सरकारी धन का हुआ अपव्यय, चौराहों पर अव्यवस्था के लिए पीडब्ल्यूडी जिम्मेदार – इंद्र विक्रम सिंह
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की व्यवस्था सड़क चौड़ीकरण के कार्यों के चलते प्रभावित होने तथा निकाले गए उपकरणों को दोबारा स्थापित नहीं किए जाने पर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। मंडलायुक्त सभागार में नगर निगम की शिकायत पर आयोजित बैठक में उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी धन से स्थापित की गई महत्वपूर्ण व्यवस्था को बिना किसी वैकल्पिक इंतजाम के प्रभावित करना और सड़क चौड़ीकरण के बाद उपकरणों को पुनः स्थापित नहीं करना सरकारी धन का अपव्यय है। इससे शहर में अव्यवस्था भी उत्पन्न हुई है।
मंडलायुक्त ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे तथा आईटीएमएस के माध्यम से यातायात प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की गई है। इसका उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना, वाहनों की निगरानी करना, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण के दौरान इस व्यवस्था से जुड़े उपकरणों को हटाने के बाद उन्हें दोबारा स्थापित करने की जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करना गंभीर विषय है।
उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से कहा कि सड़क चौड़ीकरण के कार्यों के दौरान जिन स्थानों पर आईटीएमएस के उपकरण, कैमरे और उनसे संबंधित अन्य संसाधन हटाए गए हैं, उन्हें निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप पुनः स्थापित कराया जाना चाहिए था। विकास कार्यों के नाम पर पहले से स्थापित जनोपयोगी सुविधाओं को क्षतिग्रस्त या निष्क्रिय छोड़ देना उचित नहीं है। किसी भी निर्माण कार्य के दौरान संबंधित विभागों के बीच समन्वय होना आवश्यक है, ताकि एक विभाग के कार्य से दूसरे विभाग की महत्वपूर्ण व्यवस्था प्रभावित न हो।
मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक ओर सरकार शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय समन्वय की कमी के कारण पहले से स्थापित व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। सरकारी धन का सदुपयोग सुनिश्चित करना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है। विकास कार्यों में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि जनता को पहले से मिल रही सुविधाएं बाधित न हों और किसी भी परियोजना पर खर्च की गई धनराशि बेकार न जाए।
उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था के बेहतर संचालन में आईटीएमएस की महत्वपूर्ण भूमिका है। चौराहों पर लगे कैमरों के माध्यम से यातायात नियंत्रण, निगरानी और सुरक्षा संबंधी कार्य किए जाते हैं। ऐसे में कैमरों और अन्य उपकरणों के दोबारा स्थापित नहीं होने से व्यवस्था प्रभावित होती है। इससे यातायात प्रबंधन के साथ-साथ शहर की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
बैठक में मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को विभागीय जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं पर खर्च होने वाली धनराशि का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। किसी भी विभाग की कार्यशैली के कारण सरकारी संसाधनों का नुकसान या जनसुविधाओं में बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
बैठक में पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी एके सिंह, अपर आयुक्त प्रशासन अजय राय, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, सीओ ट्रैफिक कीर्तिनिधि आनंद सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
