक के परिवार में चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीर मौके पर जुट गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डीसीएम संख्या यूपी 53 सीटी 7602 भूसा लादने के लिए मजदूरों को लेकर जा रही थी। बताया जा रहा है कि वाहन में कई मजदूर सवार थे और मृतक राजेश यादव पुत्र मोहित यादव डीसीएम के ऊपर केबिन पर बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर गिर पड़ा। इससे पहले कि वह संभल पाता, डीसीएम का पिछला पहिया उसके ऊपर चढ़ गया। हादसा इतना भयावह था कि राजेश यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना बल्लो धाम गेट के ठीक सामने हुई, जहां हादसे के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही घुघली थाने के उप निरीक्षक संजय कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस महराजगंज भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डीसीएम को अपने कब्जे में लेकर घुघली थाने में खड़ा करा दिया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि परिजनों से तहरीर मिलने के बाद मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक की माता समेत परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंच गए। बेटे का शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने किसी तरह परिवार के लोगों को संभाला। स्थानीय लोगों ने बताया कि राजेश यादव मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। गांव और आस-पास के लोगों ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
शमशान घाट के कायाकल्प को लेकर कांग्रेसियो का प्रदर्शन
भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थानीय शाखा के तत्वाधान मे कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व मे भारी संख्या मे कांग्रेसी कार्यकर्ताओ एवं ग्रामीणों ने भागलपुर शमशान घाट के कायाकल्प को लेकर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार बरहज को ज्ञापन सौपा।
बताते चले कि सोमवार को तहसील क्षेत्र भागलपुर के मुख्य चौराहे से भारी संख्या मे कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों ने कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व मे अपनी मांगो पर नारा लगाते एवं पदयात्रा करते हुए भागलपुर शमशान घाट पर पहुँचे।
यहाँ पर कांग्रेसी नेताओं व स्थानीय लोगो ने सभा को सम्बोधित कर जनहित से संबंधित मांगो पर अपने अपने विचार रखे।
कांग्रेस नेता चंद्रभूषण पाण्डेय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि, वर्षो से दूर रहा भागलपुर का शमशान घाट आज विकास कि परिधि से बहुत दूर हो गया है। जहाँ सरकार सभी शमशान घाटों को आधुनिक बना रही है वही भागलपुर शमशान घाट पर शवदाह के लिए आने वाले जनमानस के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी क्रम मे कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ई के स्थानीय शाखा के तत्वाधान मे किया जा रहा है। उन्होंने चार सूत्रीय मांगो को उठाते हुए कहा कि, भागलपुर के कालीचरण शमशान घाट मुक्ति धाम पर अव्यवस्था का साम्राज्य फैला हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से ज्ञापन के माध्यम से मांग करते हुए कहा कि, कालीचरण शमशान घाट पर विद्युत शवदाह गृह का निर्माण जनहित मे तत्काल कराया जाय। तथा पक्का घाट कि सीढ़ियों को बनाया जाय ताकि शव दाह के लिए आने वाले लोगो को सुविधा मील सके। रविप्रताप सिंह ने कहा कि अंतिम यात्रा मे दूर दराज से आने वाले लोगो को धुप, गर्मी व बरसातसे बचाव के लिए टिन सेड एवं शुद्ध पिने के लिए पानी की व्यवस्था यथा शीघ्र किया जाय। ज्ञापन सौपते हुए मांग किया की शमशान घाट पर होने वाली अन्य बुनियादी सुविधाओं को जनता को प्रदान किया जाय, ताकि उन्हें किसी भी परेशानियों का सामना करना न पड़े। उन्होंने कहा की इन मुद्दों को साशन प्रशासन जल्दी पूरा नहीं करता है तो जनहित मे व्यापक आंदोलन किया जायेगा। इस दौरान ओमप्रकाश यादव, रामेश्वर जायसवाल, उदयशंकर सिंह, उदयभान सिंह, नन्द कुमार सिंह, अलाउद्दीन अंसारी, आचार्य हरेंद्र, भोलू अहमद, सेराज, अनूप, मन्नू मौर्या, मुन्ना पटेल, डॉ नरेंद्र यादव, संजय गुप्ता, भानुप्रताप सिंह, श्रीपती प्रसाद, मोनू सिंह सहित भारी संख्या मे कार्यकर्त्ता एवं स्थानीय जनता मौजूद रहे।
अभय नाथ दूबे बने पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष
बधाइयों का तांता
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभय नाथ दूबे को पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) का पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन द्वारा यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके लंबे पत्रकारिता अनुभव, सक्रिय कार्यशैली तथा पत्रकार हितों के प्रति समर्पण को देखते हुए सौंपी गई है। उनके मनोनयन की सूचना मिलते ही पत्रकारों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा कृष्ण देव, चेयरमैन ऋषभ मिश्रा आजाद एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने अभय नाथ दूबे को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा पत्रकारों की आवाज को नई मजबूती मिलेगी।
