Tuesday, June 16, 2026
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मालदह उपकेंद्र पर मेगा कैम्प में उपभोक्ताओं की समस्याओं का हुआ समाधान

बलिया (राष्ट्र की परम्परा )

मालदह उपकेंद्र पर शनिवार को आयोजित 33/11 केवी विद्युत मेगा कैम्प में उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया। कैम्प में पहुंचे 16 उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटर, गलत बिजली बिल एवं अन्य तकनीकी समस्याओं को दर्ज कर उनका समाधान कराया गया। विभाग द्वारा सभी शिकायतों को 1912 पोर्टल पर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।कैम्प के दौरान विभागीय कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और मौके पर ही संबंधित शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पूरी की। साथ ही उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की विभिन्न सुविधाओं, ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था तथा निस्तारण प्रक्रिया के बारे में जानकारी देकर जागरूक भी किया गया।इस अवसर पर जूनियर इंजीनियर ने बताया कि मेगा कैम्प का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर त्वरित एवं पारदर्शी समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर एवं बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा रहा है।उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की बिजली संबंधी समस्या होने पर अनावश्यक रूप से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय सीधे उपकेंद्र पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान किया जा सके।

कटहल के पेड़ से शुरू हुआ विवाद बना खूनी संग्राम

घर में घुसकर महिलाओं समेत पूरे परिवार पर टूटा कहर: लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला, युवक आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत जंगल दुधई उर्फ चेंहरी गांव शुक्रवार को उस समय दहल उठा, जब कटहल तोड़ने और जमीन के विवाद ने अचानक खूनी रूप ले लिया। मामूली कहासुनी कुछ ही देर में हिंसक संघर्ष में बदल गई और दबंगों ने कथित तौर पर एक परिवार के घर में घुसकर महिलाओं समेत सभी सदस्यों पर जानलेवा हमला कर दिया। लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और लात-घूसों से की गई इस बेरहमी पिटाई में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
पीड़ित अमेरिका पुत्र राजेन्द्र निवासी जंगल दुधई उर्फ चेंहरी टोला हरैया के अनुसार शुक्रवार शाम करीब चार बजे वह अपनी निजी जमीन से कटहल तोड़कर घर लौट रहे थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर गांव के छब्बू लाल, हीरालाल, संजय, भोला, सोनू, मनोज और वीरेन्द्र समेत कई लोग भड़क गए। कुछ ही देर बाद सभी गोलबंद होकर उनके घर पहुंच गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मामला अचानक हिंसक हो गया।
परिजनों का आरोप है कि दबंगों ने घर में घुसते ही हमला बोल दिया। हमलावर इतने उग्र थे कि उन्होंने महिलाओं को भी नहीं बख्शा। महिलाओं के बाल पकड़कर घसीटा गया और उन्हें लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। घर में मौजूद बच्चे और बुजुर्ग चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन हमलावरों का कहर लगातार जारी रहा।
हमले में मुन्ना पुत्र राजेन्द्र के सिर में गंभीर चोट आई और उनका बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया। वहीं सोहन, त्रिभुवन, श्रीभागवत, रामसूरत, संध्या, अनुराधा, विद्यावती और सुभावती समेत कई अन्य लोग घायल हो गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि मार-पीट के दौरान दबंग लगातार धमकी दे रहे थे कि यदि कटहल वाली जमीन नहीं छोड़ी गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। पीड़ित परिवार ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पूछ-ताछ कर वापस लौट गई। इसके बाद पीड़ितों ने आईटीएम चौकी चेंहरी पर लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।सभी घायलों को सरकारी एम्बुलेंस से जिला संयुक्त चिकित्सालय महराजगंज पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। परिजनों के मुताबिक देर रात मुन्ना की हालत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें लगातार उल्टी और चक्कर आने लगे, जिसके बाद चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर कर दिया। बाद में उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई और मेडिकल परीक्षण में भी लापरवाही बरती गई। पीड़ितों का कहना है कि चौकी प्रभारी ने उन्हें गंभीरता से लेने के बजाय फटकार लगाते हुए यह कहकर भगा दिया कि तुम लोग शराब पीकर झगड़ा करते हो।
इस आरोप के बाद पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक महराजगंज से तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए ग्रामीण किसी बड़ी घटना की आशंका जता रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

