
30 वर्षों की राजनीति पर उठाए सवाल, बंद कपड़ा मिलों के पुनरुद्धार, बुनकरों के रोजगार और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर घेरा
अमित त्रिपाठी
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के पूर्व अध्यक्ष शक्ति सिंह ने मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी और उनके परिवार की तीन दशक की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए सात बिंदुओं का आरोप-पत्र जारी किया है। उन्होंने मऊ के औद्योगिक विकास, बुनकरों की बदहाली, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यापारियों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए विधायक से जवाब मांगा।शक्ति सिंह ने कहा कि मऊ की पहचान कभी हथकरघों की खटखटाहट, बुनकरों के हुनर और कपड़ा उद्योग से होती थी, लेकिन आज यहां के औद्योगिक विकास और रोजगार के सवाल पीछे छूट गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी निभाने के बजाय विधायक और उनका परिवार अदालती मुकदमों तथा कानूनी विवादों में उलझा रहा, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ा।
बंद मिलों और बुनकरों के रोजगार का उठाया मुद्दा
शक्ति सिंह ने परदहां और स्वदेशी कॉटन मिलों के बंद होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इनके पुनरुद्धार और प्रभावित बुनकरों एवं मजदूरों के पुनर्वास के लिए प्रभावी पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मऊ के औद्योगिक ढांचे को हुए नुकसान पर भी लंबे समय तक अपेक्षित आवाज नहीं उठाई गई। उन्होंने सवाल किया कि जब काशी में ट्रेड सेंटर और भदोही में कारपेट मार्ट जैसी परियोजनाएं विकसित की गईं, तो मऊ में आधुनिक टेक्सटाइल हब और सरकारी यार्न बैंक की स्थापना के लिए प्रस्ताव क्यों नहीं रखा गया।
व्यापारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल
उन्होंने मऊ में व्यापारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय तक भय और रंगदारी के माहौल के कारण यहां अनुकूल व्यापारिक वातावरण विकसित नहीं हो सका। उनका कहना था कि व्यापारियों को ऐसा सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी भय के निवेश कर सकें और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दे सकें।स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल वैन और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने विधायक की क्षेत्र में सक्रियता और प्रशासन के साथ समन्वय पर भी सवाल खड़े किए।
जनता की समस्याओं और मऊ की पहचान का मुद्दा उठाया
शक्ति सिंह ने राशन, पेंशन और विभिन्न सरकारी प्रमाणपत्रों के लिए आम लोगों को होने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि की उपलब्धता मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की अनुपस्थिति से क्षेत्र के लोगों को निराशा का सामना करना पड़ा।उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि मऊ को उद्योग, रोजगार और व्यापार के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए, न कि उसकी पहचान केवल आपराधिक मामलों, मुकदमों और पारिवारिक विवादों तक सीमित रहनी चाहिए।अंत में शक्ति सिंह ने कहा कि मऊ अब जेल और बेल की राजनीति से आगे बढ़कर विकास और स्वाभिमान की राह पर चलेगा। उन्होंने 30 वर्षों की कथित उपेक्षा और भय के माहौल को समाप्त कर मऊ का खोया औद्योगिक गौरव लौटाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि इस बार मऊ की जनता अपने स्वाभिमान और विकास के भविष्य का फैसला करेगी।