बधाई देने वालों में प्रमुख उद्योगपति श्रीनरायन सिंह कौशिक, यूथ आईकॉन प्रदीप सिसोदिया, भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुनीता अग्रहरि, संस्कार भारती की जिलाध्यक्ष डॉ. सोनी सिंह राष्ट्रीय महामंत्री (महिला प्रभाग) भारत तिब्बत समन्वय संघ, समाजसेवी पंडित उदय राज तिवारी, मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, पूर्व छात्र संघ महामंत्री कौशल चौधरी, भाजपा नेता सचिन सिंह श्रीनेत्र, श्रवण अग्रहरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र, अशोक कुमार चौधरी, सत्य प्रकाश राय, जिला पंचायत सदस्य अजय शर्मा, एमडी राजेश्वर सिंह, ओंकार राय, विकास गुप्ता, विधायक अंकुर राज तिवारी, डॉ. अमरेंद्र पांडे, डायरेक्टर शोऐब अहमद नदवी, समाजसेवी विजय कुमार सिंह, दिवाकर गौतम, विजय यादव, पत्रकार रमेश दुबे, अब्दुल अजीज, वीरेंद्र यादव, प्रमोद यादव, गोरखनाथ मिश्र, श्याम सिंह, दुर्गेश उपाध्याय, शैलेंद्र यादव, अरविंद सिंह, अर्जुन राय, भारद्वाज त्रिपाठी, पीएन पाण्डेय, सुशील सोनी, दीपक पांडे, राम जोखन पांडे, इंस्पेक्टर शालिनी सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, आरपी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार रीवा, इंस्पेक्टर बलराम शुक्ला, अनिल त्रिपाठी, विजय कुमार गुप्ता, अमरजीत यादव, अमित जैन, विनय कुमार चतुर्वेदी, देवी प्रसाद त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह, बाबूल श्रीवास्तव, देवीलाल गुप्ता, अजय श्रीवास्तव, अमित पांडे, राहुल राय, पुनीत ओझा, सत्य प्रकाश वर्मा, शिवानंद चंचल, बागेश त्रिपाठी, विवेक सिंह, सुनील छापड़िया, वसीम अकरम एवं जगत जायसवाल सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभय नाथ दूबे ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व एवं सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता को मजबूती प्रदान करना उनकी प्राथमिकता होगी।
पत्रकार साथियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने विश्वास व्यक्त किया कि अभय नाथ दूबे के नेतृत्व में पत्रकार प्रेस परिषद (इंडिया) पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा तथा पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
बाढ़ व जलभराव नियंत्रण को लेकर प्रशासन सख्त
पम्पिंग स्टेशनों से लेकर नालों की सफाई तक व्यापक तैयारी
मंडलायुक्त व महापौर की अध्यक्षता में समीक्षा
कंट्रोल रूम सक्रिय, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l नगर में संभावित बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। नगर निगम सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा व महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बाढ़ नियंत्रण, जल निकासी और संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में नगर आयुक्त अजय जैन, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों द्वारा बिंदुवार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तैयारियों की जानकारी दी गई।
पम्पिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ी, जल निकासी व्यवस्था मजबूत
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि नगर क्षेत्र में स्थापित पम्पिंग स्टेशनों को पूरी तरह क्रियाशील रखा गया है। विभिन्न वार्डों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त पम्पिंग सेट लगाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर और पम्प उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
नालों की सफाई तेज, अतिक्रमण हटाने के निर्देश
नगर निगम द्वारा प्रमुख एवं सहायक नालों की समयबद्ध सफाई कराई जा रही है। जहां जल निकासी में बाधा है, वहां अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष टीमें तैनात की गई हैं, ताकि बारिश के दौरान त्वरित कार्रवाई हो सके।
कंट्रोल रूम सक्रिय, हेल्पलाइन जारी
आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम का कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। हेल्पलाइन नंबर जारी कर आमजन से अपील की गई है कि जलभराव या बाढ़ की स्थिति में तुरंत सूचना दें। सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर त्वरित राहत सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
संचारी रोगों की रोकथाम पर विशेष ध्यान
बरसात के मौसम में फैलने वाले संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया है। फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
जनजागरूकता और राहत की तैयारी
नगरवासियों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाढ़ एवं जलभराव से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रो. रामवंत गुप्ता को सेगी विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय शोध फेलोशिप