नल में उतरे करंट ने छीन ली मां की जिंदगी

मासूम बेटे को शौच कराने के बाद पानी भरने गई थी शमा परवीन, टिल्लू पंप चालू करते ही हुआ दर्दनाक हादसा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पनियरा थाना क्षेत्र के इलाहाबाद गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। घर के पीछे लगे नल पर पानी भरने गई एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा इतना अचानक और भयावह था कि परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। महिला अपने पीछे दो मासूम बच्चों को छोड़ गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
मृतका की पहचान 35 वर्षीय शमा परवीन पत्नी समीर अंसारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे शमा परवीन अपने तीन वर्षीय बेटे अर्सलान को शौच कराने के बाद घर के पीछे लगे नल पर पानी भरने गई थीं। रोज की तरह उन्होंने पानी भरने के लिए टिल्लू पंप का मोटर चालू किया, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सुबह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह साबित होगी।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार मोटर चालू होते ही अचानक नल के पाइप में करंट उतर आया। जैसे ही शमा परवीन ने नल को पकड़ा, वह तेज करंट की चपेट में आ गईं। करंट इतना तेज था कि वह मौके पर ही गंभीर रूप से झुलसकर जमीन पर गिर पड़ीं। आस-पास कोई मौजूद न होने के कारण कुछ देर तक किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी।
कुछ समय बाद जब उनके पति समीर अंसारी बाहर निकले तो पत्नी को नल के पास अचेत अवस्था में पड़ा देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल मोटर का स्विच बंद किया और शोर मचाकर गांव वालों को बुलाया। आनन-फानन में परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा शमा परवीन को निजी वाहन से इलाज के लिए पनियरा ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पति समीर अंसारी, जो पेशे से इलेक्ट्रिक प्लंबर हैं, पत्नी की मौत से पूरी तरह टूट गए हैं। वहीं 10 वर्षीय बेटे अरशद अंसारी और तीन वर्षीय अर्सलान की हालत देख हर किसी की आंखें नम हो जा रही हैं। मासूम बच्चों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उनकी मां हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर चली गई है।
हादसे की खबर मिलते ही मायके पक्ष के लोग भी गांव पहुंच गए। घर में चीख-पुकार और मातम का माहौल बना रहा। गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। परिजन शव को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी में लगे रहे।
ग्रामीणों ने इस हादसे के बाद बिजली उपकरणों और मोटरों की नियमित जांच कराने की जरूरत बताई है। लोगों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो जाती है। गांव में हुई इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।

आम तोड़ने से मना करने पर शिक्षक की जमकर पिटाई

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत कपरवार नौकाटोला निवासी रिटायर्ड शिक्षक, जयप्रकाश श्रीवास्तव के घर में घुसकर पड़ोसियों ने लाठी डंडे से हमला बोल दिया। जिससे शिक्षक को गंभीर चोट आई है। मारपीट के दौरान शिक्षक के पाकेट से दुकान के बिक्री का ढाई हजार रुपया भी छीन ले गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नौकाटोला निवासी जयप्रकाश श्रीवास्तव प्राथमिक विद्यालय से रिटायर्ड शिक्षक है। सड़क के उत्तर तरफ उनका घर व हाता है।हाते में आम के पेड़े पर फल लगा है। और उनके घरके पिछे रहने वाले पड़ोसी चोरी से आम तोड़ रहे थे, जयप्रकाश लाल ने मना किया तो गाली गलौज देने लगे । इसके बाद जयप्रकाश अपने घर के दुकान पर बैठे थे । इसी बीच करीब चार पाँच की संख्या में पुवको ने लाठी डंडा लेकर घर में घुस कर हमला बोल दिये । मारपीट के दौरान दुकान के विक्री का करीब ढाई हमार रुपया भी जयप्रकाश के पाकेट निकाल कर ले लिये । मार पीट के बाद जानमाल की धमकी देते चले गये। घर पर अकेले जयप्रकाश मास्टर व उनकी पत्नी रहती है। घटना की सूचना कपरवार चौकी पर तैनात पुलिस को दिया। सूचना पर हल्का पुलिस मौके पर पहुँच घायल जयप्रकाश को ईलाज कराने के बाद तहरीर लेकर थाने पर बुलाया है। घायल जयप्रकाश का ईलाज चल रहा है। थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया की तहरीर मिली है। मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।

पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने हंसिए से काटा अपना गला

हालत गंभीर: जिला अस्पताल रेफर, श्यामदेउरवां क्षेत्र में मचा हड़कंप

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के श्यामदेंउरवा थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। पत्नी से कहासुनी के बाद एक व्यक्ति ने आवेश में आकर हंसिए से अपना गला काट लिया। गंभीर हालत में घायल व्यक्ति को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल महराजगंज रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार श्यामदेंउरवां गांव निवासी मोहन 45 वर्ष का किसी घरेलू बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। विवाद बढ़ने पर पत्नी शिकायत करने के लिए थाने की ओर चली गई। इसी दौरान गुस्से और तनाव में आए मोहन ने घर में रखा हंसिया उठाकर अपने ही गले पर वार कर लिया।
गले पर वार होते ही मोहन खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना देखकर परिवार के लोग घबरा गए और घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आस-पास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही श्यामदेउरवां पुलिस तत्काल घटना-स्थल पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल भेजा।
घायल को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस के साथ उसके भाई सोहन तथा गांव के चौकीदार प्रहलाद ने भी मदद की। सीएचसी पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल महराजगंज रेफर कर दिया गया।
इस संबंध में थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि पारिवारिक विवाद के दौरान व्यक्ति द्वारा खुद को घायल करने की सूचना मिली थी। मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।

ट्रेन के सामने कूदकर युवक ने दी जान, मझौली राज निवासी बृजेश कुमार के रूप में हुई पहचान

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर रेलवे स्टेशन के दक्षिणी रेलवे फाटक पर शुक्रवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक युवक ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेलवे फाटक बंद था और लोग ट्रेन गुजरने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक साइकिल से वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि युवक ने अपनी साइकिल फाटक के पास छोड़ी और लखनऊ से वाराणसी जा रही कृषक एक्सप्रेस के सामने अचानक छलांग लगा दी। ट्रेन की चपेट में आने से युवक का शरीर दो हिस्सों में बंट गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
सूचना मिलते ही जीआरपी के कांस्टेबल प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे और शव को रेलवे ट्रैक से हटवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कराई। प्रारंभ में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी, जिसके बाद पुलिस पहचान कराने के प्रयास में जुटी रही।
इसी बीच घटना स्थल की तस्वीरें और जानकारी सोशल मीडिया तथा व्हाट्सएप पर वायरल होने लगी। फोटो देखने के बाद मझौली राज निवासी एक व्यक्ति ने मृतक की पहचान वार्ड नंबर 1 हरिजन बस्ती, मझौली राज निवासी बृजेश कुमार पुत्र रमाकांत प्रसाद के रूप में की तथा इसकी सूचना परिजनों को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। शव की स्थिति देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर शोक और चर्चा का माहौल बना रहा।
जीआरपी ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए देवरिया भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

जंगल के बीच सर्राफा कारोबारी पर हमला

बदमाशों ने घेरकर की बेरहमी से पिटाई, सोने- चांदी के जेवरात व बाइक लेकर फरार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के पुंरदरपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार की शाम एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। घर लौट रहे एक सर्राफा कारोबारी को बदमाशों ने सुनसान जंगल मार्ग में रोक कर बेरहमी से पीटा और लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात तथा बाइक लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्ष्मीपुर बाजार निवासी रंजीत सोनी 35 वर्ष ग्राम पंचायत मानिक तालाब के धनहिंया चौराहे पर सोने-चांदी की दुकान संचालित करते हैं। रोजाना की तरह गुरुवार की शाम करीब सात बजे वह दुकान बंद कर अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह मल्हंनी फुलवरिया के समीप जंगल क्षेत्र में पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे चार से पांच बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सभी बदमाश बाइक पर सवार थे और वारदात पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई। बदमाशों ने कारोबारी पर अचानक हमला बोल दिया और डंडों से ताबड़-तोड़ हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले के बाद बदमाश उनके पास मौजूद लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और बाइक लूटकर फरार हो गए।
घटना इतनी तेजी से हुई कि आस-पास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं सके। बदमाशों के भाग जाने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल व्यापारी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख- पुकार मच गई। वहीं क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में भी भय और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आस-पास के लोगों से पूछ-ताछ करने के साथ इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित कर दी गई है।
इस संबंध में चौकी इंचार्ज संजय सिंह ने बताया कि स्वर्ण व्यवसायी के साथ मार-पीट और लूट की सूचना प्राप्त हुई है। व्यापारी द्वारा जेवरात और बाइक लूटने का आरोप लगाया गया है। पुलिस द्वारा सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

