कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के पिपरा जटामपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बाल-अनुकूल कानूनी सेवाओं के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकारण कुशीनगर के तत्वाधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। संजीव कुमार त्यागी जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के कुशल मार्गदर्शन और भुवन जज सीनियर डिवीज़न/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के कुशल नेतृव में बाल-अनुकूल कानूनी सेवाओं पर जन जागरूकता के लिए जिले में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया रहा है।
शिविर में जानकारी देते हुए रामवृक्ष गिरि ने कहा कि यह राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं एक ऐसी योजना है जो न केवल कानूनी सहायता देती है, बल्कि बच्चों के पुनर्वास, अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान केंद्रित करती है।
यह भारत में बच्चों को कानूनी सहायता प्रदान करने की एक विशेष पहल करता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों सहित सभी बच्चों को कानूनी मामलों में निःशुल्क और सक्षम कानूनी सहायता देना, फ्री वकील प्रदान करना, कानूनी कार्यवाही को बच्चों के लिए कम तनावपूर्ण और समझ में आने वाली बनाना। पैनल के वकीलों को बच्चों के साथ व्यवहार करने और उनकी जरूरतों को समझने के लिए विशेष प्रशिक्षण देना और उन बच्चों की पहचान करना और उन्हें सहायता देना जो सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हैं। सबनम फातिमा न्याय मित्र कहीं कि इसमें लाभार्थी सभी बच्चे, जिन्हें किसी कानूनी मामले में मदद की आवश्यकता है, दिव्यांग बच्चे, तस्करी, यौन शोषण या किसी भी प्रकार के अत्याचार के शिकार बच्चे हो सकते हैँ। कार्यक्रम में न्याय मित्र मुस्तफा, अंसारी, पवन कुमार, अध्यापिका माया जायसवाल और बच्चों ने बाल अधिकार पर अपना विचार रखे। देवेंद्र मिश्रा प्रधान अध्यापक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और श्रमिक सुविधा केंद्र को योजना कि जानकारी देने के लिए धन्यबाद देते हुए उपस्थित बच्चे, अभिभावक और अध्यापकों को बाल अनुकूल ब्यवस्था बनाने में सहयोग और जागरूकता के विस्तार के लिये अपील किये।
इस अवसर पर अनिल पटेल, प्रमोद कुमार शुक्ल, प्रीति गोंड, दुर्गेश चंद्र गुप्ता, कुमुद सिंह आदि अध्यापक, अभिभावक, श्रमिक सुविधा केंद्र के साथी और बच्चे उपस्थित रहे।