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. रामवंत गुप्ता को मलेशिया के प्रतिष्ठित सेगी विश्वविद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय शोध फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। यह फेलोशिप 05 मई 2026 से 04 मई 2029 तक तीन वर्षों के लिए प्रदान की गई है। विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों में शामिल तथा हाल ही में वैश्विक रैंकिंग में 731-740 बैंड में स्थान प्राप्त करने वाले सेगी विश्वविद्यालय द्वारा यह सम्मान मिलना विश्वविद्यालय के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन सहित विश्वविद्यालय परिवार ने प्रो. गुप्ता को इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर बधाई दी है।
सेगी विश्वविद्यालय की इंटरनेशनल रिसर्च फेलोशिप योजना का उद्देश्य उत्कृष्ट शोध को बढ़ावा देना तथा वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को मजबूत करना है। इस फेलोशिप के अंतर्गत प्रो. गुप्ता को उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्य करने, शोधार्थियों का मार्गदर्शन देने, संयुक्त शोध परियोजनाओं में सहभागिता करने तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास गतिविधियों में योगदान देने का अवसर प्राप्त होगा।
अंतरराष्ट्रीय शोध फेलो के रूप में उन्हें अत्याधुनिक शोध सुविधाओं तक पहुंच, संयुक्त शोध अनुदान के अवसर, शोध प्रकाशनों एवं उनके प्रसार के लिए वित्तीय सहायता तथा शोध संगोष्ठियों, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, परामर्श सेवाओं, पाठ्यक्रम विकास एवं अतिथि व्याख्यान जैसी गतिविधियों में भागीदारी का अवसर भी मिलेगा।
प्रो. गुप्ता को पादप विज्ञान, विशेष रूप से प्रकाश संश्लेषण अनुसंधान के क्षेत्र में व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पूर्व वे दक्षिण अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ गयाना में जीवविज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर तथा फिजी नेशनल यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्य कर चुके हैं।
यह फेलोशिप प्रो. रामवंत गुप्ता तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय दोनों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जनगणना-2027 की स्वगणना प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में भारत की जनगणना-2027 के तहत जनपद में चल रही स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) प्रक्रिया की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी जयप्रकाश तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा की जा रही स्वगणना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी 12 मई की शाम तक अपनी स्वगणना पूर्ण कर एसई आईडी प्राप्त कर लें।
अपर जिलाधिकारी जयप्रकाश ने कहा कि प्रदेश स्तर पर स्वगणना की प्रगति की रैंकिंग देखी जा रही है, इसलिए सभी अधिकारी स्वयं स्वगणना पूर्ण करने के साथ अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की भी स्वगणना सुनिश्चित कराएं तथा SEID सहित विवरण उपलब्ध कराएं, ताकि 13 मई से प्रगणकों को क्षेत्र एवं गांवों में पुष्टि एवं अन्य कार्यवाही के लिए भेजा जा सके।
उन्होंने बताया कि 7 मई से 21 मई 2026 तक चल रही स्वगणना अवधि में अधिक से अधिक लोग पोर्टल के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया पूरी करेंगे तो आगामी कार्यवाही में सुविधा होगी। स्वगणना से संबंधित पोर्टल का बारकोड समस्त गांवों एवं ग्राम पंचायतों में चस्पा कराया गया है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग पोर्टल पर जाकर स्वगणना की प्रक्रिया पूरी करें तथा प्राप्त SEID सुरक्षित रखें। 22 मई से 20 जून 2026 के बीच जब प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे, तब संबंधित व्यक्ति अथवा परिवार SEID उपलब्ध कराकर अपनी जनगणना प्रक्रिया पूर्ण करा सकेंगे।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी त्रिभुवन लाल, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी चंद्रशेखर यादव, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ, जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी सर्वेश कुमार यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येंद्र सिंह, तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा, तहसीलदार धनघटा राम जी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
राजस्व वसूली में लापरवाही पर डीएम सख्त, अवैध खनन पर रात में छापेमारी के निर्देश
आईजीआरएस रैंकिंग पर जताई नाराजगी, पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण और सरकारी भूमि चिन्हांकन का दिया निर्देश
