महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नारी शक्ति वंदन सम्मेलन—पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्माण में नारी नवभारत की तैयारी विषयक भव्य सम्मेलन का आयोजन विकास भवन सभागार में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता रही,जिससे सभागार खचा-खच भरा नजर आया।
सम्मेलन के दौरान उपस्थित महिलाओं को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे सभी ने उत्साहपूर्वक देखा। इस अवसर पर उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दौर परिवर्तन का युग है और महिलाएं इस बदलाव की साक्षी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समूह आधारित योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को शून्य ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ डटकर मुकाबला करें, क्योंकि आज की बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
उपाध्यक्ष ने महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं और उनके लाभों की भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 15 महिलाओं को मंच से प्रशस्ति पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय, क्षेत्राधिकारी पुलिस सदर, महिला थाना प्रभारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं महिला चिकित्सक, महिला कल्याण विभाग के काउंसलर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहें। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से आई बड़ी संख्या में महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
विकास भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन सम्पन्न, 15 महिलाओं को किया गया सम्मानित
आईजीआरएस व राजस्व वसूली पर सख्ती, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस पोर्टल एवं कर-करेत्तर की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री, आयुक्त, जिलाधिकारी संदर्भ, तहसील दिवस प्रकरणों समेत लंबित शिकायतों व ऑफलाइन मामलों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त सभी संदर्भों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में न जाए। उन्होंने विभागवार फीडबैक की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, जिससे आवेदकों की संतुष्टि का प्रतिशत बढ़े। साथ ही निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से प्राप्त फीडबैक पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति बनाए रखने और सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग बेहतर करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कर-करेत्तर की समीक्षा के दौरान आबकारी, परिवहन, स्टांप शुल्क, व्यापार कर, खनन, मंडी परिषद, नगर निकाय, बांट माप एवं खाद्य सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों द्वारा राजस्व वसूली की स्थिति का आकलन किया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, अपर उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार, उप जिलाधिकारी अरुण कुमार, उप जिलाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ, एआरटीओ प्रियंवदा सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती, जिला बांट माप अधिकारी वी.पी. वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
महिला आरक्षण कानून: सशक्तिकरण या पर्दे के पीछे की राजनीति?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: क्या बढ़ेगा वास्तविक नेतृत्व या सिर्फ़ संख्या? प्रॉक्सी राजनीति पर सख़्त कानून की ज़रूरत

गोंदिया। भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106वां संविधान संशोधन) को लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करता है। हालांकि, इस ऐतिहासिक पहल के साथ कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं—क्या यह कानून वास्तविक महिला नेतृत्व को बढ़ावा देगा या फिर केवल प्रॉक्सी नेतृत्व और वंशवाद को मजबूत करेगा?
आलोचकों का मानना है कि इस कानून के लागू होने के बाद कई स्थानों पर महिलाएं केवल औपचारिक प्रतिनिधि बनकर रह जाएंगी, जबकि वास्तविक निर्णय उनके पति, पिता या अन्य पुरुष रिश्तेदार लेंगे। यह प्रवृत्ति पहले से ही स्थानीय निकायों में “सरपंच पति” संस्कृति के रूप में देखी जा चुकी है, जहां चुनी हुई महिला प्रतिनिधि के स्थान पर उनके परिजन प्रशासनिक निर्णय लेते हैं।

लेखक एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी का मानना है कि यदि इस अधिनियम में प्रॉक्सी नेतृत्व को रोकने के लिए ठोस कानूनी प्रावधान नहीं जोड़े गए, तो यह कानून अपने मूल उद्देश्य से भटक सकता है। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर जिस तरह सरकार ने “प्रॉक्सी सरपंच” के खिलाफ अभियान चलाया है, उसी प्रकार संसद और विधानसभाओं में भी सख़्त नियम लागू करने की आवश्यकता है।
