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देवरिया – गौरीबाजार। (राष्ट्र की परम्परा) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत रामलक्षन क्षेत्र में संचालित लक्ष्य प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ (CLF) में वित्तीय अनियमितताओं और धन के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। नई कार्यकारिणी से जुड़ी महिलाओं ने पूर्व पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी देवरिया को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में स्थानीय विधायक जय प्रकाश निषाद की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

महिलाओं के अनुसार वर्ष 2018 में 25 ग्राम पंचायतों को जोड़कर लक्ष्य प्रेरणा CLF का गठन किया गया था। उस समय सर्वसम्मति से दुलारी, सीमा और उषा को पदाधिकारी चुना गया था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि ग्राम पंचायतों से जुड़े विकास एवं महिला समूहों के कार्यों के लिए मिशन के माध्यम से करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि आई थी।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व पदाधिकारियों ने कथित तौर पर स्थानीय विधायक के आवास पर बैठकें कराकर धनराशि के इस्तेमाल से जुड़े फैसले लिए और समूहों की रकम को नियमों के विपरीत खर्च किया। महिलाओं का कहना है कि यदि इतनी बड़ी धनराशि महिला समूहों और ग्रामीण विकास के लिए उपलब्ध कराई गई थी तो उसका अपेक्षित लाभ जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दिया।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक वर्ष 2018 से 2025 के बीच कई बार चुनाव कराने के लिए मिशन की ओर से पत्र जारी किए गए, लेकिन आरोप है कि पुराने पदाधिकारी चुनाव प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने देते थे। अगस्त 2025 में किसी तरह नई कार्यकारिणी का चुनाव कराया गया। इसके बाद भी नई समिति को CLF का बैंक खाता, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराए जाने का आरोप लगाया गया है।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया है कि पुरानी व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों द्वारा नई कार्यकारिणी को काम नहीं करने दिया जा रहा है और CLF से संबंधित धनराशि के संचालन में अनियमितता जारी है। शिकायत में गहिला शिवा, सपना, बनिनी, गंगा, सेखुई, धर्मवीर, प्रगति, लक्ष्मीपुर, सम्मल, सरहसवह, सुमुदा, कमल और झांसी की रानी समेत कई ग्राम संगठनों का उल्लेख किया गया है।
ज्ञापन में कुछ पूर्व पदाधिकारियों और महिलाओं पर कथित तौर पर दबाव बनाकर धनराशि निकलवाने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह पैसा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी गरीब महिलाओं के विकास और आजीविका से संबंधित गतिविधियों के लिए है।
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि चुनाव के बाद विवाद लगातार बढ़ता गया और ब्लॉक, जिला, थाना तथा तहसील स्तर पर विरोध-प्रदर्शन एवं नारेबाजी के कारण CLF का काम प्रभावित हो रहा है। महिलाओं का कहना है कि विवाद का सीधा असर उन समूहों पर पड़ रहा है, जिनके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की योजना संचालित की जाती है।
सबसे गंभीर शिकायत मिशन से जुड़े कैडर के मानदेय को लेकर है। महिलाओं का दावा है कि समूह सखी, कृषि पशु सखी, स्वास्थ्य सखी और बैंक सखी के रूप में कार्य करने वाली महिलाओं को वर्ष 2023 से 2025 तक का मानदेय नहीं मिला है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार भुगतान की मांग करने पर उन्हें कथित तौर पर कार्रवाई और जेल भेजने की धमकी तक दी गई।
महिलाओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि CLF के बैंक खातों, लेन-देन, दस्तावेजों और धनराशि के उपयोग की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही नई कार्यकारिणी को खाते एवं अभिलेख सौंपने, लंबित मानदेय का भुगतान कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित विधायक, पूर्व पदाधिकारियों अथवा अन्य आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।