रोडवेज बस डिपो में दर्दनाक हादसा: ग्राम न्यायालय निचलौल के वरिष्ठ लिपिक की बस चपेट में आने से मौत

बस पकड़ने पहुंचे थे न्यायालय कर्मी, हादसे के बाद न्यायिक परिवार में शोक की लहर

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज शहर स्थित रोडवेज बस डिपो परिसर में गुरुवार को हुए दर्दनाक हादसे में ग्राम न्यायालय निचलौल से जुड़े वरिष्ठ लिपिक एवं न्यायालय कर्मी मानवेन्द्र मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद डिपो परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि न्यायालय कर्मियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मानवेन्द्र मिश्रा बस पकड़ने के लिए रोडवेज डिपो पहुंचे थे। इसी दौरान डिपो परिसर में खड़ी एक रोडवेज बस अचानक पीछे की ओर बढ़ने लगी। अचानक हुई इस घटना में वह संभल नहीं सके और बस के पिछले पहिए की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों तथा डिपो कर्मचारियों की मदद से गंभीर रूप से घायल मानवेन्द्र मिश्रा को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना-स्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मानवेन्द्र मिश्रा के निधन की खबर मिलते ही न्यायालय परिसर में शोक का माहौल छा गया। अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मचारियों ने इसे न्यायिक परिवार के लिए अपूर्णनीय क्षति बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कर्मचारी एवं परिचित जिला अस्पताल पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते रहे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने रोडवेज बस डिपो की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि डिपो परिसर में वाहनों की आवाजाही अव्यवस्थित ढंग से होती है, जिससे यात्रियों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। उन्होंने डिपो प्रशासन से स्पष्ट पार्किंग व्यवस्था, वाहनों की नियंत्रित आवाजाही, चेतावनी संकेतक बोर्ड तथा सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया तो भविष्य में भी इस तरह के दर्दनाक हादसे दोहराए जा सकते हैं। फिलहाल इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।

विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के पिपरा जटामपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बाल-अनुकूल कानूनी सेवाओं के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकारण कुशीनगर के तत्वाधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। संजीव कुमार त्यागी जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के कुशल मार्गदर्शन और भुवन जज सीनियर डिवीज़न/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के कुशल नेतृव में बाल-अनुकूल कानूनी सेवाओं पर जन जागरूकता के लिए जिले में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया रहा है।
शिविर में जानकारी देते हुए रामवृक्ष गिरि ने कहा कि यह राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं एक ऐसी योजना है जो न केवल कानूनी सहायता देती है, बल्कि बच्चों के पुनर्वास, अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान केंद्रित करती है।
यह भारत में बच्चों को कानूनी सहायता प्रदान करने की एक विशेष पहल करता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों सहित सभी बच्चों को कानूनी मामलों में निःशुल्क और सक्षम कानूनी सहायता देना, फ्री वकील प्रदान करना, कानूनी कार्यवाही को बच्चों के लिए कम तनावपूर्ण और समझ में आने वाली बनाना। पैनल के वकीलों को बच्चों के साथ व्यवहार करने और उनकी जरूरतों को समझने के लिए विशेष प्रशिक्षण देना और उन बच्चों की पहचान करना और उन्हें सहायता देना जो सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हैं। सबनम फातिमा न्याय मित्र कहीं कि इसमें लाभार्थी सभी बच्चे, जिन्हें किसी कानूनी मामले में मदद की आवश्यकता है, दिव्यांग बच्चे, तस्करी, यौन शोषण या किसी भी प्रकार के अत्याचार के शिकार बच्चे हो सकते हैँ। कार्यक्रम में न्याय मित्र मुस्तफा, अंसारी, पवन कुमार, अध्यापिका माया जायसवाल और बच्चों ने बाल अधिकार पर अपना विचार रखे। देवेंद्र मिश्रा प्रधान अध्यापक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और श्रमिक सुविधा केंद्र को योजना कि जानकारी देने के लिए धन्यबाद देते हुए उपस्थित बच्चे, अभिभावक और अध्यापकों को बाल अनुकूल ब्यवस्था बनाने में सहयोग और जागरूकता के विस्तार के लिये अपील किये।
इस अवसर पर अनिल पटेल, प्रमोद कुमार शुक्ल, प्रीति गोंड, दुर्गेश चंद्र गुप्ता, कुमुद सिंह आदि अध्यापक, अभिभावक, श्रमिक सुविधा केंद्र के साथी और बच्चे उपस्थित रहे।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार

