मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग,चालानी रिपोर्ट निरस्त करने की उठी आवाज
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। परसा मलिक थाना क्षेत्र के जिगिना गांव में भैंसा पशु की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रविवार को सैकड़ों ग्रामीण गंगापुर चौराहे पर धरने पर बैठ गए। शिवेंद्र यादव के नेतृत्व में जुटे ग्रामीणों ने पुलिस पर मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रखा जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार जून में एक भैंसा पशु की मौत हुई थी। उनका आरोप है कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पशु को गायब कर दिया गया। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर 19 जून को परसा मलिक थाने में तहरीर दी गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और न ही मामले की प्रभावी जांच सामने आई है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वास्तविक आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष से जुड़े लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पुलिस की ओर से तैयार की गई चालानी रिपोर्ट में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल कर दिए गए, जो लंबे समय से विदेश में रह रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि किसी मामले में शिकायतकर्ता और पीड़ित पक्ष ही कार्रवाई की जिद में आ जाएं तो निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की मांग की। धरना दे रहे ग्रामीणों ने चालानी रिपोर्ट निरस्त करने, 19 जून को दी गई तहरीर के आधार पर पशु क्रूरताअधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने तथा थाना पुलिस की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच होने तक वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो शांतिपूर्ण धरना अनिश्चितकालीन आंदोलन में तब्दील किया जाएगा। धरने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहें।