इस संदर्भ में पांच महत्वपूर्ण सुधार रणनीतियां सामने आती हैं। पहली, प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर इसे दंडनीय अपराध घोषित किया जाए। यदि यह साबित होता है कि महिला प्रतिनिधि के अधिकारों का उपयोग कोई अन्य व्यक्ति कर रहा है, तो संबंधित व्यक्ति और प्रतिनिधि दोनों के खिलाफ अयोग्यता, जुर्माना और कारावास जैसी सख़्त कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।
दूसरी रणनीति क्षमता निर्माण की है। केवल आरक्षण देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिला प्रतिनिधियों को प्रशासनिक, विधायी और वित्तीय प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देना अनिवार्य होना चाहिए, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ निर्णय ले सकें।
तीसरी रणनीति डिजिटल पारदर्शिता और निगरानी तंत्र को मजबूत करना है। सभी बैठकों और निर्णयों को ऑनलाइन रिकॉर्ड किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वास्तविक निर्णय लेने वाला कौन है।
चौथी रणनीति राजनीतिक दलों की जवाबदेही तय करना है। उम्मीदवार चयन में पारिवारिक संबंधों के बजाय योग्यता और सामाजिक योगदान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि वंशवाद को रोका जा सके।
पांचवीं और सबसे महत्वपूर्ण रणनीति सामाजिक मानसिकता में परिवर्तन की है। जब तक समाज महिलाओं को स्वतंत्र और सक्षम नेता के रूप में स्वीकार नहीं करेगा, तब तक किसी भी कानून का प्रभाव सीमित रहेगा।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह आरक्षण तत्काल लागू नहीं होगा। इसके लिए पहले जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होनी आवश्यक है, जो संभवतः 2029 के आम चुनावों तक पूरी होगी। तब जाकर यह अधिनियम पूरी तरह प्रभावी हो पाएगा।
आगामी संसद के विशेष सत्र (16 से 18 अप्रैल 2026) इस दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह केवल आरक्षण लागू करने का अवसर नहीं, बल्कि इसे प्रभावी और सार्थक बनाने का भी ऐतिहासिक मौका है। यदि इस अधिनियम में आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो यह केवल संख्यात्मक प्रतिनिधित्व तक सीमित रह सकता है।
अंततः यह प्रश्न देश के सामने खड़ा है—क्या हम केवल महिलाओं की संख्या बढ़ाना चाहते हैं या उन्हें वास्तविक सत्ता और नेतृत्व भी देना चाहते हैं? यही इस अधिनियम की असली परीक्षा है।

—संकलनकर्ता: एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया, महाराष्ट्र
स्वास्थ्य इकाइयों में सुझाव पेटिका लगाने के निर्देश, सीएमओ ने योजनाओं की समीक्षा की
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को धन्वंतरि सभागार में जिला कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं और विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया गया।
सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य सूचकांकों की रिपोर्ट को समय पर और सही ढंग से अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाली सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों को चिन्हित कर शो-कॉज नोटिस जारी किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर प्राथमिकता के आधार पर सुझाव पेटिका लगाई जाए, ताकि मरीजों और आम लोगों से फीडबैक प्राप्त किया जा सके। इसके साथ ही शत-प्रतिशत एनसीडी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों को संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए और पुरुष व महिला नसबंदी के लक्ष्यों के सापेक्ष कम उपलब्धि पर नाराजगी जताई। संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने तथा घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की पहचान करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में 100 दिवसीय टीबी अभियान के तहत संभावित लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। साथ ही 20 अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूल आधारित डीपीटी/टीडी टीकाकरण अभियान को लेकर माइक्रोप्लान तैयार कर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों की समय पर जांच, टीकाकरण तथा गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कर पोर्टल पर फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की निगरानी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में डीटीओ, डिप्टी सीएमओ, डीएमओ, डीपीएम, डीसीपीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विभाजन से विद्रोह तक: ऋत्विक घटक के सिनेमा पर गहन चर्चा