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोंगरवाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व एवं करेत्तर समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकताओं और राजस्व लक्ष्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंडी समिति, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पेट्रोल-डीजल एवं गैस आपूर्ति, गन्ना भुगतान, पीएम आवास (शहरी), पीएम स्वनिधि, कृषि एवं गैर-कृषि भूमि, अधिवास प्रमाण पत्र, राजस्व वाद, एंटी भू-माफिया अभियान, मुख्यमंत्री कृषि दुर्घटना बीमा, स्वामित्व योजना, एआरटीओ, खनन, स्टाम्प एवं आईजीआरएस समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि लक्ष्य के अनुरूप कार्य न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व वृद्धि के लिए प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
अवैध खनन पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को रात में औचक छापेमारी कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में अवैध खनन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो कतई स्वीकार्य नहीं हैं।
पीएम आवास (शहरी) योजना की समीक्षा के दौरान अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा निर्माण कार्य न कराने वाले लाभार्थियों से रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन कराने के लिए अधिशासी अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि एक से तीन वर्ष, तीन से पांच वर्ष तथा पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने स्वामित्व योजना से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
आईजीआरएस रैंकिंग में जनपद के 72 वें स्थान पर रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी विभागाध्यक्षों को जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में सरकारी भूमि के चिन्हांकन, सीमा स्तंभों की स्थापना तथा वाइब्रेंट विलेज योजना से जुड़े ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आबकारी अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित सभी अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहें।
गंगा एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा
तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कई पलटी खाकर खायी , युवक की मौत एक ही परिवार के चार लोग गंभीर घायल
जलालाबाद/शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के जलालाबाद और हरदोई बॉर्डर के गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। थाना पचदेवरा क्षेत्र के कुरारी गांव के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार दिल्ली के यमुना विहार से जौनपुर जा रहा परिवार स्कॉर्पियो में सवार था वाहन मनोज चला रहे थे, उनके साथ पत्नी निर्जला, बेटे अभिषेक और वंश तथा बेटी सिंपी उर्फ हर्षा मौजूद थीं। रविवार को गंगा एक्सप्रेसवे पर कुरारी गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया और स्कॉर्पियो कई पलटे खाते हुए सड़क किनारे जा गिरी।
हादसा इतना भयावह था कि मनोज के बेटे अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चालक मनोज, उनकी पत्नी निर्जला, बेटा वंश और बेटी सिंपी उर्फ हर्षा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
घायलों को जलालाबाद टोल प्लाजा की एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालाबाद पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर सभी को 108 एंबुलेंस से जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
प्रभारी थानाध्यक्ष राकेश चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ना हादसे की मुख्य वजह सामने आ रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है,
ठेले से टकराई बाइक, युवक की दर्दनाक मौत
एकलौते बेटे की मौत से परिवार में मचा कोहराम
बलिया (राष्ट्र की परम्परा )
मनियर थाना क्षेत्र के चांदूपाकड़ इलाके में रविवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। घटना रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।जानकारी के अनुसार पश्चिम पटखौली के भदपुरा निवासी संतोष गुप्ता का 22 वर्षीय पुत्र राजन गुप्ता बाइक से किसी कार्य से बाहर गया हुआ था। देर रात वह वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान चांदूपाकड़ के पास सड़क किनारे खड़े एक ठेले से उसकी बाइक अचानक टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि राजन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
घटना के बाद आसपास के लोगों की मौके पर भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल परिजनों को सूचना दी गई और घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।बताया जा रहा है कि राजन गुप्ता अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में डूब गया है। गांव के लोगों ने बताया कि राजन स्वभाव से काफी मिलनसार और मेहनती युवक था। उसकी असमय मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं ग्रामीणों ने सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़े ठेलों और वाहनों को हादसों का कारण बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
क्या कम्युनिस्ट देशद्रोही होते हैं?
