राम मंदिर में उपराष्ट्रपति करेंगे दर्शन

30 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी; रामलला की आरती में शामिल होंगे योगी

अयोध्या (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या एक बार फिर आस्था, अध्यात्म और अद्भुत रोशनी के महासंगम की साक्षी बनने जा रही है। दसवें दीपोत्सव का आगाज शनिवार को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर श्रीराम मंदिर परिसर से होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे। दीपोत्सव को लेकर पूरी रामनगरी में उत्सव जैसा माहौल है। मंदिरों से लेकर प्रमुख मार्गों तक सजावट और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

इस बार दीपोत्सव केवल दीपों की रोशनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम भी देखने को मिलेगा। राम मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि और कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका भी अयोध्या पहुंच चुके हैं। राम मंदिर में हनुमान जयंती का विशेष आयोजन गोधूलि बेला में किया जाएगा।

30 लाख दीपों से बनेगा रोशनी का नया इतिहास
दसवें दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण राम की पैड़ी पर प्रस्तावित 30 लाख दीपों का प्रज्ज्वलन होगा। सरयू तट पर जब लाखों दीप एक साथ जगमगाएंगे तो रामनगरी का दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय बन जाएगा। दीपों की सुनहरी आभा के बीच अयोध्या की आध्यात्मिक पहचान पूरी दुनिया के सामने एक बार फिर निखरेगी।

वहीं, इस बार तकनीक भी रामायण की कथा को जीवंत करेगी। धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभ लगाए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर स्थापित होने वाले ये स्तंभ करीब 12-12 फीट ऊंचे होंगे। इनके माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को डिजिटल लाइट शो के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। इससे अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से त्रेतायुग की कथाओं का अनुभव कराने की तैयारी है।

रंगोलियों से सजेगा मुख्यमंत्री के स्वागत का मार्ग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर भी तैयारियां तेज हैं। रामकथा पार्क की ओर जाने वाले मार्ग को आकर्षक रंगोलियों से सजाया जा रहा है। सड़क पर कमल के फूल, मंगल कलश, स्वस्तिक और पारंपरिक दीपों की मनमोहक आकृतियां उकेरी जा रही हैं। यही रास्ता मुख्यमंत्री को मुख्य आयोजन स्थल तक ले जाएगा। सजावट में भारतीय परंपरा, संस्कृति और धार्मिक प्रतीकों की झलक साफ दिखाई दे रही है।

एक साथ होगी रामलला की आरती, खास होगा पल
दीपोत्सव के अवसर पर शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ श्रीरामलला की आरती करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आरती अपराह्न 2:30 बजे से 3 बजे के बीच होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि उपराष्ट्रपति का स्वागत करेंगे।

कुल मिलाकर अयोध्या का दसवां दीपोत्सव आस्था, भव्यता, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम बनने जा रहा है। लाखों दीपों की लौ, रामायण के डिजिटल दृश्य और रामलला की आरती का दिव्य अवसर इस आयोजन को खास बनाएगा। अब पूरी दुनिया की निगाहें रामनगरी पर टिकी हैं, जहां दीपों की रोशनी के साथ भगवान श्रीराम की नगरी एक बार फिर वैश्विक सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है।