ऋत्विक घटक पर मंथन, दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन—मीरा रोड में सिनेमा और समाज पर गूंजती बहस

लेखक: संजय भिसे / हृदयेश मयंक
मुंबई, (राष्ट्र की परम्परा) जनवादी लेखक संघ एवं स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मीरा रोड स्थित विरूंगला केन्द्र (इंदिरा गांधी हॉस्पिटल परिसर) में आयोजित एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम में बांग्ला सिनेमा के महान फिल्मकार ऋत्विक घटक के सिनेमा, उनके विचार और सामाजिक सरोकारों पर गहन चर्चा की गई। इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी हुआ, जिसने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम में जाहिद खान एवं जयनारायण प्रसाद द्वारा संपादित पुस्तक ‘ऋत्विक घटक: नव यथार्थवाद सिनेमा का कलात्मक सर्जक’ तथा जाहिद खान द्वारा अनुवादित कृष्ण चंदर के उर्दू नाटक ‘दरवाजा खोल दो’ (हिंदी अनुवाद) का लोकार्पण किया गया। दोनों ही कृतियां साहित्य और सिनेमा के गंभीर पाठकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ऋत्विक घटक के सिनेमा को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संघर्ष, इतिहास और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त दस्तावेज बताया। उनके सिनेमा में विभाजन की त्रासदी, विस्थापन, शरणार्थियों का दर्द और सामाजिक विघटन अत्यंत प्रभावशाली ढंग से उभरकर सामने आता है। घटक की फिल्मों में यथार्थवाद, मिथकीय प्रतीकों, ब्रेख्तियन शैली और ध्वनि प्रयोग का अद्वितीय समावेश देखा जाता है।
प्रमुख वक्ता पुलक चक्रवर्ती ने बताया कि ऋत्विक घटक मार्क्सवादी विचारधारा से गहराई से प्रभावित थे और भारतीय जन नाट्य संघ (IPTA) के माध्यम से उन्होंने अपनी सांस्कृतिक यात्रा शुरू की। उन्होंने कला को जनता की पीड़ा और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम माना। उनकी फिल्मों में वर्ग संघर्ष, पूंजीवाद की आलोचना और सामाजिक न्याय की स्पष्ट झलक मिलती है।
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फिल्म निर्देशक अविनाश दास ने कहा कि ऋत्विक घटक का सिनेमा अत्यंत मौलिक है और उन्होंने सिनेमा की भाषा को नए सिरे से गढ़ा। उन्होंने फिल्म निर्माण की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि अपनी शर्तों पर सिनेमा बनाना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है, जो घटक ने हासिल की।
डॉ. हूबनाथ पांडे ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भाषा की बाधा के बावजूद विजुअल माध्यम से घटक के सिनेमा को समझा जा सकता है। उन्होंने फिल्म सोसाइटी की स्थापना की आवश्यकता पर जोर देते हुए मीरा रोड में इसकी शुरुआत का प्रस्ताव रखा।
जाहिद खान ने कहा कि हिंदी पट्टी में ऋत्विक घटक को सीमित रूप से जाना गया है, जबकि वे मृणाल सेन और सत्यजीत राय के समकक्ष एक बड़े फिल्मकार थे। उन्होंने घटक को मूल रूप से नाटककार बताते हुए कहा कि सिनेमा के माध्यम से उन्होंने व्यापक दर्शकों तक अपनी बात पहुंचाई।
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संजय भिसे ने अपने वक्तव्य में कहा कि घटक ने सिनेमा को समाज और इतिहास से जोड़ा और उसे एक वैचारिक माध्यम बनाया। वहीं जयनारायण प्रसाद ने सत्यजीत राय, मृणाल सेन और ऋत्विक घटक के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए उनकी फिल्म मेघे ढाका तारा का विशेष उल्लेख किया।
कार्यक्रम में अजय रोहिल्ला, हरि मृदुल, फरीद खान सहित कई वक्ताओं ने घटक के सिनेमा की दृश्यात्मकता, कथात्मक शक्ति और यथार्थवादी दृष्टिकोण की सराहना की। हृदयेश मयंक ने बताया कि फिल्म सोसाइटी के गठन को लेकर जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम का संचालन रमन मिश्र ने किया, जबकि हरिप्रसाद राय ने सभी का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल सिनेमा प्रेमियों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि मीरा रोड क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
श्रीअष्टजाम महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा के लिए निकली भव्य कलश यात्रा
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
