प्लास्टिक के डिब्बों में खाना रखना पड़ सकता है भारी! गर्म भोजन से लेकर खट्टे और तैलीय खाने तक, इस्तेमाल से पहले जान लें ये जरूरी बातें

(स्वास्थ्य डेस्क | राष्ट्र की परम्परा के लिए डॉ गिरजेश मिश्र रिपोर्ट)
देवरिया। रसोई में प्लास्टिक के डिब्बों का इस्तेमाल आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। दाल, चावल, आटा और मसालों जैसे सूखे खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने से लेकर फ्रिज में बचा हुआ भोजन रखने तक प्लास्टिक कंटेनर बेहद सुविधाजनक माने जाते हैं। लेकिन सुविधा के साथ सावधानी भी जरूरी है। हर प्लास्टिक कंटेनर हर प्रकार के भोजन और हर तापमान के लिए उपयुक्त नहीं होता।
खासकर गर्म भोजन को प्लास्टिक के डिब्बे में रखने, माइक्रोवेव में खाना गर्म करने अथवा लंबे समय तक खट्टे और तैलीय खाद्य पदार्थों को स्टोर करने के मामले में कंटेनर की गुणवत्ता और उसके इस्तेमाल संबंधी निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए।
डॉ. गिरजेश मिश्र के अनुसार, प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि किस कंटेनर का इस्तेमाल किस प्रकार के भोजन के लिए किया जा सकता है। तापमान, भोजन की प्रकृति और स्टोरेज की अवधि जैसी चीजें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
गर्म खाना प्लास्टिक में रखने से पहले सोचें
सबसे ज्यादा सावधानी गर्म भोजन के मामले में बरतनी चाहिए। प्रत्येक प्लास्टिक कंटेनर को गर्म भोजन रखने या माइक्रोवेव में इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन नहीं किया जाता।
यदि किसी कंटेनर पर माइक्रोवेव-सेफ होने की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, तो उसमें खाना गर्म करने से बचना बेहतर है। अधिक तापमान की स्थिति में कुछ परिस्थितियों में कंटेनर से रासायनिक पदार्थों के भोजन में माइग्रेशन की संभावना बढ़ सकती है।
इसलिए गर्म भोजन रखने या माइक्रोवेव में गर्म करने से पहले कंटेनर पर दिए गए निर्देशों को जरूर पढ़ें।
खट्टे और मसालेदार भोजन में भी सावधानी
नींबू, टमाटर, इमली और सिरके जैसी चीजों से बने खाद्य पदार्थ अपेक्षाकृत एसिडिक होते हैं। ऐसे भोजन को लंबे समय तक किसी सामान्य प्लास्टिक कंटेनर में रखने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह कंटेनर उस प्रकार के खाद्य पदार्थों के संपर्क के लिए उपयुक्त है या नहीं।
सिर्फ यह मान लेना कि प्लास्टिक का कोई भी डिब्बा हर तरह के भोजन के लिए सुरक्षित है, सही तरीका नहीं है।
तेल और घी वाले भोजन के लिए सही कंटेनर चुनें
अचार, सब्जी, ग्रेवी, घी या अधिक तेल वाले खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए भी कंटेनर का चुनाव सावधानी से करना चाहिए।
यदि प्लास्टिक कंटेनर निर्माता की ओर से तैलीय खाद्य पदार्थों के लिए उपयुक्त नहीं बताया गया है, तो ऐसे भोजन के लिए कांच या स्टेनलेस स्टील के कंटेनर को प्राथमिकता दी जा सकती है।
कच्चे मांस और चिकन में सबसे जरूरी है फूड सेफ्टी
कच्चे मांस और चिकन के मामले में केवल प्लास्टिक की चिंता करना पर्याप्त नहीं है। यहां सबसे महत्वपूर्ण विषय फूड सेफ्टी और क्रॉस-कंटैमिनेशन है।