एसपी के निर्देशन में अपराधियों पर लगातार कसा जा रहा शिकंजा

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना भिटौली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ एवं क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में थाना भिटौली पुलिस ने दुष्कर्म एवं धमकी के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान योगी अजय नाथ यादव पुत्र इज़लाश यादव निवासी ग्राम विशुनपुरा, थाना भिटौली, जनपद महराजगंज के रूप में हुई है। अभियुक्त की उम्र लगभग 35 वर्ष बताई जा रही है। उसके विरुद्ध थाना भिटौली में मु.अ.सं. 092/2026 के तहत धारा 69, 352 एवं 351(3) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप है कि अभियुक्त ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब पीड़िता ने विवाह करने का दबाव बनाया तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार अभियुक्त की तलाश में जुटी हुई थी।
थाना भिटौली पुलिस टीम ने गुरुवार को प्रभावी कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय महराजगंज के समक्ष प्रस्तुत किया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके विरुद्ध वर्ष 2021 में थाना श्यामदेंउरवा में दुष्कर्म, गाली-गलौज, धमकी एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है।
अभियुक्त की गिरफ्तारी में उ.नि. प्रवीन कुमार सिंह, कांस्टेबल गोविंद गुप्ता एवं कांस्टेबल अंशुम यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस की बड़ी सफलता:सर्विलांस सेल ने 101 खोए मोबाइल बरामद कर लौटाई लोगों की मुस्काननहीं

30 लाख रुपये के स्मार्टफोन मालिकों को किए सुपुर्द, तकनीक आधारित पुलिसिंग का दिखा असर

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज पुलिस ने एक बार फिर उत्कृष्ट कार्य कुशलता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल नेतृत्व में सर्विलांस सेल द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में कुल 101 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिया गया। बरामद किए गए मोबाइल फोनों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पोर्टल तथा आधुनिक तकनीकी संसाधनों की सहायता से सर्विलांस टीम ने नंबर ट्रैकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए विभिन्न कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन खोज निकाले।
गुरुवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी संबंधित मोबाइल स्वामियों को बुलाकर वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद उनके मोबाइल फोन सुपुर्द किए गए। लंबे समय बाद अपना खोया मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने महराजगंज पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल सकेगा, लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी प्रयासों ने उनकी उम्मीद को हकीकत में बदल दिया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि जनता की छोटी से छोटी समस्या का त्वरित समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में तकनीक आधारित पुलिसिंग बेहद आवश्यक हो गई है और पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म नागरिकों की खोई हुई संपत्ति को सुरक्षित वापस दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाने अथवा सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश मोबाइल भीड़-भाड़ वाले बाजारों, सब्जी मंडियों और साप्ताहिक बाजारों में खरीदारी के दौरान गिर गए थे। कई मोबाइल यात्रा के दौरान ऑटो, टैक्सी, बस और ट्रेन में छूट गए, जबकि कुछ मोबाइल बाइक चलाते समय ढीली जेब से गिर गए। इसके अलावा शादी समारोहों, बारातों, सार्वजनिक कार्यक्रमों, पार्कों और धार्मिक स्थलों पर भी बड़ी संख्या में मोबाइल गुम हुए। बच्चों द्वारा गेम खेलने के दौरान मोबाइल कहीं छोड़ देना तथा नशे की हालत में मोबाइल खो देना भी प्रमुख कारणों में शामिल रहा।
मोबाइल बरामदगी अभियान में सर्विलांस सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में का.ग्रेड-बी सुशील सिंह, का. ग्रेड-बी शिवानन्द पासवान, मुख्य आरक्षी राजकुमार राजभर, मुख्य आरक्षी आलोक पाण्डेय, आरक्षी सुधीर कुमार यादव, आरक्षी सूरज गुप्ता एवं आरक्षी नीरज कुमार गोंड़ शामिल रहे। जनपद पुलिस की इस उपलब्धि को आमजन के बीच भरोसा बढ़ाने वाली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय में 1192 पेड़ों की कटाई पर सवाल