तहसील क्षेत्र के बिजलापार मे दुर्गा मंदिर पर सोमवार से श्रीअष्टजाम महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन शुरू हुआ। इस दिव्य कार्यक्रम के लिए मुख्य यजमान एवं ग्रामीणों ने अखिलेश्वर दास त्यागी के सानिध्य मे एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गयी, यह कलश यात्रा बिजलापर से होते हुए बरहज नगर की मुख्य सड़क से गाजे बाजे ढ़ोल नगाढ़े व जयकारे के साथ सरयू नदी के तट पर पहुंचा, जहाँ पर वैदिक मंत्रोचार के द्वारा कलश मे जल भरा गया। ततपश्चात् उच्च ध्वनि से जयकारा करते हुए भक्तगण बिजलापर स्थित माँ दुर्गा के परिसर मे किये जा रहे श्रीअष्टमजाम महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा के लिए कलश को वैदिक पूजन अर्चन के बाद मंडप मे स्थापित किया गया। महायज्ञ का समापन 15 अप्रैल की शाम को विशाल भंडारे यें महा प्रसाद वितरण के साथ होगा। इस अवसर पर चन्द्रगुप्त यादव, चंद्रजीत यादव, रामा यादव, विजय यादव, केदार यादव, राजेश यादव, नंदू यादव, मुकेश यादव, दिलीप राजभर सहित सैकड़ो भक्तगण उपस्थित रहे।
SDM श्रुति शर्मा को उपार्जित अवकाश, सीमा पांडेय को मिला अतिरिक्त प्रभार
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी (सदर) श्रुति शर्मा को शासन द्वारा 14 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है। उनके अवकाश अवधि के दौरान प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन के लिए नई व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अपर उप जिलाधिकारी (एएसडीएम) सीमा पांडेय को उप जिलाधिकारी (सदर) के समस्त दायित्वों का अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक के रूप में सौंपा गया है। वे अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ अतिरिक्त जिम्मेदारी का भी निर्वहन करेंगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में सभी राजस्व एवं प्रशासनिक कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेंगे और किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
जनहित मुद्दों को लेकर सभासदों ने उठाई आवाज
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर की जनता की समस्याओं को लेकर मनोनीत सभासद गण भाजपा नेता गौरव निषाद और ई. अरुण गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी को पत्र सौंपकर विभिन्न बिंदुओं पर तत्काल सुधार की मांग उठाई है।
पत्र में सभासदों ने नगर पंचायत कार्यालय में सिटीजन चार्टर लगाए जाने की मांग की, जिससे प्रत्येक कार्य की समय-सीमा स्पष्ट हो सके। साथ ही नगर पंचायत की बैठकों में प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने और संभव होने पर बैठकों का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण कराने की भी बात कही।
उन्होंने सुझाव दिया कि जिस वार्ड में कार्य हो रहा हो, वहां सूचना बोर्ड लगाकर योजना, लागत और कार्य से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाए। गर्मियों में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रत्येक वार्ड में साप्ताहिक फॉगिंग कराने की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा बोर्ड बैठकों की तिथि पूर्व निर्धारित कर उसकी सूचना मीडिया को देने, कबीर चौरा क्षेत्र में बने शौचालय को आम जनता के लिए खोलने तथा नगर की खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने की मांग की गई है।
एसडीएम के कार्यक्षेत्र बदले, प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी गति
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर जनपद में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राजस्व सर्किल अफसरों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है। यह परिवर्तन शासकीय कार्यहित, प्रशासनिक आधार तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार ह्रदय राम तिवारी को उपजिलाधिकारी खलीलाबाद, अरुण कुमार को उपजिलाधिकारी मेहदावल तथा रवि कांत चौबे को उपजिलाधिकारी धनघटा के पद पर तैनात किया गया है।
प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
सड़क दुर्घटना मे दो युवक घायलदेवरिया रेफर
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
मईल थाना क्षेत्र अंतर्गत भागलपुर निवासी दो युवक सोमवार को बरेजी पूल के पास सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। स्थानीय लोगो ने आनन फानन मे उन्हें एबुलेन्स की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ डाक्टर ने प्राथमिक ईलाज कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सोमवार को मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर निवासी रवि साहनी 25,पुत्र देव साहनी और प्रिंस साहनी 26, पुत्र प्रभु साहनी अपने दो पहिया वाहन से किसी काम से बरहज थाना क्षेत्र के नौकटोला जा रहे थे कि, अभी वह बरेजी पूल के पास पहुँचे ही थे कि सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस की सहायता व स्थानीय लोगो की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज पहुंचाया गया जहाँ, डॉक्टर ने प्राथमिक ईलाज कर उन्हें महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया।
सुरक्षा के बिना विकास, जनता की जान जोखिम में