कच्चे मांस और पोल्ट्री में साल्मोनेला तथा ई-कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। यदि कंटेनर ठीक से बंद नहीं है या उसमें से तरल पदार्थ बाहर निकल रहा है, तो बैक्टीरिया दूसरे खाद्य पदार्थों तक पहुंच सकते हैं।
इसलिए कच्चे मांस और चिकन को हमेशा साफ, अच्छी तरह बंद और लीक-प्रूफ कंटेनर में रखें तथा उसे जल्द से जल्द रेफ्रिजरेटर में स्टोर करें। कच्चे और पके हुए भोजन के लिए अलग-अलग बर्तनों का इस्तेमाल करना भी बेहतर खाद्य-सुरक्षा अभ्यास है।
BPA-Free लिखे होने का मतलब हर स्थिति में सुरक्षित होना नहीं
कई प्लास्टिक कंटेनरों पर BPA-Free लिखा होता है। यह एक उपयोगी जानकारी हो सकती है, लेकिन केवल BPA-Free लिखा होना यह साबित नहीं करता कि कंटेनर हर तरह के भोजन, हर तापमान और हर परिस्थिति में इस्तेमाल के लिए उपयुक्त है।
इसलिए कंटेनर के लेबल पर माइक्रोवेव, फ्रीजर, गर्म भोजन या खाद्य-संपर्क से संबंधित निर्देशों को भी जरूर देखें।
प्लास्टिक कंटेनर इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- कंटेनर के निर्देश पढ़ें: देखें कि कंटेनर माइक्रोवेव, फ्रीजर या गर्म भोजन के लिए उपयुक्त है या नहीं।
- गर्म खाना सीधे सामान्य प्लास्टिक में न रखें: यदि कंटेनर गर्म भोजन के लिए प्रमाणित नहीं है, तो कांच या स्टेनलेस स्टील बेहतर विकल्प हो सकता है।
- लंबे समय तक स्टोरेज में सावधानी बरतें: खासकर खट्टे, तैलीय या अत्यधिक मसालेदार भोजन के मामले में उपयुक्त कंटेनर चुनें।
- पुराने और क्षतिग्रस्त कंटेनर बदलें: जिन डिब्बों में दरार, गहरी खरोंच, विकृति या अत्यधिक घिसावट दिखाई दे, उन्हें बदल देना बेहतर है।
- कच्चे मांस के लिए लीक-प्रूफ कंटेनर इस्तेमाल करें: इससे दूसरे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया पहुंचने का जोखिम कम किया जा सकता है।
- माइक्रोवेव में केवल उपयुक्त कंटेनर इस्तेमाल करें: केवल प्लास्टिक होने के कारण उसे माइक्रोवेव में इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं मानना चाहिए।
- जरूरत के अनुसार कांच या स्टील चुनें: गर्म भोजन, लंबे समय तक स्टोरेज या विशेष प्रकार के खाद्य पदार्थों के लिए कांच और स्टेनलेस स्टील व्यावहारिक विकल्प हो सकते हैं।
प्लास्टिक से पूरी तरह दूरी नहीं, सही इस्तेमाल जरूरी
डॉ. गिरजेश मिश्र के अनुसार, प्लास्टिक कंटेनरों को लेकर अनावश्यक डर पैदा करने के बजाय उनके सही इस्तेमाल पर ध्यान देना चाहिए। हर प्लास्टिक कंटेनर एक जैसा नहीं होता और उसका सुरक्षित इस्तेमाल उसके निर्माण, सामग्री, तापमान सहने की क्षमता और निर्माता के निर्देशों पर निर्भर करता है।
स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे जरूरी बात यह है कि गर्म भोजन को किसी भी सामान्य प्लास्टिक डिब्बे में रखने या गर्म करने की आदत न बनाएं। कंटेनर के निर्देशों को पढ़ें, भोजन के प्रकार के अनुसार सही सामग्री का चुनाव करें और लंबे समय तक स्टोरेज के लिए जरूरत के अनुसार कांच या स्टेनलेस स्टील जैसे विकल्प अपनाएं।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं खाद्य-सुरक्षा जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या व्यक्तिगत जोखिम के संबंध में चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।