छात्रावास भोजन को लेकर भी उठा मुद्दा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में 1192 पेड़ों की कटाई को लेकर नियमों और प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कुलपति से जवाब मांगा।
आदित्य शुक्ला ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने पूछा कि आखिर किस नियम के तहत इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई और वन विभाग ने किन परिस्थितियों में इसकी स्वीकृति प्रदान की।
प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि नीलामी प्रक्रिया के तहत 1192 वृक्षों के कटान की अनुमति दी गई है। शुक्ला ने इसे विश्वविद्यालय को “वृक्ष विहीन” करने की साजिश बताते हुए कहा कि अब तक काटे गए पेड़ों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए और शेष कटान पर तत्काल रोक लगाई जाए।
इस दौरान उन्होंने महिला छात्रावास की मेस व्यवस्था को लेकर भी गंभीर मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि छात्राओं को परोसे जा रहे भोजन में कीड़े-मकोड़े निकल रहे हैं, जिससे कई छात्राओं की तबीयत खराब हुई है। शिकायतों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
एनएसयूआई ने अपनी मांगों में पेड़ों की कटाई पर रोक, पूरे प्रकरण की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने, छात्रावास मेस की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कुलपति से दोनों मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई छात्रहित में आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी कि

संविलियन विद्यालय में स्व-गणना को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जैतीपुर गढ़िया रंगीन जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर 14 मई को जनपद के सभी विद्यालयों में स्व-गणना अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में संविलियन विद्यालय गढ़िया रंगीन में भी लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में कस्बे के लोगों को विद्यालय में बैठाकर बताया गया कि वे अपने-अपने स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे आसानी से स्व-गणना कर सकते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमपाल सिंह ने उपस्थित लोगों को स्व-गणना की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और इसे शासन की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए सभी से भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सही जानकारी दर्ज करना बेहद आवश्यक है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक बेहतर ढंग से पहुंच सके।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, शिक्षक, आशा बहुएं तथा अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।

बीएड प्रथम वर्ष परीक्षा में नकल करते पकड़े गए दर्जनों परीक्षार्थी, हस्ताक्षर-मोहर को लेकर छात्रों में आक्रोश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की बीएड प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षा सोमवार से शुरू हुई। जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर नकल के कई मामले सामने आए, जहां दर्जनों परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़े गए।
मिली जानकारी के अनुसार खलीलाबाद स्थित प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर कालेज कोड 411 के 11, कालेज कोड 437 के 8 तथा कालेज कोड 458 के 8 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। परीक्षा केंद्र प्रशासन द्वारा सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
वहीं मगहर स्थित परीक्षा केंद्र संत कबीर विद्यापीठ पीजी कॉलेज में बीएड प्रथम वर्ष के परीक्षार्थियों से प्रवेश पत्र पर कॉलेज प्रिंसिपल के हस्ताक्षर एवं मोहर कराने का दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई छात्रों को 9 से 10 किलोमीटर दूर अपने कॉलेज जाकर हस्ताक्षर और मोहर करानी पड़ी, जबकि कुछ छात्रों को चेतावनी देकर परीक्षा में शामिल होने दिया गया।
छात्रों का कहना है कि समर्थ पोर्टल से डाउनलोड किए गए प्रवेश पत्र पर प्रिंसिपल के हस्ताक्षर एवं मोहर के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। इसके बावजूद परीक्षा केंद्र द्वारा अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। छात्रों और अभिभावकों ने इसे अव्यवहारिक बताते हुए नाराजगी जताई है।
अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा के दौरान इस प्रकार के अतिरिक्त दबाव से छात्रों की मानसिक स्थिति प्रभावित होती है। मामले को लेकर छात्रों में रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है।

सुथनी प्लांट का नगर आयुक्त अजय जैन ने किया निरीक्षण

कार्यप्रणाली पर दिए अहम निर्देश

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
नगर आयुक्त अजय जैन ने ग्राम सुथनी में निर्माणाधीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि NTPC प्लांट को हर हाल में 25 मई से प्रारंभ किया जाए, ताकि कचरा निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिल सके। उन्होंने प्लांट से निकलने वाले इनर्ट के वैज्ञानिक निस्तारण हेतु कंपोस्टिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही एमएसडब्ल्यू (MSW) पिट के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि एमएसडब्ल्यू प्रोसेसिंग यूनिट के संचालन में किसी प्रकार की बाधा आने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए, जिससे कचरा प्रबंधन प्रभावित न हो। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगाए गए पौधों के समुचित रखरखाव और सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त नगर आयुक्त अजय जैन ने सुथनी में बन रहे विभिन्न प्रकार के ब्लॉक एवं अन्य वेस्ट प्रोसेसिंग इकाइयों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के लिए मुख्य अभियंता को निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान जीडीए वीसी अभिनव गोपाल, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता तथा एनटीपीसी के अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।