मोहम्मद सलीम /संजय पराते
क्या हमारे देश के कम्युनिस्ट गैर-भारतीय हैं? यदि नहीं, तो फिर कम्युनिस्टों से ज़्यादा देशभक्त होने का दावा कौन कर सकता है?
1921 में, कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन में, कम्युनिस्ट ही थे, जिन्होंने सबसे पहले पूर्ण स्वतंत्रता की माँग उठाई थी — जिसका आह्वान मौलाना हसरत मोहानी और स्वामी कुमारानंद ने किया था। इसके अगले वर्ष, गया अधिवेशन में, कम्युनिस्टों ने फिर से यह माँग उठाई थी। उस समय गांधीजी इससे नाराज़ हुए थे। आठ साल बाद, 1929 में, कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन ने आखिरकार पूर्ण स्वराज (पूर्ण स्वतंत्रता) के आह्वान को स्वीकार कर लिया। 1931 में, कराची अधिवेशन ने एक स्वतंत्र भारत की रूपरेखा तैयार की।
आज़ादी की लड़ाई और आज़ाद भारत को गढ़ने में कम्युनिस्टों ने एक निर्णायक भूमिका निभाई : उन्होंने कई अहम मुद्दों को राष्ट्रीय एजेंडा में शामिल करवाया, बेमिसाल कुर्बानियाँ दीं और अपनी जान न्योछावर करते हुए शहीद हुए। इस अहम तथ्य पर गौर करें — 1943 में बंबई में हुई कम्युनिस्ट पार्टी के पहले महाधिवेशन में, 15,563 सदस्यों की नुमाइंदगी करने वाले 139 प्रतिनिधियों ने कुल मिलाकर 411 साल जेल में बिताए थे। सीधे शब्दों में कहें तो : पार्टी के नेताओं ने अपनी सियासी ज़िंदगी का आधे से ज़्यादा हिस्सा सलाखों के पीछे बिताया था। मिसाल के तौर पर, कल्पना दत्ता और कमला चटर्जी, दोनों को ही साढ़े सात साल जेल में रहना पड़ा था। जिस वक़्त कांग्रेस का अधिवेशन चल रहा था, उस समय भी पार्टी के 695 सदस्य जेल में बंद थे —जिनमें से 105 सदस्य उम्र कैद की सज़ा काट रहे थे।
आज़ादी के बाद, नए भारत के निर्माण से जुड़ी हर बड़ी बहस में कम्युनिस्ट मौजूद थे। उन्होंने ज़मीन के अधिकारों का मुद्दा उठाया — और तेभागा से लेकर तेलंगाना तक, ज़मींदारों और जागीरदारों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने भूमि सुधार के मुद्दे को राष्ट्रीय एजेंडे में शामिल करने के लिए दबाव डाला। उन्होंने भाषाई विविधता को मान्यता दिलाने और भाषाई आधार पर राजनीतिक सीमाओं को फिर से तय करने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने भारत की संघीय संरचना और केंद्र-राज्य संबंधों तथा सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
1931 की शुरुआत में ही, कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने ‘ड्राफ़्ट प्लेटफ़ॉर्म ऑफ़ एक्शन’ में सबसे पहले जाति व्यवस्था और छुआछूत को खत्म करने की मांग की थी।
तो फिर देशद्रोही कौन हैं? और देशभक्त कौन हैं? क्या सावरकर और बाजपेयी देशभक्त थे, जिन्होंने अंग्रेजों के प्रति वफ़ादारी की कसमें खाई थीं? क्या वे लोग देशभक्त थे, जिन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात करके उन्हें अंग्रेजों के हवाले कर दिया था? या फिर भगत सिंह और लक्ष्मी सहगल देशभक्त थे? क्या वे लोग देशभक्त हैं, जिनका स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं था, बल्कि असल में उन्होंने तो अंग्रेजी राज की मदद ही की? या फिर खुदीराम बोस, सूर्य सेन और कल्पना दत्ता देशभक्त थे? क्या वह ‘संघ’ देशभक्त था, जिसने अंग्रेजों के शासन में सक्रिय रूप से उनकी मदद की थी — या फिर वे मुस्लिम देशभक्त हैं, जिन्होंने अंग्रेजों के शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और अपना खून बहाया था? क्या सिद्धू, कान्हू और बिरसा मुंडा — और उनके साथ अनगिनत अन्य आदिवासी — देशभक्त नहीं थे?