खुला नाला बना हादसों का कारण: हनुमान मंदिर चौराहे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी, प्रशासन मौन
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शहर में चल रहे सीसी रोड और नाला निर्माण कार्य ने जहां एक ओर विकास की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने आम जनता की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। विशेष रूप से हनुमान मंदिर चौराहे के पास निर्माणाधीन नाले को खुला छोड़ देने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
निर्माण कार्य के दौरान न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। परिणामस्वरूप राहगीरों, दोपहिया चालकों और स्कूली बच्चों के लिए यह क्षेत्र खतरे का केंद्र बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब रोशनी की कमी के कारण खुला नाला दिखाई नहीं देता और लोग अनजाने में उसमें गिरकर घायल हो जाते हैं।
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हनुमान मंदिर चौराहे पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में निर्माण कार्य के चलते सड़क का संकरा होना और नाले का खुला रहना जाम की समस्या को भी बढ़ा रहा है। कई बार एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी इस जाम में फंस जाते हैं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर “कुंभकर्ण की नींद” सो रहा है और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में कई लोग इस खुले नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं। बावजूद इसके, न तो निर्माण एजेंसी ने कोई सुरक्षा उपाय किए हैं और न ही प्रशासन ने इसकी सुध ली है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
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शहर में विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा प्रदान करना होता है, लेकिन जब यही कार्य लापरवाही के साथ किए जाएं तो वे समस्या का कारण बन जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए, जिसमें बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और रात में प्रकाश की व्यवस्था शामिल है।
जनता की मांग है कि प्रशासन तत्काल इस मामले का संज्ञान ले और निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कब तक नजरअंदाज करता है या फिर जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठाता है।
कुशीनगर: रिटायर्ड सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी आबिद हुसैन खां का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के रामकोला थानाक्षेत्र अंतर्गत सिधावें गांव निवासी सेवानिवृत्त सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी जनाब आबिद हुसैन खां का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका निधन सोमवार को Gorakhpur के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
आबिद हुसैन खां शिक्षा के प्रति अपने समर्पण और जागरूकता अभियान के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत शिक्षक के रूप में Laxmiganj Inter College में की, इसके बाद सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए।
सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका जीवन शिक्षा के प्रति समर्पित रहा। वे पिछले करीब 15 वर्षों से गोरखपुर में किराए के मकान में रहकर अपने बच्चों और पौत्र-पौत्रियों को बेहतर शिक्षा दिलाने में जुटे रहे। उनका सपना था कि उनके परिवार के बच्चे उच्च प्रशासनिक सेवाओं में जाएं।
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उनकी पौत्री तंजीम कौसर ने इस वर्ष पीसीएस परीक्षा के प्री और मेंस चरण को सफलतापूर्वक पार किया और इंटरव्यू में भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम चयन सूची में नाम न आने से परिवार को निराशा हाथ लगी। अपने पौत्र-पौत्रियों को पीसीएस (एसडीएम) बनते देखने की उनकी हसरत अधूरी रह गई।
परिवार के लोगों के अनुसार, यदि यह सपना पूरा होता तो सबसे अधिक खुशी उन्हें ही होती। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है।
उनके अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह, रणविजय सिंह, राजेश प्रताप राव (बंटी भैया), डॉ. सूर्यभान कुशवाहा, डॉ. रामदरश कुशवाहा, बलिराम राव, प्रधान पवन यादव, भगवंत यादव, पूर्व प्रधान राजेंद्र प्रसाद, रमन शाही, शंभू सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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ढाबे पर खाना खा रहे युवक की गोली मारकर हत्या, देवरिया में सनसनी—सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर डिपो के पास एक ढाबे पर खाना खा रहे युवक की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान सोपरी गांव निवासी पप्पू यादव (38) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पप्पू यादव पिछले कई महीनों से परदेस में रहकर मजदूरी करता था और करीब छह माह बाद दो दिन पहले ही अपने घर लौटा था। परिवार के साथ समय बिताने के बाद वह रविवार रात पुनः बाहर जाने के लिए निकला था।
