बस पकड़ने पहुंचे थे न्यायालय कर्मी, हादसे के बाद न्यायिक परिवार में शोक की लहर
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज शहर स्थित रोडवेज बस डिपो परिसर में गुरुवार को हुए दर्दनाक हादसे में ग्राम न्यायालय निचलौल से जुड़े वरिष्ठ लिपिक एवं न्यायालय कर्मी मानवेन्द्र मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद डिपो परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि न्यायालय कर्मियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मानवेन्द्र मिश्रा बस पकड़ने के लिए रोडवेज डिपो पहुंचे थे। इसी दौरान डिपो परिसर में खड़ी एक रोडवेज बस अचानक पीछे की ओर बढ़ने लगी। अचानक हुई इस घटना में वह संभल नहीं सके और बस के पिछले पहिए की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों तथा डिपो कर्मचारियों की मदद से गंभीर रूप से घायल मानवेन्द्र मिश्रा को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना-स्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मानवेन्द्र मिश्रा के निधन की खबर मिलते ही न्यायालय परिसर में शोक का माहौल छा गया। अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मचारियों ने इसे न्यायिक परिवार के लिए अपूर्णनीय क्षति बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कर्मचारी एवं परिचित जिला अस्पताल पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते रहे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने रोडवेज बस डिपो की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि डिपो परिसर में वाहनों की आवाजाही अव्यवस्थित ढंग से होती है, जिससे यात्रियों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। उन्होंने डिपो प्रशासन से स्पष्ट पार्किंग व्यवस्था, वाहनों की नियंत्रित आवाजाही, चेतावनी संकेतक बोर्ड तथा सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया तो भविष्य में भी इस तरह के दर्दनाक हादसे दोहराए जा सकते हैं। फिलहाल इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।