क्या वे लोग असली गद्दार नहीं हैं, जो भारत के सार्वजनिक उद्योगों को विदेशी खरीददारों को कौड़ियों के भाव बेच रहे हैं — और साथ ही जल, जंगल और खदानों की बेरोकटोक लूट की इजाज़त दे रहे हैं? क्या वे लोग देश के साथ गद्दारी नहीं कर रहे हैं, जो करोड़ों रुपयों के कर-राजस्व को गायब करने की साज़िश रचते हैं और जो अपनी अवैध संपत्ति छिपाकर देश से फरार हो जाते हैं?
असली बात यह है कि कम्युनिस्ट एक ही समय में देशभक्त भी होते हैं और अंतर्राष्ट्रीयतावादी भी। अपने देश के प्रति प्रेम और दुनिया भर के मेहनतकश लोगों के साथ एकजुटता के बीच कोई अंतर्विरोध नहीं है।
माओ ने स्वयं एक बार यह सवाल उठाया था : “क्या एक कम्युनिस्ट, जो एक अंतर्राष्ट्रीयतावादी है, उसी समय एक देशभक्त भी हो सकता है? हमारा मानना है कि वह न केवल हो सकता है, बल्कि उसे होना ही चाहिए। हम एक साथ अंतर्राष्ट्रीयतावादी भी हैं और देशभक्त भी, और हमारा नारा है : आक्रमणकारियों से मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करो।”
और यहाँ, एक बार फिर, हम रवींद्रनाथ की ओर लौटते हैं, और मार्क्स की ओर भी।
“देशभक्ति” और “राष्ट्रवाद” शब्द भले ही एक जैसे लगें, लेकिन इन शब्दों का अर्थ एक नहीं हैं। “देशभक्ति” का मतलब “भक्ति-भाव वाला राष्ट्रवाद” नहीं है। “प्रेम” में असहमति और विरोध की गुंजाइश होती है। इसके विपरीत, “भक्ति” का अर्थ है आँख मूँदकर आज्ञा मानना — बिना कोई सवाल किए पूरी तरह से समर्पित हो जाना। हम प्रेम के पक्ष में खड़े हैं, न कि आँख मूँदकर की जाने वाली किसी भक्ति के। अपने देश के प्रति सच्चा प्रेम समर्पण का भाव है — न कि दूसरों के प्रति नफ़रत या हिंसा का भाव।
ठीक उसी देश में, जहाँ ‘जहाँ भय-मुक्त है मन’ लिखा गया था, अब आबादी के एक बड़े हिस्से से यह उम्मीद की जा रही है कि वे अपना सिर झुकाएँ और शासक के आदेशों का पालन करें। अपने उपन्यास ‘घरे बाइरे’ (घर और दुनिया) में, पात्र निखिलेश यह टिप्पणी करते हैं : “जो लोग अपने देश के प्रति प्रेम जताने के लिए ‘माँ, माँ!’ चिल्लाते हैं और प्रार्थनाएँ गाते हैं — उनका प्रेम वास्तव में देश के लिए नहीं, बल्कि नशे के लिए होता है।” और रवींद्रनाथ, पात्र बिमला के माध्यम से, निखिलेश के इस दृष्टिकोण को व्यक्त करते हैं — “उन्होंने कहा : मैं अपने देश की सेवा करने के लिए तत्पर हूँ, लेकिन जिसकी मैं आराधना करूँगा, वह देश से कहीं ऊपर है। यदि मैं स्वयं देश की ही आराधना करूँ, तो देश का विनाश हो जाएगा।”
संघी गिरोह का सवाल यह है : मार्क्स, एंगेल्स, लेनिन और स्टालिन के चित्र क्यों होने चाहिए? हमारी पार्टी के राज्य कार्यालय में, सचिवमंडल के बैठक कक्ष में, इनमें से किसी का भी चित्र नहीं है। वहाँ केवल रवींद्रनाथ का चित्र है — जिसे किसी और ने नहीं, बल्कि सनातन दिंडा ने बनाया है। उसके नीचे कॉमरेड मुज़फ़्फ़र अहमद की प्रतिमा है। इस इमारत का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है। दिल्ली में स्थित केंद्रीय कार्यालय का नाम ए.के. गोपालन भवन है। पार्टी की नई इमारत का नाम हरकिशन सिंह सुरजीत भवन है। और सीपीआई का केंद्रीय कार्यालय अजय भवन है। वहीं दूसरी ओर, नेपाल में संघ का एक सहयोगी संगठन है एचएसएस, जो अपना मुख्यालय ‘केशव धाम’ के नाम से चलाता है — और दिल्ली में ‘केशव कुंज’ है। बीरगंज में, प्रधानाचार्य के कक्ष का नाम ‘हेडगेवार कक्ष’ रखा गया है, और तीसरी मंज़िल पर गोलवलकर का चित्र लगा है।