रास्ते में वह बैतालपुर स्थित एक ढाबे पर भोजन करने के लिए रुका। इसी दौरान पहले से उसका पीछा कर रहे तीन युवक वहां पहुंचे और बिना किसी विवाद के उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से ढाबे पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए, जबकि पप्पू यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के पिता ने गांव के ही कुछ युवकों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर हरेराम यादव भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। प्रारंभिक जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इस सनसनीखेज घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग देर रात बाहर निकलने से बच रहे हैं।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
महराजगंज: जवाहर नवोदय विद्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सख्त निर्देश
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के जवाहर नवोदय विद्यालय में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने औचक निरीक्षण कर शैक्षिक एवं व्यवस्थागत गतिविधियों का गहन जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता परखने के लिए छात्र-छात्राओं के साथ बैठकर भोजन भी किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद कर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य, दिनचर्या और विद्यालय की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बच्चों को संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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इसी क्रम में उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि सप्ताह में कम से कम एक दिन स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो सके और जरूरतमंद बच्चों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया। कक्षाओं में पढ़ाई की स्थिति, शिक्षण पद्धति और छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का जायजा लेते हुए उन्होंने बच्चों से सवाल पूछकर उनके ज्ञान स्तर की भी जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, रसोईघर और छात्रावास की स्थिति का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य धीरज कुमार, सौरभ शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
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महराजगंज में अवकाश दिवस पर भी चला फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान, घर-घर पहुंचकर किया गया पंजीकरण
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सदर ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत दरौली ग्राम सभा में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ संचालित किया गया। खास बात यह रही कि अवकाश दिवस होने के बावजूद अधिकारी गांव में मौजूद रहकर किसानों का पंजीकरण कराते रहे, जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
ग्राम विकास अधिकारी अविनाश कुमार श्रीवास्तव, लेखपाल अशोक कुमार तिवारी और पंचायत सहायक सुनील भारती ने गांव में कैंप लगाकर तथा जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर किसानों का पंजीकरण किया। इस दौरान ग्रामीणों को फॉर्मर रजिस्ट्री के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने किसानों को बताया कि फॉर्मर रजिस्ट्री के माध्यम से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। साथ ही भविष्य में कई योजनाओं के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य हो सकता है।
मौके पर ही किसानों के दस्तावेजों की जांच कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर अपना रजिस्ट्रेशन कराया।
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कार्यक्रम में अनिल जायसवाल, सतीश यादव, कैलाश सिंह, किशन, श्यामू, प्रभावती देवी, कुसमावती, वशिष्ठ पांडेय और शेषमणि वर्मा सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि अवकाश के दिन भी गांव में पहुंचकर काम करना उनकी जिम्मेदारी और समर्पण को दर्शाता है।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आगे भी अभियान जारी रखते हुए शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।
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