लेकिन — और इसके लिए ईमानदारी से आत्म-मंथन की ज़रूरत है — कम्युनिस्ट पार्टी के शुरुआती सालों में, इसमें शामिल होने वाले ज़्यादातर लोग पढ़े-लिखे, मध्यम-वर्ग के, या तुलनात्मक रूप से संपन्न लोग थे। नतीजन, राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम अक्सर रूसी, यूरोपीय या अंग्रेज़ी मॉडलों से प्रेरणा लेते थे। अगर पार्टी का आधार किसानों और मज़दूरों के बीच ज़्यादा मज़बूत होता, तो शायद “क्लास रूम” मॉडल कभी सामने ही नहीं आता। जहाँ किसान आंदोलन मज़बूत थे, वहाँ नामों में भी इसकी झलक मिलती थी — जैसे कृषक प्रजा पार्टी, महाराष्ट्र की किसान और मज़दूर पार्टी। अख़बारों के नाम थे — लांगल (हल), नवयुग, धूमकेतु, स्वाधीनता।
फिर भी, रचे गए गीत अक्सर भाटियाली, भवाइया, गम्भीरा, झूमुर या अन्य लोक-शैलियों के बजाय यूरोपीय और रूसी धुनों की नकल करते थे। बाद में, इप्टा (इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन — भारतीय जन नाट्य संघ) ने स्थानीय मिट्टी की उस देसी शैली को फिर से अपनाया। कबीर, नानक, बाबा फरीद और लालन पर और ज़्यादा ध्यान दिया जा सकता था। जहाँ एक ओर यूरोप अभी भी मध्ययुगीन सोच में फँसा हुआ था, वहीं भारत पहले से ही एक सांप्रदायिकता-मुक्त, प्रगतिशील और सौहार्द्रपूर्ण परंपरा विकसित कर रहा था। अगर हमने उस परंपरा को और ज़्यादा सचेत होकर संवारा होता, तो आज हम कहीं ज़्यादा मज़बूत होते।
गानों में लोक-धुन होनी चाहिए। भाषा सरल और स्थानीय होनी चाहिए, जो रोज़मर्रा की बोलचाल से ली गई हो। केरल और पश्चिम बंगाल में, यह काफ़ी हद तक किया गया। बंगाल में, जुलूस, सुबह की प्रभात-फेरी, सामूहिक गायन, फूलों की वर्षा, और स्वागत के तौर पर माथे पर चंदन का टीका — जिसमें महिलाएँ लाल किनारी वाली साड़ियाँ पहनती हैं और पुरुष स्वयंसेवक सफ़ेद पजामा-कुर्ता — ये सभी बंगाली संस्कृति का हिस्सा हैं। खाकी निकर, फुल पैंट, या हाथ में लाठियाँ और त्रिशूल— इनमें से कोई भी चीज़ किसी भी भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं है।
सच तो यह है कि हम लोगों को अभी भी एक लंबी दूरी तय करना है। भारतीय संस्कृति को किसी एक धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं किया जा सकता। कोई भी ऐसी प्रथा, जो हमें जकड़ती हो, हम उसका बोझ नहीं ढोएँगे। हमें उसे त्याग देना चाहिए। और जो कुछ भी हमें आगे बढ़ाता है — हम उसे एक सुनहरे धागे की तरह अपनाएँगे और अपने आचरण के माध्यम से उसका प्रसार करेंगे।
और इस तरह, हम एक बार फिर रवींद्रनाथ के साथ अपनी बात का समापन करते हैं। उनकी समझ यह थी : भारतीय सभ्यता बहु-स्तरीय है। किसी एक परत को अलग करके उसे ही भारतीय परंपरा का संपूर्ण रूप घोषित कर देना एक भूल है। इसके अलावा, भारतीय —यानी पूर्वी सभ्यता — और पश्चिमी सभ्यता के बीच कोई बुनियादी विरोध नहीं है ; बल्कि, उनके बीच एक गहरा जुड़ाव और संबंध मौजूद है। इसलिए, हमें खुले मन से निर्णय लेना चाहिए। जो कुछ भी हमें आनंद देता है — चाहे उसका उद्गम कहीं भी हो — वह हमारा ही है। और जो कुछ भी दोषपूर्ण है, उसे हमें केवल इसलिए स्वीकार नहीं कर लेना चाहिए कि वह हमारी अपनी ही धरती से उपजा है। (अमर्त्य सेन, नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने के बाद शांतिनिकेतन में दिया गया भाषण, हम भी यही विश्वास रखते है, अपने खोल से बाहर निकलो, खुले मे आकर खडे हो जाओ, अपने ह्रदय के भीतर ही तुम सुनोगे समस्त संसारो की प्रतिध्वनि।
पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल 17 निरीक्षक व उपनिरीक्षकों के तबादले
शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत 17 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले तत्काल प्रभाव से किए गए हैं। कई प्रमुख थानों के प्रभारियों को बदला गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
आदेश के अनुसार निरीक्षक प्रदीप राय को थाना बंडा से हटाकर कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। रोजा थाना प्रभारी राजीव कुमार को सदर बाजार थाने की कमान सौंपी गई है, जबकि पुलिस अधीक्षक के पीआरओ विजय प्रताप सिंह को थाना कांट का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।
खुदागंज थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह को मदनापुर थाने की जिम्मेदारी दी गई है। सेहरामऊ दक्षिणी के थानाध्यक्ष उमेश कुमार मिश्रा अब रोजा थाना संभालेंगे। वहीं जलालाबाद के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार को सेहरामऊ दक्षिणी भेजा गया है।
परौर थानाध्यक्ष रामेन्द्र सिंह को बंडा थाना सौंपा गया है। जैतीपुर थाना प्रभारी प्रिन्स शर्मा को तिलहर भेजा गया है, जबकि कांट थाना प्रभारी राकेश कुमार मौर्य को खुदागंज का नया प्रभारी बनाया गया है।
कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार को जैतीपुर थाना दिया गया है। डीसीआरबी प्रभारी अरविंद सिंह चौहान को जलालाबाद का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। तिलहर थाना प्रभारी जुगुल किशोर को परौर थाने की जिम्मेदारी मिली है।
सदर बाजार थाना प्रभारी बृजेश कुमार सिंह को एएचटीयू का प्रभारी बनाया गया है। वहीं एएचटीयू प्रभारी महेंद्र सिंह यादव को डीसीआरबी भेजा गया है। मदनापुर थाना प्रभारी विश्वजीत प्रताप सिंह को आईजीआरएस एवं जन शिकायत प्रकोष्ठ में तैनाती दी गई है।
आईजीआरएस प्रभारी प्रभाष चंद्र को पुलिस अधीक्षक का नया पीआरओ बनाया गया है। साथ ही रोजा थाने के अपराध निरीक्षक गंगा सिंह को निगोही थाने में अपराध निरीक्षक के पद पर तैनात किया गया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण कर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
चोरो ने एक घर को बनाया निशाना नगदी सहित जेवरत पर किया हाथ साफ
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
थाना क्षेत्र के ग्राम बिजलापार मे शुक्रवार की चोरों ने एक घर को निशाना बनाया और नगदी सहित जेवरात पर हाथ साफ किया।
घर के परिजन ने पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरहज थाना क्षेत्र के ग्राम बिजलापर निवासी राकेश यादव ने रविवार को बरहज पुलिस को तहरीर देकर बताया कि, शुक्रवार की रात वह अपने ससुराल मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए गए हुए थे, और उसी समय बारिश एवं ओलावृष्टि का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने मेरे घर में रखा नगदी सहित जेवरात उड़ा ले गए। उन्होंने बताया कि मेरा भतीजा घर के बरामदे में एवं भैया भाभी अपने कमरे में सो रहे थे, चोरों ने पीछे के रास्ते से छत पर चढ़कर सीढ़ियों के रास्ते घर के आँगन मे उतर गए और सबसे पहले कमरों में बाहर से कुंडी लगा दिया जिसमे लोग सो रहे थे,उसके बाद मेरे कमरे का ताला तोड़कर घर में रखा जेवरात एवं सामान उठा ले गए। पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
उपनिरीक्षक करूणेश राय ने कहा कि तहरीर मिली कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
